बढ़ती उम्र में मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूत रखने के लिए डॉक्टर कुणाल सूद ने दी 5 सप्लीमेंट्स की सलाह बढ़ती उम्र के साथ शरीर में कमजोरी और मांसपेशियों के नुकसान से निपटने के लिए मैरीलैंड के डॉक्टर कुणाल सूद ने 5 असरदार सप्लीमेंट्स और उनके सही इस्तेमाल के तरीके साझा किए हैं। बढ़ती उम्र के साथ शरीर की शारीरिक ताकत, मांसपेशियों का घनत्व और काम करने की क्षमता में कमी आना एक स्वाभाविक जैविक प्रक्रिया है। उम्र बढ़ने की इस प्रक्रिया में मांसपेशियों का नुकसान, हड्डियों की कमजोरी और मेटाबॉलिज्म का धीमा पड़ना शामिल है। मेटाबॉलिज्म धीमा होने के कारण शरीर में अनावश्यक वजन बढ़ने लगता है और व्यक्ति को लगातार थकावट व कमजोरी महसूस होने लगती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इन शारीरिक बदलावों को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, लेकिन सही पोषण, नियमित व्यायाम और आवश्यक सप्लीमेंट्स की मदद से इस गति को काफी धीमा किया जा सकता है। इसी विषय पर मार्गदर्शन करते हुए मैरीलैंड स्थित एनेस्थिसियोलॉजी और इंटरवेंशनल पेन मेडिसिन के डॉक्टर कुणाल सूद ने इंस्टाग्राम पर 5 ऐसे सप्लीमेंट्स की जानकारी साझा की है, जो बढ़ती उम्र में भी शरीर की ताकत और मांसपेशियों की मजबूती बनाए रखने में मददगार साबित होते हैं। मांसपेशियों के नुकसान और धीमे मेटाबॉलिज्म की समस्या जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, मानव शरीर में कई तरह के संरचनात्मक बदलाव आते हैं। मांसपेशियों के घनत्व में कमी आने से दैनिक गतिविधियों को पूरा करने में कठिनाई होने लगती है। मांसपेशियों का आयतन घटने के कारण शरीर की सुप्त मेटाबॉलिक दर धीमी हो जाती है, जिससे शरीर में वसा जमा होने की संभावना बढ़ जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती उम्र में केवल साधारण भोजन से ही शरीर की सभी पोषकीय आवश्यकताओं को पूरा करना मुश्किल हो सकता है। यदि शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो जाए, तो शारीरिक क्षमता तेजी से घटने लगती है। ऐसे में सही एक्सरसाइज के साथ-साथ लक्षित सप्लीमेंट्स का सेवन करने से मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने और शरीर की सहनशक्ति बढ़ाने में बड़ी मदद मिलती है। वर्कआउट ऊर्जा और लीन मास बढ़ाने के लिए क्रिएटिन क्रिएटिन को शारीरिक क्षमता और मांसपेशियों की मजबूती बढ़ाने वाले सबसे भरोसेमंद सप्लीमेंट्स में से एक माना जाता है। डॉक्टरी जानकारी के अनुसार, क्रिएटिन हाई-इंटेंसिटी एक्सरसाइज और भारी वर्कआउट के दौरान एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट (ATP) को तेजी से फिर से बनाने का काम करता है। एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट शरीर की कोशिकाओं का मुख्य ऊर्जा स्रोत है। जब शरीर में ATP का स्तर सही बना रहता है, तो ट्रेनिंग की गुणवत्ता और वर्कआउट की क्षमता बेहतर होती है। बुजुर्गों पर किए गए अध्ययनों से पता चलता है कि जब क्रिएटिन को रेजिस्टेंस ट्रेनिंग के साथ लिया जाता है, तो यह मांसपेशियों के लीन मास और शारीरिक ताकत में उल्लेखनीय सुधार करता है। हड्डियों की सेहत और मांसपेशियों की कार्यक्षमता के लिए विटामिन D विटामिन D शरीर में हड्डियों को मजबूत रखने और मांसपेशियों के सुचारू संचालन के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है। शरीर में विटामिन D की कमी होने पर जोड़ों का दर्द, मांसपेशियों में कमजोरी और हड्डियों के टूटने का जोखिम बढ़ जाता है। जिन लोगों के शरीर में विटामिन D की कमी होती है, उनमें इसकी पूर्ति करने से मांसपेशियों की ताकत और कार्य करने की क्षमता में सीधा सुधार देखा जाता है। हालांकि, इसमें एक महत्वपूर्ण बात ध्यान रखने योग्य है। जिन व्यक्तियों के शरीर में विटामिन D का स्तर पहले से ही सामान्य और पर्याप्त है, उनके द्वारा अतिरिक्त विटामिन D लेने से शारीरिक ताकत में कोई अलग से बढ़ोतरी देखने को नहीं मिलती है। सूजन घटाने और मसल प्रोटीन सिंथेसिस के लिए ओमेगा-3 ओमेगा-3 फैटी एसिड को शरीर में सूजन कम करने और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए जाना जाता है। बढ़ती उम्र में मांसपेशियों की सुरक्षा के मामले में ओमेगा-3 फैटी एसिड शरीर के अंदरूनी इंफ्लेमेशन को नियंत्रित करने और मांसपेशियों में प्रोटीन बनने की प्रक्रिया यानी मसल प्रोटीन सिंथेसिस को बढ़ावा देने में मदद कर सकते हैं। कुछ वैज्ञानिक अध्ययनों में ओमेगा-3 के सेवन से बुजुर्गों की मांसपेशियों की ताकत में मामूली सुधार देखा गया है। हालांकि, विभिन्न शोध अध्ययनों के नतीजे एक समान नहीं हैं। इसका मतलब यह है कि ओमेगा-3 शरीर को कई फायदे पहुंचाता है, लेकिन मांसपेशियों की ताकत पर इसका सीधा असर हर व्यक्ति में अलग हो सकता है। नर्व सिग्नलिंग और मांसपेशियों के संतुलन के लिए मैग्नीशियम मैग्नीशियम शरीर का एक बेहद महत्वपूर्ण खनिज है, जो नर्व सिग्नलिंग यानी तंत्रिका तंत्र के संकेतों और मांसपेशियों के संकुचन को नियंत्रित करने में मुख्य भूमिका निभाता है। यदि शरीर में मैग्नीशियम की कमी हो जाती है, तो मांसपेशियों की कार्यक्षमता और शारीरिक सहनशक्ति प्रभावित होने लगती है। जिन लोगों में मैग्नीशियम का स्तर कम होता है, उन्हें मैग्नीशियम सप्लीमेंट देने से उनकी शारीरिक क्षमता में सुधार दर्ज किया गया है। दूसरी ओर, जिन लोगों के शरीर में मैग्नीशियम का स्तर पहले से ही सामान्य है, उनमें अतिरिक्त मैग्नीशियम लेने से ताकत बढ़ने के प्रमाण बेहद सीमित हैं। दैनिक प्रोटीन की जरूरत पूरी करने के लिए प्रोटीन पाउडर बढ़ती उम्र में भोजन के जरिए प्रोटीन की पूरी मात्रा हासिल करना अक्सर चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे में प्रोटीन पाउडर दैनिक प्रोटीन की जरूरतों को पूरा करने का एक आसान और प्रभावी जरिया बनता है। प्रोटीन मांसपेशियों की मरम्मत और नए ऊतकों के निर्माण के लिए बुनियादी आधार है। जब प्रोटीन पाउडर का सेवन नियमित रेजिस्टेंस ट्रेनिंग या वेट एक्सरसाइज के साथ किया जाता है, तो यह लीन मास और शारीरिक ताकत को अधिकतम करने में मदद करता है। यह सप्लीमेंट विशेष रूप से उन बुजुर्गों के लिए फायदेमंद साबित होता है जो अपने दैनिक आहार से पर्याप्त प्रोटीन प्राप्त नहीं कर पाते हैं। इसका आप पर असर • उम्रदराज वयस्कों के लिए: 40 की उम्र के बाद मांसपेशियों के नुकसान और कमजोरी से बचने के लिए रेजिस्टेंस ट्रेनिंग के साथ डॉक्टर की सलाह पर सही सप्लीमेंट्स चुनना फायदेमंद हो सकता है। • सामान्य पाठकों के लिए: सप्लीमेंट्स लेने से पहले ब्लड टेस्ट से पोषक तत्वों की वास्तविक कमी का पता लगाएं, क्योंकि पहले से सामान्य स्तर होने पर अतिरिक्त सप्लीमेंट्स ताकत नहीं बढ़ाते। सवाल-जवाब 1. बढ़ती उम्र में शरीर की ताकत बनाए रखने के लिए कौन से 5 सप्लीमेंट्स मददगार हैं? डॉक्टर कुणाल सूद ने क्रिएटिन, विटामिन D, ओमेगा-3 फैटी एसिड, मैग्नीशियम और प्रोटीन पाउडर को बढ़ती उम्र में शरीर की ताकत और मांसपेशियों को बनाए रखने के लिए उपयोगी बताया है। 2. वर्कआउट के दौरान क्रिएटिन बुजुर्गों की किस तरह मदद करता है? क्रिएटिन हाई-इंटेंसिटी एक्सरसाइज के दौरान एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट (ATP) को फिर से बनाने में मदद करता है। रेजिस्टेंस ट्रेनिंग के साथ इसे लेने से बुजुर्गों में लीन मास और ताकत बढ़ती है। 3. क्या विटामिन D और मैग्नीशियम सप्लीमेंट हर किसी के लिए समान रूप से फायदेमंद हैं? नहीं, विटामिन D या मैग्नीशियम की कमी होने पर सप्लीमेंट्स से ताकत सुधरती है, लेकिन जिन लोगों में इनका स्तर पहले से सामान्य है, उन्हें अतिरिक्त सप्लीमेंट लेने से अलग से ताकत में बढ़ोतरी नहीं मिलती। 4. रेजिस्टेंस ट्रेनिंग के साथ प्रोटीन पाउडर लेने की सलाह क्यों दी जाती है? प्रोटीन पाउडर दैनिक प्रोटीन की आवश्यकता पूरी करने का आसान तरीका है। रेजिस्टेंस ट्रेनिंग के साथ इसे लेने पर यह लीन मास और ताकत बढ़ाने में मदद करता है, खासकर उन लोगों के लिए जो भोजन से पर्याप्त प्रोटीन नहीं ले पाते। 5. मांसपेशियों की सेहत में ओमेगा-3 फैटी एसिड की क्या भूमिका है? ओमेगा-3 फैटी एसिड शरीर में सूजन को कम करने और मसल प्रोटीन सिंथेसिस को प्रभावित करने में मदद करते हैं। कुछ अध्ययनों में इससे ताकत में मामूली सुधार देखा गया है, हालांकि शोध के नतीजे मिले-जुले हैं। https://trendkia.com/health/barhati-umra-men-mansapeshiyon-aura-haddiyon-ko-majabuta-rakhane-ke-lie-dr-kunal-sood-ne-di-5-saplimentsa-ki-salaha-19399 TrendKia — Har trend, sabse pehle.