भुना चना सेहत के लिए क्यों माना जाता है सुपरफूड, जानिए इसके फायदे और खाने का सही तरीका भुने चने में प्रोटीन, फाइबर, आयरन और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। नियमित रूप से सीमित मात्रा में इसका सेवन करने से पाचन, हृदय स्वास्थ्य और वजन नियंत्रण में मदद मिलती है। भारतीय खानपान की पारंपरिक थाली में भुना चना हमेशा से एक लोकप्रिय और पौष्टिक विकल्प रहा है। कम कीमत में मिलने के बावजूद इसमें ऐसे पोषक तत्व समाए हैं जो महंगे मेवों की तरह शरीर को पोषण और ताकत देते हैं, जिसके चलते इसे आम बोलचाल में गरीबों का बादाम भी कहा जाता है। स्वाद और पोषण के इस मेल को दैनिक आहार का हिस्सा बनाकर कई तरह की शारीरिक समस्याओं से बचा जा सकता है। पोषक तत्वों का भंडार और मांसपेशियों की मजबूती रायबरेली जिले के राजकीय आयुष चिकित्सालय शिवगढ़ की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. स्मिता श्रीवास्तव (बीएएमएस लखनऊ विश्वविद्यालय) के अनुसार, भुने चने में प्रोटीन, फाइबर, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और कार्बोहाइड्रेट प्रचुर मात्रा में मौजूद रहते हैं। यह संयोजन शरीर को दिनभर के कामकाज के लिए जरूरी ऊर्जा प्रदान करता है और मांसपेशियों को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाता है। जो लोग प्रतिदिन कड़ा शारीरिक श्रम करते हैं या नियमित व्यायाम करते हैं, उनके लिए यह स्नैक के रूप में बेहद उपयोगी साबित होता है। इसे सादा खाने के अलावा थोड़े नमक या गुड़ के साथ मिलाकर खाने से इसका स्वाद भी बढ़ता है और पौष्टिकता भी दोगुनी हो जाती है। पाचन तंत्र में सुधार और वजन पर नियंत्रण प्रतिदिन मुट्ठीभर भुना चना खाने की आदत पाचन तंत्र को सुचारू बनाए रखने में मदद करती है। इसमें मौजूद फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे बार-बार भूख लगने की इच्छा कम होती है और वजन को नियंत्रित रखना आसान हो जाता है। इसी खूबी के चलते वजन घटाने की योजना बनाने वाले लोग इसे अपनी डाइट में प्राथमिकता देते हैं। इसके साथ ही, फाइबर की भरपूर मौजूदगी आंतों की गतिविधि को बेहतर रखती है, जिससे पुरानी कब्ज की समस्या से भी राहत मिलती है। हृदय और ब्लड शुगर के लिए लाभकारी हृदय को स्वस्थ रखने में भी भुने चने की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। इसमें पाए जाने वाले मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसे खनिज रक्तचाप को सामान्य स्तर पर बनाए रखने में मदद करते हैं और शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को घटाते हैं, जिससे दिल की बीमारियों का जोखिम कम होता है। इसके अतिरिक्त, डायबिटीज के मरीजों के लिए भी यह एक सुरक्षित आहार है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी कम होता है, जिसके कारण इसके सेवन के बाद खून में शुगर का स्तर अचानक नहीं बढ़ता। महिलाओं के स्वास्थ्य और त्वचा के लिए गुणकारी महिलाओं के दैनिक पोषण की जरूरतों को पूरा करने में भुना चना काफी मददगार साबित होता है। इसमें मौजूद आयरन शरीर में खून की कमी यानी एनीमिया की समस्या से निपटने में सहायता करता है। इसके अलावा, इसमें पाए जाने वाले प्रोटीन और जरूरी खनिज त्वचा की कोशिकाओं और बालों की जड़ों को पोषण देते हैं, जिससे चेहरे की चमक और बालों की सेहत दुरुस्त रहती है। सेवन का सही समय और जरूरी सावधानी अगर सुबह खाली पेट भुने चने को गुड़ या पानी के साथ खाया जाए, तो यह शरीर को फौरन स्फूर्ति देता है और दिनभर ताजगी बनाए रखता है। हालांकि, किसी भी अन्य खाद्य पदार्थ की तरह इसका सेवन भी संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार रोजाना एक मुट्ठी भुना चना खाना सेहत के लिए पर्याप्त माना जाता है। सही मात्रा में नियमित सेवन करने से यह पौष्टिक आहार शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और कई तरह की बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करता है। इसका आप पर असर सस्ता और आसानी से उपलब्ध भुना चना हर वर्ग के व्यक्ति के लिए दैनिक पोषण का एक बेहतरीन और किफायती स्रोत बन सकता है। • बजट पर असर: महंगे मेवों पर भारी खर्च किए बिना आप अपनी दैनिक थाली में आवश्यक प्रोटीन और कैल्शियम की भरपाई कर सकते हैं। यह कम लागत में संपूर्ण पोषण हासिल करने का सबसे आसान उपाय है। • वजन प्रबंधन: सुबह नाश्ते या शाम के स्नैक में एक मुट्ठी भुना चना खाने से अनावश्यक खानपान की आदत से बचा जा सकता है। इसमें मौजूद फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा रखकर वजन नियंत्रण में सहायता करता है। • दिनचर्या में बदलाव: कसरत करने वाले लोग या दफ्तर में काम करने वाले युवा इसे फास्ट फूड के विकल्प के रूप में अपना सकते हैं। इससे शरीर को दिनभर सक्रिय रहने के लिए प्राकृतिक ऊर्जा मिलती है। • घरेलू स्वास्थ्य: महिलाओं और बच्चों के आहार में इसे शामिल करने से खून की कमी जैसी समस्याओं का जोखिम कम होता है। रोजाना एक मुट्ठी चना गुड़ के साथ लेना शरीर की मजबूती के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। ऐसा क्यों हुआ खानपान में पोषक तत्वों की कमी और बदलती जीवनशैली के चलते पारंपरिक सुपरफूड्स की उपयोगिता को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा लगातार मार्गदर्शन दिया जा रहा है। • सस्ते पोषण की आवश्यकता: महंगे सप्लीमेंट्स और मेवों की तुलना में आम लोगों के लिए ऐसे खाद्य पदार्थों की तलाश रहती है जो आसानी से मिल सकें और शरीर की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा कर सकें। भुना चना इसी जरूरत को पूरा करता है। • जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां: आजकल वजन बढ़ना, कब्ज, उच्च रक्तचाप और डायबिटीज जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। चने में मौजूद फाइबर, पोटैशियम और कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स इन समस्याओं को नियंत्रित रखने में सहायक माने जाते हैं। • विशेषज्ञ सलाह का महत्व: चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा संतुलित खानपान और स्थानीय पारंपरिक आहार को बढ़ावा देने की मुहिम के तहत इस तरह के खाद्य पदार्थों के वैज्ञानिक गुणों को सामने लाया जा रहा है। सवाल-जवाब 1. भुने चने को गरीबों का बादाम क्यों कहा जाता है? क्योंकि यह काफी सस्ता होता है लेकिन इसमें बादाम जैसे महंगे मेवों की तरह ही भरपूर पोषण और ताकत देने वाले तत्व मौजूद होते हैं। 2. भुने चने में कौन-कौन से मुख्य पोषक तत्व पाए जाते हैं? इसमें प्रोटीन, फाइबर, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और कार्बोहाइड्रेट पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। 3. क्या भुना चना वजन घटाने में मददगार है? हां, इसमें मौजूद उच्च फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा रखता है, जिससे अतिरिक्त भूख नहीं लगती और वजन नियंत्रित रहता है। 4. डायबिटीज के मरीजों के लिए भुना चना क्यों फायदेमंद है? इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिसके कारण इसके सेवन से ब्लड शुगर का स्तर अचानक नहीं बढ़ता। 5. एक दिन में कितना भुना चना खाना पर्याप्त माना जाता है? विशेषज्ञों के अनुसार प्रतिदिन एक मुट्ठी भुना चना खाना स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त और उपयुक्त है। 6. सुबह खाली पेट भुना चना खाने से क्या लाभ होता है? खाली पेट इसे गुड़ या पानी के साथ लेने से शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है और दिनभर सक्रियता बनी रहती है। https://trendkia.com/health/bhuna-chana-sehata-ke-lie-kyon-mana-jata-hai-suparaphuda-janie-isake-phayade-aura-khane-ka-sahi-tarika-33814 TrendKia — Har trend, sabse pehle.