{
  "type": "article",
  "title": "बिना सोचे समझे खाना छोड़ना सेहत पर भारी पड़ सकता है, न्यूट्रिशन कंसलटेंट ने बताया वजन घटाने का सुरक्षित रास्ता",
  "summary": "जल्दी वजन कम करने के चक्कर में भूखे रहने से शरीर में पोषण और ऊर्जा की भारी कमी हो सकती है। फरीदाबाद सर्वोदय हॉस्पिटल की न्यूट्रीशन कंसलटेंट रितिका शर्मा के अनुसार सही पोषण और संतुलित डाइट के साथ ही स्थायी वेट लॉस संभव है।",
  "content": "अक्सर देखा जाता है कि वजन कम करने की चाहत रखने वाले लोग सबसे आसान रास्ता कम खाने या पूरी तरह भूखा रहने को मान लेते हैं। जल्दबाजी में स्लिम दिखने की यह होड़ कई बार गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को दावत दे देती है। जब लोग अचानक खाना छोड़ देते हैं, तो उनका शरीर आंतरिक रूप से कमजोर होने लगता है। ऐसे में यह समझना बहुत जरूरी हो जाता है कि सेहतमंद तरीके से वजन कम करने का असली विज्ञान क्या है, रोजाना कितनी कैलोरी की जरूरत होती है और बिना सोचे-समझे डाइटिंग करने से घटा हुआ वजन बाद में दोगुना तेजी से क्यों लौट आता है।\n\nभूखे रहने से शरीर को होने वाले गंभीर नुकसान\nफरीदाबाद सर्वोदय हॉस्पिटल की न्यूट्रीशन कंसलटेंट रितिका शर्मा का कहना है कि खुद को भूखा रखकर वजन घटाने की कोशिश बिल्कुल गलत रणनीति है। उनके पास आने वाले तमाम लोगों को हमेशा यही सलाह दी जाती है कि भरपेट और सही खाना खाकर भी आसानी से वजन कम किया जा सकता है। भोजन छोड़ने से शरीर को अनिवार्य पोषक तत्व नहीं मिल पाते, जिससे कार्यक्षमता बुरी तरह प्रभावित होती है।\n\nजब शरीर को जरूरत के अनुसार ऊर्जा नहीं मिलती, तो व्यक्ति बहुत जल्दी थकान महसूस करने लगता है। जरा सा काम करते ही सुस्ती छा जाती है। अगर किसी व्यक्ति को पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या या पुरानी बीमारी है, तो बिना चिकित्सकीय देखरेख के लंबे उपवास करना खतरे से खाली नहीं है। ऐसी स्थिति में पाचन तंत्र में गड़बड़ी, पेट की तकलीफें, गैस की समस्या और गंभीर लेथार्जी यानी अत्यधिक कमजोरी देखने को मिलती है। ये परेशानियां शुरुआत में भले ही छोटी लगें, लेकिन समय बीतने के साथ गंभीर रूप धारण कर सकती हैं।\n\nव्यक्तिगत जरूरत के आधार पर कैलोरी का निर्धारण\nहर व्यक्ति के शरीर की बनावट और ऊर्जा की खपत एक जैसी नहीं होती, इसलिए कैलोरी का कोई एक तय फॉर्मूला सब पर लागू नहीं किया जा सकता। रितिका शर्मा के मुताबिक कैलोरी की मात्रा तय करते समय व्यक्ति का मौजूदा वजन, लंबाई, उम्र, दिनचर्या और उसकी शारीरिक सक्रियता का ध्यान रखना जरूरी होता है।\n\nउदाहरण के तौर पर यदि किसी व्यक्ति का आदर्श वजन 60 किलो होना चाहिए लेकिन उसका मौजूदा वजन 95 या 98 किलो के आसपास पहुंच चुका है, तो उसकी डाइट योजना उसकी दैनिक गतिविधियों और शारीरिक स्थिति को देखकर ही बनाई जानी चाहिए। ऐसे मामलों में किसी विशेषज्ञ न्यूट्रिशनिस्ट या डॉक्टर की देखरेख में ही कैलोरी इनटेक तय करना सुरक्षित रहता है, ताकि वजन घटते समय शरीर में किसी जरूरी तत्व का अभाव न हो।\n\nक्रैश डाइटिंग का भ्रम और रीबाउंड वजन का खतरा\nलंबे समय तक भूखा रहना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। कोई भी व्यक्ति भोजन छोड़ने के इस सख्त ढर्रे को एक, दो या ज्यादा से ज्यादा तीन महीने तक ही खींच सकता है। इससे अधिक समय तक ऐसा करने पर शरीर में न्यूट्रिशन की भारी कमी हो जाती है, जिसका दुष्परिणाम कुछ समय बाद सामने आता है। शरीर को रोजमर्रा के कामकाज के लिए ईंधन यानी भोजन की आवश्यकता निरंतर बनी रहती है।\n\nडाइटिंग छोड़कर जैसे ही लोग अपने सामान्य खानपान पर लौटते हैं, उनका वजन तेजी से दोबारा बढ़ जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि शरीर को पहले जरूरी पोषण से वंचित रखा गया था। इसके विपरीत, यदि कोई व्यक्ति अपनी शारीरिक मांग के अनुसार संतुलित आहार लेते हुए धीरे-धीरे वजन घटाता है, तो उसके शरीर का संतुलन नहीं बिगड़ता। ऐसे वजन को दोबारा बढ़ने से रोकना काफी आसान होता है, बशर्ते वजन कम होने के बाद भी खानपान और दिनचर्या की स्वस्थ आदतों को नियमित रूप से जारी रखा जाए।\n\nइसका आप पर असर\nअत्यधिक डाइटिंग या भूखे रहने की आदत शरीर की चयापचय दर और ऊर्जा के स्तर को स्थायी नुकसान पहुंचा सकती है।\n\n• दैनिक ऊर्जा पर असर: खाना छोड़ने से आवश्यक पोषक तत्वों की कमी हो जाती है, जिससे दिनभर भारी थकान बनी रहती है। काम या सामान्य गतिविधियों के दौरान एकाग्रता और शारीरिक क्षमता दोनों में भारी गिरावट आ सकती है।\n• पाचन स्वास्थ्य पर प्रभाव: बिना योजना बनाए लंबे समय तक भूखे रहने से पेट में एसिडिटी, गैस्ट्रिक दिक्कतें और पाचन से जुड़ी समस्याएं बढ़ जाती हैं। जिन लोगों को पहले से कोई बीमारी है, उन्हें विशेषज्ञ की सलाह के बिना उपवास करने से सख्त परहेज करना चाहिए।\n• रीबाउंड वजन का खतरा: क्रैश डाइटिंग खत्म कर सामान्य भोजन पर लौटते ही घटा हुआ वजन दोबारा तेजी से लौट आता है। लंबे समय तक स्वस्थ रहने के लिए भोजन छोड़ने के बजाय संतुलित आहार और नियमित जीवनशैली अपनाना ही कारगर उपाय है।\n• कैलोरी संतुलन की समझ: हर शरीर की बनावट और जीवनशैली अलग होने के कारण भोजन की मात्रा किसी विशेषज्ञ से तय करवानी चाहिए। आदर्श वजन और शारीरिक सक्रियता के आधार पर तय की गई डाइट बिना कमजोरी लाए वजन कम करती है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nजल्द परिणाम पाने की सामाजिक चाहत और भोजन के विज्ञान की गलत समझ के कारण लोग भूखे रहने जैसी अस्वस्थ आदतों को अपना लेते हैं।\n\n• तुरंत नतीजों की चाहत: अधिकतर लोग वजन घटाने की लंबी प्रक्रिया से बचकर कुछ ही हफ्तों में परिणाम हासिल करना चाहते हैं। इस जल्दबाजी में वे वैज्ञानिक आहार पद्धति को छोड़कर सीधे खाना छोड़ देने का आसान रास्ता चुनते हैं।\n• पोषण और ऊर्जा का अभाव: जब शरीर को भोजन नहीं मिलता, तो वह अंदरूनी ऊर्जा स्रोतों को अनियंत्रित रूप से खर्च करने लगता है जिससे आवश्यक विटामिन्स और मिनरल्स की भारी कमी हो जाती है। यह कमी कुछ हफ्तों बाद गंभीर सुस्ती और पाचन समस्याओं के रूप में सामने आती है।\n• मेटाबॉलिज्म का असंतुलन: शरीर भोजन की अनुपस्थिति को आपात स्थिति मान लेता है और अपनी ऊर्जा खपत को धीमा कर देता है। यही कारण है कि जैसे ही व्यक्ति दोबारा सामान्य आहार लेता है, शरीर अतिरिक्त कैलोरी को तेजी से चर्बी के रूप में जमा करने लगता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. क्या खाना छोड़कर वजन कम करना सुरक्षित तरीका है?\nनहीं, खाना छोड़कर वजन घटाने से शरीर को जरूरी पोषण नहीं मिलता और कमजोरी, थकान तथा पाचन की गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।\n\n2. डाइटिंग के बाद वजन दोबारा तेजी से क्यों बढ़ जाता है?\nजब शरीर को पर्याप्त भोजन से वंचित रखकर वजन घटाया जाता है, तो सामान्य खानपान पर लौटते ही शरीर खोया हुआ वजन फिर से तेजी से हासिल कर लेता है।\n\n3. वजन कम करते समय कैलोरी की मात्रा कैसे तय की जानी चाहिए?\nकैलोरी की जरूरत व्यक्ति के वजन, लंबाई, उम्र, दैनिक गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करती है, जिसे विशेषज्ञ की सलाह से तय करना चाहिए।\n\n4. किसी 95 या 98 किलो के व्यक्ति के लिए क्या कोई एक तय कैलोरी फॉर्मूला हो सकता है?\nनहीं, किसी एक तय फॉर्मूले से कैलोरी तय नहीं हो सकती; यदि आदर्श वजन 60 किलो है, तो मौजूदा वजन और शारीरिक सक्रियता के हिसाब से योजना बनानी होगी।\n\n5. भोजन छोड़ने का स्वास्थ्य पर असर कब दिखाई देता है?\nखाना छोड़ने के नुकसान तुरंत समझ नहीं आते, लेकिन दो या तीन महीने से ज्यादा ऐसा करने पर पोषक तत्वों की कमी और बड़ी परेशानियां उभर आती हैं।",
  "url": "https://trendkia.com/health/bina-soche-samajhe-khana-chhorana-sehata-para-bhari-para-sakata-hai-nutrition-consultant-ne-bataya-vajana-ghatane-ka-surakshita-ra-40197",
  "category": "स्वास्थ्य",
  "publishedAt": "2026-09-29",
  "tags": [
    "वजन घटाना",
    "डाइट टिप्स",
    "न्यूट्रिशन",
    "हेल्थ केयर",
    "सर्वोदय हॉस्पिटल",
    "रितिका शर्मा",
    "वेट लॉस"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}