# चक्कर आने को न लें हल्के में, डिहाइड्रेशन से लेकर वर्टिगो तक हो सकते हैं कई बड़े कारण

> सिर घूमने या उठते समय आंखों के आगे अंधेरा छाने की समस्या सामान्य कमजोरी नहीं बल्कि कई बीमारियों का संकेत हो सकती है। जानिए इसके मुख्य कारण और वे चेतावनी संकेत जिन पर तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए।

**Type:** article · **Category:** स्वास्थ्य · **Published:** 2026-10-05 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/health/chakkara-ane-ko-na-len-halke-men-dehydration-se-lekara-vertigo-taka-ho-sakate-hain-kai-bare-karana-43454 · **Language:** Hindi
**Tags:** चक्कर आना, वर्टिगो, डिहाइड्रेशन, ब्लड प्रेशर, हाइपोटेंशन, एनीमिया, स्वास्थ्य

रोजमर्रा की जिंदगी में कई बार अचानक खड़े होने पर सिर हल्का लगने लगता है, ऐसा महसूस होता है कि आसपास का पूरा कमरा गोल-गोल घूम रहा है या कुछ कदम चलते ही शरीर का संतुलन डगमगाने लगता है। अधिकांश लोग इस तरह के अनुभवों को केवल सामान्य थकान, काम का तनाव या खानपान में थोड़ी गड़बड़ी मानकर टाल देते हैं। कई मौकों पर कम पानी पीने, देर तक भूखे रहने या किसी छोटी वजह से रक्तचाप में क्षणिक गिरावट आने पर ऐसा होना आम बात हो सकती है। लेकिन जब यह समस्या बार-बार होने लगे और बिना किसी स्पष्ट वजह के सिर चकराने लगे, तो इसे मामूली कमजोरी समझकर छोड़ना सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

## चक्कर के विभिन्न रूप और वर्टिगो का असर
चक्कर आने का अनुभव हर इंसान में बिल्कुल अलग तरह से सामने आ सकता है। कुछ मरीजों को महसूस होता है कि उनका शरीर अचानक बेदम हो गया है और वे किसी भी पल जमीन पर गिरकर बेहोश हो सकते हैं। वहीं कई लोगों को ऐसा लगता है कि वे खुद स्थिर हैं लेकिन उनके चारों तरफ रखी दीवारें, पंखा और फर्नीचर तेजी से घूम रहे हैं। इस चिकित्सकीय स्थिति को वर्टिगो कहा जाता है। वर्टिगो के दौरान अक्सर मरीज को तेज मतली, उल्टी आने की भावना, ठीक से पैर न रख पाने की दिक्कत और संतुलन पूरी तरह बिगड़ने जैसी गंभीर असहजता का सामना करना पड़ता है।

## अचानक खड़े होने पर सिर चकराने की वजह
बहुत देर तक कुर्सी पर बैठे रहने अथवा बिस्तर पर लेटे रहने के बाद जैसे ही कोई व्यक्ति तेजी से उठ खड़ा होता है, तो कई बार आंखों के सामने अचानक काला अंधेरा छा जाता है और सिर भारी या हल्का महसूस होने लगता है। मेडिकल भाषा में इस परेशानी का मुख्य कारण ऑर्थोस्टैटिक या पोस्टुरल हाइपोटेंशन हो सकता है। जब शरीर अपनी मुद्रा या स्थिति तेजी से बदलता है, तो कुछ पलों के लिए ब्लड प्रेशर का स्तर अचानक नीचे गिर जाता है। इस आकस्मिक गिरावट के कारण मस्तिष्क तक खून का पर्याप्त प्रवाह कुछ पलों के लिए बाधित हो जाता है। यदि उठते ही आंखों के आगे अंधेरा छाने की यह घटना अक्सर दोहराई जा रही हो, तो विशेषज्ञ चिकित्सक से इसकी गहन जांच कराना आवश्यक है।

## शरीर में पानी की कमी और डिहाइड्रेशन का प्रभाव
गर्मियों के मौसम में तेज धूप, अत्यधिक पसीना बहने, उल्टी और दस्त होने, तेज बुखार चढ़ने या फिर दिनभर में जरूरत के मुताबिक पानी और अन्य तरल पदार्थ न पीने से शरीर डिहाइड्रेशन का शिकार हो जाता है। शरीर में जलस्तर कम होने पर चक्कर आने की समस्या काफी बढ़ जाती है। इसके साथ ही बार-बार तीव्र प्यास लगना, होंठ और गला सूखना, अत्यधिक सुस्ती और पेशाब की मात्रा बहुत कम हो जाना जैसे लक्षण उभरते हैं। यदि पेशाब का रंग सामान्य की तुलना में काफी गहरा पीला नजर आने लगे, तो यह शरीर में पानी के गंभीर अभाव का प्रत्यक्ष संकेत है। डिहाइड्रेशन को समय पर नियंत्रित न करना शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है।

## ब्लड शुगर में भारी गिरावट और एनीमिया
डायबिटीज के इलाज के तहत नियमित दवाएं या इंसुलिन लेने वाले व्यक्तियों में जब रक्त शर्करा का स्तर बहुत ज्यादा गिर जाता है, तो हाइपोग्लाइसीमिया के कारण गंभीर चक्कर आ सकते हैं। इस स्थिति में मरीज के हाथ और पैर थरथराने लगते हैं, ठंडा पसीना छूटता है, तीव्र भूख लगती है, दिल घबराने लगता है और किसी बात पर ध्यान केंद्रित करना लगभग असंभव हो जाता है। जो लोग डायबिटीज के मरीज नहीं हैं, वे भी यदि बहुत लंबे समय तक बिना कुछ खाए खाली पेट रहें तो उनका शुगर स्तर गिर सकता है। इसके अलावा शरीर में खून की कमी यानी एनीमिया होने पर ऊतकों और अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन पहुंचाने की शारीरिक क्षमता घटने लगती है। एनीमिया के कारण लगातार थकान, कमजोरी, सिरदर्द और चक्कर बने रहते हैं। कई मरीजों में माइग्रेन के हमलों के साथ भी वर्टिगो और चक्कर की समस्या जुड़ जाती है।

## खतरनाक लक्षण दिखने पर तुरंत लें डॉक्टरी सहायता
यदि चक्कर आने के साथ शरीर में कुछ असामान्य लक्षण भी दिखने लगें, तो इसे कतई नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उदाहरण के लिए, बोलने में अचानक लड़खड़ाहट होना, साफ देखने में दिक्कत आना या एक ही चीज की दो छवियां दिखाई देना, चेहरे अथवा हाथ-पैर में सुन्नपन या कमजोरी महसूस होना, चलने में अत्यधिक लड़खड़ाहट, अचानक होश खो बैठना या सिर में अचानक असहनीय तेज दर्द उठना किसी गंभीर आपात स्थिति का संकेत हो सकते हैं। ऐसे आपातकालीन लक्षणों के सामने आते ही मरीज को बिना किसी देरी के नजदीकी अस्पताल ले जाकर आपातकालीन चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध करानी चाहिए।

## इसका आप पर असर
बार-बार चक्कर आने की अनदेखी करने से दैनिक कामकाज, वाहन चलाने और शारीरिक संतुलन में बड़ा जोखिम खड़ा हो सकता है।

- **दैनिक दिनचर्या:** लंबे समय तक बैठे या लेटे रहने के बाद अचानक झटके से खड़े होने से बचें। धीरे-धीरे उठने की आदत डालने से ब्लड प्रेशर में अचानक आने वाली गिरावट और सिर चकराने से बचा जा सकता है।
- **खानपान और पानी:** दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थों का सेवन सुनिश्चित करें। खाली पेट ज्यादा देर तक रहने से बचें ताकि शरीर में शुगर का स्तर अचानक न गिरे।
- **जांच और परामर्श:** यदि चक्कर के साथ थकान और कमजोरी लगातार बनी रहती है, तो डॉक्टर से मिलकर खून और ब्लड प्रेशर की जांच कराएं। समय पर कारण का पता चलने से उचित दवा और उपचार संभव हो पाता है।
- **आपातकालीन सतर्कता:** चक्कर के साथ बोलने में परेशानी, चेहरे पर कमजोरी या तेज सिरदर्द दिखने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचे। ऐसे मामलों में घरेलू उपचार के भरोसे बैठना जोखिम भरा हो सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
चक्कर आना अपने आप में कोई अकेली बीमारी नहीं है, बल्कि यह शरीर में रक्त प्रवाह, तरल संतुलन या तंत्रिका तंत्र में आने वाली किसी गड़बड़ी का बाहरी लक्षण होता है।

- **रक्तचाप में अचानक गिरावट:** लेटने या बैठने के बाद तुरंत उठने पर ऑर्थोस्टैटिक हाइपोटेंशन की वजह से ब्लड प्रेशर क्षणिक रूप से कम हो जाता है। इससे मस्तिष्क तक रक्त और ऑक्सीजन की आपूर्ति कुछ पलों के लिए कम हो जाती है।
- **तरल पदार्थों और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी:** अत्यधिक गर्मी, पसीना, उल्टी-दस्त या कम पानी पीने से शरीर में डिहाइड्रेशन हो जाता है। पानी की कमी से रक्त का कुल आयतन घटता है, जिसके कारण सिर घूमने लगता है।
- **ऊतकों में ऑक्सीजन और ग्लूकोज की कमी:** एनीमिया के कारण ऊतकों तक ऑक्सीजन की सप्लाई बाधित होती है, जबकि डायबिटीज की दवाओं या लंबे उपवास से ब्लड शुगर गिर जाता है। मस्तिष्क को ऊर्जा न मिलने से चक्कर आने लगते हैं।
- **कान और संतुलन प्रणाली का विकार:** अंदरूनी कान और तंत्रिकाओं में संतुलन बिगड़ने पर वर्टिगो या माइग्रेन की स्थिति बनती है। इसके चलते व्यक्ति को आसपास का पूरा वातावरण गोल घूमता हुआ प्रतीत होता है।

## सवाल-जवाब

### 1. वर्टिगो और सामान्य चक्कर में क्या अंतर है?
सामान्य चक्कर में सिर हल्का लगना या बेहोशी जैसा महसूस होता है, जबकि वर्टिगो में व्यक्ति को आसपास का कमरा और चीजें सचमुच घूमती हुई प्रतीत होती हैं।

### 2. बैठने के बाद अचानक खड़े होने पर सिर क्यों चकराता है?
इसका मुख्य कारण ऑर्थोस्टैटिक या पोस्टुरल हाइपोटेंशन हो सकता है, जिसमें शरीर की स्थिति बदलते ही कुछ पलों के लिए ब्लड प्रेशर गिर जाता है।

### 3. शरीर में पानी की कमी होने पर कौन से लक्षण दिखाई देते हैं?
डिहाइड्रेशन में चक्कर के अलावा तेज प्यास लगना, मुंह सूखना, कमजोरी, कम पेशाब आना और पेशाब का गहरा पीला रंग होना शामिल है।

### 4. किन लक्षणों के दिखने पर तुरंत आपातकालीन डॉक्टर के पास जाना चाहिए?
चक्कर के साथ बोलने में लड़खड़ाहट, दोहरी दृष्टि, चेहरे या अंगों में सुन्नपन, चलने में दिक्कत या तेज अचानक सिरदर्द होने पर तुरंत आपातकालीन मदद लेनी चाहिए।

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