# दरभंगा के डॉक्टर ने दी मानसून में फल-सब्जी खाने को लेकर चेतावनी

> मानसून के दौरान वातावरण में नमी और गंदे पानी से बैक्टीरिया तथा वायरस तेजी से बढ़ते हैं। दरभंगा के चिकित्सकों ने कच्चे फल, सब्जियों और सलाद का सेवन करते समय साफ-सफाई बरतने के 5 प्रमुख उपाय बताए हैं।

**Type:** article · **Category:** स्वास्थ्य · **Published:** 2026-08-26 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/health/darbhanga-ke-doktara-ne-di-manasuna-men-phala-sabji-khane-ko-lekara-chetavani-22432 · **Language:** Hindi
**Tags:** मानसून हेल्थ टिप्स, स्वास्थ्य सलाह, दरभंगा न्यूज़, पेट का संक्रमण, ई कोलाई, साल्मोनेला, खान पान की सावधानियां

बारिश के आगमन से भले ही चिलचिलाती गर्मी से राहत मिल जाती है, लेकिन यह मौसम अपने साथ सेहत से जुड़ी कई चुनौतियां भी लाता है। हवा में मौजूद नमी और लगातार होने वाली वर्षा की वजह से सूक्ष्म कीटाणु, विषाणु और फफूंद बहुत तेजी से पनपने लगते हैं। ऐसे माहौल में यदि बिना सावधानी के कच्चे फल, सब्जियां या सलाद खाया जाए तो बीमार पड़ने का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। इसी विषय को गंभीरता से लेते हुए दरभंगा के चिकित्सा विशेषज्ञों ने आम जनता को अपने भोजन के चुनाव और उसकी तैयारी के प्रति विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी है।

## मौसम के दौरान संक्रमण फैलने की मुख्य वजहें
स्वास्थ्य संबंधी खतरों पर विस्तार से चर्चा करते हुए डॉ. वरुण कुमार झा ने बताया कि बारिश के दिनों में वातावरण में आर्द्रता का स्तर काफी अधिक हो जाता है। यह स्थिति बैक्टीरिया, फफूंद और विभिन्न प्रकार के वायरस के प्रसार के लिए सबसे अनुकूल मानी जाती है। इसके अलावा वर्षा के पश्चात जगह-जगह एकत्र होने वाला गंदा जल अक्सर पेयजल की पाइपलाइनों या सब्जियों को धोने वाले स्रोतों में मिल जाता है, जिससे वे दूषित हो जाते हैं। बाजार में खुले स्थानों और सड़कों के किनारे बिकने वाले फल एवं सब्जियों पर हवा में उड़ती धूल, गंदगी तथा मक्खियां बैठती हैं, जो संक्रमण को फैलाने में बड़ी भूमिका निभाती हैं।

चिकित्सक के अनुसार जब दूषित आहार का सेवन किया जाता है, तो साल्मोनेला और ई. कोलाई जैसे खतरनाक जीवाणु आसानी से इंसानी शरीर के भीतर प्रवेश कर जाते हैं। इन सूक्ष्मजीवों के पेट में पहुंचते ही व्यक्ति को गंभीर उल्टी, दस्त, पेट में तेज ऐंठन, गैस्ट्रोएंटेराइटिस और टाइफाइड जैसी बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए खान-पान की स्वच्छता में जरा सी लापरवाही भी अस्पताल पहुंचने का कारण बन सकती है।

## जोखिम वाली और सुरक्षित सब्जियों की पहचान
खाद्य पदार्थों के चयन के संदर्भ में डॉ. वरुण कुमार झा ने स्पष्ट किया कि सभी फल और सब्जियां एक समान जोखिम वाली नहीं होतीं। केले, संतरा, मौसंबी, पपीता और अनार जैसे मोटे छिलके वाले फल तुलनात्मक रूप से अधिक सुरक्षित माने जाते हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि उनका खाने योग्य भीतरी हिस्सा एक मजबूत बाहरी आवरण से ढका रहता है, जिससे बाहरी रोगाणु सीधे गुदे तक नहीं पहुंच पाते। हालांकि, इन फलों को भी काटने और खाने से पूर्व साफ पानी से अच्छी तरह धोना बेहद अनिवार्य है।

इसके विपरीत पत्तेदार और पतले छिलके वाली सब्जियों के मामले में अत्यधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। पालक, धनिया, पत्तागोभी, खीरा और टमाटर जैसी चीजें, जिन्हें अक्सर सलाद के रूप में कच्चा खाया जाता है, संक्रमण के लिहाज से ज्यादा संवेदनशील होती हैं। हरी पत्तेदार सब्जियों की परतों और पन्नों के बीच मिट्टी के कण, सूक्ष्म कीटाणु और बेहद छोटे कीड़े छिपे रह सकते हैं, जिन्हें केवल ऊपर से देखकर पहचानना मुश्किल होता है।

## बीमारियों से सुरक्षा के लिए 5 बेहद जरूरी कदम
खान-पान के माध्यम से फैलने वाले संक्रमणों से बचाव के लिए चिकित्सा विशेषज्ञों ने पाँच प्रमुख उपाय साझा किए हैं

- **बहते पानी में धुलाई:** बाजार से लाए गए कच्चे फलों और सब्जियों को उपभोग में लेने से पहले साफ बहते पानी के नीचे अच्छी तरह धोएं। हालांकि पानी में नमक या नींबू का रस मिलाकर कुछ देर भिगोने से सतह की गंदगी हटाने में मदद मिलती है, परंतु इसे शत-प्रतिशत कीटाणुनाशक प्रक्रिया नहीं माना जाना चाहिए।
- **छीलकर इस्तेमाल करना:** सेब, गाजर और खीरा जैसे खाद्य पदार्थों को यदि कच्चा खाना हो, तो उन्हें पहले स्वच्छ जल से धोएं और आवश्यकतानुसार उनका छिलका उतारकर ही सेवन करें।
- **कटे हुए खुले फलों से परहेज:** सड़कों के किनारे खुले में रखे या पहले से काटकर रखे गए फलों पर धूल-मिट्टी और मक्खियों के माध्यम से रोगाणु आसानी से चिपक जाते हैं। अतः मानसून के दिनों में ऐसे खुले खाद्य पदार्थों और तैयार सलाद को खरीदने से बचना चाहिए।
- **पत्तेदार साग को पकाकर खाना:** इस मौसम में पालक या अन्य पत्तेदार साग को कच्चे सलाद के रूप में खाने के बजाय उन्हें अच्छी तरह धोकर और पर्याप्त तापमान पर पकाकर खाना ही सबसे सुरक्षित तरीका है।
- **रसोई की स्वच्छता और हाथ धोना:** कच्चे और पके हुए भोजन को हमेशा अलग-अलग बर्तनों में रखें। खाना पकाने से पूर्व और भोजन करने से पहले साबुन तथा साफ पानी से कम से कम 20 सेकंड तक हाथों को अच्छी तरह धोना आवश्यक है। साथ ही चाकू, चॉपिंग बोर्ड और रसोई के अन्य बर्तनों को भी नियमित रूप से साफ करते रहें।

## सावधानी बरतें, सतर्क रहें
विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दौरान ताजे फल और सब्जियों का सेवन पूरी तरह बंद करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि ये शरीर के पोषण के लिए जरूरी हैं। हालांकि, इनकी खरीदारी, साफ-सफाई और भोजन बनाने के तरीकों पर विशेष ध्यान देना अत्यंत आवश्यक हो जाता है। विशेष रूप से छोटे बच्चों, बुजुर्गों और जिन व्यक्तियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है, उन्हें खुले में मिलने वाले कटे फलों, कच्चे सलाद और दूषित पानी से धोई गई वस्तुओं से पूरी तरह दूरी बनाए रखनी चाहिए।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** मानसून के दौरान दूषित खान-पान से होने वाले पेट के संक्रमण और टाइफाइड से बचने के लिए सभी देशवासियों को कच्चे सलाद और खुले में बिकने वाले कटे फलों से परहेज करना चाहिए।
- **दरभंगा में:** स्थानीय निवासियों को जलभराव और दूषित पानी से उत्पन्न होने वाले ई. कोलाई और साल्मोनेला के खतरे को देखते हुए हरी सब्जियों को उबालकर और अच्छी तरह धोकर ही पकाना चाहिए।

## सवाल-जवाब

### 1. मानसून में कच्चे फल और सब्जियां खाने से संक्रमण का खतरा क्यों बढ़ जाता है?
हवा में नमी और बारिश के कारण बैक्टीरिया, वायरस और फंगस तेजी से पनपते हैं। इसके अलावा गंदा पानी और बाजार की धूल-मक्खियां सब्जियों व फलों को दूषित कर देती हैं।

### 2. दूषित खान-पान से शरीर में कौन-कौन से बैक्टीरिया प्रवेश कर सकते हैं और क्या बीमारियां होती हैं?
दूषित भोजन से ई. कोलाई और साल्मोनेला जैसे बैक्टीरिया शरीर में पहुँच सकते हैं, जिससे डायरिया, उल्टी, पेट दर्द, गैस्ट्रोएंटेराइटिस और टाइफाइड जैसी बीमारियाँ हो सकती हैं।

### 3. मानसून के मौसम में कौन से फल अपेक्षाकृत अधिक सुरक्षित माने जाते हैं?
केले, संतरा, मौसंबी, अनार और पपीता जैसे मोटे छिलके वाले फल अधिक सुरक्षित होते हैं क्योंकि उनका खाने योग्य भाग ढका रहता है, हालांकि इन्हें काटने से पहले धोना जरूरी है।

### 4. बारिश के दिनों में पत्तेदार सब्जियों का सेवन करते समय क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
पालक, धनिया और पत्तागोभी जैसी सब्जियों को कच्चे सलाद के रूप में खाने के बजाय अच्छी तरह धोकर और पकाकर खाना चाहिए ताकि परतों में छिपे कीटाणु नष्ट हो सकें।

### 5. सब्जियों को नमक या नींबू पानी में भिगोने से क्या वे पूरी तरह कीटाणु-मुक्त हो जाती हैं?
नमक या नींबू के पानी में भिगोने से सतह की सफाई में मदद मिलती है, लेकिन इसे कीटाणुरहित करने की शत-प्रतिशत गारंटी नहीं माना जा सकता।

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