डेस्क पर बैठे रहने से अकड़ने लगा है शरीर, राहत दिलाएंगे ताई ची के ये सूक्ष्म अभ्यास लगातार कंप्यूटर के सामने बैठने से होने वाली गर्दन, कमर और घुटनों की जकड़न को दूर करने के लिए पांच मिनट के ताई ची मूवमेंट काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं। दफ्तर में कंप्यूटर स्क्रीन के सामने लगातार बैठकर काम करने वाले लोगों में मांसपेशियों की जकड़न एक आम समस्या बन चुकी है। सुबह से शाम तक एक ही मुद्रा में बैठे रहने के कारण गर्दन में भारीपन, कंधों में तनाव और पीठ के निचले हिस्से में खिंचाव महसूस होने लगता है। हर कामकाजी व्यक्ति के लिए दिन के बीच में जिम जाना या पसीना बहाने वाला लंबा वर्कआउट करना मुमकिन नहीं होता। ऐसी स्थिति में काम के अंतराल के दौरान कुछ मिनटों के लिए शरीर को हल्का और नियंत्रित मूवमेंट देना मांसपेशियों को आराम पहुंचाने में मददगार साबित होता है। धीमी गति और सांसों का तालमेल है ताई ची ताई ची चीन की एक पारंपरिक शारीरिक अभ्यास प्रणाली है, जिसमें शरीर को बेहद सहज, शांत और सधे हुए अंदाज में अलग-अलग दिशाओं में घुमाया जाता है। इस अभ्यास में तेज दौड़ने, कूदने या भारी वजन उठाने की बिल्कुल जरूरत नहीं होती। इसके बजाय पूरा ध्यान शरीर की मुद्रा, लचीलेपन और गहरी सांसों के तालमेल पर केंद्रित रहता है। अमेरिका के नेशनल सेंटर फॉर कॉम्प्लिमेंट्री एंड इंटीग्रेटिव हेल्थ यानी NCCIH के मुताबिक, ताई ची धीमे शारीरिक संचालन, नियंत्रित श्वास और मानसिक एकाग्रता का अनूठा मेल है। इसके कई अभ्यास खड़े होकर किए जाते हैं, जबकि दफ्तर में कुर्सी पर बैठकर भी कई गतिविधियां आसानी से की जा सकती हैं। कुर्सी पर बैठकर पांच मिनट में करें ये आसान मूवमेंट अगर आपका काम दिनभर डेस्क पर बैठकर फाइलें या कोड देखने का है, तो हर कुछ घंटों में एक छोटा ब्रेक लेकर शरीर को सक्रिय किया जा सकता है। इन अभ्यासों को करते समय कभी भी शरीर पर अतिरिक्त दबाव न डालें और हर गतिविधि को पूरी सहजता के साथ करें। पहला अभ्यास हाथों को धीरे-धीरे ऊपर और नीचे ले जाने का है। इसके लिए अपनी कुर्सी पर पीठ सीधी करके बैठें और दोनों पैरों को फर्श पर सपाट टिका लें। अब दोनों हाथों को आगे से उठाते हुए धीरे-धीरे ऊपर ले जाएं और फिर उसी लय में नीचे लाएं। जब हाथ ऊपर की ओर जाएं, तो गहरी और आरामदायक सांस अंदर खींचें, और हाथों को नीचे लाते समय सांस को धीरे-धीरे बाहर छोड़ें। अपनी सुविधा और समय के अनुसार इस प्रक्रिया को कुछ चक्रों तक दोहराया जा सकता है। दूसरा अभ्यास शरीर के ऊपरी हिस्से में लचीलापन लाने के लिए है। दोनों हाथों को सामने की ओर रखें और उन्हें बहुत सहजता से एक तरफ से दूसरी तरफ घुमाएं। अगर पीठ या कमर में कोई खिंचाव न हो, तो हाथों के साथ-साथ अपनी कमर को भी हल्का सा दाएं और बाएं मोड़ सकते हैं। ध्यान रखें कि इस दौरान शरीर को कोई अचानक झटका न लगे। शरीर जितनी सहजता से मुड़ सके, केवल उतना ही घुमाव दें। तीसरा मूवमेंट कंधों और बाहों के तनाव को कम करने के लिए किया जाता है। अपने दोनों हाथों को सीने के ठीक सामने रखें। इसके बाद हाथों को धीरे-धीरे आगे की ओर फैलाएं और फिर वापस अपनी छाती की तरफ खींचें। इस पूरे अभ्यास के दौरान रीढ़ की हड्डी को सीधा रखने का प्रयास करें। यह हल्का खिंचाव कंधों, कोहनियों और कलाई की मांसपेशियों को सक्रिय रखने और सुस्ती भगाने में मदद करता है। श्वास पर एकाग्रता और शांत मन शारीरिक गतिविधियों को पूरा करने के बाद कुछ पलों के लिए शांति से बैठें या आराम से खड़े हो जाएं। अपनी सांसों की स्वाभाविक गति पर ध्यान दें। धीरे-धीरे गहरी सांस अंदर लें और उसी शांत गति से बाहर छोड़ें। इस दौरान आंखें बंद करना अनिवार्य नहीं है। अगर किसी भी खिंचाव या गतिविधि के दौरान शरीर में दर्द या किसी भी तरह की असहजता महसूस हो, तो उस अभ्यास को तुरंत रोक देना चाहिए। शोध क्या कहते हैं ताई ची के फायदों पर वैज्ञानिक स्तर पर ताई ची के प्रभावों को लेकर कई अध्ययन किए गए हैं। NCCIH के अनुसार, विभिन्न परिस्थितियों में इसके नियमित अभ्यास से शरीर के संतुलन और दैनिक शारीरिक कार्यक्षमता में सुधार देखा जा सकता है। कुछ अध्ययनों में दर्द और मांसपेशियों की अकड़न से राहत मिलने के प्रमाण भी मिले हैं, हालांकि इसका प्रभाव हर व्यक्ति की शारीरिक स्थिति के अनुसार अलग हो सकता है। ताई ची के कई अभ्यासों में शरीर का वजन धीरे-धीरे एक पैर से दूसरे पैर पर स्थानांतरित किया जाता है, जिससे शारीरिक संतुलन साधने की क्षमता बेहतर होती है। यही वजह है कि बढ़ती उम्र के साथ संतुलन बनाए रखने के लिए इस पद्धति पर विशेष रूप से शोध किए गए हैं। इसके अलावा लंबे समय तक बैठे रहने से पैदा होने वाले कमर दर्द में भी हल्का मूवमेंट सहायक हो सकता है। कुछ शोधों ने ताई ची को पीठ दर्द में राहत से जोड़ा है, लेकिन अगर दर्द बहुत पुराना या गंभीर हो, तो केवल व्यायाम पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से परामर्श लेना जरूरी है। यह अभ्यास घुटनों के स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी माना गया है। NCCIH के मुताबिक, घुटनों के ऑस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित कुछ लोगों को ताई ची के जरिए दर्द और अकड़न में कमी का अनुभव हो सकता है। हालांकि घुटने की पुरानी समस्या होने पर कोई भी नया व्यायाम शुरू करने से पहले विशेषज्ञ की अनुमति लेना आवश्यक है। इसके साथ ही धीमी शारीरिक गति और नियंत्रित सांसों का यह मेल मानसिक तनाव और चिंता के स्तर को कम करने में भी संबंध दिखाता है, जिस पर आगे और व्यापक शोध कार्य जारी हैं। दफ्तर में अभ्यास करते समय जरूरी सावधानियां ताई ची को किसी जल्दबाजी या तेज गति में करने का प्रयास नहीं करना चाहिए। ऑफिस के माहौल में इसे करते समय हमेशा यह सुनिश्चित कर लें कि आपके आसपास पर्याप्त खाली जगह हो, ताकि हाथ या पैर हिलाते समय वे किसी डेस्क, कुर्सी या सहकर्मी से न टकराएं। हमेशा शुरुआत सबसे छोटे और आसान खिंचाव से करें। यदि अभ्यास के दौरान चक्कर आने लगें, तेज दर्द उठे, सांस लेने में तकलीफ हो या कोई अन्य असहजता महसूस हो, तो तुरंत रुक जाएं। इसका आप पर असर लंबे समय तक डेस्क पर बैठने वाले कामकाजी लोगों के लिए यह खबर शारीरिक जकड़न से तुरंत राहत पाने का व्यावहारिक तरीका बताती है। • कार्यस्थल पर समय की बचत: दिनभर के काम के बीच सिर्फ पांच मिनट का ब्रेक लेकर कुर्सी पर ही यह अभ्यास किया जा सकता है। इसके लिए अलग से जिम जाने या कपड़े बदलने की कोई जरूरत नहीं पड़ती। • शारीरिक जकड़न से राहत: गर्दन, कंधे और पीठ की अकड़ी हुई मांसपेशियों में खिंचाव लाकर रक्तसंचार बेहतर होता है। डेस्क जॉब करने वाले लोग बिना भारी उपकरण के कमर और जोड़ों के तनाव को कम कर सकते हैं। • सुरक्षा और सीमाएं: पुराने घुटने के दर्द या गंभीर ऑस्टियोआर्थराइटिस से जूझ रहे लोगों को विशेषज्ञ की सलाह के बिना नया व्यायाम नहीं करना चाहिए। तेज दर्द या चक्कर आने की स्थिति में तुरंत अभ्यास रोककर डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है। • मानसिक ताजगी: धीमी गति की शारीरिक गतिविधियों और श्वास नियंत्रण से दफ्तर के तनाव और थकान में कमी आती है। कर्मचारी अपने डेस्क पर ही मानसिक एकाग्रता को दोबारा हासिल कर सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ आधुनिक जीवनशैली में कई घंटों तक कंप्यूटर स्क्रीन के सामने एक ही मुद्रा में बैठे रहने से मांसपेशियां और जोड़ स्वाभाविक लचीलापन खोने लगते हैं। इसी शारीरिक समस्या के समाधान के रूप में स्वास्थ्य विशेषज्ञ हल्के और नियंत्रित अभ्यासों की सिफारिश कर रहे हैं। • गतिहीन दिनचर्या: लंबे समय तक कुर्सी पर बैठने से रीढ़ की हड्डी, कंधों और गर्दन पर लगातार असामान्य दबाव बना रहता है। यह निरंतर खिंचाव मांसपेशियों में कठोरता और रक्त प्रवाह में रुकावट पैदा करता है। • पारंपरिक पद्धतियों पर आधुनिक शोध: अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी NCCIH और अन्य वैज्ञानिक अध्ययनों में ताई ची के धीमे संतुलनकारी मूवमेंट को जोड़ों के दर्द और संतुलन सुधारने में उपयोगी पाया गया है। इसी कारण पारंपरिक चीनी अभ्यास को आधुनिक कार्यस्थलों में अपनाया जा रहा है। • तीव्र कसरतों की अनुपलब्धता: व्यस्त कामकाजी समय में हर व्यक्ति के लिए भारी व्यायाम या जिम वर्कआउट करना संभव नहीं हो पाता। धीमी गति और सांसों पर आधारित ताई ची अभ्यास बिना पसीना बहाए दफ्तर में करने के लिए सबसे अनुकूल विकल्प बन जाता है। सवाल-जवाब 1. ताई ची क्या है और यह कहां की पद्धति है? ताई ची चीन की एक पारंपरिक शारीरिक अभ्यास पद्धति है, जिसमें धीमी गति के शारीरिक मूवमेंट, नियंत्रित सांस और ध्यान का तालमेल होता है। 2. क्या ताई ची के अभ्यास ऑफिस में कुर्सी पर बैठकर किए जा सकते हैं? हाँ, ताई ची के कई आसान मूवमेंट सीधे कुर्सी पर बैठकर भी किए जा सकते हैं, जैसे हाथों को ऊपर-नीचे करना और शरीर को हल्का घुमाना। 3. क्या कमर या घुटनों के तेज दर्द में सिर्फ ताई ची पर निर्भर रहना चाहिए? नहीं, गंभीर या लगातार बने रहने वाले दर्द में सिर्फ व्यायाम पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लेना आवश्यक है। 4. ऑफिस में ताई ची करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? आसपास पर्याप्त खाली जगह होनी चाहिए, शुरुआत सहज मूवमेंट से करें और चक्कर या तेज दर्द महसूस होने पर तुरंत अभ्यास रोक दें। https://trendkia.com/health/desk-para-baithe-rahane-se-akarane-laga-hai-sharira-rahata-dilaenge-tai-chi-ke-ye-sukshma-abhyasa-43889 TrendKia — Har trend, sabse pehle.