# फैटी लिवर के लिए कौन सी चीजें हैं वरदान और किन्हें खाना है जहर, डॉक्टर सलीम जैदी ने दी फूड्स की पूरी रैंकिंग

> डॉक्टर सलीम जैदी ने फैटी लिवर के मरीजों के लिए अलग-अलग खान-पान की चीजों की रैंकिंग की है, जिसमें पैकेज्ड जूस को सबसे खराब और हल्दी वाले दूध को सबसे बेहतर बताया गया है।

**Type:** article · **Category:** स्वास्थ्य · **Published:** 2026-10-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/health/doctor-saleem-zaidi-ranks-foods-for-fatty-liver-what-to-eat-and-what-to-avoid-50090 · **Language:** Hindi
**Tags:** फैटी लिवर, डॉक्टर सलीम जैदी, लिवर हेल्थ, डाइट टिप्स, हेल्थ न्यूज

आज के समय में खराब खानपान और बिगड़ी हुई जीवनशैली के कारण फैटी लिवर की समस्या बहुत तेजी से पैर पसार रही है। इस गंभीर बीमारी से बचने और अपने लिवर को स्वस्थ रखने के लिए सबसे पहले अपनी डाइट यानी खानपान की आदतों में सुधार करना बेहद आवश्यक है। डॉक्टर सलीम ज़ैदी ने अलग-अलग खाद्य पदार्थों को नंबर देकर इस बात की जानकारी दी है कि फैटी लिवर में कौन से फूड्स फायदेमंद हैं और किन चीजों से पूरी तरह परहेज करना चाहिए।

 

## पैकेज्ड जूस और रिफाइंड कार्ब्स को डॉक्टर ने बताया हानिकारक
  -  **पैकेज्ड फ्रूट जूस:** डॉक्टर सलीम ज़ैदी के अनुसार, यदि आप फैटी लिवर की समस्या से जूझ रहे हैं, तो डिब्बा बंद या पैकेज्ड फ्रूट जूस को अपनी डाइट में भूलकर भी जगह न दें। उनका मानना है कि जूस पीने के बजाय साबुत फल खाना ज्यादा फायदेमंद होता है क्योंकि फलों से शरीर को भरपूर फाइबर मिलता है। इसके विपरीत, पैकेज्ड फलों के रस में चीनी की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। अत्यधिक मात्रा में शुगर लेने से आपके लिवर में चर्बी जमा होने लगती है, जिससे आप नॉन अल्कॉहलिक फैटी लिवर के शिकार हो सकते हैं। इसके अलावा इंसुलिन रेजिस्टेंस का खतरा भी काफी बढ़ जाता है, जिससे आगे चलकर टाइप-2 डायबिटीज होने की आशंका भी बढ़ जाती है। इसी वजह से उन्होंने पैकेज्ड जूस को दस में से केवल एक अंक दिया है।

 
 -  **सफेद चावल और मैदा:** डॉक्टर सलीम जैदी सफेद चावल और मैदे से बनी चीजों को दस में से तीन अंक देते हैं। उनके मुताबिक, जिन लोगों को फैटी लिवर की शिकायत है, उनके लिए चावल, मैदा और बिस्कुट जैसे रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करना जहर के समान है। इन फूड्स में पोषण के नाम पर लगभग कुछ नहीं होता है और इनका अधिक सेवन करने से ब्लड शुगर लेवल के साथ-साथ शरीर का वजन भी तेजी से बढ़ता है। वजन और शुगर बढ़ने से फैटी लिवर की यह परेशानी और भी अधिक गंभीर रूप ले सकती है।

 

 

## दही, छाछ और हल्दी वाले दूध को मिले सबसे ज्यादा नंबर
  -  **दही और छाछ:** डॉक्टर सलीम ज़ैदी का कहना है कि फैटी लिवर के मरीजों के लिए दही और छाछ का सेवन किसी अमृत से कम नहीं है। इन डेयरी उत्पादों में मौजूद प्रोबायोटिक्स हमारे गट यानी आंतों और लिवर के बीच के आपसी कनेक्शन को दुरुस्त करने का काम करते हैं। यही कारण है कि उन्होंने दही और छाछ दोनों को दस में से आठ अंक प्रदान किए हैं।

 
 -  **हल्दी वाला दूध:** डॉक्टर सलीम ज़ैदी के अनुसार, रात को सोते समय हल्दी वाला दूध पीना लिवर के स्वास्थ्य के लिए बहुत गुणकारी साबित होता है। हल्दी में करक्यूमिन नामक तत्व पाया जाता है जो लिवर के एंजाइमों को सामान्य स्तर पर लाकर फैटी लिवर की समस्या को रिवर्स करने की क्षमता रखता है। उन्होंने यह भी सलाह दी है कि इसके अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए इसमें एक चुटकी काली मिर्च जरूर मिला लेनी चाहिए। डॉक्टर ने इस पेय को दस में से नौ अंक दिए हैं।

## इसका आप पर असर
फैटी लिवर से पीड़ित लोगों को अपनी रोजमर्रा की खान-पान की आदतों में तुरंत बदलाव करके पैकेज्ड जूस और मैदे जैसी चीजों से दूरी बनानी चाहिए।

	- **भारत में:** गलत जीवनशैली और खान-पान के कारण देश भर में तेजी से बढ़ रहे फैटी लिवर के मामलों को नियंत्रित करने में यह डाइट रैंकिंग आम जनता की मदद करेगी। लोग अपनी रसोई में हल्दी वाले दूध, दही और छाछ को शामिल करके अपने लिवर को स्वस्थ रख सकते हैं।

	- **दैनिक जीवन में:** बाजार में मिलने वाले डिब्बा बंद जूस और रिफाइंड कार्ब्स का सेवन छोड़ने से ब्लड शुगर और वजन को नियंत्रित करने में सीधी मदद मिलती है। इससे आगे चलकर टाइप-2 डायबिटीज और गंभीर लिवर विकारों का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।

## ऐसा क्यों हुआ
फैटी लिवर की समस्या मुख्य रूप से हमारे खान-पान में अस्वास्थ्यकर बदलाव और शारीरिक सक्रियता की कमी के कारण पैदा होती है।

	- **गलत खान-पान का असर:** पैकेज्ड जूस और मैदे जैसी चीजों में फाइबर की कमी और अत्यधिक चीनी होने के कारण शरीर में चर्बी और शुगर का स्तर तेजी से बढ़ने लगता है।

	- **लिवर की कार्यप्रणाली पर प्रभाव:** अधिक मात्रा में रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और चीनी का सेवन लिवर कोशिकाओं के भीतर फैट जमा कर देता है, जिससे लिवर एंजाइम प्रभावित होते हैं।

	- **प्राकृतिक तत्वों की भूमिका:** हल्दी में मौजूद करक्यूमिन और दही-छाछ के प्रोबायोटिक्स शरीर के आंतरिक अंगों की सूजन को कम करके गट और लिवर के बीच के संतुलन को सुधारते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. फैटी लिवर की समस्या क्यों बढ़ रही है?
फैटी लिवर की समस्या मुख्य रूप से खराब खानपान और बिगड़ी हुई जीवनशैली के कारण तेजी से बढ़ रही है।

### 2. डॉक्टर सलीम जैदी ने पैकेज्ड फ्रूट जूस को क्या रेटिंग दी है?
डॉक्टर सलीम जैदी ने पैकेज्ड फ्रूट जूस को दस में से एक नंबर दिया है।

### 3. पैकेज्ड जूस पीना लिवर के लिए क्यों नुकसानदायक है?
पैकेज्ड जूस में बहुत ज्यादा चीनी होती है, जिससे लिवर में फैट जमा होता है और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ता है।

### 4. सफेद चावल और मैदे को डॉक्टर ने कौन सी रैंकिंग दी है?
डॉक्टर सलीम जैदी ने सफेद चावल और मैदे को दस में से तीन नंबर पर रखा है।

### 5. दही और छाछ फैटी लिवर में कैसे फायदेमंद हैं?
दही और छाछ में मौजूद प्रोबायोटिक्स गट और लिवर के बीच के कनेक्शन को ठीक करते हैं।

### 6. दही और छाछ को डॉक्टर ने कितने नंबर दिए हैं?
डॉक्टर सलीम जैदी ने दही और छाछ को दस में से आठ नंबर दिए हैं।

### 7. हल्दी वाला दूध लिवर के लिए क्यों अच्छा है?
हल्दी में करक्यूमिन होता है जो लिवर एंजाइम को नॉर्मल कर फैटी लिवर को रिवर्स कर सकता है।

### 8. हल्दी वाले दूध को डॉक्टर ने क्या रेटिंग दी है?
डॉक्टर सलीम जैदी ने हल्दी वाले दूध को दस में से नौ नंबर दिए हैं।

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