# डॉक्टर रवि मलिक ने बताया, नवजात शिशु को किस उम्र में पिलाना चाहिए पानी

> जाने-माने पीडियाट्रिशियन डॉ. रवि मलिक ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर नवजात शिशुओं को पानी पिलाने की सही उम्र और इससे जुड़े जरूरी नियमों की जानकारी दी है।

**Type:** article · **Category:** स्वास्थ्य · **Published:** 2026-08-29 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/health/doktara-ravi-malik-ne-bataya-navajata-shishu-ko-kisa-umra-men-pilana-chahie-pani-24065 · **Language:** Hindi
**Tags:** नवजात शिशु, पीडियाट्रिशियन, डॉ रवि मलिक, शिशु की देखभाल, पेरेंटिंग टिप्स

घर में नवजात शिशु का आगमन माता-पिता के लिए बेहद खुशी का पल होता है, लेकिन इसके साथ ही उसकी देखभाल को लेकर कई तरह की चिंताएं और सवाल भी मन में आते हैं। बच्चे के जन्म से लेकर छह महीने तक की अवधि बेहद संवेदनशील होती है, जिसमें उसकी डाइट और पोषण को लेकर खास सावधानी बरतनी पड़ती है। इस दौरान हर नए पेरेंट्स के मन में एक आम सवाल जरूर आता है कि क्या उनके बच्चे को पानी की जरूरत है और यदि हां, तो उसे किस उम्र से पानी देना शुरू किया जाना चाहिए। इस विषय पर खुलकर बात करते हुए मशहूर पीडियाट्रिशियन **डॉ रवि मलिक** ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें उन्होंने नवजात शिशुओं के पानी पीने को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ की है।

 

## छह महीने की उम्र तक बिल्कुल न दें पानी

विशेषज्ञ डॉक्टर का स्पष्ट निर्देश है कि जन्म से लेकर छह महीने तक के बच्चे को पानी की एक बूंद की भी जरूरत नहीं होती है। इस पूरी अवधि के दौरान शिशु के लिए केवल मां का दूध ही एकमात्र संपूर्ण आहार माना गया है, जिसमें उसके विकास के लिए सभी आवश्यक पोषक तत्व और प्राकृतिक एंटीबॉडीज मौजूद होते हैं। मां का दूध न केवल बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूती देता है बल्कि उसे कई तरह की बीमारियों और संक्रमणों से भी सुरक्षित रखता है। इसके अलावा यदि कोई शिशु फॉर्मूला मिल्क पर भी निर्भर है, तो उस दूध को तैयार करते समय ही उसमें आवश्यकतानुसार पानी मिला दिया जाता है, इसलिए अलग से पानी पिलाने की कोई आवश्यकता नहीं बचती है।

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## समय से पहले पानी पिलाने के बड़े खतरे

विशेषज्ञों के अनुसार छह महीने से छोटे बच्चे को पानी या अन्य किसी भी तरह का बाहरी तरल पदार्थ देना खतरनाक साबित हो सकता है, जिसके पीछे कई वैज्ञानिक और स्वास्थ्य संबंधी कारण हैं। मां के दूध में लगभग अस्सी से नब्बे प्रतिशत तक केवल पानी ही होता है, जो प्राकृतिक रूप से बच्चे की प्यास बुझाने और उसके शरीर में नमी बनाए रखने के लिए पूरी तरह से पर्याप्त होता है। इसके साथ ही नवजात शिशुओं की पाचन और रोग प्रतिरोधक प्रणाली पूरी तरह परिपक्व नहीं होती, जिसके कारण बाहर के पानी में मौजूद छोटे-छोटे बैक्टीरिया और कीटाणु बच्चे को डायरिया, पीलिया और पेट के गंभीर संक्रमण की चपेट में ला सकते हैं। इसके अतिरिक्त वाटर इंटॉक्सिकेशन यानी जल विषाक्तता नामक एक गंभीर स्थिति का खतरा भी बना रहता है, क्योंकि इस उम्र में बच्चों की किडनी पूरी तरह विकसित नहीं हो पाती है और अतिरिक्त पानी पिलाने से शरीर में सोडियम का स्तर तेजी से गिर सकता है, जो दौरे पड़ने की वजह बन सकता है।

## इसका आप पर असर
शिशुओं की सही देखभाल और पोषण को लेकर यह जानकारी सीधे तौर पर नए माता-पिता के दैनिक जीवन और शिशु के स्वास्थ्य को प्रभावित करती है।

- **भारत में:** देश भर के सभी नए माता-पिता और परिवारों के लिए यह समझना जरूरी है कि छह महीने से छोटे बच्चों को पानी न दें। इससे शिशुओं को डायरिया, पीलिया और गंभीर पेट के संक्रमण जैसी जानलेवा बीमारियों से बचाया जा सकता है।

- **दैनिक जीवन में:** पेरेंट्स को छह महीने तक केवल स्तनपान या सही अनुपात में तैयार फॉर्मूला मिल्क पर ही निर्भर रहना चाहिए। इससे बच्चों में वाटर इंटॉक्सिकेशन और सोडियम असंतुलन जैसी खतरनाक मेडिकल आपात स्थितियों को रोका जा सकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. नवजात शिशु को किस उम्र तक केवल मां का दूध देना चाहिए?
जन्म से लेकर छह महीने तक के शिशु को केवल मां का दूध ही दिया जाना चाहिए।

### 2. क्या छह महीने से छोटे बच्चे को पानी पिलाया जा सकता है?
नहीं, छह महीने से छोटे शिशु को पानी की एक बूंद की भी आवश्यकता नहीं होती है।

### 3. मां के दूध में पानी की मात्रा कितनी होती है?
मां के दूध में लगभग अस्सी से नब्बे प्रतिशत हिस्सा पानी का ही होता है।

### 4. छोटे बच्चों को पानी देने से कौन सा खतरनाक खतरा हो सकता है?
ज्यादा पानी देने से वाटर इंटॉक्सिकेशन हो सकता है, जिससे शरीर में सोडियम गिर सकता है और दौरे पड़ सकते हैं।

### 5. फॉर्मूला मिल्क देते समय क्या अलग से पानी मिलाना चाहिए?
फॉर्मूला मिल्क बनाते समय पानी का सही अनुपात पहले से मिलाया जाता है, इसलिए ऊपर से अलग से पानी देने की जरूरत नहीं होती।

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