ड्राई स्किन की देखभाल के लिए सही सीरम कैसे चुनें, डॉक्टर ने गिनाए तीन जरूरी इंग्रीडिएंट्स डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. अंचल पंत के मुताबिक रूखी त्वचा के लिए सही सीरम चुनना मॉइस्चराइज़र जितना ही जरूरी है, और सेरामाइड्स, पेप्टाइड्स व स्क्वेलिन जैसे इंग्रीडिएंट्स इसमें बड़ा फर्क ला सकते हैं। रूखी त्वचा की शिकायत होते ही ज्यादातर लोगों का पहला कदम होता है भारी मॉइस्चराइज़र खरीदना, लेकिन डर्मेटोलॉजिस्ट्स का कहना है कि सिर्फ मॉइस्चराइज़र से बात नहीं बनती। स्किन केयर रूटीन में सही सीरम को शामिल करना भी उतना ही जरूरी है, क्योंकि सीरम त्वचा की गहराई तक जाकर उसे पोषण देते हैं। सूरत की डर्मेटोलॉजिस्ट और एस्थेटिक फिजिशियन डॉ. अंचल पंत, जो डर्मफॉलिक्स हेयर ट्रांसप्लांट एंड स्किन क्लिनिक की फाउंडर भी हैं, कहती हैं कि सीरम चुनने से पहले यह समझना जरूरी है कि आपकी त्वचा को असल में किस चीज की कमी है। उन्होंने तीन ऐसे इंग्रीडिएंट्स के बारे में बताया है, जो रूखी और बेजान त्वचा को अंदर से हेल्दी बनाने में मदद कर सकते हैं। सेरामाइड्स से मजबूत होती है स्किन की बैरियर डॉ. पंत के मुताबिक सेरामाइड्स रूखी त्वचा के लिए सबसे भरोसेमंद इंग्रीडिएंट्स में गिने जाते हैं। ये त्वचा की सबसे ऊपरी परत यानी बैरियर को मजबूत बनाने के साथ-साथ उसे रिपेयर करने का भी काम करते हैं। स्किन बैरियर जितनी मजबूत होगी, त्वचा से पानी उड़ने की रफ्तार उतनी ही धीमी होगी, और यही वजह है कि सेरामाइड्स लगाने के बाद त्वचा घंटों तक मॉइस्चराइज महसूस होती है। डॉ. पंत की सलाह है कि रूखी त्वचा वाले लोग सेरामाइड्स युक्त प्रोडक्ट को दिन में दो बार, यानी सुबह और रात दोनों वक्त पर्याप्त मात्रा में लगाएं, ताकि इसका असर लगातार बना रहे और त्वचा बार-बार रूखी न पड़े। 30 की उम्र पार करते ही पेप्टाइड्स क्यों बन जाते हैं जरूरी अगर उम्र 30 साल से ज्यादा हो चुकी है, तो डॉ. पंत रात के स्किन केयर रूटीन में पेप्टाइड्स को शामिल करने की सलाह देती हैं। पेप्टाइड्स सिर्फ त्वचा को नमी देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये स्किन सेल्स को कोलेजन बनाने का सिग्नल भी भेजते हैं। कोलेजन प्रोडक्शन बढ़ने से त्वचा ज्यादा लचीली और मजबूत बनी रहती है, जिससे उम्र बढ़ने के साथ भी त्वचा हेल्दी और बेहतर दिखती है। यही वजह है कि पेप्टाइड्स को नाइट स्किन केयर रूटीन का एक अहम हिस्सा माना जाता है, खासतौर पर 30 पार कर चुके लोगों के लिए। स्किन की नेचुरल नमी और स्क्वेलिन का कनेक्शन स्क्वेलिन कोई बाहरी केमिकल नहीं है, बल्कि यह हमारी त्वचा में प्राकृतिक रूप से पहले से मौजूद एक तत्व है, जिसका सीधा संबंध त्वचा की अपनी नेचुरल नमी बनाए रखने से है। डॉ. पंत बताती हैं कि स्क्वेलिन ऑयल त्वचा को मॉइस्चराइज करने में मदद कर सकता है। जिन लोगों को अपने स्किन केयर रूटीन में फेशियल ऑयल इस्तेमाल करना पसंद है, उनके लिए स्क्वेलिन एक बेहतरीन ऑप्शन साबित हो सकता है, खासतौर पर रूखी त्वचा के लिए, क्योंकि यह त्वचा में गहराई तक नमी पहुंचाने का काम करता है। सीरम चुनते और लगाते वक्त इन बातों का रखें ध्यान डॉ. पंत के मुताबिक ड्राई स्किन के लिए सही सीरम चुनने से पहले यह समझना बेहद जरूरी है कि आपकी त्वचा को असल में किस इंग्रीडिएंट की जरूरत है, क्योंकि हर तत्व का काम और असर अलग-अलग होता है। इसके अलावा वह सलाह देती हैं कि सीरम लगाने के तुरंत बाद एक अच्छी क्वालिटी का मॉइस्चराइज़र जरूर लगाया जाए, ताकि सीरम में मौजूद तत्व त्वचा के अंदर अच्छी तरह लॉक हो जाएं और नमी लंबे समय तक बरकरार रहे। कुल मिलाकर, जरूरत के हिसाब से सेरामाइड्स, पेप्टाइड्स और स्क्वेलिन को रूटीन में शामिल करके रूखी त्वचा को काफी हद तक हेल्दी और मॉइस्चराइज्ड बनाया जा सकता है। इसका आप पर असर अगर आपकी त्वचा अक्सर रूखी और बेजान रहती है, तो सिर्फ मॉइस्चराइज़र बदलने के बजाय सीरम के इंग्रीडिएंट पर ध्यान देना आपकी स्किन केयर को असरदार बना सकता है। • रूखी त्वचा वालों के लिए: सेरामाइड्स वाला सीरम दिन में दो बार लगाने से त्वचा की नमी लंबे समय तक बनी रह सकती है। इसे सुबह और रात दोनों समय अपने रूटीन में शामिल करें। • 30 पार कर चुके लोगों के लिए: रात के रूटीन में पेप्टाइड्स जोड़ने से कोलेजन प्रोडक्शन को बढ़ावा मिल सकता है। यह उम्र के साथ त्वचा को मजबूत और लचीला बनाए रखने में मदद कर सकता है। • फेशियल ऑयल पसंद करने वालों के लिए: स्क्वेलिन ऑयल एक नेचुरल विकल्प है जो त्वचा को गहराई से मॉइस्चराइज कर सकता है। इसे रूखी त्वचा के लिए खासतौर पर आजमाया जा सकता है। • सीरम खरीदने से पहले: अपनी त्वचा की असल जरूरत पहचानें, क्योंकि हर इंग्रीडिएंट का काम अलग है। गलत सीरम चुनने से पैसे और समय दोनों बर्बाद हो सकते हैं। • सीरम लगाने के बाद: तुरंत एक अच्छा मॉइस्चराइज़र लगाना न भूलें, ताकि सीरम के तत्व त्वचा में लॉक हो जाएं और असर बना रहे। सवाल-जवाब 1. ड्राई स्किन के लिए सीरम में कौन से इंग्रीडिएंट देखने चाहिए? डॉ. अंचल पंत के मुताबिक सेरामाइड्स, पेप्टाइड्स और स्क्वेलिन जैसे इंग्रीडिएंट्स रूखी त्वचा के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। 2. सेरामाइड्स वाला सीरम कितनी बार लगाना चाहिए? डॉ. पंत की सलाह है कि इसे दिन में दो बार, यानी सुबह और रात दोनों समय पर्याप्त मात्रा में लगाया जाए। 3. पेप्टाइड्स किसे इस्तेमाल करने चाहिए? डॉ. पंत के अनुसार 30 साल से ज्यादा उम्र के लोग रात के रूटीन में पेप्टाइड्स शामिल कर सकते हैं, क्योंकि ये कोलेजन प्रोडक्शन बढ़ाने में मदद करते हैं। 4. स्क्वेलिन त्वचा के लिए कैसे काम करता है? स्क्वेलिन त्वचा में पहले से मौजूद एक तत्व है जो नेचुरल नमी बनाए रखने में मदद करता है, और स्क्वेलिन ऑयल त्वचा को मॉइस्चराइज कर सकता है। 5. सीरम लगाने के बाद क्या करना चाहिए? डॉ. पंत सलाह देती हैं कि सीरम के बाद तुरंत एक अच्छा मॉइस्चराइज़र लगाया जाए ताकि नमी बरकरार रहे। 6. यह सलाह किसने दी है? यह सलाह डर्मफॉलिक्स हेयर ट्रांसप्लांट एंड स्किन क्लिनिक की फाउंडर, डर्मेटोलॉजिस्ट व एस्थेटिक फिजिशियन डॉ. अंचल पंत ने दी है। https://trendkia.com/health/drai-skina-ki-dekhabhala-ke-lie-sahi-sirama-kaise-chunen-doktara-ne-ginae-tina-jaruri-ingridientsa-28333 TrendKia — Har trend, sabse pehle.