# फरीदाबाद के डॉक्टर की चेतावनी: बार-बार एसिडिटी होने पर न करें अनदेखी, हो सकती है बड़ी बीमारी

> अगर आप बार-बार होने वाली एसिडिटी को सामान्य मानकर लगातार खुद से दवाएं ले रहे हैं, तो सावधान हो जाएं। एक्सपर्ट्स के अनुसार यह दिल की बीमारी या अल्सर जैसी गंभीर समस्याओं का संकेत हो सकता है।

**Type:** article · **Category:** स्वास्थ्य · **Published:** 2026-06-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/health/faridabad-ke-doktara-ki-chetavani-bara-bara-esiditi-hone-para-na-karen-anadekhi-ho-sakati-hai-bari-bimari-2118 · **Language:** Hindi
**Tags:** एसिडिटी, हार्ट अटैक के लक्षण, अल्सर, डॉ. संजय रैना, अमृता हॉस्पिटल, फरीदाबाद, सेहत संबंधी सलाह, गैस की समस्या

## आम दिखने वाली बीमारी के पीछे छिपा बड़ा खतरा
आजकल की बेहद व्यस्त जीवनशैली, अनियमित खानपान और मानसिक तनाव के कारण एसिडिटी एक बहुत ही सामान्य समस्या बन चुकी है। सीने में जलन, पेट में दर्द या खट्टी डकार आने पर लोग अक्सर बिना किसी डॉक्टरी सलाह के सीधे मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदकर खाने लगते हैं। लोग इसे महज एक सामान्य पाचन संबंधी गड़बड़ी मान लेते हैं। लेकिन क्या बार-बार होने वाली यह एसिडिटी केवल खानपान की लापरवाही का नतीजा है, या फिर यह शरीर में पनप रही किसी गंभीर बीमारी की चेतावनी है? TrendKia की एक रिपोर्ट में एक्सपर्ट्स ने इस विषय पर बेहद महत्वपूर्ण चेतावनियां दी हैं।

## हृदय रोग और GERD से जुड़ा हो सकता है कनेक्शन
फरीदाबाद स्थित अमृता हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन विभाग के हेड डॉ. संजय रैना ने TrendKia से बातचीत में स्पष्ट किया कि बार-बार होने वाली एसिडिटी को साधारण समझना एक बड़ी भूल साबित हो सकती है। उनके अनुसार, कई बार दिल की बीमारियों के शुरुआती लक्षण भी बिल्कुल एसिडिटी जैसे ही महसूस होते हैं। जब हृदय तक पर्याप्त मात्रा में खून का बहाव नहीं हो पाता, तब सीने में जो असहजता या दर्द होता है, उसे लोग अक्सर गैस का दर्द समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।

इसके अलावा, गैस्ट्रोएसोफेजियल रिफ्लक्स डिजीज यानी GERD की समस्या में पेट का एसिड लगातार भोजन की नली में वापस आने लगता है। इससे नली की अंदरूनी संवेदनशील परत को गंभीर नुकसान पहुंचता है, जिसके चलते मरीज को लगातार सीने में तेज जलन और दर्द की शिकायत बनी रहती है।

## पेट में अल्सर और कैंसर का घातक जोखिम
डॉ. संजय रैना ने आगे बताया कि भोजन की नली या पेट में होने वाला अल्सर भी काफी हद तक एसिडिटी जैसे ही लक्षण पैदा करता है। अल्सर की स्थिति बेहद संवेदनशील और गंभीर हो सकती है, क्योंकि इससे अंदरूनी ब्लीडिंग होने की आशंका रहती है। कुछ परिस्थितियों में अल्सर के फटने का खतरा भी रहता है, जो किसी भी मरीज के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। इतना ही नहीं, पेट या भोजन की नली में होने वाले कैंसर के शुरुआती लक्षण भी लंबे समय तक रहने वाली एसिडिटी के रूप में सामने आ सकते हैं।

## इन चेतावनी भरे लक्षणों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज
एक्सपर्ट्स के अनुसार, यदि आपको एसिडिटी की समस्या के साथ-साथ नीचे दिए गए लक्षण भी महसूस हो रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए:

- तेजी से और बिना किसी वजह के वजन कम होना।
- मल का रंग गहरा काला दिखाई देना।
- पीलिया के लक्षण उभरना।
- बार-बार उल्टी आना या मतली महसूस होना।
- शरीर में लगातार कमजोरी और थकान का बने रहना।

इन लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर डॉक्टरी जांच कराने से किसी भी बड़ी और गंभीर बीमारी को शुरुआती स्टेज में ही पकड़ा जा सकता है, जिससे उसका इलाज आसान हो जाता है।

## बचाव के लिए जीवनशैली में सुधार है जरूरी
डॉ. संजय रैना का मानना है कि खानपान और दैनिक आदतों में सुधार करके एसिडिटी की समस्या से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है। अत्यधिक चाय और कॉफी का सेवन, ज्यादा तेल-मसाले वाला भोजन, धूम्रपान और शराब का सेवन इस समस्या को काफी ज्यादा बढ़ा देते हैं। इनसे परहेज करके, समय पर पौष्टिक और संतुलित भोजन लेने से तथा एक स्वस्थ दिनचर्या का पालन करके एसिडिटी के खतरे से बचा जा सकता है। इसलिए अगली बार एसिडिटी होने पर केवल एंटासिड खाने के बजाय इसके असली कारण को समझने की कोशिश करें।

## इसका आप पर असर
- **स्वास्थ्य सुरक्षा:** बिना डॉक्टर की सलाह के बार-बार गैस या एसिडिटी की दवाएं खाने से पेट के अल्सर या दिल की बीमारी जैसी गंभीर समस्याओं के लक्षण दब सकते हैं, जिससे इलाज में देरी का खतरा बढ़ जाता है।
- **जागरूकता:** सीने में लगातार होने वाली जलन को हमेशा गैस न समझें। यदि एसिडिटी के साथ वजन घटना या काले मल जैसे लक्षण दिखें, तो यह तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने का संकेत है।

## सवाल-जवाब

### 1. बार-बार होने वाली एसिडिटी को मामूली क्यों नहीं समझना चाहिए?
बार-बार होने वाली एसिडिटी दिल की बीमारी, पेट के अल्सर, GERD या पेट और भोजन की नली के कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का शुरुआती लक्षण हो सकती है।

### 2. एसिडिटी का दिल की बीमारी से क्या संबंध है?
दिल तक पर्याप्त खून न पहुंचने पर सीने में जो बेचैनी या दर्द होता है, उसे लोग अक्सर सामान्य गैस या एसिडिटी समझ बैठते हैं।

### 3. पेट में अल्सर होने पर क्या खतरे हो सकते हैं?
पेट या भोजन की नली का अल्सर गंभीर होने पर अंदरूनी ब्लीडिंग का कारण बन सकता है और इसके फटने की स्थिति जानलेवा साबित हो सकती है।

### 4. एसिडिटी के साथ कौन से लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए?
तेजी से वजन कम होना, मल का रंग काला होना, पीलिया होना, बार-बार उल्टी आना और अत्यधिक कमजोरी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

### 5. एसिडिटी से बचने के लिए किन चीजों से परहेज करना चाहिए?
एसिडिटी से बचने के लिए ज्यादा चाय-कॉफी, अत्यधिक मसालेदार व तला भोजन, धूम्रपान और शराब के सेवन से बचना चाहिए।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._