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  "type": "article",
  "title": "त्योहार की मिठास पड़ी भारी, गले में कफ और खांसी के मरीजों से अस्पताल गुलजार",
  "summary": "रक्षाबंधन के बाद अंबाला में अत्यधिक मिठाई खाने और मौसम बदलने से लोगों को गले में कफ, खराश और खांसी की शिकायत हो रही है। डॉक्टर गुनगुना पानी पीने और बिना डॉक्टरी सलाह के दवा न लेने की सलाह दे रहे हैं।",
  "content": "रक्षाबंधन का पर्व संपन्न हो चुका है, लेकिन इस दौरान खाई गई अनगिनत मिठाइयों का असर अब कई लोगों की सेहत पर दिखने लगा है। पर्व के मौके पर रिश्तेदारों और मित्रों के यहाँ जाकर मिठाई का आनंद लेना तथा सामने रखी चीज को न कह पाना बहुत आम बात होती है। इस समयावधि में कई नागरिकों ने जरूरत से ज्यादा चीनी और पकवानों का सेवन किया, जबकि कइयों ने रंग-बिरंगी मिठाइयों का भी खूब स्वाद चखा। अब स्थिति यह है कि पर्व बीतने के बाद तमाम लोग गले में बलगम, खांसी, खराश, सीने में जकड़न और कफ जैसी तकलीफें लेकर अस्पतालों का रुख कर रहे हैं।\n\n \n\nअंबाला के अस्पताल में बढ़ रहे हैं मरीज\n\nअंबाला छावनी नागरिक अस्पताल में इन दिनों गले और कफ की परेशानियों से जूझते हुए मरीज आयुर्वेदिक ओपीडी में पहुँच रहे हैं। हालाँकि चिकित्सकों का स्पष्ट कहना है कि इन तमाम लक्षणों की वजह केवल मिठाई ही नहीं है, बल्कि मौसम में हो रहा बदलाव और फैलने वाला वायरल संक्रमण भी गले और श्वास नली से जुड़ी दिक्कतों को बढ़ा सकता है। इसके बावजूद, पर्व के दौरान अत्यधिक मात्रा में मीठा और खासकर रंग-युक्त मिठाइयों का उपभोग करना कुछ लोगों में गले की संवेदनशीलता और इरिटेशन को काफी हद तक भड़का सकता है।\n\n \n\nरंग-बिरंगी मिठाइयों से होती है गले की जलन\n\nअंबाला छावनी नागरिक अस्पताल के आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. जितेंद्र वर्मा ने बातचीत के दौरान साझा किया कि पर्वों के समय मीठे का उपभोग सामान्य दिनों की तुलना में काफ़ी अधिक हो जाता है। बहुत अधिक मात्रा में मिठाई खाने से शरीर पर कई प्रकार के प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकते हैं। विशेष तौर पर कृत्रिम रंगों वाली मिठाई खाने के बाद कुछ लोगों में सबसे पहले गले में चुभन या इरिटेशन की दिक्कत उभरकर सामने आती है। उन्होंने विस्तार से बताया कि गले में जलन और खराश के साथ ही बलगम और खांसी की शिकायत भी शुरू हो सकती है। इसके अलावा कुछ व्यक्तियों को सीने में भारीपन या कफ जमने जैसा अहसास भी परेशान करता है। ऐसे में जरूरी है कि लोग इन शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें और अपनी शारीरिक स्थिति के अनुसार उचित चिकित्सीय परामर्श लें।\n\n \n\nकफ और खराश से निपटने के घरेलू व आयुर्वेदिक उपाय\n\nडॉ. जितेंद्र वर्मा के सुझाव के अनुसार, यदि पर्वों के दौरान मिठाई का सेवन करने के बाद किसी को भी गले में कफ, खराश या किसी भी तरह की इरिटेशन महसूस हो रही है, तो सबसे पहले गुनगुने पानी पीने की मात्रा को बढ़ा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग चाय या कॉफी पीने के शौकीन हैं, वे अपने पेय पदार्थों में अदरक का उपयोग कर सकते हैं। उन्होंने अदरक और काली मिर्च को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में लेकर आपस में चबाने की सलाह भी दी और स्पष्ट किया कि आयुर्वेद में इन दोनों सामग्रियों को गले और कफ संबंधी विकारों के लिए बेहद गुणकारी माना गया है।\n\n \n\nविशेष आयुर्वेदिक औषधियों का महत्व\n\nचिकित्सक ने आगे जानकारी दी कि आयुर्वेद की प्राचीन चिकित्सा पद्धति में कफ और गले से जुड़ी तमाम समस्याओं के समाधान के लिए कफ कुठार रस, खदिरादि वटी, सितोपलादि चूर्ण और तालीसादि चूर्ण जैसी असरदार औषधियों का प्रयोग किया जाता है। हालाँकि, इन सभी औषधियों का सेवन किसी भी हाल में अपनी मर्जी से नहीं करना चाहिए, बल्कि हमेशा योग्य चिकित्सक की सलाह और देखरेख के बाद ही इन्हें लेना उचित होता है।\n\n \n\nडायबिटीज के रोगियों के लिए विशेष चेतावनी\n\nडॉक्टर ने विशेष रूप से आगाह किया कि पर्वों के दौरान मिठाइयों का सबसे बड़ा जोखिम डायबिटीज के मरीजों के लिए पैदा होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शुगर के रोगियों को हर हाल में मिठाई खाने से दूर रहना चाहिए, क्योंकि अत्यधिक मीठा शरीर में ब्लड शुगर के स्तर को बहुत तेजी से ऊपर ले जा सकता है। ऐसे संवेदनशील मरीजों के लिए खान-पान पर सख्त नियंत्रण रखना और अपनी इच्छाशक्ति मजबूत करना बेहद अनिवार्य है।\n\n \n\nमधुमेह में घरेलू नुस्खे अपनाने से पहले बरतें सावधानी\n\nडॉ. वर्मा ने आयुर्वेदिक उपायों के अंतर्गत आंवला और हल्दी के चूर्ण के प्रयोग का भी उल्लेख किया। इसके अलावा उन्होंने मेथी के बीजों को रातभर पानी में भिगोकर अगली सुबह उस पानी का सेवन करने के साथ-साथ नीम, करेला और जामुन की गुठली जैसी प्राकृतिक चीजों का भी जिक्र किया। फिर भी, डायबिटीज के पीड़ितों को यह सलाह दी गई है कि वे किसी भी तरह का घरेलू या आयुर्वेदिक नुस्खा आजमाने से पहले डॉक्टर से जरूर परामर्श लें और अपनी नियमित चल रही दवाइयों को कभी भी चिकित्सीय सलाह के बिना खुद से बंद न करें।\n\n \n\nहर खांसी को मिठाई का दुष्प्रभाव न समझें\n\nविशेषज्ञ का यह भी कहना है कि गले में उठने वाले हर कफ या खांसी को केवल मिठाई का साइड इफ़ेक्ट मान लेना बिल्कुल सही नहीं है। मौजूदा मौसम में वायरल संक्रमण और विभिन्न प्रकार की एलर्जी के कारण भी इस तरह की स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।\n\n \n\nकब लेनी चाहिए तुरंत चिकित्सीय जांच\n\nयदि किसी व्यक्ति की खांसी लगातार बढ़ती जा रही हो, तेज बुखार आ रहा हो, सांस लेने में गंभीर तकलीफ हो रही हो, या फिर छाती में तेज दर्द और भारी जकड़न महसूस हो रही हो, तो बिना देर किए तत्काल चिकित्सीय जांच करानी चाहिए। कुल मिलाकर बात यह है कि पर्वों की मिठास का आनंद लेना गलत नहीं है, लेकिन इस दौरान खाई जाने वाली मिठाई की मात्रा और उसकी गुणवत्ता पर ध्यान देना सेहत के लिए बहुत जरूरी है। विशेष तौर पर रंगीन मिठाइयों के अत्यधिक सेवन से बचना इस बदलते मौसम में आपके स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद करेगा।\n\nइसका आप पर असर\nत्योहारों के बाद अत्यधिक मीठा खाने से होने वाली गले की समस्याओं का असर आम लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।\n\n• अंबाला में: छावनी नागरिक अस्पताल की आयुर्वेदिक ओपीडी में गले और कफ की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है, जिन्हें डॉक्टर गुनगुना पानी पीने और बिना सलाह दवा न लेने की सलाह दे रहे हैं।\n\n• भारत में: त्योहारों के सीजन में अत्यधिक चीनी और रंग-बिरंगी मिठाइयों का सेवन करने वाले लोगों को गले में इरिटेशन, बलगम और खांसी जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।\n\n• डायबिटीज रोगियों के लिए: शुगर के मरीजों को त्योहारी मिठाइयों से पूरी तरह बचना चाहिए क्योंकि अधिक मीठा खाने से उनका ब्लड शुगर स्तर तेजी से बढ़ सकता है।\n\n• बचाव के उपाय: गले में खराश होने पर अदरक, काली मिर्च और गुनगुने पानी का सेवन लाभकारी माना गया है, लेकिन गंभीर लक्षण होने पर तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. त्योहारों के बाद लोगों को अस्पताल में क्या शिकायतें लेकर पहुँच रहे हैं?\nलोग गले में कफ, खांसी, खराश, छाती में भारीपन और बलगम जैसी समस्याओं की शिकायत लेकर अस्पताल पहुँच रहे हैं।\n\n2. अंबाला छावनी नागरिक अस्पताल में किस ओपीडी में मरीज आ रहे हैं?\nमरीज अंबाला छावनी नागरिक अस्पताल की आयुर्वेदिक ओपीडी में पहुँच रहे हैं।\n\n3. गले की खराश और कफ में डॉक्टर ने क्या पीने की सलाह दी है?\nडॉक्टर ने गुनगुने पानी का सेवन बढ़ाने और चाय या कॉफी में अदरक का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।\n\n4. आयुर्वेद में गले और कफ की समस्या के लिए कौन सी औषधियाँ बताई गई हैं?\nआयुर्वेद में कफ कुठार रस, खदिरादि वटी, सितोपलादि चूर्ण और तालीसादि चूर्ण जैसी औषधियों का इस्तेमाल किया जाता है।\n\n5. डायबिटीज के मरीजों को त्योहारों में क्या सावधानी रखनी चाहिए?\nशुगर के मरीजों को मिठाई खाने से बचना चाहिए क्योंकि अधिक मीठा खाने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है।\n\n6. किन लक्षणों के दिखने पर तुरंत चिकित्सीय जांच करवानी चाहिए?\nखांसी लगातार बढ़ने, तेज बुखार होने, सांस लेने में परेशानी या सीने में दर्द और ज्यादा जकड़न होने पर तुरंत जांच करवानी चाहिए।",
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  "category": "स्वास्थ्य",
  "publishedAt": "2026-08-30",
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