फिरोजाबाद में बारिश के मौसम में लंपी वायरस का प्रकोप, 32 गांवों में 264 मामले आए सामने फिरोजाबाद जिले में बारिश के बीच लंपी स्किन डिजीज के 264 मामले सामने आए हैं। पशुपालन विभाग ने 240 मामलों को नियंत्रित कर लिया है जबकि 24 पशुओं का इलाज जारी है। फिरोजाबाद में मानसून की बरसात के साथ ही पशुपालकों की परेशानियां काफी बढ़ गई हैं। जिले के तमाम ग्रामीण इलाकों में मवेशियों के बीच लंपी स्किन डिजीज के संक्रमण ने पैर पसारना शुरू कर दिया है। पशुपालन विभाग से मिले आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस बीमारी की चपेट में अब तक कुल 32 गांव आ चुके हैं और यहां से लगभग 264 मामले प्रकाश में आ चुके हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि विभागीय सतर्कता के चलते इनमें से 240 मामलों पर पूरी तरह से नियंत्रण पा लिया गया है, जबकि शेष 24 बीमार पशुओं का इलाज अभी भी डॉक्टरों की देखरेख में चल रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए विभाग की विशेष मेडिकल टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं और पशुओं का समय पर उपचार करने के साथ उनका टीकाकरण भी सुनिश्चित कर रही हैं ताकि संक्रमण आगे न फैले। डॉ. सोमेश गुप्ता ने दी बरसात में सावधानी बरतने की सलाह जिले के मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. सोमेश गुप्ता ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि वर्षा ऋतु के दौरान लंपी जैसी गंभीर बीमारी के फैलने का जोखिम काफी ज्यादा बढ़ जाता है। ऐसे हालात में सभी पशुपालकों को अपने मवेशियों की सेहत पर लगातार कड़ी नजर रखनी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस घातक बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए मवेशियों का समय पर टीकाकरण कराया जाना बेहद आवश्यक है और विभाग की फील्ड टीमें घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने का काम कर रही हैं। लंपी स्किन डिजीज मूल रूप से मवेशियों को अपनी गिरफ्त में लेने वाली एक संक्रामक वायरल बीमारी है। इसका मुख्य रूप से प्रसार पहले से संक्रमित पशुओं के संपर्क में आने से या फिर खून चूसने वाले कीटों और मक्खी-मच्छरों के माध्यम से होता है। यही कारण है कि पशुपालकों के लिए इस बीमारी के शुरुआती लक्षणों की समय रहते पहचान कर लेना बहुत जरूरी है ताकि समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें। लंपी वायरस के मुख्य लक्षण और पहचान का तरीका डॉ. सोमेश गुप्ता के मुताबिक, जब कोई पशु इस वायरस से संक्रमित होता है तो सबसे पहले उसे तेज बुखार आ जाता है। इसके कुछ समय बाद पशु के शरीर की त्वचा पर जगह-जगह गांठें या फिर उभरे हुए गहरे घाव साफ तौर पर दिखाई देने लगते हैं। संक्रमण के प्रभाव से कई मामलों में पशु चारा-पानी खाना बहुत कम कर देता है और उसकी रोजाना की सामान्य गतिविधियां भी काफी हद तक प्रभावित हो जाती हैं। यदि किसी भी पशुपालक को अपने मवेशी में ऐसे संदिग्ध लक्षण नजर आएं तो उसे बिना एक पल भी गंवाए तुरंत स्वस्थ पशुओं से अलग कर देना चाहिए और फौरन किसी नजदीकी पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। समय रहते सही मेडिकल जांच और उपचार शुरू कर देने से इस बीमारी को फैलने से रोकने और काबू पाने में बहुत मदद मिलती है। पशुपालन विभाग का टीकाकरण और साफ-सफाई अभियान इस खतरनाक बीमारी के फैलाव को रोकने के लिए पशुपालन विभाग की तरफ से युद्ध स्तर पर व्यापक टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। पशुपालकों को विशेष रूप से सलाह दी जा रही है कि वे अपने मवेशियों का नियत समय पर टीकाकरण अवश्य कराएं और उनके रहने के स्थान यानी पशुशाला को पूरी तरह साफ-सुथरा रखें। पशुशाला के आसपास किसी भी सूरत में गंदा पानी जमा नहीं होने देना चाहिए और मक्खी-मच्छरों के साथ-साथ अन्य कीटों की तादाद को नियंत्रित रखने के लिए तमाम संभव प्रयास करने चाहिए। इसके अलावा यदि बाहर से कोई नया पशु खरीदकर लाया जाता है या फिर किसी अन्य स्थान से पशु को लाया जाता है, तो उसे सीधे अपने पुराने झुंड में शामिल करने के बजाय कुछ दिनों तक अलग स्थान पर रखकर उसकी सेहत की निगरानी करनी चाहिए। यह छोटी सी सावधानी भी बड़े पैमाने पर संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम करने में बेहद मददगार साबित होती है. इसका आप पर असर फिरोजाबाद में लंपी वायरस के फैलने से स्थानीय पशुपालकों की आजीविका और दूध उत्पादन पर सीधा असर पड़ सकता है। • भारत में: देश के विभिन्न हिस्सों में बरसात के दौरान मवेशियों में वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था प्रभावित होती है। • फिरोजाबाद में: जिले के 32 गांवों में फैले इस संक्रमण के कारण पशुपालकों को अपने मवेशियों के स्वास्थ्य को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है। • सतर्कता और जांच: पशुओं में बुखार या त्वचा पर गांठें दिखने पर तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए ताकि समय पर इलाज मिल सके। • साफ-सफाई का ध्यान: पशुशालाओं के आसपास गंदा पानी जमा न होने दें और मक्खी-मच्छरों की रोकथाम के लिए उचित कदम उठाएं। • नया पशु रखने के नियम: बाहर से लाए गए किसी भी नए पशु को तुरंत झुंड में शामिल करने के बजाय कुछ दिनों तक अलग रखकर निगरानी करनी चाहिए। सवाल-जवाब 1. फिरोजाबाद में लंपी वायरस के अब तक कितने मामले सामने आए हैं? फिरोजाबाद जिले के 32 गांवों में अब तक लगभग 264 मामले सामने आ चुके हैं। 2. कितने मामलों को नियंत्रित किया जा चुका है? विभाग के मुताबिक अब तक 240 मामलों को पूरी तरह नियंत्रित किया जा चुका है। 3. कितने पशुओं का इलाज अभी चल रहा है? वर्तमान में 24 पशुओं का उपचार लगातार जारी है। 4. फिरोजाबाद के मुख्य पशुचिकित्साधिकारी कौन हैं? डॉ. सोमेश गुप्ता फिरोजाबाद के मुख्य पशुचिकित्साधिकारी हैं। 5. लंपी स्किन डिजीज के मुख्य लक्षण क्या हैं? संक्रमित पशु को तेज बुखार आता है और त्वचा पर गांठें या उभरे हुए घाव दिखाई देने लगते हैं। 6. बीमारी से बचाव के लिए विभाग क्या कदम उठा रहा है? पशुपालन विभाग प्रभावित गांवों में जाकर पशुओं का टीकाकरण और उपचार कर रहा है। https://trendkia.com/health/firozabad-men-barisha-ke-mausama-men-lnpi-vayarasa-ka-prakopa-32-ganvon-men-264-mamale-ae-samane-25149 TrendKia — Har trend, sabse pehle.