# गर्दन की झुर्रियां और टेक नेक दूर करेंगी 5 आसान फेशियल एक्सरसाइज, 10वें दिन दिखेगा स्किन में कसाव

> स्मार्टफोन और लैपटॉप के लगातार इस्तेमाल से गर्दन पर पड़ने वाली रेखाओं और झुर्रियों को दूर करने के लिए रोज केवल 10 मिनट फेशियल योग करें। ये 5 असरदार एक्सरसाइज त्वचा के ढीलेपन को खत्म कर 10वें दिन से ही प्राकृतिक चमक और कसाव लौटा सकती हैं।

**Type:** article · **Category:** स्वास्थ्य · **Published:** 2026-08-28 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/health/gardana-ki-jhurriyan-aura-teka-neka-dura-karengi-5-asana-pheshiyala-eksarasaija-10ven-dina-dikhega-skina-men-kasava-23505 · **Language:** Hindi
**Tags:** गर्दन की झुर्रियां, फेशियल योग, टेक नेक, स्किन केयर, गर्दन की एक्सरसाइज, सुडौल जॉलाइन, हेल्थ टिप्स

चेहरे की खूबसूरती बनाए रखने के लिए लोग अक्सर तरह-तरह के महंगे सीरम, मॉइश्चराइजर और सनस्क्रीन का नियमित रूप से इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, सुंदरता की इस देखभाल प्रक्रिया में अक्सर गर्दन की त्वचा पर ध्यान नहीं दिया जाता। सच तो यह है कि चेहरे के मुकाबले गर्दन की त्वचा अत्यधिक पतली और बेहद नाजुक होती है। इसी संवेदनशीलता के कारण बढ़ती उम्र या स्किन में ढीलेपन के सबसे शुरुआती संकेत गर्दन पर ही दिखाई देने लगते हैं।

वर्तमान समय में केवल उम्र ढलना ही गर्दन पर फाइन लाइन्स आने का इकलौता कारण नहीं है। घंटों तक मोबाइल फोन या लैपटॉप की स्क्रीन की ओर नीचे सिर झुकाकर काम करने की आदत से भी कम उम्र में गर्दन पर गहरी लकीरें और झुर्रियां उभरा आती हैं, जिसे चिकित्सा विज्ञान की भाषा में टेक नेक कहा जाता है। यदि आपकी गर्दन पर भी ऐसी हॉरिजॉन्टल रेखाएं दिखाई देने लगी हैं, तो किसी महंगे ब्यूटी ट्रीटमेंट या कॉस्मेटिक प्रोडक्ट पर निर्भर होने की आवश्यकता नहीं है। रोजाना केवल कुछ मिनट का फेशियल योग और लक्षित व्यायाम करके आप अपनी त्वचा का कुदरती कसाव और ग्लो वापस पा सकते हैं। नियमित रूप से अभ्यास करने पर 10वें दिन से ही स्किन में स्पष्ट फर्क और कसाव नजर आने लगता है।

## 1. गर्दन की मांसपेशियों को टोन करने वाली एक्सरसाइज
यह विशेष व्यायाम गर्दन के सामने वाले हिस्से और ठुड्डी के ठीक नीचे मौजूद मांसपेशियों को सुडौल बनाने में बेहद असरदार साबित होता है। इस एक्सरसाइज का मुख्य उद्देश्य प्लेटिस्मा मांसपेशियों को मजबूती देना है, जिससे त्वचा के ढीलेपन को समाप्त किया जा सके।

इसे करने के लिए किसी आरामदायक स्थान पर सीधे बैठ जाएं या समतल जमीन पर सीधे खड़े हो जाएं। अपने सिर को धीरे से पीछे की ओर झुकाएं और अपनी नजरों को छत की तरफ केंद्रित करें। इस दौरान अपने होठों को पूरी तरह से बंद रखें और निचले जबड़े को थोड़ा सा बाहर की दिशा में पुश करने का प्रयास करें। इस विशेष मुद्रा में खुद को 10 सेकंड तक रोककर रखें और फिर सामान्य अवस्था में लौट आएं। इस पूरी प्रक्रिया को लगातार 10 बार दोहराएं। इस अभ्यास से गर्दन की ढीली पड़ चुकी त्वचा में कसाव आता है और लकीरें हल्की होने लगती हैं।

## 2. साइड नेक स्ट्रेच से दूर करें मांसपेशियों का तनाव
दिनभर एक ही जगह पर बैठकर कंप्यूटर या लैपटॉप पर काम करने की वजह से गर्दन की मांसपेशियों में काफी अकड़न और तनाव जमा हो जाता है। यदि इस तनाव को समय रहते दूर न किया जाए, तो गर्दन की झुर्रियां और अधिक गहरी होने लगती हैं। साइड स्ट्रेच व्यायाम इस समस्या को रोकने में काफी मददगार है।

इस स्ट्रेच को करने के लिए अपनी रीढ़ की हड्डी को बिल्कुल सीधा रखते हुए बैठ जाएं। अब अपने सिर को धीरे-धीरे एक तरफ झुकाएं और अपने कान को कंधे के पास ले जाने की कोशिश करें। ध्यान रहे कि कंधों को ऊपर न उठाएं, बल्कि केवल गर्दन को ही मोड़ें। इस खिंचाव की स्थिति में 5 सेकंड तक रुकें और फिर धीरे से सिर को बीच में लाएं। इसके बाद यही प्रक्रिया दूसरी तरफ भी दोहराएं। इस पूरे चक्र को 5 से 8 बार करें। यह व्यायाम मांसपेशियों के जमा हुए तनाव को खत्म करता है और रक्त संचार को बेहतर बनाता है, जिससे त्वचा का लचीलापन सुधरता है।

## 3. स्काई किसिंग फेशियल योग से हल्की करें रेखाएं
यह फेशियल योग मुख्य रूप से चेहरे के निचले हिस्से और गर्दन की लकीरों को लक्षित करता है। लगातार स्क्रीन टाइम के कारण गर्दन पर बनने वाली हॉरिजॉन्टल लकीरों को कम करने में यह तकनीक बेहद कारगर मानी जाती है।

इस योग को करने के लिए अपने सिर को थोड़ा सा पीछे की ओर झुकाएं और ऊपर आसमान या छत की तरफ देखें। अब अपने होठों को इस तरह से गोल आकार में बाहर निकालें जैसे कि आप ऊपर आसमान को चुंबन दे रहे हों। इस मुद्रा में रहते हुए गर्दन की मांसपेशियों पर खिंचाव महसूस करें और 5 सेकंड के लिए होल्ड करें। इसके बाद चेहरे को रिलैक्स करें। इस प्रक्रिया को 10 से 12 बार दोहराएं। यदि इस अभ्यास को रोज की दिनचर्या में शामिल किया जाए, तो स्क्रीन टाइम से पैदा हुई रेखाएं धीरे-धीरे गायब होने लगती हैं।

## 4. जॉ जट एक्सरसाइज से पाएं सुडौल जॉलाइन और डिटॉक्स
डबल चिन की परेशानी से राहत दिलाने और जॉलाइन को एक बेहतरीन शेप देने के लिए जॉ जट एक्सरसाइज बहुत उपयोगी व्यायाम है। यह ठुड्डी के निचले हिस्से को सुडौल बनाने के साथ-साथ त्वचा की अंदरूनी सफाई में भी मदद करता है।

इसे करने के लिए सिर को पीछे झुकाकर ऊपर की ओर देखें। अब अपने निचले जबड़े को जितना संभव हो सके बाहर की तरफ निकालें, ताकि ठुड्डी के निचले हिस्से में एक स्पष्ट खिंचाव महसूस हो सके। इस खिंचाव को 10 सेकंड तक बनाए रखें और फिर सामान्य स्थिति में आ जाएं। इस एक्सरसाइज के 10 सेट पूरे करें। यह व्यायाम शरीर के प्राकृतिक डिटॉक्स यानी लिंफैटिक ड्रेनेज प्रक्रिया को बेहतर बनाता है, जिससे त्वचा की कोशिकाओं तक सही पोषण पहुंचता है और गर्दन पर कुदरती चमक लौट आती है।

## 5. टंग प्रेस लिफ्ट से मजबूत करें गहरी मांसपेशियां
गर्दन की गहराई में स्थित मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करने के लिए टंग प्रेस लिफ्ट का अभ्यास किया जाता है। यह व्यायाम ठुड्डी के नीचे लटकती हुई ढीली स्किन को कसने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है।

इस अभ्यास के लिए अपनी पीठ और रीढ़ की हड्डी को बिल्कुल सीधा रखकर बैठ जाएं। सिर को ऊपर की ओर उठाएं और अपनी जीभ को मुंह के ऊपरी हिस्से यानी तालू पर पूरी ताकत से दबाएं। जब आप जीभ को तालू पर दबाते हैं, तो गर्दन के निचले हिस्से में कसाव महसूस होगा। इस स्थिति को 5 से 10 सेकंड तक बनाए रखें और फिर ढीला छोड़ दें। इस पूरी क्रिया को 10 बार दोहराएं। इससे ठुड्डी के नीचे की लटकती त्वचा टाइट होती है और गर्दन को एक टोंड लुक मिलता है।

## 6. त्वचा को फर्म और यंग बनाए रखने के जरूरी सुझाव
गर्दन की झुर्रियों को हमेशा के लिए दूर रखने और त्वचा को टाइट बनाए रखने के लिए इन फेशियल एक्सरसाइज के साथ कुछ बुनियादी बातों पर ध्यान देना भी बहुत जरूरी है। नियमित रूप से भरपूर पानी पिएं ताकि स्किन अंदर से हाइड्रेटेड रहे। चेहरे के साथ-साथ गर्दन पर भी मॉइश्चराइजर लगाना कभी न भूलें। इसके अलावा, बैठते समय अपनी पीठ और गर्दन के पोश्चर को बिल्कुल सीधा रखने का प्रयास करें। रोजाना सिर्फ 10 मिनट का यह अभ्यास आपकी गर्दन की त्वचा को हमेशा यंग, फर्म और चमकदार बनाए रखेगा।

## इसका आप पर असर
दिनचर्या में सिर्फ 10 मिनट फेशियल योग शामिल करके गर्दन की झुर्रियों और ढीली त्वचा की समस्या से बिना किसी महंगे ब्यूटी ट्रीटमेंट के राहत पाई जा सकती है।

- **स्किन में कसाव:** गर्दन की प्लेटिस्मा और गहरी मांसपेशियों के मजबूत होने से त्वचा का ढीलापन कम होता है। लगातार 10 दिनों के अभ्यास के बाद ही गर्दन की रंगत और कसाव में फर्क दिखने लगता है।
- **टेक नेक से राहत:** लैपटॉप और स्मार्टफोन पर लगातार झुककर काम करने से बनने वाली हॉरिजॉन्टल रेखाएं हल्की पड़ने लगती हैं। इससे स्क्रीन टाइम के कारण गर्दन की मांसपेशियों पर पड़ने वाला दबाव और तनाव दूर होता है।
- **प्राकृतिक ग्लो और डिटॉक्स:** जॉ जट जैसी एक्सरसाइज से लिंफैटिक ड्रेनेज में सुधार होता है। शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकलने के कारण गर्दन और चेहरे की त्वचा पर कुदरती चमक लौट आती है।
- **डबल चिन की समस्या में कमी:** ठुड्डी के नीचे की लटकती त्वचा टाइट होती है और जॉलाइन अधिक सुडौल नजर आने लगती है। इससे बिना किसी सर्जरी या कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स के चेहरे का निचला हिस्सा सुडौल बनता है।
- **मांसपेशियों का लचीलापन:** गर्दन को दोनों तरफ स्ट्रेच करने से ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है। इससे दिनभर एक ही जगह बैठकर काम करने से होने वाली गर्दन की अकड़न हमेशा के लिए दूर हो जाती है।

## सवाल-जवाब

### 1. गर्दन पर कम उम्र में ही झुर्रियां आने की मुख्य वजह क्या है?
गर्दन की त्वचा काफी पतली और नाजुक होती है। उम्र बढ़ने के अलावा दिनभर स्मार्टफोन या लैपटॉप पर नीचे झुककर काम करने से कम उम्र में ही टेक नेक और हॉरिजॉन्टल झुर्रियां आने लगती हैं।

### 2. गर्दन की झुर्रियां दूर करने वाली एक्सरसाइज का असर कितने दिनों में दिखने लगता है?
नियमित रूप से रोज केवल 10 मिनट इन 5 फेशियल एक्सरसाइज का अभ्यास करने पर 10वें दिन से ही त्वचा में स्पष्ट कसाव और सुधार नजर आने लगता है।

### 3. क्या इन फेशियल एक्सरसाइज से डबल चिन की समस्या भी ठीक हो सकती है?
हाँ, जॉ जट और टंग प्रेस लिफ्ट जैसी एक्सरसाइज ठुड्डी के नीचे की लटकती त्वचा को टाइट करती हैं और लिंफैटिक ड्रेनेज में सुधार कर जॉलाइन को सुडौल बनाती हैं।

### 4. फेशियल एक्सरसाइज के साथ स्किन को फर्म रखने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
व्यायाम के साथ-साथ रोजाना भरपूर पानी पिएं, गर्दन पर मॉइश्चराइजर का नियमित इस्तेमाल करें और बैठते समय अपने पोश्चर को हमेशा सीधा रखें।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._