घर पर तैयार करें स्ट्रीट स्टाइल मूंग दाल पकौड़ा चाट, शाम के नाश्ते के लिए आसान तरीका शाम की भूख मिटाने के लिए कुरकुरे मूंग दाल पकौड़ों से बनी चटपटी चाट एक लाजवाब व्यंजन है। मसालों, ठंडी दही और चटनी के सटीक मेल से इसे बेहद कम समय में घर पर परोसा जा सकता है। दिन ढलते ही अक्सर कुछ तीखा, नमकीन और जायकेदार खाने की तीव्र इच्छा होती है। ऐसे समय में तली हुई साधारण चीजों की जगह दाल से बना स्ट्रीट फूड एक बेहतरीन विकल्प साबित होता है। मूंग दाल के कुरकुरे पकौड़ों को जब ताजी फेंटे हुए दही, तीखी व मीठी चटनियों और ताजा सलाद के साथ मिलाया जाता है, तो एक बेमिसाल चाट तैयार होती है। बाजार के अस्वास्थ्यकर तेल से बचते हुए आप इसे रसोई में रखी सामान्य चीजों से बहुत आसानी से बना सकते हैं। पकौड़े और चाट तैयार करने के लिए आवश्यक सामग्री इस स्वादिष्ट व्यंजन को बनाने के लिए सामग्री को दो हिस्सों में बांटकर समझना सुविधाजनक रहता है। सबसे पहले पकौड़े के घोल के लिए आधा कप मूंग दाल लें। इसके साथ 1 इंच अदरक का टुकड़ा, 2 हरी मिर्च, स्वादानुसार नमक, आधा छोटा चम्मच साबुत धनिया, आधा छोटा चम्मच सौंफ और आधा छोटा चम्मच हींग की आवश्यकता होगी। रंग और तीखेपन के लिए आधा छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, आधा छोटा चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर और घोल में मिलाने के लिए 1.5 बड़ा चम्मच गरम तेल रखें। पकौड़ों को पकाने के लिए अलग से तलने वाला तेल लें। चाट की सजावट और खट्टे-मीठे स्वाद के लिए आपको हरी चटनी, लाल चटनी, मीठी चटनी और गाढ़ी फेंटे हुए दही की जरूरत होगी। इसके अलावा ऊपर से छिड़कने के लिए काला नमक, भुना जीरा पाउडर, कद्दूकस की हुई मूली, बारीक कटा हरा धनिया और ताजे अनार के लाल दाने तैयार रखें। दाल तैयार करने और पीसने की विधि चाट का पूरा आधार पकौड़ों के कुरकुरेपन पर टिका होता है। इसके लिए मूंग दाल को साफ पानी में अच्छी तरह धोएं और लगभग 2 घंटे के लिए भिगोकर छोड़ दें। तय समय बीत जाने पर सारा पानी पूरी तरह छलनी से निथार लें। दाल में नमी की अतिरिक्त मात्रा कम करने के लिए उसे एक सूती कपड़े से हल्के हाथों पोंछ लें। अब इस सूखी दाल को मिक्सी के जार में डालें। साथ में 1 इंच अदरक, 2 कटी हरी मिर्च और स्वादानुसार नमक मिला दें। पीसते समय बिल्कुल भी पानी न डालें। जार को रुक-रुक कर चलाएं ताकि दाल का मिश्रण दरदरा रहे। यदि दाल एकदम बारीक या पेस्ट जैसी बन जाएगी, तो पकौड़े अंदर से भारी हो जाएंगे और उनका पारंपरिक कुरकुरापन खत्म हो जाएगा। घोल को फेंटना और मसालों का संयोजन दरदरे पिसे हुए मिश्रण को एक बड़े खुले बर्तन में निकाल लें। अब अपने हाथों से इस घोल को लगातार 2 से 3 मिनट तक एक ही दिशा में अच्छी तरह फेंटें। हवा भरने से यह मिश्रण हल्का, फूला हुआ और हल्के रंग का दिखने लगेगा। इसी बीच एक ओखली या खल-बट्टे में आधा छोटा चम्मच साबुत धनिया और आधा छोटा चम्मच सौंफ लेकर दरदरा कूट लें। इस कुटे हुए मसाले में हींग, हल्दी पाउडर और कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर मिलाएं। साथ ही डेढ़ बड़ा चम्मच गरम तेल भी बैटर में डालें। गरम तेल मिलाने से पकौड़े अंदर से स्पंजी और बाहर से करारे बनते हैं। अब इन सभी चीजों को फेंटे हुए दाल के घोल में अच्छी तरह मिला लें। मीडियम आंच पर पकौड़े तलना कड़ाही में तलने के लिए पर्याप्त तेल डालकर मध्यम आंच पर गरम करें। हाथों को थोड़े पानी से गीला करें जिससे घोल उंगलियों से चिपके नहीं। थोड़ा-थोड़ा मिश्रण हाथ में लेकर गरम तेल में छोड़ते जाएं। आंच को मीडियम रखते हुए पकौड़ों को दो चरणों में धीरे-धीरे तलें। जब वे सुनहरे और बेहद कुरकुरे हो जाएं, तब उन्हें तेल से निकालकर जालीदार छलनी पर रख लें ताकि अतिरिक्त तेल छन जाए। बाकी बचे घोल से भी इसी प्रकार सारे पकौड़े तैयार कर लें। चाट को अंतिम रूप देना और परोसना परोसने के लिए एक चौड़ी प्लेट लें और उसमें गर्मागर्म मूंग दाल पकौड़े सजाएं। अब इनके ऊपर स्वादानुसार मीठी चटनी, तीखी हरी चटनी और लाल चटनी डालें। ऊपर से गाढ़ी दही फैलाएं और चुटकी भर काला नमक व भुना जीरा पाउडर छिड़कें। अंत में कद्दूकस की हुई मूली, ताजे हरे धनिए की पत्तियां और चमकीले अनार के दानों से सजाकर तुरंत परोसें। इसका आप पर असर यह घरेलू चाट बाजार में मिलने वाले स्ट्रीट फूड का एक पौष्टिक, स्वच्छ और किफायती विकल्प प्रदान करती है। • खान-पान और सेहत: घर पर ताजा तेल और दाल का उपयोग करने से पाचन सुरक्षित रहता है। बाजार की मिलावटी सामग्रियों और पुराने बासी तेल से होने वाले नुकसान से परिवार सुरक्षित रहता है। • रसोई का बजट: यह व्यंजन केवल आधा कप मूंग दाल और घर में मौजूद बुनियादी मसालों से तैयार हो जाता है। कम लागत में पूरे परिवार के लिए गुणवत्तापूर्ण शाम का नाश्ता तैयार किया जा सकता है। • समय की बचत: दाल को केवल 2 घंटे भिगोने की आवश्यकता होती है और पीसते समय पानी की बचत होती है। बिना किसी जटिल तैयारी के इसे आधे घंटे में तलकर परोसा जा सकता है। • विविधता का लाभ: चाट में दही, मूली और अनार का उपयोग पोषण और ताजगी बढ़ाता है। स्वाद के साथ-साथ यह बच्चों और बुजुर्गों के लिए हल्का और पचने में आसान रहता है। ऐसा क्यों हुआ दाल से बने पकौड़ों का आंतरिक स्पंज और बाहरी करारापन विशेष रसोई तकनीकों और नमी के सटीक संतुलन पर निर्भर करता है। • बिना पानी के पीसना: दाल का पानी पूरी तरह सुखाकर पीसने से बैटर गीला नहीं होता। अतिरिक्त पानी से पकौड़े बहुत ज्यादा तेल सोख लेते हैं और तलने के बाद ढीले पड़ जाते हैं। • बैटर को फेंटना: हाथ से 2 से 3 मिनट फेंटने से मिश्रण में प्राकृतिक हवा भर जाती है। इसी हवा की वजह से बिना बेकिंग सोडा के भी पकौड़े अंदर से बेहद हल्के और स्पंजी बनते हैं। • गरम तेल का उपयोग: कच्चे घोल में डेढ़ चम्मच खौलता तेल मिलाने से स्टार्च की परत अलग हो जाती है। यह प्रक्रिया बाहरी परत को अतिरिक्त कुरकुरा और खस्ता बनाती है। • मध्यम आंच पर दोहरा तलना: धीमी या मध्यम आंच पर दो चरणों में पकाने से दाल अंदर तक पकती है। तेज आंच पर पकाने से पकौड़े बाहर से जल जाते हैं और भीतर से कच्चे रह जाते हैं। सवाल-जवाब 1. मूंग दाल को पीसने से पहले कितनी देर भिगोना चाहिए? दाल को साफ पानी में कम से कम 2 घंटे के लिए भिगोना पर्याप्त होता है। 2. पकौड़ों का घोल तैयार करते समय पानी क्यों नहीं डालना चाहिए? बिना पानी के पीसने से बैटर गाढ़ा और दरदरा रहता है, जिससे तलते समय पकौड़े अतिरिक्त तेल नहीं सोखते। 3. पकौड़ों को अंदर से हल्का और फूला हुआ कैसे बनाया जाए? पिसे हुए दाल के घोल को हाथों से 2 से 3 मिनट तक लगातार फेंटें ताकि उसमें हवा समा जाए। 4. घोल में डेढ़ बड़ा चम्मच गरम तेल मिलाने का क्या फायदा है? बैटर में गरम तेल मिलाने से पकौड़े बाहर से बेहद खस्ता और कुरकुरे बनते हैं। 5. चाट की सजावट के लिए किन टॉपिंग्स का उपयोग किया जाता है? ऊपर से दही, हरी व मीठी चटनी, काला नमक, भुना जीरा, कद्दूकस की मूली, धनिया और अनार के दाने डाले जाते हैं। https://trendkia.com/health/ghara-para-taiyara-karen-strita-staila-moong-dal-pakoda-chaat-shama-ke-nashte-ke-lie-asana-tarika-46527 TrendKia — Har trend, sabse pehle.