गोरखपुर में नकली पनीर की पहचान के आसान तरीके, सेहत के लिए हो सकता है खतरनाक बाजार से पनीर खरीदते समय उसकी शुद्धता की जांच करना बेहद जरूरी है। गोरखपुर के खाद्य विभाग के अधिकारियों ने मिलावटी पनीर के लक्षणों और घरेलू जांच के तरीकों के बारे में अहम जानकारी दी है। गोरखपुर में बाजार से पनीर खरीदते समय अगर आप सिर्फ उसका चमकदार सफेद रंग और दाम देखकर उसे शुद्ध मान लेते हैं, तो यह लापरवाही आपकी सेहत पर भारी पड़ सकती है। मिलावटी या सिंथेटिक पनीर की पहचान करना आज के समय में बेहद जरूरी हो गया है, क्योंकि गलत तरीके से तैयार किया गया यह खाद्य पदार्थ शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। गोरखपुर के खाद्य विभाग के एसी सुधीर सिंह के अनुसार, ऐसे मिलावटी पनीर बनाने और बेचने वालों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है और कई स्थानों पर छापेमारी के दौरान संदिग्ध पनीर भी पकड़ा जा चुका है। घर पर ऐसे करें असली और नकली पनीर की शुरुआती परख बाजार से पनीर लाने के बाद घर पर भी इसकी बुनियादी जांच आसानी से की जा सकती है। यदि पनीर बहुत ज्यादा चमकीला या असामान्य रूप से सफेद दिखाई दे रहा है, तो सतर्क हो जाएं। पनीर का एक छोटा सा टुकड़ा अपनी जीभ पर रखकर देखने से भी इसकी सच्चाई का पता चल सकता है। यदि मुंह में रखते ही कड़वा या कोई अजीब सा स्वाद महसूस हो, तो उसे तुरंत खाने से परहेज करना चाहिए। इसके अलावा पनीर को अपने हाथों से दबाकर भी इसकी बनावट को परखा जा सकता है। सामान्य और शुद्ध पनीर में दूध के प्राकृतिक प्रोटीन और वसा की वजह से एक खास मुलायम बनावट होती है, जबकि बहुत अधिक रबर जैसा, जरूरत से ज्यादा सख्त या हाथ लगाते ही आसानी से बिखर जाने वाला पनीर संदिग्ध श्रेणी में आता है। आयोडीन टेस्ट से लगाएं स्टार्च की मौजूदगी का पता पनीर में स्टार्च की मिलावट का पता लगाने के लिए आयोडीन टेस्ट का उपयोग किया जाता है। इसके लिए पनीर के एक छोटे टुकड़े पर आयोडीन सॉल्यूशन की कुछ बूंदें डाली जाती हैं। यदि उसका रंग बदलकर नीला या नीला-काला हो जाता है, तो यह इस बात का स्पष्ट संकेत होता है कि उसमें स्टार्च मिला हुआ है। हालांकि इस तरह की घरेलू जांच से आम लोगों को काफी मदद मिल जाती है, लेकिन पनीर की एकदम पक्की और कानूनी पुष्टि के लिए सरकारी खाद्य प्रयोगशाला में इसकी जांच करवाना भी आवश्यक होता है। मिलावटी पनीर तैयार करने में किन चीजों का होता है इस्तेमाल गोरखपुर खाद्य विभाग के एसी सुधीर सिंह बताते हैं कि छापेमारी और जांच के दौरान सामने आए मामलों में यह बात स्पष्ट हुई है कि मिलावटी पनीर को तैयार करने के लिए मिल्क पाउडर, रिफाइंड तेल, सोया आधारित सामग्री और अन्य कई तरह के मिलावटकारी पदार्थों का धड़ल्ले से उपयोग किया जाता है। कुछ मामलों में तो डिटर्जेंट, रीठा या अन्य खतरनाक गैर-खाद्य पदार्थों के इस्तेमाल की बात भी सामने आ चुकी है। हालांकि यह जरूरी नहीं है कि हर एक नकली पनीर में ये सभी चीजें एक साथ मौजूद हों। सेहत के लिए कितना खतरनाक है यह मिलावटी खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य विशेषज्ञों का यह साफ तौर पर कहना है कि डिटर्जेंट, हाइड्रोजन पेरोक्साइड या औद्योगिक रंगों जैसे गैर-खाद्य और जहरीले पदार्थों का भोजन में प्रयोग किया जाना मानव स्वास्थ्य के लिए बहुत बड़े खतरे को न्योता देता है। इसलिए किसी भी तरह का संदिग्ध पनीर खाना बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है। बाजार से पनीर खरीदते समय केवल उसके बाहरी रंग को देखकर ही कोई फैसला न लें। असामान्य सफेदी, कड़वा स्वाद, कोई भी अजीब सी गंध, रबर जैसी कड़क बनावट या फिर बाजार में मिलने वाले सामान्य दामों से बेहद कम कीमत, ये सभी बातें बड़े खतरे की घंटी हो सकती हैं। यदि जरा सा भी शक हो, तो उस पनीर का सेवन करने से पूरी तरह बचना चाहिए। इसका आप पर असर • भारत में: बाजार से खुला या संदिग्ध पनीर खरीदते समय उसकी बनावट, स्वाद और रंग की अच्छी तरह जांच कर लें ताकि मिलावटी खाद्य पदार्थों से होने वाली बीमारियों से बचा जा सके। • गोरखपुर में: स्थानीय खाद्य विभाग की लगातार चल रही छापों और कार्रवाई के बीच उपभोक्ताओं को मिलावटखोरों से सतर्क रहने और शक होने पर तुरंत विभाग को सूचित करने की सलाह दी जाती है। सवाल-जवाब 1. नकली पनीर की पहचान घर पर कैसे की जा सकती है? पनीर का रंग बहुत ज्यादा सफेद होने, जीभ पर रखने पर कड़वा स्वाद आने या हाथ से दबाने पर अत्यधिक रबर जैसा सख्त महसूस होने पर वह नकली हो सकता है। 2. पनीर में स्टार्च की मिलावट का पता लगाने के लिए कौन सा टेस्ट किया जाता है? पनीर के टुकड़े पर आयोडीन सॉल्यूशन की कुछ बूंदें डालने से यदि उसका रंग नीला या नीला-काला हो जाए, तो उसमें स्टार्च की मौजूदगी का पता चलता है। 3. गोरखपुर में मिलावटी पनीर के खिलाफ कार्रवाई कौन कर रहा है? गोरखपुर के खाद्य विभाग के एसी सुधीर सिंह के नेतृत्व में मिलावटी पनीर बेचने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई और छापेमारी की जा रही है। 4. मिलावटी पनीर बनाने में किन चीजों का इस्तेमाल किया जाता है? जांच में सामने आया है कि नकली पनीर तैयार करने के लिए मिल्क पाउडर, रिफाइंड तेल, सोया सामग्री और कभी-कभी डिटर्जेंट या रीठा जैसे पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है। https://trendkia.com/health/gorakhapura-men-nakali-panira-ki-pahachana-ke-asana-tarike-sehata-ke-lie-ho-sakata-hai-khataranaka-17921 TrendKia — Har trend, sabse pehle.