# गुजरात के शिवलाल पुजारा ने जड़ी-बूटियों से बनाए हर्बल उत्पाद, सिरदर्द और अनिद्रा से राहत का दावा

> अहमदाबाद के व्यापारी शिवलाल पुजारा ने प्रदूषण एलर्जी, सिरदर्द, खर्राटे और बदन दर्द जैसी दिक्कतों से निपटने के लिए देसी जड़ी-बूटियों से तैयार हर्बल उत्पादों की श्रृंखला पेश की है।

**Type:** article · **Category:** स्वास्थ्य · **Published:** 2026-10-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/health/gujarat-ke-vyapari-shivlal-pujara-ne-jari-butiyon-se-banae-harbala-utpada-siradarda-aura-anidra-se-rahata-ka-dava-42577 · **Language:** Hindi
**Tags:** शिवलाल पुजारा, अनन्या हेल्थ केयर, अहमदाबाद, नेचुरल पावर, हर्बल उत्पाद, आयुर्वेद, सिरदर्द, प्रदूषण एलर्जी

हवा में घुले प्रदूषण के महीन कणों से होने वाली परेशानियां हों, सिरदर्द, माइग्रेन का दर्द या फिर रात में करवटें बदलते रहने की मजबूरी, इन समस्याओं से राहत दिलाने के लिए गुजरात के एक व्यापारी ने पारंपरिक जड़ी-बूटियों पर आधारित विकल्प तैयार किए हैं। गुजरात से ताल्लुक रखने वाले व्यापारी शिवलाल पुजारा ने प्राकृतिक और ऑर्गेनिक तत्वों के मेल से ऐसे उत्पाद बनाए हैं, जिन्हें लेकर उनका कहना है कि ये मौसमी दिक्कतों और शारीरिक असहजता को दूर करने में बेहद असरदार हैं। इस फॉर्मूले को उंगली की मदद से नाक के भीतरी हिस्से अथवा माथे पर लगाने से सर्दी, खांसी, जुकाम और प्रदूषण जनित एलर्जी से आराम मिलने की बात कही जा रही है।

## अहमदाबाद में स्थापित है विनिर्माण इकाई
शिवलाल पुजारा 'अनन्या हेल्थ केयर' नाम से अपना उपक्रम चलाते हैं। उनके परिवार में उनके बेटे एक नेचुरोपैथी चिकित्सक हैं, जो अहमदाबाद में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस पूरे काम की उत्पादन इकाई भी अहमदाबाद में ही स्थापित की गई है। शिवलाल पुजारा इन दिनों देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित एक प्रदर्शनी में अपने इन उत्पादों को लेकर पहुंचे हैं, जहां आगंतुकों के बीच इनके प्रति खासी दिलचस्पी देखी जा रही है। वह सरकार द्वारा आयोजित की जाने वाली विभिन्न व्यापारिक व पारंपरिक प्रदर्शनियों में नियमित तौर पर भाग लेते रहे हैं। इस पहल को आगे बढ़ाने में गुजरात सरकार की ओर से भी समर्थन और प्रोत्साहन मिल रहा है।

## कपूर, लौंग और इलायची से तैयार हुआ 'नेचुरल पावर'
शिवलाल पुजारा के अनुसार, जिस उत्पाद को लेकर लोगों का ध्यान सबसे अधिक आकर्षित हुआ है, उसका नाम 'नेचुरल पावर' रखा गया है। यह हर्बल मिश्रण सर्दी, जुकाम, बलगम, सिरदर्द, नींद की कमी, खर्राटे और वायु प्रदूषण के दुष्प्रभावों से शरीर को सहारा देने के उद्देश्य से बनाया गया है। इसे तैयार करने में कपूर, छोटी इलायची और लौंग जैसी जानी-पहचानी देसी सामग्रियों के साथ-साथ कई अन्य पारंपरिक जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया गया है। पूरी तरह प्राकृतिक तत्वों पर निर्भर होने की वजह से लोग इसे दैनिक जीवन में इस्तेमाल करने के लिए पसंद कर रहे हैं।

## मच्छर भगाने और कमर दर्द से राहत के लिए विशेष स्प्रे
इस श्रृंखला में केवल बाम या लेप ही शामिल नहीं है, बल्कि रोजमर्रा की अन्य जरूरतों को ध्यान में रखकर हर्बल स्प्रे भी बनाए गए हैं। इनमें से एक स्प्रे मच्छरों से बचाव के लिए तैयार किया गया है। इसे रात में सोने से पहले कमरे में छिड़क देने पर मच्छर परेशान नहीं करते। इसके अतिरिक्त, कमर दर्द से पीड़ित लोगों के लिए भी एक अलग स्प्रे का निर्माण किया गया है। शिवलाल पुजारा का कहना है कि यह उत्पाद वर्षों पुराने कमर दर्द और जकड़न से पीड़ित लोगों को भी त्वरित राहत पहुंचाने की क्षमता रखता है।

## नाभि तेल से संपूर्ण शारीरिक डिटॉक्स का दावा
अनन्या हेल्थ केयर की सूची में नाभि में लगाया जाने वाला एक खास तेल भी मौजूद है। इसके इस्तेमाल की विधि साझा करते हुए उन्होंने बताया कि रात को सोने से पहले इसे नाभि पर लगाना होता है। दावा किया गया है कि यह तेल रातभर में शरीर के विषैले तत्वों को बाहर निकालने का काम करता है, जिससे सिर से लेकर पैर के तलवों तक जमा गंदगी अगले दिन शरीर से साफ हो जाती है।

## महिलाओं की भागीदारी और नेचुरोपैथी सेंटर में निर्माण
शिवलाल पुजारा का कहना है कि उनके सभी उत्पाद पूरी तरह से प्रमाणित हैं और इनके किसी तरह के साइड इफेक्ट्स नहीं होते। इन फॉर्मूलेशन का निर्माण अहमदाबाद स्थित उनके बेटे के नेचुरोपैथी सेंटर में किया जाता है, जहां प्राकृतिक जड़ी-बूटियों के पारंपरिक ज्ञान और चिकित्सकीय समझ का ध्यान रखा जाता है। इस विनिर्माण प्रक्रिया में कई स्थानीय महिलाएं सक्रिय रूप से जुड़कर उत्पाद तैयार करती हैं। महिला सशक्तिकरण और स्थानीय उत्पादकता से जुड़ी इस पहल के चलते सरकारी स्तर पर भी इन उत्पादों को प्रदर्शनियों के जरिए बढ़ावा दिया जा रहा है।

## इसका आप पर असर
पारंपरिक जड़ी-बूटियों पर आधारित ये घरेलू उत्पाद शहरी प्रदूषण, अनिद्रा और रोजमर्रा के दर्दों से जूझ रहे लोगों के लिए बिना रसायन वाला विकल्प प्रस्तुत करते हैं।

- **भारत में:** महानगरों और प्रदूषित इलाकों में रहने वाले लोग मौसमी जुकाम या सिरदर्द जैसी छोटी बीमारियों के लिए अंग्रेजी दवाओं के बजाय देसी अर्क का रुख कर सकते हैं। इससे सिंथेटिक दवाओं पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
- **अहमदाबाद और दिल्ली में:** दिल्ली की प्रदर्शनी में आए आगंतुक इन उत्पादों को सीधे जांच और खरीद सकते हैं। वहीं अहमदाबाद में स्थानीय उत्पादन होने के कारण वहां के निवासियों को यह नेचुरोपैथी केंद्र से आसानी से उपलब्ध हो जाता है।
- **दैनिक उपयोग:** कमरे में छिड़कने वाला हर्बल स्प्रे और बाम रात की नींद सुधारने व मच्छर भगाने का सुलभ उपाय देते हैं। संवेदनशील त्वचा या एलर्जी वाले व्यक्तियों को किसी भी नए हर्बल उत्पाद के नियमित उपयोग से पहले पैच टेस्ट जरूर कर लेना चाहिए।
- **महिला रोजगार:** इस तरह की कुटीर निर्माण इकाइयों से स्थानीय महिलाओं को कार्यबल में सीधे जुड़ने का अवसर मिलता है। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में महिलाओं की आजीविका को सहारा मिलता है।

## ऐसा क्यों हुआ
शहरी वातावरण में बढ़ते वायु प्रदूषण, तनावपूर्ण दिनचर्या और सिंथेटिक दवाओं के विकल्पों की बढ़ती मांग ने देसी नुस्खों और नेचुरोपैथी आधारित उत्पादों के विकास को प्रेरित किया है।

- **पारंपरिक ज्ञान और परिवार का चिकित्सकीय तालमेल:** शिवलाल पुजारा के बेटे के एक योग्य नेचुरोपैथी डॉक्टर होने के कारण परिवार के पास प्राकृतिक उपचार पद्धतियों की व्यावहारिक समझ मौजूद थी। इसी चिकित्सीय पृष्ठभूमि और देसी जड़ी-बूटियों के अध्ययन से इन उत्पादों के फॉर्मूले तैयार किए गए।
- **शहरी स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां:** महानगरों में वायु प्रदूषण के कणों से होने वाली एलर्जी, माइग्रेन, खर्राटे और नींद न आने की समस्याएं आम हो चुकी हैं। इन सामान्य किंतु परेशान करने वाली तकलीफों के लिए बिना दुष्प्रभाव वाले समाधानों की लगातार जरूरत महसूस की जा रही थी।
- **सरकारी प्रोत्साहन और प्रदर्शनी मंच:** खादी और ग्रामोद्योग जैसी सरकारी पहलों के तहत पारंपरिक उद्यमों को प्रोत्साहित करने वाली प्रदर्शनियां आयोजित की जा रही हैं। इसी सहयोग के चलते गुजरात की इस विनिर्माण इकाई को राष्ट्रीय स्तर पर अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का मौका मिला।

## सवाल-जवाब

### 1. अनन्या हेल्थ केयर के संस्थापक कौन हैं और यह कहां स्थित है?
इसके संस्थापक गुजरात के व्यापारी शिवलाल पुजारा हैं और इनकी उत्पादन इकाई अहमदाबाद में स्थित है।

### 2. 'नेचुरल पावर' नामक उत्पाद में किन मुख्य सामग्रियों का इस्तेमाल किया गया है?
इस उत्पाद में कपूर, लौंग, छोटी इलायची और अन्य पारंपरिक देसी जड़ी-बूटियों का प्रयोग किया गया है।

### 3. 'नेचुरल पावर' का उपयोग किन समस्याओं के लिए किया जाता है?
इसे सर्दी, जुकाम, खांसी, सिरदर्द, खर्राटे, नींद न आना और प्रदूषण जनित एलर्जी से राहत पाने के लिए नाक के भीतर या माथे पर लगाया जाता है।

### 4. कमर दर्द और मच्छरों के लिए कौन से उत्पाद तैयार किए गए हैं?
कमरे में छिड़कने के लिए एक हर्बल मच्छर स्प्रे और पुराने पीठ व कमर दर्द से आराम के लिए एक दर्द निवारक स्प्रे बनाया गया है।

### 5. नाभि तेल के बारे में क्या दावा किया गया है?
रात को सोने से पहले नाभि पर इसे लगाने से यह शरीर के अंदर जमा विषैले तत्वों को बाहर निकालकर बॉडी को डिटॉक्स करने का काम करता है।

### 6. इन उत्पादों का निर्माण कहां और किसके द्वारा किया जाता है?
ये उत्पाद अहमदाबाद में शिवलाल पुजारा के बेटे के नेचुरोपैथी सेंटर में तैयार किए जाते हैं, जहां कई स्थानीय महिलाएं मिलकर इन्हें बनाती हैं।

## प्रेरणा और सबक
पारंपरिक औषधीय ज्ञान को आधुनिक जरूरतों से जोड़कर एक सफल और रोजगारपरक उपक्रम कैसे खड़ा किया जा सकता है, यह यात्रा उसी का उदाहरण है।

- **घरेलू ज्ञान का उपयोग:** कपूर, लौंग और इलायची जैसी आम रसोई की सामग्रियों से उपयोगी स्वास्थ्य उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं। पारंपरिक देसी नुस्खों को सही वैज्ञानिक दृष्टिकोण देकर व्यावहारिक समाधान बनाए जा सकते हैं।
- **सामुदायिक सशक्तिकरण:** विनिर्माण प्रक्रिया में स्थानीय महिलाओं को शामिल करके एक छोटा व्यवसाय भी सामाजिक रूप से लाभकारी बन सकता है। उत्पाद निर्माण के साथ-साथ आजीविका के अवसर पैदा करना संभव है।
- **सरकारी मंचों का लाभ:** व्यापार मेलों और सरकारी प्रदर्शनियों में सक्रिय भागीदारी नए और छोटे उद्यमियों को सीधे ग्राहकों तक पहुंचने का बेहतरीन जरिया देती है। पहल और निरंतरता से स्थानीय उत्पाद राष्ट्रीय पहचान हासिल कर सकते हैं।

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