गुर्दे की पथरी और टमाटर का भ्रम, न्यूट्रिशनिस्ट ने बताया सेहत का पूरा गणित टमाटर और उसके बीजों से पथरी बनने की धारणा पूरी तरह बेबुनियाद है। न्यूट्रिशनिस्ट लीमा महाजन के मुताबिक टमाटर में मौजूद सिट्रेट वास्तव में स्टोन बनने से रोकने में मददगार साबित होता है। किचन में हर दिन इस्तेमाल होने वाले टमाटर को लेकर अक्सर यह भ्रम फैलाया जाता है कि इसे खाने या इसके बीजों को निगलने से गुर्दे में पथरी की समस्या पैदा हो सकती है। भोजन का स्वाद बढ़ाने वाला यह पोषक तत्वों से भरा फल कई सालों से इस गलत धारणा का शिकार रहा है। लोग अक्सर पथरी के डर से टमाटर और खासकर उसके बीजों को अपनी थाली से बाहर कर देते हैं। सर्टिफाइड न्यूट्रिशनिस्ट और वेट लॉस स्पेशलिस्ट लीमा महाजन ने इस विषय पर स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया है कि टमाटर और गुर्दे की पथरी के बीच असल में क्या वैज्ञानिक संबंध है और इस डर में कितनी सच्चाई है। टमाटर में ऑक्सलेट की मात्रा और सच्चाई लीमा महाजन के अनुसार टमाटर के सेवन से पथरी होने का दावा पूरी तरह एक अफवाह है। टमाटर खाने से न तो गुर्दे में पथरी की नई समस्या जन्म लेती है और न ही पुरानी पथरी का आकार बढ़ता है। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार गुर्दे में ज्यादातर पथरी तब विकसित होती है जब शरीर में ऑक्सलेट की अत्यधिक मात्रा जमा हो जाती है। जब हम विभिन्न खाद्य पदार्थों की तुलना करते हैं, तो एक सामान्य टमाटर के भीतर केवल 6 से 7 मिलीग्राम ऑक्सलेट पाया जाता है। इसके उलट एक कप पालक में लगभग 750 मिलीग्राम ऑक्सलेट मौजूद होता है। आंकड़ों की यह स्पष्ट तुलना दिखाती है कि टमाटर में ऑक्सलेट की मात्रा बेहद नगण्य है, जिससे पथरी बनने का खतरा न के बराबर रहता है। क्रिस्टल जमने से रोकता है टमाटर में मौजूद सिट्रेट टमाटर पथरी का कारण बनने के बजाय वास्तव में उससे सुरक्षा देने का काम करता है। लीमा महाजन का कहना है कि टमाटर में प्राकृतिक तौर पर सिट्रेट मौजूद होता है। यह सिट्रेट पेशाब के भीतर कैल्शियम के साथ मिलकर उसे बांध लेता है, जिसके चलते कैल्शियम ऑक्सलेट के क्रिस्टल आपस में जुड़कर पथरी का रूप नहीं ले पाते। इसलिए टमाटर को पथरी का गुनहगार मानना लोगों की एक बड़ी गलतफहमी है, क्योंकि यह फल पथरी को बढ़ावा देने के बजाय शरीर को उससे बचाने में पोषण के स्तर पर सकारात्मक भूमिका निभाता है। गुर्दे की पथरी से बचाव के जरूरी उपाय गुर्दे को सेहतमंद रखने और पथरी के जोखिम को कम करने के लिए खानपान में सही संतुलन बनाना बेहद आवश्यक होता है। यदि आप पथरी से बचना चाहते हैं, तो बहुत अधिक ऑक्सलेट वाले खाद्य पदार्थों जैसे पालक, बादाम, चॉकलेट और चुकंदर की मात्रा को नियंत्रित रखें। यदि इन चीजों का सेवन करना ही है, तो अपनी डाइट में कैल्शियम से भरपूर विकल्प जैसे दही, पनीर, रागी और मोरिंगा को साथ शामिल करें। जब कैल्शियम और ऑक्सलेट पेट में एक साथ मिलते हैं, तो वे आंतों में ही बंधकर बाहर निकल जाते हैं। इसके साथ ही दिनभर में प्रचुर मात्रा में पानी पीना सबसे असरदार उपाय है, क्योंकि पर्याप्त पानी पीने से पथरी बनाने वाले तत्व पेशाब के रास्ते आसानी से घुलकर बाहर निकल जाते हैं। इसके अलावा भोजन में नमक की अधिक मात्रा पर नियंत्रण रखना भी उतना ही आवश्यक है। इसका आप पर असर यह जानकारी खानपान को लेकर फैली गलत धारणाओं को दूर कर संतुलित पोषण चुनने में पाठकों की सीधे मदद करती है। • डाइट में बदलाव: आपको अपनी रोजाना की थाली से टमाटर या उसके बीजों को हटाने की कोई जरूरत नहीं है। आप बिना किसी घबराहट के सलाद और सब्जियों में टमाटर का सामान्य इस्तेमाल जारी रख सकते हैं। • ऑक्सलेट पर नजर: टमाटर के बजाय पालक, चुकंदर, चॉकलेट और बादाम के अनियंत्रित सेवन पर ध्यान दें। इन चीजों को खाते समय दही, पनीर या रागी जैसे कैल्शियम स्रोतों को साथ में जोड़ना फायदेमंद रहता है। • पानी की आदत: दिनभर में भरपूर मात्रा में पानी पीना अपनी दिनचर्या का स्थायी हिस्सा बनाएं। पर्याप्त पानी पेशाब में जमा होने वाले मिनरल्स को बहाकर पथरी के जोखिम को बहुत कम कर देता है। • नमक की सीमा: भोजन में अतिरिक्त नमक की मात्रा को सीमित करना बेहद जरूरी है। कम सोडियम वाला आहार गुर्दे पर दबाव घटाता है और पथरी बनने की संभावना पर रोक लगाता है। ऐसा क्यों हुआ टमाटर को लेकर वर्षों से यह भ्रांति इसलिए बनी रही क्योंकि लोग उच्च ऑक्सलेट वाले सभी पौधों को एक ही श्रेणी में रख देते हैं। इसके वैज्ञानिक कारणों का सही विश्लेषण सामने आने के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हुई है। • ऑक्सलेट का गलत अनुमान: आमतौर पर पत्थरी के मरीजों को ऑक्सलेट सीमित करने की सलाह दी जाती है, जिससे लोगों ने मान लिया कि बीजों वाले टमाटर में भी यह बहुत ज्यादा होगा। वैज्ञानिक जांच दर्शाती है कि टमाटर में ऑक्सलेट न के बराबर होता है जबकि पालक जैसी पत्तियों में यह सैकड़ों गुना अधिक पाया जाता है। • सिट्रेट की अनदेखी: अधिकांश लोग यह नहीं जानते थे कि टमाटर में प्राकृतिक सिट्रेट प्रचुर मात्रा में होता है। यह सिट्रेट कैल्शियम को बांधकर पथरी के क्रिस्टल बनने की प्रक्रिया को बाधित करता है। • कम पानी और खानपान का असंतुलन: गुर्दे की पथरी का मुख्य कारण कम पानी पीना, ज्यादा नमक खाना और अत्यधिक ऑक्सलेट वाली चीजें लेना है। टमाटर पर दोष मढ़ने के कारण लोग असली कारणों जैसे डिहाइड्रेशन और नमक के अधिक सेवन पर ध्यान नहीं दे पाते थे। सवाल-जवाब 1. क्या टमाटर खाने से सच में किडनी में स्टोन बनता है? नहीं, यह सिर्फ एक अफवाह है। टमाटर में ऑक्सलेट बहुत कम मात्रा में होता है, इसलिए इससे पथरी नहीं बनती। 2. एक टमाटर में कितना ऑक्सलेट मौजूद होता है? एक सामान्य टमाटर में केवल 6 से 7 मिलीग्राम ऑक्सलेट पाया जाता है, जो पालक के मुकाबले बेहद कम है। 3. टमाटर में मौजूद कौन सा तत्व पथरी से बचाने में मदद करता है? टमाटर में सिट्रेट पाया जाता है, जो पेशाब में कैल्शियम को बांधकर कैल्शियम ऑक्सलेट के क्रिस्टल बनने से रोकता है। 4. किडनी स्टोन से बचने के लिए किन चीजों का सेवन कम करना चाहिए? पालक, बादाम, चॉकलेट और चुकंदर जैसे अधिक ऑक्सलेट वाले खाद्य पदार्थों के साथ-साथ नमक का सेवन सीमित रखना चाहिए। https://trendkia.com/health/gurde-ki-pathari-aura-tomato-ka-bhrama-nyutrishanista-ne-bataya-sehata-ka-pura-ganita-36685 TrendKia — Har trend, sabse pehle.