हड्डियों को अंदर से खोखला बना सकती हैं रोजाना खाई जाने वाली ये 8 चीजें, जानिए बचाव के तरीके दूध और हरी सब्जियां खाने के बाद भी कैल्शियम की कमी का सामना करना पड़ सकता है। जानिए दैनिक आहार की कौन सी 8 चीजें शरीर में कैल्शियम सोखने से रोकती हैं और हड्डियों को कमजोर बनाती हैं। मानव शरीर को स्वस्थ और कार्यक्षम बनाए रखने के लिए कैल्शियम एक अत्यंत आवश्यक खनिज है। मजबूत हड्डियों और दांतों के निर्माण के अलावा, रक्तचाप को नियंत्रित करने तथा मांसपेशियों के सुचारू संचालन में इसकी मुख्य भूमिका होती है। जब शरीर में कैल्शियम का संतुलन बिगड़ने लगता है, तो हड्डियां भीतर से कमजोर और भुरभुरी होने लगती हैं। इसके कारण ऑस्टियोपोरोसिस और जोड़ों में लगातार दर्द जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। कई लोग दूध, दही और हरी पत्तेदार सब्जियों के माध्यम से कैल्शियम की कमी पूरी करने का प्रयास करते हैं, फिर भी उनके शरीर में इसकी कमी बनी रहती है। इसका मुख्य कारण दैनिक आहार में शामिल कुछ ऐसे तत्व हैं जो भोजन से कैल्शियम के अवशोषण में बाधा डालते हैं और हड्डियों में जमा कैल्शियम को बाहर खींच लेते हैं। सॉफ्ट ड्रिंक्स और एरेटेड पेय पदार्थों का असर समारोहों और दैनिक जीवन में सॉफ्ट ड्रिंक्स तथा सोडा का सेवन काफी प्रचलित हो चुका है। हालांकि, इन एरेटेड ड्रिंक्स में फास्फोरिक एसिड की मात्रा अत्यधिक होती है। यह एसिड पाचन तंत्र में पहुंचकर कैल्शियम के अवशोषण की प्राकृतिक प्रक्रिया में रुकावट डालता है। इसके अतिरिक्त, यह हड्डियों में मौजूद कैल्शियम को खींचकर बाहर निकालने का कार्य भी करता है, जिससे समय के साथ हड्डियों का घनत्व घटने लगता है। चाय और कॉफी में कैफीन का प्रभाव भारत में सुबह के समय चाय या कॉफी पीने की आदत बहुत सामान्य है। परंतु, इन पेय पदार्थों में उपस्थित कैफीन शरीर में कैल्शियम के अवशोषण को प्रभावित करता है। अत्यधिक मात्रा में कैफीन का सेवन करने से मूत्र विसर्जन के दौरान कैल्शियम शरीर से बाहर निकलने लगता है। इस वजह से शरीर कैल्शियम का सही उपयोग नहीं कर पाता और हड्डियों की मजबूती प्रभावित होती है। उच्च सोडियम और नमक का अत्यधिक सेवन भोजन में अधिक नमक या नमकीन स्नैक्स का इस्तेमाल करना हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। जब शरीर में सोडियम की मात्रा आवश्यकता से अधिक हो जाती है, तो किडनी इसे पेशाब के माध्यम से बाहर निकालती है। इस निकास प्रक्रिया के दौरान सोडियम के साथ-साथ आवश्यक कैल्शियम भी शरीर से बाहर बह जाता है, जिससे कैल्शियम का स्तर गिर जाता है। रेड मीट और प्रोसेस्ड मीट का दुष्प्रभाव रेड मीट जैसे मटन और प्रोसेस्ड मीट में प्रोटीन का स्तर काफी अधिक होता है। हालांकि प्रोटीन स्वास्थ्य के लिए जरूरी है, लेकिन अत्यधिक एनिमल प्रोटीन का सेवन करने से शरीर के भीतर एसिड का स्तर बढ़ जाता है। इस एसिड को संतुलित और बेअसर करने के लिए शरीर अपनी हड्डियों से कैल्शियम को खींचना शुरू कर देता है। इसके अलावा, प्रोसेस्ड मीट का सेवन यूरिक एसिड के स्तर को भी बढ़ा देता है। रिफाइंड शुगर और बेकरी उत्पाद केक, पेस्ट्री, कैंडी और कुकीज जैसे खाद्य पदार्थ रिफाइंड शुगर और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होते हैं। यह भोजन न केवल वजन बढ़ाता है, बल्कि कैल्शियम के अवशोषण की क्षमता को भी कम करता है। चीनी के अत्यधिक सेवन से शरीर में आंतरिक सूजन बढ़ती है, जो हड्डियों की संरचना को कमजोर बनाने में योगदान देती है। अत्यधिक शराब का सेवन और विटामिन D की कमी शराब का अत्यधिक और लंबे समय तक सेवन करना हड्डियों के लिए अत्यंत नुकसानदायक है। यह शरीर में विटामिन D के निर्माण और कैल्शियम के अवशोषण, दोनों ही प्रक्रियाओं को बाधित करता है। इसके परिणामस्वरूप हड्डियों का घनत्व तेजी से घटता है और भविष्य में फ्रैक्चर होने का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। तली-भुनी चीजें और ट्रांस फैट का प्रभाव समोसे, पकौड़े और फ्राइड चिकन जैसी अत्यधिक तली-भुनी चीजें सेहत को नुकसान पहुंचाती हैं। इनमें मौजूद ट्रांस फैट और सेचुरेटेड फैट शरीर के अंदर सूजन पैदा करते हैं और पाचन तंत्र की कार्यप्रणाली को प्रभावित करते हैं। पाचन क्रिया खराब होने के कारण भोजन से प्राप्त होने वाला कैल्शियम शरीर द्वारा सही तरीके से अवशोषित नहीं हो पाता। ऑक्सलेट युक्त खाद्य पदार्थ और पालक पालक, चोकर और बीट्स जैसे खाद्य पदार्थ स्वास्थ्यवर्धक माने जाते हैं, परंतु इनमें ऑक्सलेट नामक यौगिक पाया जाता है। यह ऑक्सलेट कैल्शियम के साथ मिलकर एक ऐसा यौगिक बना लेता है जिसे शरीर अवशोषित करने में असमर्थ होता है। इसलिए, यदि आप कैल्शियम से भरपूर आहार ले रहे हैं, तो ऑक्सलेट से युक्त चीजों का सीमित मात्रा में ही सेवन करना चाहिए। हड्डियों को मजबूत बनाने के व्यावहारिक उपाय हड्डियों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए आहार में दूध, दही, पनीर, तिल, रागी और हरी पत्तेदार सब्जियों जैसी कैल्शियम से भरपूर चीजों को शामिल करें। इसके साथ ही, कैल्शियम के सही अवशोषण के लिए शरीर में विटामिन D3 की पर्याप्त उपस्थिति आवश्यक है, जिसके लिए प्रतिदिन 15 से 20 मिनट धूप में समय बिताना चाहिए। नियमित रूप से वॉक, योग या वेट-बेयरिंग एक्सरसाइज करने से हड्डियों की मजबूती बनी रहती है। खान-पान की आदतों में ये छोटे बदलाव हड्डियों की उम्र बढ़ाते हैं और बढ़ती उम्र में भी शरीर को सक्रिय रखते हैं। इसका आप पर असर भारत में: खान-पान की गलत आदतों से कैल्शियम की कमी और ऑस्टियोपोरोसिस का जोखिम बढ़ रहा है, जिससे बचाव के लिए दैनिक आहार पर ध्यान देना जरूरी है। दैनिक जीवन में: चाय, कॉफी, नमक और तली-भुनी चीजों का सीमित सेवन करके और रोज 15-20 मिनट धूप में बैठकर हड्डियों को मजबूत रखा जा सकता है। सवाल-जवाब 1. कैल्शियम अवशोषण को कौन सी चीजें सबसे ज्यादा प्रभावित करती हैं? सॉफ्ट ड्रिंक्स, ज्यादा चाय-कॉफी, अधिक नमक, रेड मीट, मीठे उत्पाद, शराब, तली-भुनी चीजें और ऑक्सलेट युक्त खाद्य पदार्थ कैल्शियम अवशोषण को रोकते हैं। 2. पालक सेहत के लिए अच्छा होने के बावजूद कैल्शियम रोकने का कारण क्यों बनता है? पालक में ऑक्सलेट नाम का यौगिक होता है, जो कैल्शियम से जुड़कर ऐसा कंपाउंड बनाता है जिसे शरीर सोख नहीं पाता। 3. हड्डियों को मजबूत रखने के लिए रोजाना धूप में कितनी देर बैठना चाहिए? विटामिन D3 के निर्माण के लिए रोजाना 15 से 20 मिनट धूप में बैठना जरूरी माना गया है। 4. कैल्शियम की पूर्ति के लिए कौन से खाद्य पदार्थ फायदेमंद हैं? दूध, दही, पनीर, तिल, रागी और हरी पत्तेदार सब्जियां कैल्शियम के बेहतरीन स्रोत हैं। https://trendkia.com/health/haddiyon-ko-andara-se-khokhala-bana-sakati-hain-rojana-khai-jane-vali-ye-8-chijen-janie-bachava-ke-tarike-18771 TrendKia — Har trend, sabse pehle.