# हार्ट के मरीजों को भूलकर भी नजरअंदाज नहीं करनी चाहिए दांतों की समस्या, डॉक्टर ने बताई बड़ी वजह

> हार्ट के मरीजों के लिए ओरल हाइजीन का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। डेंटिस्ट डॉ. मोईन खान के अनुसार, मसूड़ों की अनदेखी दिल की सेहत पर भारी पड़ सकती है।

**Type:** article · **Category:** स्वास्थ्य · **Published:** 2026-08-31 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/health/harta-ke-marijon-ko-bhulakara-bhi-najaraandaja-nahin-karani-chahie-danton-ki-samasya-doktara-ne-batai-bari-vajaha-25092 · **Language:** Hindi
**Tags:** ओरल हाइजीन, हार्ट पेशेंट हेल्थ, मसूड़ों की बीमारी, डेंटल चेकअप, डॉ मोईन खान, हार्ट हेल्थ टिप्स

दिल की बीमारियों से पीड़ित लोगों को अपनी शारीरिक सेहत के साथ-साथ मौखिक स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। हालांकि, कई बार मरीज मसूड़ों और दांतों की तकलीफों को मामूली मानकर छोड़ देते हैं, जो आगे चलकर बड़ी मुसीबत बन सकती है। शोध और विशेषज्ञों के मुताबिक, मुंह की खराब सेहत का सीधा ताल्लुक दिल से जुड़ी बीमारियों के खतरे को बढ़ाने से होता है। इसी वजह से कार्डियोवैस्कुलर समस्याओं का सामना कर रहे मरीजों के लिए समय-समय पर दंत चिकित्सक से मिलना और डेंटल चेकअप कराना बेहद आवश्यक माना गया है। डेंटिस्ट डॉ. मोईन खान ने दिल के मरीजों को नियमित रूप से अपने दांतों की जांच करवाने की सलाह दी है।

## कोरोनरी आर्टरी डिजीज और मसूड़ों की बीमारी का कनेक्शन
डॉ. मोईन खान ने स्पष्ट किया है कि कोरोनरी आर्टरी डिजीज और अन्य गंभीर हृदय विकारों से ग्रस्त लोगों में पेरियोडोंटाइटिस जैसी मसूड़ों की समस्याएं अधिक मात्रा में पाई जा सकती हैं। जिन व्यक्तियों की दिल से जुड़ी दवाइयां चल रही हैं, जिनकी ओपन हार्ट सर्जरी हो चुकी है या जिनकी एंजियोप्लास्टी की जा चुकी है, उन्हें भी समय-समय पर अपने दांतों और मसूड़ों का मुआयना करवाते रहना चाहिए। मसूड़ों के संक्रमण को लंबे समय तक अनसुना करना शरीर में सूजन के जोखिम को बढ़ा सकता है, जिसका असर दिल की सेहत पर भी पड़ सकता है।

## मसूड़ों की अनदेखी से बढ़ सकती है परेशानी
डॉ. मोईन खान के अनुसार, यदि मुंह के भीतर पेरियोडोंटाइटिस या जिंजिवाइटिस जैसी कोई दिक्कत पैदा हो जाए, तो तुरंत किसी योग्य डेंटिस्ट की सलाह से उसका उपचार शुरू करवा देना चाहिए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सफाई, स्केलिंग और रूट प्लेनिंग जैसी चिकित्सकीय प्रक्रियाएं अपनाई जाती हैं। मसूड़ों के रोगों को लंबे समय तक टालना भारी पड़ सकता है क्योंकि इससे शरीर के भीतर सूजन से जुड़े खतरे बढ़ सकते हैं। इसलिए समय रहते इनकी पहचान और इलाज बहुत जरूरी है।

## ब्रश करते वक्त खून आने पर बिल्कुल न करें कोताही
डॉ. मोईन खान ने चेताया है कि मसूड़ों से जुड़े शुरुआती लक्षणों को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। यदि सुबह ब्रश करते वक्त मसूड़ों से ब्लीडिंग होती है, सोकर उठने के बाद थूकने पर खून या मटमैला पदार्थ नजर आता है या बार-बार ऐसी समस्या होती है, तो बिना देर किए डेंटिस्ट से संपर्क करना चाहिए। कई लोग मसूड़ों से खून आने की बात को आम मानकर डॉक्टर के पास जाने से बचते हैं, लेकिन यह लापरवाही भविष्य में भारी जोखिम पैदा कर सकती है। यदि शुरुआत में ही इस बात का पता चल जाए, तो समय रहते उचित उपचार से स्थिति को संभाला जा सकता है।

## दिनचर्या में अपनाएं सही आदतें और लें डॉक्टर की सलाह
डॉ. मोईन खान ने सभी को रोजाना दिन में दो बार ब्रश करने और मुंह की उचित साफ-सफाई बनाए रखने की सलाह दी है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से माउथवॉश का उपयोग भी किया जा सकता है। विशेष तौर पर दिल के मरीजों को दांतों में कोई भी तकलीफ होने पर अपनी मर्जी से कोई भी दवा खाने के बजाय हमेशा डेंटिस्ट से ही परामर्श करना चाहिए। छोटी-सी अनदेखी भी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। इसलिए कार्डियक पेशेंट्स को अपने दिल के साथ-साथ दांतों और मसूड़ों की सेहत का भी पूरा ख्याल रखना चाहिए ताकि भविष्य के खतरों को टाला जा सके।

## इसका आप पर असर
ओरल हेल्थ और दिल की सेहत का सीधा संबंध होने के कारण हार्ट के मरीजों को अपनी दिनचर्या में कुछ अहम बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

- **भारत में:** देश भर में दिल की बीमारियों से जूझ रहे लाखों मरीजों को अपनी सामान्य कार्डियक दवाओं के साथ-साथ ओरल हाइजीन पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि संक्रमण और सूजन के जोखिम को कम किया जा सके।
- **दैनिक जीवन में:** यदि आपको ब्रश करते समय मसूड़ों से खून आने जैसी कोई भी शिकायत दिखे, तो इसे टालने के बजाय तुरंत किसी योग्य डेंटिस्ट से संपर्क करें और डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी दवा न लें।

## सवाल-जवाब

### 1. हार्ट के मरीजों के लिए ओरल हाइजीन क्यों जरूरी है?
खराब ओरल हेल्थ का संबंध हृदय रोगों के बढ़ते जोखिम से होता है, इसलिए दिल के मरीजों को मुंह की सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

### 2. मसूड़ों की समस्याओं से कौन सी बीमारी जुड़ी हो सकती है?
कोरोनरी आर्टरी डिजीज और अन्य कार्डियोवैस्कुलर समस्याओं से पीड़ित मरीजों में पेरियोडोंटाइटिस की समस्या ज्यादा देखने को मिल सकती है।

### 3. किन लोगों को समय-समय पर डेंटल चेकअप कराना चाहिए?
जिन मरीजों की हार्ट की दवाइयां चल रही हैं, जिनकी ओपन हार्ट सर्जरी हो चुकी है या जिनकी एंजियोप्लास्टी हुई है, उन्हें जांच करानी चाहिए।

### 4. मसूड़ों से खून आने पर क्या करना चाहिए?
ब्रश करते समय या सुबह थूकने पर खून आने की समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत डेंटिस्ट से संपर्क करना चाहिए।

### 5. दांतों की सुरक्षा के लिए दिन में कितनी बार ब्रश करना चाहिए?
विशेषज्ञों के अनुसार लोगों को दिन में दो बार ब्रश करना चाहिए और नियमित रूप से मुंह की साफ-सफाई रखनी चाहिए।

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