# हाथ ही नहीं टखने के ब्लड प्रेशर से भी हो सकती है ब्लॉकेज की पहचान, जानें घर पर जांच का पूरा गणित

> घरेलू बीपी मॉनिटर की मदद से टखने और हाथ के रक्तचाप की तुलना करके धमनियों में रुकावट का शुरुआती संकेत समझा जा सकता है। टखने के ऊपरी सिस्टोलिक प्रेशर को हाथ के उच्चतम सिस्टोलिक प्रेशर से विभाजित कर ब्लॉकेज के जोखिम का आकलन किया जाता है।

**Type:** article · **Category:** स्वास्थ्य · **Published:** 2026-10-05 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/health/hatha-hi-nahin-ankle-ke-blood-pressure-se-bhi-ho-sakati-hai-blockage-ki-pahachana-janen-ghara-para-jancha-ka-pura-ganita-42996 · **Language:** Hindi
**Tags:** ब्लड प्रेशर, धमनी ब्लॉकेज, हार्ट हेल्थ, बीपी जांच, कार्डियोवैस्कुलर स्वास्थ्य, घरेलू स्वास्थ्य जांच

आमतौर पर अधिकांश लोग ब्लड प्रेशर की जांच के लिए केवल हाथ पर ही कफ बांधने के आदी होते हैं। क्लीनिक हो या अस्पताल, उच्च या निम्न रक्तचाप का स्तर देखने के लिए हाथ का ही सहारा लिया जाता है। हालांकि शरीर की संवहनी प्रणाली यानी रक्त वाहिकाओं में किसी रुकावट की प्राथमिक पड़ताल करने के लिए पैरों के रक्तचाप का आकलन भी किया जाता है। घर में मौजूद सामान्य डिजिटल या मैनुअल बीपी मशीन के जरिए टखने के हिस्से का रक्तचाप मापकर यह जाना जा सकता है कि कहीं धमनियों में रुकावट तो पैदा नहीं हो रही है। इस जांच की गणना के लिए पैर के टखने के ऊपरी ब्लड प्रेशर को दोनों हाथों में से जिस हाथ का ऊपरी ब्लड प्रेशर अधिक आया हो, उससे भाग दिया जाता है।

## घरेलू उपकरण से पैर का रक्तचाप मापने की सही विधि
घर में मौजूद सामान्य ब्लड प्रेशर मशीन से ही यह परीक्षण पूरा किया जा सकता है। सबसे पहले आरामदायक स्थिति में बैठकर दोनों हाथों का ब्लड प्रेशर बारी-बारी से जांचें। मशीन के स्क्रीन पर दिखाई देने वाली रीडिंग को अच्छी तरह नोट कर लें और लिखकर सुरक्षित रख लें। दोनों हाथों की कम से कम दो रीडिंग दर्ज करना बेहतर रहता है ताकि सटीक माप मिल सके। इसके बाद उसी कफ को टखने यानी एंकल के ठीक ऊपर वाले हिस्से पर लपेटें। कफ सही तरीके से बंध जाने पर मशीन चालू करें और पैर की रीडिंग भी दर्ज कर लें। इस पूरी प्रक्रिया में हाथ और पैर दोनों के रक्तचाप के आंकड़े सुरक्षित रखना आवश्यक होता है।

> 

## हाथ और पैर के दबाव से रुकावट का गणितीय आकलन
शरीर में रक्त वाहिकाओं की रुकावट परखने के लिए केवल ऊपरी रीडिंग यानी सिस्टोलिक प्रेशर का ही उपयोग किया जाता है। इस पूरी गणना में नीचे वाली रीडिंग यानी डायस्टोलिक प्रेशर का कोई उपयोग नहीं होता है। इसके बाद पैर के ऊपरी रक्तचाप को हाथ के उच्चतम ऊपरी रक्तचाप से विभाजित किया जाता है।

- **सामान्य दायरा:** जब यह विभाजन अनुपात 1.0 से 1.3 के बीच आता है, तो इसे बिल्कुल सामान्य स्तर माना जाता है।
- **सख्त धमनियों का संकेत:** यदि यह गणना 1.4 से अधिक दर्ज की जाती है, तो धमनियों के सख्त होने अथवा उनके कैल्सीफाइड होने का अंदेशा बढ़ जाता है।
- **ब्लॉकेज की आशंका:** यदि प्राप्त अनुपात 0.9 से कम आता है, तो शरीर या दिल की धमनियों में कहीं न कहीं रुकावट मौजूद होने की प्रबल संभावना बन जाती है।

## पैर में दबाव कम आने के चिकित्सकीय मायने
जब कभी पैर का ब्लड प्रेशर हाथ के रक्तचाप की तुलना में काफी कम निकलकर सामने आता है, तो यह धमनियों में रुकावट का एक साफ संदेश हो सकता है। यह परीक्षण केवल एक नेगेटिव रूल आउट टेस्ट के रूप में कार्य करता है। इसका अर्थ यह है कि यदि टेस्ट का परिणाम सामान्य दायरे में आ भी जाए, तो यह पूरी तरह से रुकावट की संभावना को खारिज नहीं करता है। हालांकि, यदि अनुपात तय मानक से कम आता है, तो यह सीधे तौर पर संवहनी रुकावट की ओर इशारा करता है। ऐसी स्थिति सामने आने पर इसे बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और विशेषज्ञ चिकित्सक से संपर्क कर गहन चिकित्सीय परीक्षण कराना चाहिए।

## इसका आप पर असर
घर पर पैर और हाथ के रक्तचाप की तुलना करने से रक्त प्रवाह में संभावित रुकावट का शुरुआती संकेत आसानी से मिल सकता है।

- **नियमित निगरानी:** जो लोग घर पर बीपी नापते हैं वे अब अपने पैरों का दबाव भी रिकॉर्ड कर सकते हैं। इससे संवहनी समस्याओं के शुरुआती लक्षण समय रहते सामने आ सकते हैं।
- **जांच की सीमाएं:** सामान्य अनुपात आने पर भी दिल या नसों की बीमारी पूरी तरह खारिज नहीं होती। यदि लक्षण बने रहें तो केवल इस घरेलू परीक्षण पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से मिलना जरूरी है।
- **कम रीडिंग पर कदम:** यदि टखने और हाथ का अनुपात 0.9 से नीचे आता है तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। समय पर पेशेवर जांच कराने से गंभीर कार्डियोवैस्कुलर जोखिमों से बचाव संभव है।
- **सटीक रीडिंग का ध्यान:** टखने पर कफ बांधते समय सही स्थिति बनाए रखना अनिवार्य है। गलत तरीके से कफ बांधने पर रीडिंग बिगड़ सकती है जिससे भ्रामक परिणाम आ सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
यह जांच शरीर की दूरस्थ धमनियों में रक्त प्रवाह के अवरोध और लचीलेपन को परखने के लिए की जाती है।

- **रक्त प्रवाह में रुकावट:** जब पैरों की धमनियों में संकुचन या प्लाक जमा होता है, तो निचले अंगों तक रक्त पहुंचने का दबाव कम हो जाता है। इसके चलते टखने पर मापा गया सिस्टोलिक दबाव हाथ के मुकाबले काफी गिर जाता है।
- **धमनियों का कैल्सीफिकेशन:** जब धमनियां अत्यधिक सख्त या कैल्सीफाइड हो जाती हैं, तो कफ का दबाव उन्हें आसानी से दबा नहीं पाता। इस स्थिति में उपकरण पर असामान्य रूप से 1.4 से अधिक का अनुपात दर्ज होता है।
- **अंगों के बीच दबाव का अंतर:** सामान्य स्थिति में पैरों का दबाव हाथ के बराबर या थोड़ा अधिक रहता है। इसमें असंतुलन आना इस बात का प्रमाण बनता है कि मुख्य संवहनी नसों में रुकावट की संभावना है।

## सवाल-जवाब

### 1. क्या घर पर सामान्य बीपी मशीन से पैर का ब्लड प्रेशर नापा जा सकता है?
हाँ, सामान्य घरेलू बीपी मशीन के कफ को टखने के ठीक ऊपर बांधकर पैर का ब्लड प्रेशर आसानी से नापा जा सकता है।

### 2. ब्लॉकेज जांचने के लिए किस रीडिंग का उपयोग किया जाता है?
इस परीक्षण के लिए केवल ऊपर वाली सिस्टोलिक रीडिंग का उपयोग होता है, नीचे वाली डायस्टोलिक रीडिंग की इसमें कोई भूमिका नहीं होती।

### 3. टखने और हाथ के ब्लड प्रेशर का सामान्य अनुपात क्या होना चाहिए?
पैर की रीडिंग को हाथ की रीडिंग से विभाजित करने पर 1.0 से 1.3 के बीच का मान सामान्य माना जाता है।

### 4. यदि अनुपात 0.9 से कम आए तो इसका क्या मतलब होता है?
यदि अनुपात 0.9 से कम आता है तो यह शरीर या दिल की धमनियों में रुकावट होने की प्रबल संभावना को दर्शाता है।

### 5. अनुपात 1.4 से अधिक आने पर क्या जोखिम रहता है?
1.4 से अधिक अनुपात आना धमनियों के अत्यधिक सख्त या कैल्सीफाइड होने का संकेत देता है।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._