# ग्लूटेन को लेकर फैली है ये बड़ी गलतफहमी, डाइट से हटाने से पहले डॉक्टर की ये बात जान लें

> ग्लूटेन-फ्री डाइट आजकल काफी ट्रेंड में है, लेकिन हर किसी के लिए इसे छोड़ना जरूरी नहीं है। बिना किसी मेडिकल समस्या के इसे डाइट से हटाने से कोई खास फायदा नहीं मिलता है।

**Type:** article · **Category:** स्वास्थ्य · **Published:** 2026-09-06 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/health/is-gluten-really-your-enemy-know-the-facts-before-quitting-it-28423 · **Language:** Hindi
**Tags:** ग्लूटेन डाइट, सीलिएक डिजीज, सेहत और खानपान, स्वास्थ्य टिप्स, पेट की समस्याएं, ग्लूटेन फ्री फूड

ऋषिकेश में आजकल खानपान और सेहत को लेकर चर्चाओं में ग्लूटेन का नाम बहुत सुनाई देता है। कई लोग इसे सेहत के लिए हानिकारक मानकर अपनी थाली से पूरी तरह बाहर कर देते हैं, जबकि कुछ लोग ग्लूटेन-फ्री खानपान को वजन कम करने और तंदुरुस्त रहने का अचूक नुस्खा मानते हैं। हालांकि, असलियत इसके मुकाबले काफी अलग और पेचीदा है।

## ग्लूटेन क्या है और यह कहां पाया जाता है?
विशेषज्ञ डॉ. राजकुमार (आयुष) ने बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि ग्लूटेन एक प्रकार का प्रोटीन है। यह मुख्य रूप से गेहूं, जौ और राई जैसे अनाजों के अंदर पाया जाता है। यही विशेष प्रोटीन आटे में लोच पैदा करता है और रोटी या ब्रेड को उसका मु मुक्ता और लचीलापन देता है। यही वजह है कि हमारी रोजमर्रा की कई खाने की चीजों में यह प्राकृतिक रूप से मौजूद होता है। रोटी, ब्रेड, बिस्कुट, पास्ता, नूडल्स और तमाम बेकरी उत्पाद इसके सबसे आम उदाहरण हैं। अगर किसी इंसान को ग्लूटेन से किसी प्रकार की शारीरिक दिक्कत नहीं है, तो सिर्फ उसमें ग्लूटेन होने की वजह से इन चीजों को खराब या अस्वास्थ्यकर मान लेना बिल्कुल गलत है।

## किसे होती है ग्लूटेन से परेशानी?
ग्लूटेन से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएं हर इंसान को प्रभावित नहीं करती हैं। कुछ चुनिंदा लोगों में सीलिएक डिजीज नाम की स्थिति होती है, जिसमें ग्लूटेन खाने पर शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली यानी इम्यून सिस्टम छोटी आंत को नुकसान पहुंचाने लगता है। इसके अलावा, कुछ लोगों को नॉन-सीलिएक ग्लूटेन सेंसिटिविटी भी हो सकती है। ऐसे व्यक्तियों को ग्लूटेनयुक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करने के बाद पेट से जुड़ी कई तरह की असहजताएं महसूस हो सकती हैं।

## क्या होते हैं इसके लक्षण?
जब किसी को ग्लूटेन से तकलीफ होती है, तो हर मरीज में एक जैसे संकेत दिखाई दें, यह जरूरी नहीं है। कुछ लोगों को भोजन करने के तुरंत बाद पेट फूलने की समस्या होने लगती है, अत्यधिक गैस बनती है या तेज पेट दर्द उठ सकता है। वहीं, कुछ अन्य लोगों को दस्त की शिकायत हो सकती है, जबकि कुछ लोगों को पूरे दिन लगातार थकान या कमजोरी का अहसास बना रहता है।

## सिर्फ ट्रेंड देखकर ग्लूटेन छोड़ना समझदारी नहीं
वर्तमान समय में सोशल मीडिया पर ग्लूटेन-फ्री डाइट को लेकर तमाम तरह की बातें धड़ल्ले से चल रही हैं। कई बार लोग यह मान बैठते हैं कि ग्लूटेन छोड़ देने भर से वजन अपने शरीर से खुद-ब-खुद कम होने लगेगा या शरीर अधिक ऊर्जावान हो जाएगा। लेकिन वास्तविकता इसके विपरीत है। यदि किसी व्यक्ति को ग्लूटेन से जुड़ी कोई चिकित्सकीय समस्या नहीं है, तो केवल इंटरनेट या समाज के ट्रेंड को देखकर इसे अपनी डाइट से बाहर करने का कोई विशेष लाभ हासिल नहीं होता है।

## पैकेज्ड ग्लूटेन-फ्री उत्पादों का सच
इसके अलावा, ग्लूटेन वाली सामान्य चीजें छोड़ने के बाद अगर उनकी जगह ज्यादा मात्रा में प्रोसेस्ड ग्लूटेन-फ्री बिस्कुट, ब्रेड या अन्य स्नैक्स खाए जाने लगें, तो इससे खानपान अपने आप स्वास्थ्यवर्धक नहीं हो जाता। बाजार में मिलने वाले कई ग्लूटेन-फ्री पैकेज्ड उत्पादों में उनका स्वाद और रूप-रंग बनाए रखने के लिए अत्यधिक मात्रा में चीनी, वसा या अन्य घटक मिलाए जाते हैं। इसलिए केवल पैकेट के ऊपर ग्लूटेन-फ्री लिखा देख लेने मात्र से किसी भी खाद्य वस्तु को सेहतमंद मान लेना उचित कदम नहीं है।

## लक्षण दिखने पर खुद न लें फैसला
यदि आपको नियमित रूप से रोटी, ब्रेड, पास्ता या अन्य ग्लूटेनयुक्त आहार लेने के बाद पेट फूलने, गैस बनने, पेट में दर्द होने, दस्त लगने या बिना किसी कारण अत्यधिक थकान जैसी दिक्कतें महसूस होती हैं, तो सबसे पहले अपने डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए। अपनी मर्जी से अचानक और पूरी तरह से ग्लूटेन का सेवन बंद कर देना सही फैसला नहीं साबित होता है। विशेष रूप से यदि किसी को सीलिएक डिजीज की मेडिकल जांच करवानी है, तो जांच प्रक्रिया पूरी होने से पहले ग्लूटेन-फ्री डाइट अपना लेने से परीक्षण के परिणामों पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है।

## इसका आप पर असर
ग्लूटेन छोड़ने का फैसला बिना डॉक्टर की सलाह के लेने से शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो सकती है और पैकेज्ड ग्लूटेन-फ्री उत्पादों पर ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है।

- **भारत में:** आम उपभोक्ताओं के बीच सोशल मीडिया के ट्रेंड को देखकर महंगे ग्लूटेन-फ्री स्नैक्स खरीदने का चलन बढ़ रहा है, जिससे घरेलू बजट पर अनावश्यक बोझ पड़ता है।
- **ऋषिकेश में:** स्थानीय स्तर पर लोग बिना किसी चिकित्सीय परामर्श के अपनी पारंपरिक डाइट में बदलाव कर रहे हैं, जिससे पाचन संबंधी समस्याओं का सही निदान नहीं हो पाता है।

## सवाल-जवाब

### 1. ग्लूटेन मुख्य रूप से किन अनाजों में पाया जाता है?
ग्लूटेन मुख्य रूप से गेहूं, जौ और राई जैसे अनाजों में पाया जाता है।

### 2. क्या हर किसी को ग्लूटेन से परेशानी होती है?
नहीं, ग्लूटेन से जुड़ी समस्या हर व्यक्ति को नहीं होती है, यह केवल कुछ खास चिकित्सीय स्थितियों वाले लोगों को प्रभावित करती है।

### 3. सीलिएक डिजीज क्या है?
सीलिएक डिजीज एक ऐसी स्थिति है जिसमें ग्लूटेन खाने पर शरीर का इम्यून सिस्टम छोटी आंत को नुकसान पहुंचाने लगता है।

### 4. ग्लूटेन खाने पर क्या आम लक्षण दिखाई देते हैं?
ग्लूटेन से परेशानी होने पर पेट फूलना, गैस बनना, पेट दर्द, दस्त या लगातार थकान जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं।

### 5. क्या पैकेटबंद ग्लूटेन-फ्री चीजें हमेशा हेल्दी होती हैं?
नहीं, कई ग्लूटेन-फ्री पैकेज्ड प्रोडक्ट्स में स्वाद बनाए रखने के लिए ज्यादा शुगर और फैट मिलाया जाता है।

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