जोड़ों और घुटने की तकलीफ से हैं परेशान, तो इन आसान घरेलू उपायों से पाएं राहत बढ़ती उम्र, पोषक तत्वों की कमी और तनाव के कारण घुटनों में दर्द की समस्या आम हो जाती है। आयुर्वेदिक डॉक्टर के बताए तेल मालिश, हल्दी दूध और मेथी जैसे आसान नुस्खों से सूजन और जकड़न से राहत मिल सकती है। बढ़ती उम्र के साथ जोड़ों और घुटनों में तकलीफ होना एक बेहद आम समस्या बन जाती है, जिससे दैनिक कामकाज और चलना-फिरना तक मुश्किल हो जाता है। कई बार लोग महंगे इलाज या अस्पताल के भारी खर्च के डर से समय पर उपचार नहीं करा पाते और लगातार दर्द सहते रहते हैं। राजकीय आयुर्वेदिक यूनानी के चिकित्सक मोहम्मद इमरान के अनुसार, जीवनशैली की कुछ गड़बड़ियों को सुधारकर और घर में मौजूद साधारण देसी उपचारों की मदद से बिना अतिरिक्त खर्च किए इस दर्द और सूजन से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है। घुटनों में दर्द होने की मुख्य वजहें चिकित्सक मोहम्मद इमरान का कहना है कि घुटनों में दर्द होने के पीछे चार से पांच मुख्य कारक जिम्मेदार होते हैं। इनमें अत्यधिक मानसिक तनाव में रहना, बहुत अधिक ठंडी तासीर वाली चीजों का सेवन करना और अत्यधिक सूखा भोजन खाना प्रमुख हैं। इस तरह के खानपान और तनाव की वजह से जोड़ों के भीतर प्राकृतिक लुब्रिकेशन यानी चिकनाई कम हो जाती है। जब जोड़ों में चिकनाहट घटती है, तो हड्डियों के आपसी घर्षण से तेज दर्द शुरू हो जाता है। इसके अलावा शरीर में आवश्यक पोषक तत्वों, विटामिन्स और प्रोटीन की कमी भी जोड़ों की कमजोरी का बड़ा कारण बनती है। बढ़ती उम्र के साथ-साथ शरीर का अधिक वजन भी घुटनों पर अत्यधिक दबाव डालता है, जिससे जोड़ों के कार्टिलेज पर जोर पड़ता है। जब घुटनों की तकलीफ बढ़ जाती है, तो इंसान के लिए सामान्य रूप से चलना-फिरना तक दूभर हो जाता है, जो जीवन की गुणवत्ता को सबसे अधिक प्रभावित करता है। मालिश और गर्म पानी की सेकाई से पाएं आराम यदि कोई व्यक्ति घुटनों की इस परेशानी से जूझ रहा है, तो रसोई में आसानी से मिलने वाली चीजों से उपचार शुरू किया जा सकता है। घर में सबसे कारगर और सुलभ उपाय सरसों का तेल है। सरसों के तेल को हल्का गुनगुना करके घुटनों पर नियमित मालिश करने से मांसपेशियों का खिंचाव कम होता है और दर्द में तेजी से आराम मिलता है। इसके साथ ही रेडी यानी अरंडी के तेल का उपयोग भी बेहद फायदेमंद माना गया है, क्योंकि यह जोड़ों के लचीलेपन को बढ़ाने में मदद करता है। अगर घुटने में दर्द बहुत ज्यादा हो, तो गर्म पानी से सेकाई करना एक असरदार तरीका है। घर में रखे गर्म पानी के वाटर बैग का इस्तेमाल करके घुटनों की सिकाई की जा सकती है, जिससे दर्द कम होने के साथ-साथ वहां आई सूजन भी धीरे-धीरे समाप्त हो जाती है। दर्द और सूजन को दूर करने वाले खानपान के उपाय खानपान में कुछ खास बदलाव करके भी जोड़ों के दर्द पर काबू पाया जा सकता है। रात को गर्म दूध में हल्की सी हल्दी मिलाकर पीना घुटने के दर्द से राहत दिलाने में मददगार साबित होता है। इसके अलावा रात के समय एक चम्मच मेथी दाना पानी में भिगोकर रख दें और सुबह उठकर इसे चबाकर खाएं, इससे जोड़ों के दर्द में बड़ा सुधार देखने को मिलता है। अदरक की चाय का नियमित सेवन भी घुटनों की तकलीफ को कम करने में उपयोगी रहता है। यदि घुटनों में असहनीय दर्द, भारी सूजन और जकड़न महसूस हो रही हो, तो सरसों के तेल का गाढ़ा लेप अथवा पेस्ट तैयार करके घुटने के चारों तरफ लगाकर छोड़ देने से भी सूजन, दर्द और जकड़न की समस्या में उल्लेखनीय फायदा मिलता है। परहेज और जरूरी सावधानियां घुटनों या किसी भी जोड़ के दर्द से पीड़ित लोगों को अपने भोजन के प्रति विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। जोड़ों के दर्द के दौरान बासी खाना खाने से पूरी तरह बचना चाहिए, क्योंकि यह वात दोष को बढ़ा सकता है। साथ ही बहुत ठंडे खाद्य और पेय पदार्थों का सेवन भी बिल्कुल नहीं करना चाहिए, अन्यथा जोड़ों की परेशानी और ज्यादा गंभीर रूप ले सकती है। हालांकि इन घरेलू उपायों को आजमाने से पहले अपनी स्थिति के अनुसार किसी योग्य चिकित्सक से एक बार परामर्श अवश्य कर लेना चाहिए। इसका आप पर असर यह जानकारी जोड़ों और घुटनों के दर्द से परेशान पाठकों को बिना अस्पताल के भारी खर्च के घरेलू स्तर पर राहत पाने में मदद करती है। • दैनिक गतिशीलता में सुधार: तेल की मालिश और सेकाई करने से घुटनों की जकड़न कम होती है। इससे बुजुर्गों और वयस्कों के लिए रोजमर्रा का चलना-फिरना आसान हो जाता है। • आर्थिक बचत: रसोई में मौजूद साधारण चीजों जैसे मेथी, सरसों के तेल और हल्दी का इस्तेमाल करके उपचार किया जा सकता है। इससे शुरुआती चरण में अनावश्यक दवाओं और महंगे क्लिनिक दौरों का खर्च बचता है। • खानपान में सुधार: बासी और ठंडे खाद्य पदार्थों को छोड़कर ताजा गर्म भोजन अपनाने की सलाह दी गई है। यह बदलाव पाचन तंत्र सुधारने के साथ जोड़ों के दर्द को दोबारा बढ़ने से रोकता है। • सूजन से प्राकृतिक राहत: गर्म पानी के बैग की सेकाई और अदरक की चाय बिना दर्द निवारक गोलियों के सूजन को नियंत्रित करने में सहायक है। इससे पेनकिलर दवाओं के दुष्प्रभावों से बचा जा सकता है। ऐसा क्यों हुआ घुटनों में दर्द और जकड़न मुख्य रूप से जोड़ों के भीतर प्राकृतिक चिकनाहट समाप्त होने और जीवनशैली की कुछ आदतों के कारण होती है। गलत खानपान और पोषण की कमी इस स्थिति को और गंभीर बना देती है। • लुब्रिकेशन में कमी: अत्यधिक मानसिक तनाव और ठंडी व सूखी चीजों का अधिक सेवन करने से जोड़ों की प्राकृतिक चिकनाई कम हो जाती है। चिकनाहट घटने से हड्डियां आपस में रगड़ खाने लगती हैं और दर्द पैदा होता है। • पोषक तत्वों और प्रोटीन का अभाव: शरीर में विटामिन्स, आवश्यक पोषक तत्वों और प्रोटीन की कमी से मांसपेशियां और जोड़ कमजोर पड़ जाते हैं। पोषण की यह कमी कार्टिलेज को समय से पहले घिसने की ओर ले जाती है। • अत्यधिक शारीरिक भार और उम्र: बढ़ती उम्र के साथ शरीर का अतिरिक्त वजन घुटनों पर असामान्य दबाव डालता है। निरंतर भार पड़ने से जोड़ों की संरचना प्रभावित होती है और व्यक्ति का चलना-फिरना सीमित हो जाता है। सवाल-जवाब 1. घुटनों में दर्द होने के मुख्य कारण क्या हैं? अधिक तनाव, ठंडी व सूखी चीजों का सेवन, विटामिन्स और प्रोटीन की कमी, बढ़ती उम्र और अधिक वजन इसके मुख्य कारण हैं। 2. घुटने के दर्द से राहत पाने के लिए कौन सा तेल मालिश में उपयोग करना चाहिए? हल्का गर्म सरसों का तेल दर्द कम करने के लिए और अरंडी यानी रेडी का तेल घुटने का लचीलापन बढ़ाने के लिए उपयोगी है। 3. घुटने की सूजन और जकड़न कम करने के लिए क्या करें? गर्म पानी के वाटर बैग से सेकाई करें या सरसों के तेल का पेस्ट बनाकर घुटने के चारों तरफ लेप लगाएं। 4. घुटनों के दर्द में कौन से खाद्य पदार्थों का सेवन करना फायदेमंद है? हल्की हल्दी वाला गर्म दूध, रात में भिगोई हुई मेथी का सुबह सेवन और अदरक की चाय पीना अत्यंत लाभकारी है। 5. जोड़ों के दर्द से पीड़ित लोगों को किन चीजों से परहेज करना चाहिए? बासी खाना खाने और बहुत ठंडी तासीर वाली चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे दर्द बढ़ सकता है। https://trendkia.com/health/joron-aura-ghutane-ki-takalipha-se-hain-pareshana-to-ina-asana-gharelu-upayon-se-paen-rahata-38590 TrendKia — Har trend, sabse pehle.