# कम उम्र में बाल क्यों होने लगते हैं सफेद? रुजुता दिवेकर ने बताई वजह और सेहत सुधारने के उपाय

> कम उम्र में बाल सफेद होने के पीछे जेनेटिक्स, पोषक तत्वों की कमी और खराब लाइफस्टाइल जैसे कई कारण जिम्मेदार होते हैं। सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर ने बालों की सेहत को बेहतर बनाए रखने के लिए कुछ खास टिप्स साझा किए हैं।

**Type:** article · **Category:** स्वास्थ्य · **Published:** 2026-10-20 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/health/kam-umar-mein-baal-kyon-hone-lagte-hain-safed-rujuta-diwekar-ne-batai-vajah-49880 · **Language:** Hindi
**Tags:** बालों की देखभाल, सफेद बाल, रुजुता दिवेकर, हेल्थ टिप्स, पोषण

आज के समय में कम उम्र में ही बाल सफेद होना एक आम समस्या बनती जा रही है। लोगों के मन में अक्सर यह सवाल आता है कि आखिर समय से पहले बाल क्यों सफेद होने लगते हैं और इन्हें फिर से स्वस्थ कैसे रखा जाए। जानी-मानी सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर ने बालों की सेहत से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला है।

 

## बालों के सफेद होने की मुख्य वजहें
 विशेषज्ञों के अनुसार, बालों का सफेद होना वैसे तो एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, लेकिन जब यह समय से पहले होने लगे तो इसके पीछे आनुवंशिक यानी जेनेटिक्स कारक एक बड़ी भूमिका निभाते हैं। इसके साथ ही शरीर में मेलेनिन की कमी होना भी एक प्रमुख कारण है। यह कमी अक्सर तब पैदा होती है जब लोग बहुत अधिक सख्त या कठोर डाइट प्लान अपना लेते हैं, जिसके फलस्वरूप शरीर में जिंक, विटामिन बी 12 और आयरन जैसे जरूरी पोषक तत्वों की भारी कमी हो जाती है। इसके अलावा पर्याप्त नींद न लेना, स्मोकिंग करना, शराब पीना और इन सब आदतों के कारण पैदा होने वाला ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस भी बालों को समय से पहले सफेद करने में पूरी तरह योगदान देता है।

 

## बालों को स्वस्थ और मजबूत रखने के असरदार उपाय
  - **दालों को भोजन में दें जगह:** रुजुता दिवेकर के अनुसार, अपने रोजाना के खानपान में अलग-अलग किस्म की दालों को शामिल करना बेहद फायदेमंद होता है। दालें प्रोटीन, आयरन और दूसरे आवश्यक पोषक तत्वों का एक बेहतरीन खजाना हैं, जो बालों की सेहत को बेहतर बनाए रखने में बहुत मदद करती हैं। इसलिए रोज एक ही दाल खाने के बजाय अपनी थाली में मूंग, मसूर, अरहर और उड़द जैसी विभिन्न दालों को जगह दें।
 - **सिर की नियमित तेल मालिश:** बालों की सही देखभाल के लिए समय-समय पर तेल लगाना भी काफी लाभकारी साबित हो सकता है। स्कैल्प की हल्के हाथों से मालिश करने से काफी सुकून मिलता है और बालों की देखरेख करना आसान हो जाता है। आप अपनी आवश्यकता और बालों की प्रकृति के हिसाब से नारियल तेल या तिल के तेल का उपयोग कर सकती हैं। हालांकि, यह बात भी ध्यान रखनी चाहिए कि सिर्फ तेल लगाने मात्र से बालों का सफेद होना पूरी तरह रुकने की कोई पक्की गारंटी नहीं होती है।
 - **केमिकल और हीट टूल्स से दूरी:** अपने बालों को हमेशा स्वस्थ और मजबूत बनाए रखने के लिए बार-बार होने वाले केमिकल ट्रीटमेंट, हेयर स्ट्रेटनिंग, कर्लिंग और तेज गर्मी पैदा करने वाले हेयर स्टाइलिंग उपकरणों के इस्तेमाल से बचना चाहिए। इन चीजों की वजह से बाल रूखे, कमजोर और बहुत आसानी से टूटने वाले बन जाते हैं। बालों को सुखाने के लिए हमेशा कम तापमान का प्रयोग करें ताकि बालों को ज्यादा नुकसान से बचाया जा सके।

## इसका आप पर असर
कम उम्र में बालों के सफेद होने की समस्या आज के समय में बहुत आम हो गई है, जिसका सीधा असर लोगों के आत्मविश्वास और पर्सनालिटी पर पड़ता है।

	- **भारत में:** खानपान की खराब आदतें और पोषण की कमी देश भर के युवाओं में तेजी से स्वास्थ्य और बालों की समस्याओं का कारण बन रही हैं। संतुलित आहार अपनाकर इस स्थिति में काफी हद तक सुधार किया जा सकता है।

	- **दैनिक जीवन पर असर:** सख्त डाइटिंग और तनाव भरे रूटीन से दूरी बनाकर लोग अपने बालों की सेहत को प्राकृतिक रूप से मजबूत बना सकते हैं।

	- **खानपान में बदलाव:** डाइट में अलग-अलग दालों को शामिल करने से शरीर को जरूरी आयरन और प्रोटीन मिलता है, जिससे बालों की कमजोरी दूर होती है।

	- **केमिकल से बचाव:** हीट टूल्स और केमिकल ट्रीटमेंट का कम उपयोग करने से बालों के झड़ने और टूटने की समस्या से राहत मिलती है।

	- **नियमित देखभाल:** सिर पर तेल की मालिश और पूरी नींद लेने से ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम होता है और बालों को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मदद मिलती है।

## ऐसा क्यों हुआ
समय से पहले बाल सफेद होने की समस्या के पीछे कई जैविक और जीवनशैली से जुड़े कारण काम करते हैं, जिनकी जानकारी होना हर किसी के लिए जरूरी है।

	- **जेनेटिक कारण:** आनुवंशिक कारक कई मामलों में कम उम्र में बाल सफेद होने की सबसे बड़ी वजह होते हैं, जो पीढ़ी दर पीढ़ी असर डालते हैं।

	- **मेलेनिन की कमी:** शरीर में मेलेनिन वर्णक की कमी होने से बालों का प्राकृतिक रंग उड़ने लगता है और वे सफेद होने लगते हैं।

	- **सख्त डाइट और पोषण की कमी:** बहुत ज्यादा कड़े डाइट प्लान अपनाने से शरीर को जरूरी जिंक, आयरन और विटामिन बी 12 नहीं मिल पाते हैं।

	- **ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस:** नींद की कमी, धूम्रपान और शराब के सेवन से शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव बढ़ता है, जो बालों की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है।

## सवाल-जवाब

### 1. कम उम्र में बाल सफेद होने का मुख्य कारण क्या है?
कम उम्र में बाल सफेद होने के पीछे जेनेटिक्स, मेलेनिन की कमी, सख्त डाइट और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस मुख्य कारण होते हैं।

### 2. पोषण की कमी से बालों पर क्या असर पड़ता है?
शरीर में जिंक, आयरन और विटामिन बी 12 की कमी होने पर बाल कमजोर होने लगते हैं और समय से पहले सफेद हो सकते हैं।

### 3. रुजुता दिवेकर ने डाइट में क्या शामिल करने की सलाह दी है?
उन्होंने बालों की सेहत के लिए डाइट में मूंग, मसूर, अरहर और उड़द जैसी अलग-अलग दालों को शामिल करने की सलाह दी है।

### 4. क्या सिर में तेल लगाने से सफेद बाल रुक सकते हैं?
सिर की मालिश से बालों को संभालना आसान होता है, लेकिन यह इस बात की गारंटी नहीं है कि बाल सफेद होना पूरी तरह रुक जाएगा।

### 5. किन चीजों से बालों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचता है?
बार-बार केमिकल ट्रीटमेंट, स्ट्रेटनिंग, कर्लिंग और तेज गर्मी वाले हीट टूल्स के इस्तेमाल से बाल रूखे और कमजोर हो जाते हैं।

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