कांगड़ा में नवजात शिशु के हाथ-पांव में मिलीं 6-6 उंगलियां, डॉक्टरों ने बताई पॉलीडैक्टिली की वजह हिमाचल प्रदेश के पालमपुर सिविल अस्पताल में एक महिला ने नॉर्मल डिलीवरी से 24 उंगलियों वाले बच्चे को जन्म दिया है। डॉक्टरों के मुताबिक बच्चे के हाथ और पैरों में छह-छह उंगलियां हैं, जिसे मेडिकल विज्ञान में पॉलीडैक्टिली कहा जाता है। कांगड़ा जिले के पालमपुर स्थित सिविल अस्पताल में एक बेहद अनोखा मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने 24 उंगलियों वाले नवजात शिशु को जन्म दिया है। पाहड़ा क्षेत्र के मनियासा गांव की रहने वाली रूपा को मंगलवार को प्रसव पीड़ा के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। देर रात 12:43 बजे हुई नॉर्मल डिलीवरी के बाद जब डॉक्टरों ने बच्चे की शारीरिक जांच की, तो उसके दोनों हाथों और दोनों पैरों में छह-छह उंगलियां पाई गईं। इस मेडिकल स्थिति को देखकर अस्पताल का स्टाफ और परिजन हैरान रह गए। अस्पताल में सामान्य डिलीवरी और जच्चा-बच्चा का स्वास्थ्य अस्पताल प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, मनियासा निवासी नुरियां खान की पत्नी रूपा की डिलीवरी डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की सीधी देखरेख में सफलता से संपन्न हुई। प्रसव के समय किसी तरह की कोई जटिलता दर्ज नहीं की गई और शिशु का जन्म नॉर्मल डिलीवरी के माध्यम से हुआ। वर्तमान में जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह से स्वस्थ हैं। नवजात के शरीर में कुल 24 उंगलियां होने की खबर फैलते ही अस्पताल परिसर के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों के बीच यह चर्चा का मुख्य विषय बन गया। क्या होती है पॉलीडैक्टिली और क्यों बनती हैं अतिरिक्त उंगलियां? चिकित्सा विज्ञान की भाषा में इस जन्मजात स्थिति को पॉलीडैक्टिली कहा जाता है। यह एक ऐसी शारीरिक स्थिति है, जो गर्भ में शिशु के विकास के दौरान हाथ या पैर की अतिरिक्त उंगलियों के बनने के कारण उत्पन्न होती है। विशेषज्ञों के अनुसार, पॉलीडैक्टिली एक दुर्लभ स्थिति मानी जाती है, जो औसतन 1,000 नवजात बच्चों में से किसी 1 बच्चे में देखने को मिलती है। गर्भावस्था के दौरान जब भ्रूण के हाथ और पैर की उंगलियों का विभाजन सही ढंग से नहीं होता या अतिरिक्त संरचना बन जाती है, तब यह स्थिति पैदा होती है। लक्षण, प्रकार और इसके इलाज का मेडिकल तरीका पॉलीडैक्टिली के मामलों में अतिरिक्त उंगली की शारीरिक बनावट अलग-अलग हो सकती है। कुछ मामलों में अतिरिक्त उंगली पूरी तरह से विकसित हड्डी और जोड़ों के साथ जुड़ी होती है, जबकि कई मामलों में इसमें कोई हड्डी नहीं होती और यह केवल नरम ऊतक या त्वचा का एक हिस्सा होती है। डॉक्टरों का स्पष्ट कहना है कि पॉलीडैक्टिली कोई बीमारी नहीं है और इससे बच्चे के सामान्य शारीरिक स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ता है। यदि माता-पिता या परिजन भविष्य में इन अतिरिक्त उंगलियों को हटाना चाहते हैं, तो एक सामान्य सर्जिकल प्रक्रिया के माध्यम से इनका सुरक्षित इलाज सम्भव है। इसका आप पर असर भारत में: यह मामला पॉलीडैक्टिली जैसी जन्मजात शारीरिक स्थिति और इसके शुरुआती मेडिकल समाधान को समझने में मदद करता है। कांगड़ा में: पालमपुर अस्पताल में उपलब्ध मातृत्व और प्रसूति सुविधाओं के तहत जच्चा-बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं। सवाल-जवाब 1. पालमपुर अस्पताल में बच्चे का जन्म कब हुआ? महिला ने मंगलवार देर रात 12:43 बजे नॉर्मल डिलीवरी के जरिए बच्चे को जन्म दिया। 2. नवजात बच्चे के हाथ और पैरों में कुल कितनी उंगलियां हैं? बच्चे के दोनों हाथों में 6-6 और दोनों पैरों में 6-6 यानी कुल 24 उंगलियां हैं। 3. पॉलीडैक्टिली क्या होती है? यह एक दुर्लभ जन्मजात स्थिति है, जिसमें गर्भ के दौरान हाथ या पैरों में अतिरिक्त उंगलियां विकसित हो जाती हैं। 4. क्या पॉलीडैक्टिली एक खतरनाक बीमारी है? डॉक्टरों के अनुसार पॉलीडैक्टिली कोई बीमारी नहीं है और सर्जरी के जरिए अतिरिक्त उंगलियों को सुरक्षित रूप से हटाया जा सकता है। https://trendkia.com/health/kangra-men-navajata-shishu-ke-hatha-panva-men-milin-6-6-ungaliyan-doktaron-ne-batai-polidaiktili-ki-vajaha-18626 TrendKia — Har trend, sabse pehle.