कटहल: फल से लेकर बीज, पत्ते और छाल तक, हर हिस्सा सेहत के लिए वरदान, जानें आयुर्वेदाचार्य की पूरी सलाह बलिया की आयुर्वेदाचार्य डॉ. प्रियंका सिंह बता रही हैं कि कटहल का गूदा, बीज, पत्ते और छाल किस तरह ऊर्जा, पाचन, दिल और त्वचा के लिए फायदेमंद हैं, साथ ही मधुमेह के मरीजों के लिए जरूरी चेतावनी भी। गर्मी और बरसात के मौसम में बाजारों में आसानी से दिख जाने वाला कटहल सिर्फ स्वाद का सौदा नहीं है। इस पेड़ के बारे में खास बात यह है कि इसका कोई हिस्सा बेकार नहीं जाता, गूदा हो या बीज, पत्ते हों या छाल, हर चीज में सेहत के लिए कुछ न कुछ छिपा है। यही वजह है कि इसे प्रकृति का अनमोल तोहफा कहा जाता है। आयुर्वेद की पुरानी परंपरा से लेकर आज के आधुनिक पोषण विज्ञान तक, कटहल के अलग-अलग हिस्सों के गुणों पर लगातार बात होती रही है। इन्हीं खूबियों के चलते इसे प्राकृतिक औषधियों की श्रेणी में गिना जाता है। आइए, एक-एक हिस्से के असर को समझते हैं। गूदा: तुरंत ऊर्जा और रोग प्रतिरोधक क्षमता का स्रोत बलिया की सात साल का अनुभव रखने वाली आयुर्वेदाचार्य डॉ. प्रियंका सिंह के मुताबिक, कटहल का गूदा शरीर को फौरन ताकत देने वाला एक कुदरती स्रोत है। उनका कहना है कि इसमें कार्बोहाइड्रेट के साथ-साथ कई जरूरी पोषक तत्व मौजूद रहते हैं, जो थकान को दूर करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। इसमें विटामिन-सी अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूती देता है और इसी वजह से मौसमी संक्रमण और बीमारियों का खतरा घटा देता है। फाइबर से भरपूर होने के कारण यह पाचन तंत्र को सक्रिय रखता है और कब्ज जैसी दिक्कतों से राहत दिलाने में मदद करता है। इसमें मौजूद पोटेशियम हृदय की सेहत के लिए भी लाभकारी माना गया है। पत्ते: एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर अब बात पत्तियों की। ये पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में लंबे अरसे से इस्तेमाल होती आई हैं। इनमें एंटीबैक्टीरियल और सूजन कम करने वाले गुण होते हैं, जिनकी मदद से घाव, फोड़े-फुंसी और त्वचा से जुड़ी कई समस्याओं में आराम मिल सकता है। बताया जाता है कि पत्तों का अर्क ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखने में भी कारगर साबित हो सकता है। बीज: किसी सुपरफूड से कम नहीं कटहल के बीज को भी हल्के में लेने की भूल नहीं करनी चाहिए। इनमें मौजूद प्रोटीन और डाइटरी फाइबर मांसपेशियों को मजबूत बनाने और वजन काबू में रखने में सहायक हो सकते हैं। इसके अलावा बीजों में एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को फ्री-रेडिकल्स से बचाते हैं और कुछ हद तक कैंसर के जोखिम को कम करने में भी मददगार माने गए हैं। त्वचा की चमक और बालों की सेहत के लिहाज से भी ये बेहद फायदेमंद हैं। छाल और दूध: जोड़ों के दर्द से लेकर अस्थमा तक रुकिए, अभी छाल की बारी बाकी है। कटहल की छाल का उपयोग जोड़ों के दर्द, सूजन, खांसी, सर्दी और अस्थमा जैसी परेशानियों में किया जा सकता है। वहीं, आयुर्वेद में इसके दूध यानी अर्क को बाहरी उपयोग के लिए उपयोगी बताया गया है। सावधानी जरूरी: डॉक्टर की सलाह के बिना न लें हालांकि एक चेतावनी भी है। मधुमेह के मरीजों को कटहल या उसके औषधीय अर्क का ज्यादा सेवन करने से पहले डॉक्टर से जरूर संपर्क करना चाहिए। यह याद रखना चाहिए कि कुछ परिस्थितियों में बहुत फायदेमंद चीज भी नुकसान पहुंचा सकती है, इसलिए चिकित्सक से परामर्श लिए बिना इसका सेवन न करें। दरअसल, रोग और उम्र के हिसाब से इसके सेवन का सही तरीका एक डॉक्टर ही बता सकता है। इसका आप पर असर अगर आप कटहल को सिर्फ एक सब्जी समझते हैं, तो यह खबर बताती है कि इसके गूदे, बीज, पत्ते और छाल का इस्तेमाल आपकी ऊर्जा, पाचन, दिल और त्वचा की सेहत में मददगार हो सकता है। • आम पाठकों के लिए: कटहल विटामिन-सी और फाइबर का सस्ता और मौसमी स्रोत है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और कब्ज से राहत दिलाने में काम आ सकता है। • मधुमेह के मरीजों के लिए: कटहल या उसके औषधीय अर्क का अधिक सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है, वरना फायदे की जगह नुकसान हो सकता है। सवाल-जवाब 1. कटहल का गूदा सेहत के लिए कैसे फायदेमंद है? इसमें कार्बोहाइड्रेट, विटामिन-सी, फाइबर और पोटेशियम होता है, जो तुरंत ऊर्जा देने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, पाचन सुधारने और हृदय स्वास्थ्य में मदद करता है। 2. कटहल के बीज खाने के क्या लाभ हैं? बीजों में प्रोटीन और डाइटरी फाइबर मांसपेशियों को मजबूत बनाने और वजन नियंत्रित करने में मदद करते हैं, जबकि एंटीऑक्सीडेंट शरीर को फ्री-रेडिकल्स से बचाते हैं। 3. कटहल की पत्तियां और छाल किस काम आती हैं? पत्तियां घाव, फोड़े-फुंसी और त्वचा समस्याओं में तथा ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल संतुलन में मददगार हैं, जबकि छाल जोड़ों के दर्द, सूजन, खांसी, सर्दी और अस्थमा में उपयोगी मानी जाती है। 4. क्या कटहल हर किसी के लिए सुरक्षित है? मधुमेह के मरीजों को कटहल या उसके अर्क का अधिक सेवन करने से पहले डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए, क्योंकि रोग और उम्र के अनुसार सही सेवन विधि डॉक्टर ही बता सकता है। https://trendkia.com/health/katahala-phala-se-lekara-bija-patte-aura-chhala-taka-hara-hissa-sehata-ke-lie-va-968 TrendKia — Har trend, sabse pehle.