# खाद्य तेल को दोबारा गर्म करने से पैदा होते हैं जहरीले तत्व, पैकेट खरीदते समय इन 4 बातों की जांच जरूरी

> गोरखपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बार-बार गर्म किए गए तेल के इस्तेमाल और मिलावट के खिलाफ सख्ती शुरू की है। जांच अधिकारियों ने उपभोक्ताओं को पैकेट पर एफएसएसएआई सील, बैच नंबर और तारीख देखने की सलाह दी है।

**Type:** article · **Category:** स्वास्थ्य · **Published:** 2026-09-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/health/khadya-tela-ko-dobara-garma-karane-se-paida-hote-hain-jaharile-tatva-paiketa-kharidate-samaya-ina-4-baton-ki-jancha-jaruri-33652 · **Language:** Hindi
**Tags:** खाद्य सुरक्षा, खाद्य तेल, गोरखपुर, एफएसएसएआई, स्वास्थ्य सुझाव, मिलावट जांच

रसोई में बनने वाले पकवानों और बाजार के तले हुए खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाले तेल की शुद्धता सीधे तौर पर मानव स्वास्थ्य पर असर डालती है। खाद्य तेल को बार-बार तेज आंच पर खौलाने से उसकी आंतरिक संरचना में गहरा रासायनिक बदलाव आ जाता है, जिससे यह सेहत के लिए अत्यंत हानिकारक बन सकता है। गोरखपुर में मिलावटी तेल के अवैध धंधे और संदिग्ध रिफाइनिंग इकाइयों पर नकेल कसने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने विशेष अभियान चला रखा है, जिसके तहत व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर निगरानी बढ़ाई गई है।

## लगातार खौलाने से बदल जाता है तेल का रासायनिक ढांचा
खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त सुधीर सिंह ने स्पष्ट किया है कि जब भी किसी कुकिंग ऑयल को बार-बार अत्यधिक तापमान पर गर्म किया जाता है, तो उसका स्वाभाविक रूप पूरी तरह विकृत हो जाता है। तेज आंच के लगातार संपर्क में रहने के कारण तेल के पोषक तत्व समाप्त हो जाते हैं और उसमें विषैले यौगिक बनने लगते हैं। नियमित रूप से ऐसे बिगड़े हुए तेल से तैयार भोजन का सेवन लंबे समय में शारीरिक तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।

## टीपीसी मापने वाले आधुनिक उपकरणों से मौके पर परीक्षण
विभाग की टीमों के पास अब तेल की शुद्धता को तुरंत परखने के लिए अत्याधुनिक तकनीकी उपकरण उपलब्ध हैं। इन उपकरणों के जरिए मौके पर ही प्रयुक्त खाद्य तेल में टोटल पोलर कंपाउंड्स यानी टीपीसी की मात्रा की सटीक गणना कर ली जाती है। इस डिजिटल जांच से अधिकारियों को बिना किसी देरी के यह स्पष्ट हो जाता है कि कड़ाही या कंटेनर में रखा तेल तय सरकारी मानकों पर खरा उतर रहा है अथवा उसकी गुणवत्ता नष्ट होकर उपभोग के अयोग्य हो चुकी है।

## ढाबों और होटलों में दोबारा इस्तेमाल पर सख्त नजर
शहर के विभिन्न रेस्टोरेंट, होटलों और सड़क किनारे चलने वाले ढाबों में एक ही बैच के तेल को लगातार तलने के लिए इस्तेमाल करने की शिकायतें लगातार मिलती रही हैं। सहायक आयुक्त के अनुसार, ऐसे प्रतिष्ठानों में खाद्य सामग्री तैयार करने से पहले तेल के मानकों की जांच अनिवार्य है। कई असामाजिक तत्व बड़े प्रतिष्ठानों से निकलने वाले जले और काले पड़ चुके तेल को सस्ते दामों पर इकट्ठा कर लेते हैं। इसके बाद इस कचरा तेल को गैरकानूनी ढंग से प्रोसेस करके बिल्कुल नए खाद्य तेल के रूप में बाजारों में बेचने का प्रयास किया जाता है।

## बायोडीजल निर्माण में होता है इस्तेमाल किए गए तेल का निस्तारण
नियमों के तहत इस्तेमाल हो चुके खाद्य तेल यानी यूसीओ का सुरक्षित और व्यवस्थित निस्तारण करना आवश्यक है। इसके लिए सरकार द्वारा अधिकृत व पंजीकृत एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये एजेंसियां व्यवसायियों से उपयोग किया जा चुका जला तेल खरीदती हैं और उसका उपयोग खाद्य श्रृंखला के बजाय केवल गैर-खाद्य उत्पादों, विशेष रूप से बायोडीजल तैयार करने में करती हैं, जिससे यह दोबारा किसी की थाली में न पहुंचे।

## ग्राहकों के लिए जरूरी सावधानियां
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने आम उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे बाजार से तेल खरीदते समय अत्यधिक सतर्कता बरतें। खुले डिब्बों या संदिग्ध दुकानों से बिकने वाले लूज तेल की खरीदारी से पूरी तरह परहेज करना चाहिए। हमेशा सीलबंद और ब्रांडेड पैकेट ही खरीदें तथा उन पर मुद्रित एफएसएसएआई का वैध लाइसेंस नंबर, बैच नंबर, सील और एक्सपायरी डेट की बारीकी से जांच करें। खरीदारी के समय बरती गई यह जागरूकता परिवार को मिलावटी व हानिकारक तेल के दुष्प्रभावों से पूरी तरह सुरक्षित रख सकती है।

## इसका आप पर असर
बाजार में मिलने वाले तले हुए व्यंजनों और खुले खाद्य तेल की गुणवत्ता सीधे तौर पर आपकी सेहत और रसोई के बजट से जुड़ी है।

- **भारत में:** बाजार से पैक्ड तेल खरीदते समय एफएसएसएआई सील, बैच नंबर और एक्सपायरी डेट जांचने की आदत मिलावटी तेल से बचाव करती है। इससे उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री मिलती है और बीमारियों पर होने वाले अप्रत्याशित मेडिकल खर्च में कमी आती है।
- **गोरखपुर में:** खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा रेस्टोरेंट और ढाबों पर की जा रही औचक जांच से स्थानीय निवासियों को बाहर का खाना खाने पर मिलावटी या जले हुए तेल से सुरक्षा मिलेगी। स्थानीय उपभोक्ता खुले और संदिग्ध तेल की खरीद बंद करके मिलावट के अवैध नेटवर्क को कमजोर कर सकते हैं।
- **रसोई प्रबंधन:** घरों में तलने के लिए इस्तेमाल किए गए तेल को बार-बार तेज आंच पर गर्म करने से बचें। एक बार गहरे तले हुए तेल को फेंकने या गैर-खाद्य काम में लगाने से परिवार विषाक्त पदार्थों के सेवन से सुरक्षित रहता है।
- **व्यावसायिक अनुपालन:** होटल और ढाबा संचालकों को इस्तेमाल किए गए तेल का पुनर्चक्रण रोकने के लिए इसे अधिकृत एजेंसियों को सौंपना होगा। नियमों का पालन न करने वाले प्रतिष्ठानों को मौके पर ही टीपीसी जांच में पकड़े जाने पर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
खाद्य तेल को बार-बार गर्म करने से उसके आणविक ढांचे में गंभीर रासायनिक गिरावट आती है, जिससे सेहत के लिए घातक यौगिक तैयार होते हैं। साथ ही कमर्शियल स्तर पर अवैध मुनाफे के लिए जले हुए तेल को रीसायकल करने का चलन बढ़ रहा है।

- **रासायनिक क्षरण:** अत्यधिक तापमान पर तेल को बार-बार खौलाने से उसके प्राकृतिक गुण समाप्त हो जाते हैं और उसमें टीपीसी यानी टोटल पोलर कंपाउंड्स की सांद्रता बढ़ जाती है। यह प्रक्रिया तेल को सामान्य भोजन पकाने के माध्यम से बदलकर जहरीले मिश्रण में बदल देती है।
- **व्यावसायिक मिलावटखोरी:** कुछ अनैतिक व्यापारी होटलों से निकलने वाले सस्ते, जले हुए तेल को अमानक तरीकों से साफ करके नए तेल के रूप में दोबारा बाजार में उतार देते हैं। कम लागत में अधिक मुनाफा कमाने की यह प्रवृत्ति मिलावटी तेल के प्रसार का मुख्य कारण है।
- **कच्चे माल की हेराफेरी:** नियमत: इस्तेमाल किए गए तेल को बायोडीजल उत्पादन के लिए भेजा जाना चाहिए, लेकिन निगरानी की कमी का फायदा उठाकर इसे अवैध खाद्य आपूर्ति में डायवर्ट करने की कोशिशें होती हैं। प्रशासन की सख्त जांच और ऑन-द-स्पॉट टेस्टिंग इसी अवैध चक्र को तोडऩे के लिए शुरू की गई है।

## सवाल-जवाब

### 1. तेल को बार-बार गर्म करके इस्तेमाल करना सेहत के लिए नुकसानदायक क्यों है?
लगातार तेज आंच पर खौलाने से तेल का मूल रासायनिक ढांचा बदल जाता है और उसमें हानिकारक टोटल पोलर कंपाउंड्स बन जाते हैं, जो शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं।

### 2. खाद्य सुरक्षा विभाग तेल की गुणवत्ता की जांच कैसे करता है?
विभाग के पास आधुनिक उपकरण हैं जो प्रयुक्त तेल में मौजूद टीपीसी की मात्रा को मापकर मौके पर ही बता देते हैं कि तेल मानकों के अनुरूप है या नहीं।

### 3. इस्तेमाल हो चुके खाद्य तेल का सुरक्षित निस्तारण कैसे किया जाता है?
प्रयुक्त खाद्य तेल को अधिकृत एजेंसियां एकत्र करती हैं और उसका उपयोग भोजन के बजाय बायोडीजल जैसे गैर-खाद्य उत्पादों को बनाने में किया जाता है।

### 4. बाजार से पैकेटबंद तेल खरीदते समय ग्राहकों को किन बातों की जांच करनी चाहिए?
उपभोक्ताओं को पैकेट पर एफएसएसएआई सील, वैध लाइसेंस नंबर, बैच नंबर और एक्सपायरी डेट अवश्य देखनी चाहिए तथा खुला तेल खरीदने से बचना चाहिए।

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