# खून में शर्करा बढ़ने पर शरीर देता है ये पांच अहम चेतावनी संकेत, डॉक्टर ने किया आगाह

> खून में शुगर का स्तर बढ़ने पर शरीर में कई तरह के बदलाव आने लगते हैं जिन्हें अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। अमेरिका के एक विशेषज्ञ ने ऐसे पांच प्रमुख लक्षणों के बारे में बताया है जो बढ़ते ग्लूकोज स्तर की ओर इशारा करते हैं।

**Type:** article · **Category:** स्वास्थ्य · **Published:** 2026-09-06 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/health/khuna-men-sharkara-barhane-para-sharira-deta-hai-ye-pancha-ahama-chetavani-snketa-doktara-ne-kiya-agaha-28707 · **Language:** Hindi
**Tags:** ब्लड शुगर, डायबिटीज, हाइपरग्लाइसेमिया, स्वास्थ्य टिप्स, डॉ कुणाल सूद

वर्तमान समय में डायबिटीज के रोगियों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। कई बार रक्त में शर्करा का स्तर बढ़ने पर शरीर कुछ खास संकेत देने लगता है, जिन्हें लोग सामान्य मानकर छोड़ देते हैं। हालांकि, लंबे समय तक बढ़ा हुआ ग्लूकोज शरीर के कई अंगों पर बुरा असर डाल सकता है, इसलिए समय रहते इन शुरुआती लक्षणों को पहचानना बेहद जरूरी है। गत 5 सितंबर को अमेरिका के एनेस्थिसियोलॉजी और इंटरवेंशनल पेन मेडिसिन विभाग से जुड़े डॉ. कुणाल सूद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए बढ़े हुए ब्लड शुगर के पांच मुख्य चेतावनी संकेतों की जानकारी साझा की है।

 

## अक्सर महसूस होने वाले पांच प्रमुख शारीरिक बदलाव

विशेषज्ञों के अनुसार, जब शरीर के भीतर शर्करा की मात्रा असंतुलित हो जाती है, तो वह कई अलग-अलग तरीकों से सामने आती है। इन संकेतों को समय पर समझकर डॉक्टर से सलाह लेना गंभीर बीमारियों से बचाव में मददगार साबित हो सकता है।

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## पेशाब की मात्रा और आवृत्ति में बढ़ोतरी

जब शरीर में ग्लूकोज का स्तर अत्यधिक बढ़ जाता है, तो किडनी के लिए उस सारे शर्करा को दोबारा सोख पाना मुमकिन नहीं रहता। परिणामस्वरुप, अतिरिक्त ग्लूकोज पेशाब में मिलने लगता है और ऑस्मोटिक डाययूरिसिस की प्रक्रिया के कारण अपने साथ पानी भी खींच लेता है। इसी वजह से व्यक्ति को बार-बार और सामान्य से ज्यादा मात्रा में पेशाब जाने की जरूरत महसूस होती है।

 

## मुंह सूखना और अत्यधिक प्यास लगना

शरीर से अधिक मात्रा में तरल पदार्थ निकल जाने के कारण डिहाइड्रेशन की स्थिति पैदा हो जाती है और खून भी अपेक्षाकृत गाढ़ा हो जाता है। इस स्थिति से निपटने के लिए मस्तिष्क प्यास लगने के संकेत तेजी से भेजता है, जिसके चलते मुंह लगातार सूखा रहता है और पर्याप्त पानी पीने के बाद भी अंदरूनी तृप्ति का अहसास नहीं होता है।

 

## नजर का धुंधलापन और कमजोरी

हाइपरग्लाइसेमिया का असर आंखों की कार्यप्रणाली पर भी पड़ता है। खून में ग्लूकोज की अधिकता से आंख के लेंस में पानी का संतुलन और चीजों पर फोकस करने की क्षमता अस्थायी रूप से प्रभावित होती है, जिससे नजर में बार-बार उतार-चढ़ाव आता है। डॉ. कुणाल सूद के अनुसार, लंबे समय तक उच्च शर्करा स्तर रहने पर रेटिना की सूक्ष्म रक्त वाहिकाओं को भारी नुकसान पहुंच सकता है, जिससे दृष्टि शक्ति और अधिक कमजोर हो जाती है।

 

## चोट और घावों का बहुत देर से भरना

शरीर में शुगर का स्तर लंबे समय तक बढ़ा रहने से रक्त संचार सुचारू रूप से नहीं हो पाता है। इसके अलावा, प्रतिरक्षा कोशिकाओं की कार्यकुशलता, कोलेजन का निर्माण और नई रक्त वाहिकाओं का विकास भी बाधित होता है। डायबिटीज की वजह से नसों को क्षति पहुंचने के कारण कई बार चोट का समय पर पता नहीं चल पाता, जिससे साधारण घाव भी गंभीर रूप ले लेते हैं या लंबे समय तक खुले रहते हैं।

 

## बार-बार यीस्ट इन्फेक्शन की समस्या

पेशाब में ग्लूकोज की मौजूदगी एक ऐसा अनुकूल वातावरण तैयार करती है जो कैंडिडा यानी एक विशेष प्रकार के फंगस को तेजी से पनपने में मदद करता है। इसके साथ ही, लंबे समय तक हाइपरग्लाइसेमिया की स्थिति रहने पर शरीर की प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर पड़ जाती है, जो सामान्य तौर पर ऐसे फंगस और संक्रमण को नियंत्रित रखती है। इसी वजह से प्रभावित व्यक्तियों में बार-बार यीस्ट इन्फेक्शन होने का खतरा काफी बढ़ जाता है।

## इसका आप पर असर
बढ़ा हुआ ब्लड शुगर नजरअंदाज करने पर शरीर के कई अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।

- **भारत में:** देश में डायबिटीज के बढ़ते मामलों के बीच इन पांच शुरुआती लक्षणों को समय रहते पहचानना जरूरी है ताकि गंभीर जटिलताओं से बचा जा सके।

- **दैनिक जीवन में:** बार-बार प्यास लगने या पेशाब आने जैसी समस्याओं को सामान्य थकान न समझकर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।

- **खानपान और जांच:** समय पर ब्लड शुगर की नियमित जांच कराने और संतुलित आहार अपनाने से स्वास्थ्य को सुरक्षित रखा जा सकता है।

- **घाव की देखभाल:** शरीर पर किसी भी चोट या घाव के देर से भरने की स्थिति में तुरंत चिकित्सीय सहायता लेनी चाहिए।

- **संक्रमण से बचाव:** बार-बार होने वाले यीस्ट इन्फेक्शन को नजरअंदाज न करें क्योंकि यह बढ़े हुए शुगर का संकेत हो सकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. हाई ब्लड शुगर के मुख्य लक्षण क्या हैं?
मुख्य लक्षणों में बार-बार पेशाब आना, अत्यधिक प्यास लगना, नजर कमजोर होना, चोट का देर से भरना और बार-बार यीस्ट इन्फेक्शन होना शामिल हैं।

### 2. यह जानकारी किसने साझा की है?
यह जानकारी अमेरिका के एनेस्थिसियोलॉजी और इंटरवेंशनल पेन मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. कुणाल सूद ने साझा की है।

### 3. ज्यादा पेशाब क्यों आता है?
जब ग्लूकोज का स्तर अत्यधिक बढ़ जाता है, तो किडनी उसे पूरी तरह सोख नहीं पाती और पेशाब के जरिए पानी बाहर निकलता है।

### 4. नजर पर ब्लड शुगर का क्या असर पड़ता है?
ज्यादा ग्लूकोज आंख के लेंस के पानी के संतुलन को बदल देता है और लंबे समय तक रहने पर रेटिना की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है।

### 5. बार-बार इन्फेक्शन क्यों होते हैं?
पेशाब में मौजूद ग्लूकोज फंगस को पनपने में मदद करता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने से इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।

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