किडनी दान करने से पहले ये बातें जरूर जान लें, डॉक्टर ने बताया कैसी बदलती है जिंदगी एक किडनी दान करने के बाद जिंदगी कैसी रहती है, इसे लेकर मैक्स हॉस्पिटल के यूरोलॉजिस्ट डॉ. अनंत कुमार ने बताया कि सही जांच के बाद व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है, हालांकि कुछ खास नौकरियों में मेडिकल शर्तें अलग हो सकती हैं. किडनी हमारे शरीर का वह अंग है जो खून से गंदगी छानता है और पानी-मिनरल्स का संतुलन बनाए रखता है, इसलिए जब कोई व्यक्ति अपनी एक किडनी किसी को दान करने की सोचता है, तो सबसे पहले यही सवाल मन में आता है कि बाकी उम्र वह कैसे कटेगी. मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, साकेत में यूरोलॉजी, किडनी ट्रांसप्लांट एवं रोबोटिक सर्जरी और यूरो-ऑन्कोलॉजी विभाग के चेयरमैन डॉ. अनंत कुमार बताते हैं कि सही मेडिकल जांच के बाद एक स्वस्थ व्यक्ति अपनी एक किडनी के सहारे भी पूरी तरह सामान्य जिंदगी जी सकता है. किडनी दान के लिए कौन फिट माना जाता है हर व्यक्ति किडनी डोनर नहीं बन सकता. डॉक्टरों के मुताबिक अगर जांच में दोनों किडनियां पूरी तरह स्वस्थ निकलें और व्यक्ति मेडिकल पैमानों पर फिट पाया जाए, तभी उसे दान की इजाजत मिलती है. एक बार किडनी दान करने के बाद शरीर में बची अकेली स्वस्थ किडनी काफी हद तक दोनों किडनियों का काम अपने ऊपर ले लेती है, इसलिए दान से पहले की फिटनेस जांच बेहद अहम मानी जाती है. किडनी दान के बाद रोजमर्रा की जिंदगी डॉ. अनंत कुमार के मुताबिक किडनी दान करने के बाद ज्यादातर लोग अपने पुराने रूटीन में लौट आते हैं, यानी दफ्तर का काम, घर-गृहस्थी और दोस्तों-रिश्तेदारों से मेलजोल पहले जैसा ही चलता रहता है. आमतौर पर व्यक्ति को उम्रभर किसी खास दवा पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं पड़ती, हालांकि डॉक्टर समय-समय पर ब्लड टेस्ट और जांच कराते रहने की सलाह देते हैं ताकि बची हुई किडनी की कार्यक्षमता पर नजर बनी रहे. कसरत करने, दौड़-भाग वाले खेल खेलने या मेहनत के काम करने में भी ज्यादातर डोनर को कोई खास परेशानी सामने नहीं आती. कुछ नौकरियों में लग सकती हैं मेडिकल शर्तें हालांकि कुछ खास पेशों में फिटनेस के नियम अलग तरह से लागू होते हैं. सेना, पुलिस, एयरलाइन पायलट या रेलवे ड्राइवर जैसी नौकरियों में भर्ती उस विभाग के अपने स्वास्थ्य मानकों पर निर्भर करती है, और एक किडनी के साथ हर विभाग की शर्तें अलग हो सकती हैं. इसलिए जो लोग भविष्य में ऐसे किसी पेशे में जाना चाहते हैं, उन्हें दान का फैसला लेने से पहले ही संबंधित विभाग के मेडिकल नियम पता कर लेने चाहिए, ताकि बाद में कोई अड़चन न आए. दान से पहले होती है गहन मेडिकल जांच किसी को भी किडनी दान की मंजूरी सीधे नहीं मिल जाती. डॉक्टर सबसे पहले यह देखते हैं कि दोनों किडनियां ठीक तरह काम कर रही हैं या नहीं, और दान के बाद बचने वाली किडनी अकेले शरीर की जरूरतें पूरी करने में सक्षम रहेगी या नहीं. इसके साथ ही व्यक्ति की सामान्य सेहत, ब्लड प्रेशर, शुगर जैसी किसी अन्य बीमारी की मौजूदगी को भी बारीकी से परखा जाता है. अगर जांच में डोनेशन को सुरक्षित नहीं पाया जाता, तो डॉक्टर उस व्यक्ति को किडनी दान करने की अनुमति नहीं देते, भले ही वह व्यक्ति खुद दान के लिए तैयार क्यों न हो. एक किडनी के साथ सेहत का ख्याल कैसे रखें किडनी दान करने के बाद जिंदगीभर नियमित हेल्थ चेकअप कराते रहना और डॉक्टर की सलाह मानना जरूरी बताया गया है. संतुलित खान-पान लेना, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, रोजाना कुछ न कुछ शारीरिक गतिविधि करना और शरीर में दिखने वाले किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करना, ये आदतें बची हुई अकेली किडनी को लंबे समय तक सेहतमंद बनाए रखने में मददगार साबित होती हैं. इसका आप पर असर अगर आप या आपके परिवार में कोई किडनी दान करने पर विचार कर रहा है, तो यह जानकारी सीधे उस फैसले को प्रभावित करती है. • सामान्य जिंदगी संभव है: सही जांच के बाद ज्यादातर डोनर बिना किसी बड़ी परेशानी के अपना रोजमर्रा का काम, नौकरी और सामाजिक जीवन जारी रख सकते हैं. इससे परिवार को यह भरोसा मिलता है कि डोनेशन सेहत पर स्थायी बोझ नहीं बनता. • दवा पर निर्भरता नहीं: आमतौर पर उम्रभर किसी खास दवा की जरूरत नहीं पड़ती, बस डॉक्टर की सलाह पर समय-समय पर जांच करानी होती है. इससे इलाज का खर्च और झंझट दोनों सीमित रहते हैं. • करियर से जुड़ी सावधानी जरूरी: सेना, पुलिस, पायलट या रेलवे ड्राइवर जैसी नौकरियों में मेडिकल शर्तें अलग हो सकती हैं. जो लोग ऐसे पेशे में जाना चाहते हैं, उन्हें दान से पहले ही उस विभाग के नियम जांच लेने चाहिए. • जांच में समय लगता है: डोनेशन से पहले कई मेडिकल टेस्ट होते हैं, इसलिए फैसला जल्दबाजी में नहीं, बल्कि डॉक्टर की पूरी रिपोर्ट आने के बाद ही लेना चाहिए. • लंबी सेहत के लिए आदतें बदलें: संतुलित खाना, पर्याप्त पानी और नियमित जांच को आदत बनाना जरूरी है, ताकि बची हुई किडनी लंबे समय तक ठीक से काम करती रहे. सवाल-जवाब 1. किडनी दान करने के बाद क्या जिंदगी सामान्य रहती है? हां, सही मेडिकल जांच के बाद ज्यादातर लोग एक किडनी के साथ भी सामान्य जिंदगी जी सकते हैं. 2. क्या किडनी दान के बाद रोज दवा खानी पड़ती है? आमतौर पर उम्रभर किसी खास दवा की जरूरत नहीं पड़ती, बस डॉक्टर समय-समय पर जांच की सलाह देते हैं. 3. किडनी दान के बाद कौन सी नौकरियों में दिक्कत आ सकती है? सेना, पुलिस, एयरलाइन पायलट और रेलवे ड्राइवर जैसी नौकरियों में उस विभाग के स्वास्थ्य मानकों के आधार पर शर्तें लग सकती हैं. 4. किडनी कौन दान कर सकता है? जिस व्यक्ति की दोनों किडनियां स्वस्थ हों और जो मेडिकल जांच में डोनेशन के लिए फिट पाया जाए, वही किडनी दान कर सकता है. 5. दान से पहले कैसी जांच होती है? डॉक्टर दोनों किडनियों की कार्यक्षमता, व्यक्ति की सामान्य सेहत और ब्लड प्रेशर-शुगर जैसी बीमारियों की मौजूदगी की जांच करते हैं. 6. एक किडनी के साथ सेहत का ध्यान कैसे रखा जाए? संतुलित खान-पान, पर्याप्त पानी, नियमित शारीरिक गतिविधि और नियमित हेल्थ चेकअप जरूरी बताए गए हैं. https://trendkia.com/health/kidani-dana-karane-se-pahale-ye-baten-jarura-jana-len-doktara-ne-bataya-kaisi-badalati-hai-jindagi-28103 TrendKia — Har trend, sabse pehle.