कुणाल खेमू ने 80 किलो से घटाया वजन, शेयर किया 24 घंटे की वॉटर फास्टिंग का सीक्रेट कुणाल खेमू ने अपनी फिटनेस जर्नी के बारे में खुलकर बात करते हुए बताया कि उन्होंने कैसे 80 किलो से वजन घटाकर 71-72 किलो किया और 24 घंटे की वॉटर फास्टिंग का अनुभव साझा किया। फिल्मी पर्दे पर किसी किरदार को जीवंत करना केवल संवाद बोलने और कैमरे के सामने अभिनय करने तक सीमित नहीं होता है। कई बार कलाकारों को अपनी भूमिकाओं के अनुकूल दिखने के लिए अपने पूरे शरीर और रूप-रंग में भारी बदलाव करना पड़ता है। चाहे वजन बढ़ाना हो या फिर कई किलो चर्बी घटाना, यह प्रक्रिया बाहर से जितनी सीधी लगती है, भीतर से उतनी ही कठिन और चुनौतीपूर्ण साबित होती है। अभिनेता कुणाल खेमू ने हाल ही में अपनी फिटनेस यात्रा और वजन घटाने के अपने निजी अनुभवों के बारे में खुलकर चर्चा की। उन्होंने साझा किया कि किस तरह एक समय उनका वजन बढ़कर 80 किलोग्राम तक पहुंच गया था और फिर उन्होंने लगभग एक साल के लंबे अंतराल में इसे सफलतापूर्वक घटाकर 71 से 72 किलोग्राम के बीच पहुंचाया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान उन्होंने अपने जीवन में पहली बार 24 घंटे की वॉटर फास्टिंग का भी अभ्यास किया। इस तरह 80 किलो तक पहुंचा था वजन शान प्रशर के पॉडकास्ट Honestly Saying में बातचीत करते हुए कुणाल खेमू ने अपनी फिटनेस और शारीरिक बदलावों से जुड़े कई दिलचस्प पहलू सामने रखे। उन्होंने बताया कि फिल्मों के लिए खुद को ढालना कोई आसान काम नहीं होता है। वजन कम करने के साथ मांसपेशियों को बनाए रखना या फिर वजन बढ़ाने के लिए लगातार भारी मात्रा में भोजन करना, ये दोनों ही चीजें इंसान के शरीर और मानसिक स्थिति पर गहरा प्रभाव डालती हैं। कुणाल ने उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने फिल्म Go Goa Gone के लिए अपना वजन कम किया था। इसके विपरीत, राज और डीके की एक फिल्म के लिए उन्हें अपनी भूमिका की मांग के अनुसार काफी वजन बढ़ाना पड़ा था। इसी दौरान उनका वजन पहली बार बढ़कर 80 किलोग्राम के आंकड़े तक जा पहुंचा था। उस विशेष किरदार को निभाने के लिए उन्होंने भारी वजन उठाने यानी वेट ट्रेनिंग के साथ-साथ उच्च कार्बोहाइड्रेट वाली डाइट का भी सेवन किया था। वजन बढ़ाना आसान, घटाना रहा मुश्किल कुणाल के अनुसार, वजन बढ़ाना उनके लिए उतना अधिक कठिन नहीं था, लेकिन उस बढ़े हुए 80 किलोग्राम वजन से वापस एक फिट और कसी हुई शारीरिक बनावट में लौटना बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि वजन घटाने में खानपान की भूमिका सबसे अधिक महत्वपूर्ण होती है। उनके मुताबिक, यह लगभग 90 प्रतिशत तक केवल डाइट का ही खेल होता है। अपनी आगामी फिल्म Vibe के लिए उन्हें एक बार फिर से फिट और बेहतरीन शेप में पर्दे पर नजर आना था। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने धीरे-धीरे और नियंत्रित तरीके से वजन कम करने की राह चुनी। कुणाल ने बताया कि वजन को 80 किलोग्राम से घटाकर 71 से 72 किलोग्राम तक लाने में उन्हें लगभग एक साल का समय लग गया। इसका मतलब यह था कि उन्होंने तेजी से वजन कम करने वाले शॉर्टकट अपनाने के बजाय लंबी अवधि में अपनी खानपान की आदतों और जीवनशैली को बदलने पर पूरी तरह से फोकस किया। सात हफ्तों तक किया 24 घंटे का वॉटर फास्ट वजन घटाने के इस सफर के दौरान कुणाल ने अपने जीवन में पहली बार 24 घंटे की वॉटर फास्टिंग का अनुभव हासिल किया। उन्होंने बताया कि वह पहले से ही 16 घंटे के इंटरमिटेंट फास्टिंग रूटीन का पालन कर रहे थे। वह रात के समय भोजन जल्दी कर लेते थे और अगली सुबह जिम से लौटने के बाद ही अपना नाश्ता करते थे। एक दिन उन्हें अचानक यह महसूस हुआ कि वह पहले से ही करीब 16 घंटे से कुछ नहीं खा चुके हैं। इसके बाद उन्होंने दिन के बचे हुए आठ घंटे भी केवल पानी पीकर गुजारने का फैसला किया। जब भी उन्हें भूख का अहसास होता, वह पानी पी लेते और अंततः उन्होंने अपना पहला 24 घंटे का वॉटर फास्ट सफलतापूर्वक पूरा कर लिया। कुणाल ने बताया कि व्रत के शुरुआती 18 घंटे उनके लिए काफी सामान्य और ठीक रहे, लेकिन 18 से 20 घंटे के उस दौर में भूख की इच्छा को नियंत्रित करना थोड़ा कठिन महसूस हुआ। हालांकि, जब 22 घंटे बीत गए तो उन्हें यह अहसास हुआ कि अब केवल दो घंटे और बचे हैं, इसलिए उन्होंने अपने मन को मजबूत बनाए रखा। जब पूरे 24 घंटे बीत गए तो उन्हें यह महसूस हुआ कि अब भूख की वह तीव्र इच्छा पहले जैसी नहीं रही। उन्होंने आगे यह भी बताया कि इस सफल अनुभव के बाद उन्होंने लगभग सात हफ्तों तक हर सप्ताह में एक बार 24 घंटे का वॉटर फास्ट किया। हालांकि, एक हफ्ता ऐसा भी आया जब वह इसे नहीं कर पाए और बाद में दोबारा प्रयास करने पर उन्हें यह पहले जितना आसान नहीं लगा। इस अनुभव को साझा करते हुए कुणाल खेमू ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी जानकारी दी थी। अनाज छोड़ने से एसिड रिफ्लक्स में राहत कुणाल ने केवल उपवास पर ही पूरा भरोसा करने के बजाय अपनी दैनिक डाइट में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए। उन्होंने हाई-फैट और हाई-प्रोटीन से भरपूर डाइट अपनाई और कुछ समय के लिए अनाज का सेवन पूरी तरह से बंद कर दिया। इस अभिनेता ने बताया कि वह लंबे समय से एसिड रिफ्लक्स की समस्या से काफी परेशान चल रहे थे। उनके अनुसार, करीब चार महीने तक अनाज से दूरी बनाकर रखने के बाद उन्हें इस स्वास्थ्य समस्या में काफी राहत महसूस हुई। उन्होंने धीरे-धीरे चावल को तो अपनी डाइट में वापस शामिल कर लिया, लेकिन दालों से अपनी दूरी अभी भी बनाए रखी। इसके साथ ही उन्होंने ब्रेड और अन्य तमाम प्रोसेस्ड फूड यानी संस्कृत खाद्य पदार्थों के सेवन को भी काफी हद तक कम कर दिया। कुणाल का यह मानना है कि इन सभी बदलावों ने न केवल उन्हें अपना वजन घटाने में मदद की, बल्कि उनके शरीर की ऊर्जा के स्तर को भी बेहतर बनाने में बड़ा योगदान दिया। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने यह सब अपने व्यक्तिगत अनुभवों के आधार पर साझा किया है। हर इंसान का शरीर और स्वास्थ्य की स्थिति अलग-अलग होती है, इसलिए किसी भी लंबे समय तक उपवास रखने या किसी विशेष प्रकार की डाइट को अपनी दिनचर्या में शामिल करने से पहले किसी पेशेवर विशेषज्ञ या डॉक्टर की सलाह लेना बेहद जरूरी होता है। इसका आप पर असर स्वास्थ्य और फिटनेस: • आम लोगों के लिए: किसी भी तरह के लंबे उपवास या सख्त डाइट को अपनाने से पहले अपनी शारीरिक क्षमता समझें और विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। • वजन प्रबंधन: तेजी से वजन घटाने वाले शॉर्टकट के बजाय लंबी अवधि की जीवनशैली और खानपान में बदलाव अधिक असरदार साबित होते हैं। सवाल-जवाब 1. कुणाल खेमू का वजन बढ़कर कितना हो गया था? एक समय फिल्मों के किरदार की मांग के कारण कुणाल खेमू का वजन बढ़कर 80 किलोग्राम तक पहुंच गया था। 2. कुणाल ने 80 किलो से वजन घटाकर कितना किया? उन्होंने लगभग एक साल के भीतर अपना वजन घटाकर 71 से 72 किलोग्राम के बीच पहुंचाया। 3. कुणाल खेमू ने वजन घटाने के लिए कौन सा नया तरीका आजमाया? उन्होंने अपनी फिटनेस यात्रा के दौरान पहली बार 24 घंटे की वॉटर फास्टिंग का अनुभव लिया। 4. कुणाल ने कितने हफ्तों तक 24 घंटे का वॉटर फास्ट किया? उन्होंने लगभग सात हफ्तों तक हफ्ते में एक बार 24 घंटे का वॉटर फास्ट किया था। 5. किस चीज को छोड़ने से कुणाल को एसिड रिफ्लक्स में राहत मिली? करीब चार महीने तक अनाज से दूरी बनाए रखने से उन्हें एसिड रिफ्लक्स की समस्या में काफी राहत महसूस हुई। प्रेरणा और सबक सफलता और जीवन के सबक: • धीरज और निरंतरता: वजन घटाने जैसी बड़ी चुनौतियों में शॉर्टकट अपनाने के बजाय एक साल जैसी लंबी अवधि में निरंतर बदलाव करना अधिक सफल होता है। • खानपान पर नियंत्रण: अपनी शारीरिक समस्याओं को समझकर डाइट में अनाज या प्रोसेस्ड फूड सीमित करना बेहतर ऊर्जा दे सकता है। • नया आजमाने का साहस: अपनी फिटनेस यात्रा में इंटरमिटेंट फास्टिंग से आगे बढ़कर वॉटर फास्टिंग जैसे नए तरीकों को सुरक्षित रूप से आजमाया जा सकता है। • विशेषज्ञ की सलाह: किसी भी कठिन फिटनेस रूटीन को अपने जीवन में उतारने से पहले व्यक्तिगत स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है। https://trendkia.com/health/kunal-kemmu-weight-loss-80-kilo-se-71-kilo-hua-vajana-24-ghnte-ki-votara-phastinga-ka-sikreta-10753 TrendKia — Har trend, sabse pehle.