क्या आपको एयर फ्रायर खरीदना चाहिए या नहीं? डॉक्टर अंशुमान कौशल ने दूर किए सारे भ्रम आजकल हेल्दी कुकिंग के लिए एयर फ्रायर का चलन बढ़ गया है, लेकिन इसके इस्तेमाल और सेहत पर असर को लेकर कई तरह के भ्रम भी फैले हुए हैं। डॉक्टर अंशुमान कौशल ने विस्तार से बताया है कि किसे एयर फ्रायर खरीदना चाहिए और किसे इस पर पैसे खर्च करने से बचना चाहिए। स्वस्थ जीवनशैली और हेल्दी कुकिंग के प्रति बढ़ती जागरूकता के बीच आज के समय में रसोईघरों में एयर फ्रायर आम होता जा रहा है। हालांकि, सोशल मीडिया के दौर में इसके नुकसान और इसे कैंसरकारक बताए जाने वाले दावे भी अक्सर सामने आते रहते हैं। ऐसे में अक्सर लोगों के मन में यह उलझन बनी रहती है कि उन्हें एयर फ्रायर घर लाना चाहिए या नहीं। इस बारे में डॉक्टर अंशुमान कौशल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए एयर फ्रायर से जुड़े सभी पहलुओं पर खुलकर बात की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि किन लोगों को इसे जरूर खरीदना चाहिए और किन लोगों को इस पर एक भी रुपया खर्च नहीं करना चाहिए। डॉक्टर अंशुमान कौशल के अनुसार एयर फ्रायर असल में एक छोटा और हाई स्पीड कनवेक्शन ओवन होता है। इसमें एक हीटिंग कॉइल और एक शक्तिशाली पंखा लगा होता है, जो 200 डिग्री सेल्सियस तक गर्म हवा को लगातार खाने के चारों ओर घुमाता रहता है। जब उच्च तापमान पर भोजन पकता है, तो मेलार्ड रिएक्शन होता है, जिससे खाने को बढ़िया स्वाद और रंग मिलता है। हालांकि, कुछ खास मामलों में एक्रिलामाइड बनने का जोखिम भी रहता है, खासकर आलू जैसे स्टार्च वाले खाद्य पदार्थों में, इसलिए खाने को जरूरत से ज्यादा पकाने से बचना चाहिए। एयर फ्रायर में पके खाने का स्वाद और वैरायटी यदि आप यह उम्मीद कर रहे हैं कि एयर फ्रायर में बनी कचौड़ी या समोसे में, पारंपरिक तरीके से तेल में तले गए स्नैक्स जैसा स्वाद आएगा, तो आप निराश हो सकते हैं। इसमें चिकन, फिश, पनीर, सब्जियां, मखाना, फ्राइज, कटलेट, नगेट्स और पिज्जा बेहद शानदार बनते हैं। इसके विपरीत, ताजी जलेबी, भटूरे, पूड़ी, पकौड़े और क्रिस्पी समोसों के मामले में इसका स्वाद फीका लग सकता है और वह बात नहीं आएगी जो डीप फ्राई करने पर मिलती है। किसे खरीदना चाहिए और किसके लिए है बेकार अगर आप हॉस्टल में रहते हैं, अकेले रहते हैं, वर्किंग कपल हैं या फिर एक छोटा परिवार है, तो एयर फ्रायर आपके लिए एक गेम चेंजर साबित हो सकता है। यह केवल 10 मिनट में पनीर, 12 मिनट में चिकन तैयार कर सकता है, बचे हुए पिज्जा को फिर से कुरकुरा बना सकता है, सुबह की भागदौड़ में ब्रेड टोस्ट करने में मदद कर सकता है या शाम को मखाना भूनने के काम आ सकता है। इसके उपयोग से कम तेल लगता है, रसोई में धुआं या गंध कम होती है और सफाई भी आसान हो जाती है। इसके विपरीत, यदि आपके घर में रोज आठ से दस लोगों का खाना बनता है और हर दूसरे दिन पकौड़े-समोसे की पार्टी होती है, तो यह उपकरण आपके किसी काम का नहीं है। सही साइज और जरूरी फीचर्स का चुनाव बाजार से एयर फ्रायर खरीदते समय इसके आकार का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। यदि आपका परिवार दो से चार सदस्यों का है, तो चार से छह लीटर क्षमता वाला एयर फ्रायर पर्याप्त रहता है। यदि परिवार बड़ा है, तो छह से आठ लीटर का विकल्प चुना जा सकता है। इसके अलावा, तापमान नियंत्रण होना आवश्यक है जिसमें तापमान कम से कम 200 डिग्री तक जा सके। यदि इसकी बास्केट डिशवॉशर सेफ हो, तो इसे साफ करना और भी आसान हो जाता है. इस्तेमाल करते समय किन बातों से बचें एयर फ्रायर का प्रयोग करते वक्त कई लोग कुछ आम गलतियां कर बैठते हैं, जैसे बास्केट में बहुत ज्यादा तेल डाल देना या फिर बिल्कुल भी तेल का इस्तेमाल न करना। इसके अलावा, बार-बार बास्केट को खोलना, गीले बैटर से पकौड़े तैयार करना और मैनुअल न पढ़ना भी शामिल है। मैनुअल में स्पष्ट रूप से निर्देश होते हैं कि एयर फ्रायर में किन चीजों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। सेहत के लिहाज से कितना फायदेमंद है एयर फ्रायर इसमें कोई दो राय नहीं है कि एयर फ्रायर खाना पकाने में तेल की खपत को काफी हद तक कम कर देता है, जिससे कुछ मामलों में कैलोरी की मात्रा भी घट जाती है। इससे किचन में तेल का धुआं भी नहीं होता। लेकिन यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि फ्रोजन और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड जंक फूड यदि आप एयर फ्रायर में पका रहे हैं, तो वे सेहत को उतना ही नुकसान पहुंचाएंगे जितना सामान्य रूप से डीप फ्राई करने पर पहुंचाते हैं। क्या आपको वाकई एयर फ्रायर खरीदना चाहिए कुल मिलाकर बात यह है कि यदि आप अपनी सेहत का ख्याल रखते हुए खाना जल्दी और कम मेहनत में तैयार करना चाहते हैं, तो एयर फ्रायर आपकी रसोई की शोभा और जरूरत दोनों बन सकता है। लेकिन यदि आपका मुख्य उद्देश्य कचौड़ी, समोसा और पूरियां खाना है, तो केवल उस लालच में आकर इसे खरीदने का कोई फायदा नहीं है। इसका आप पर असर • भारत में: स्वस्थ खानपान की ओर बढ़ रहे लोगों के लिए एयर फ्रायर समय और तेल बचाने का एक व्यावहारिक विकल्प है। • रसोई और सेहत पर असर: यह डीप फ्राई की तुलना में कैलोरी कम करता है, लेकिन प्रोसेस्ड फूड के नुकसान से बचाव नहीं करता। सवाल-जवाब 1. एयर फ्रायर में कौन-कौन सी चीजें सबसे अच्छी बनती हैं? एयर फ्रायर में चिकन, फिश, पनीर, सब्जियां, मखाना, फ्राइज, कटलेट, नगेट्स और पिज्जा बहुत अच्छे बनते हैं। 2. कितने सदस्यों वाले परिवार के लिए कौन सा साइज सही है? दो से चार सदस्यों के परिवार के लिए 4 से 6 लीटर का एयर फ्रायर काफी होता है, जबकि बड़े परिवारों के लिए 6 से 8 लीटर का विकल्प बेहतर है। 3. क्या एयर फ्रायर में फ्रोजन जंक फूड खाना सेहत के लिए सुरक्षित है? नहीं, फ्रोजन अल्ट्रा-प्रोसेस्ड जंक फूड एयर फ्रायर में भी उतना ही नुकसानदायक रहता है जितना सामान्य डीप फ्राई करने पर होता है। 4. किसे एयर फ्रायर खरीदने से बचना चाहिए? अगर आपके घर में रोज बहुत ज्यादा लोगों के लिए खाना बनता है और आप मुख्य रूप से कचौड़ी, समोसा या पूरियां बनाने के लिए इसे लेना चाहते हैं, तो न खरीदें। https://trendkia.com/health/kya-aapko-air-fryer-kharidna-chahiye-doctor-anshuman-kaushal-21642 TrendKia — Har trend, sabse pehle.