लखीमपुर खीरी के जिला अस्पताल में न्यूरो सर्जिकल ओपीडी का आगाज, हर मंगलवार मात्र 1 रुपये में मिलेगा विशेषज्ञ परामर्श लखीमपुर खीरी जिला अस्पताल में न्यूरो सर्जिकल ओपीडी की शुरुआत हो चुकी है, जहां प्रत्येक मंगलवार मात्र 1 रुपये के पर्चे पर विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह और निशुल्क जांच की सुविधा उपलब्ध होगी। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में आम जनता के लिए चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मेडिकल कॉलेज के अधीन संचालित जिला अस्पताल परिसर में मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी और तंत्रिका तंत्र से जुड़ी बीमारियों के इलाज हेतु विशेष न्यूरो सर्जिकल ओपीडी सेवा औपचारिक रूप से शुरू कर दी गई है। स्थानीय स्तर पर इस विशेषज्ञ सुविधा के न होने के कारण अब तक गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों को लगभग 160 किलोमीटर दूर लखनऊ या अन्य बड़े महानगरों की यात्रा करनी पड़ती थी। इस नई पहल के बाद अब स्थानीय नागरिकों को अपने ही जिले में विशेषज्ञ स्तर की चिकित्सीय राय प्राप्त हो सकेगी, जिससे न केवल उनका कीमती समय बचेगा बल्कि यात्रा और निजी अस्पतालों पर होने वाले भारी खर्च से भी मुक्ति मिलेगी। हर मंगलवार को सुबह 8 बजे से संचालित होगी विशेषज्ञ सेवा जिला अस्पताल प्रशासन द्वारा निर्धारित व्यवस्था के तहत यह न्यूरो सर्जिकल ओपीडी प्रत्येक सप्ताह मंगलवार के दिन संचालित की जाएगी। डॉक्टर सिद्धार्थ ने इस व्यवस्था के संबंध में जानकारी साझा करते हुए बताया कि ओपीडी का समय सुबह 8 बजे से प्रारंभ हो जाता है। ऐसे में मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र से जुड़ी किसी भी समस्या से जूझ रहे नागरिक समय पर अस्पताल पहुंचकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं और सीधे विशेषज्ञ चिकित्सक से मिलकर जरूरी सलाह हासिल कर सकते हैं। डॉक्टर सिद्धार्थ ने स्पष्ट किया कि इस सेवा को शुरू करने के पीछे मुख्य ध्येय यही है कि जिले के निवासियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उनके नजदीक ही उपलब्ध कराई जा सकें, जिससे उन्हें सामान्य अथवा गंभीर न्यूरो समस्याओं के लिए मजबूरीवश बड़े शहरों के अस्पतालों की तरफ न भागना पड़े। महानगरों की लंबी दौड़ और आर्थिक दबाव से मिलेगी मुक्ति मानव शरीर में तंत्रिका तंत्र, मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी से जुड़ी व्याधियां अत्यंत संवेदनशील मानी जाती हैं, जिनमें समय पर सही परामर्श और सटीक चिकित्सा मिलना बेहद आवश्यक होता है। अक्सर देखा जाता है कि सिर में लगातार दर्द बना रहना, अचानक चक्कर आना, हाथ अथवा पैरों में कमजोरी महसूस होना, नसों में खिंचाव या रीढ़ की हड्डी में गंभीर दर्द जैसी तकलीफों को अनदेखा करना भारी पड़ जाता है। खीरी जैसे विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र वाले जिले में लंबे अर्से से विशेषज्ञ न्यूरो सर्जन की अनुपलब्धता एक बड़ी बाधा बनी हुई थी। पूर्व में यह स्थिति थी कि जिला अस्पताल में प्राथमिक परीक्षण के उपरांत मरीजों को सीधे लखनऊ या अन्य उच्च स्तरीय संस्थानों के लिए रेफर कर दिया जाता था। किसी मरीज को बाहर रेफर किए जाने पर केवल वही परेशान नहीं होता था, बल्कि परिवार के एक या एक से अधिक सदस्यों को भी साथ जाना पड़ता था। ऐसे में आने-जाने का परिवहन किराया, अन्य शहर में रुकने और खाने-पीने का दैनिक व्यय और निजी चिकित्सालयों में जांच व इलाज की भारी फीस मिलकर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ डाल देती थी। अब जिला अस्पताल में विशेषज्ञ परामर्श मिलने से उन लोगों को बहुत बड़ी सहूलियत मिलेगी, जिन्हें बीमारी के शुरुआती चरण में डॉक्टर को दिखाना हो या फिर पहले से चल रहे उपचार के सिलसिले में केवल रूटीन फॉलोअप कराना हो। मात्र 1 रुपये के सरकारी पर्चे पर इलाज और निशुल्क जांच की व्यवस्था सरकारी स्वास्थ्य तंत्र के अंतर्गत मिलने वाली यह सुविधा विशेष रूप से ग्रामीण और निर्धन पृष्ठभूमि से आने वाले लोगों के लिए संजीवनी साबित होगी। जिला अस्पताल में आने वाले मरीज मात्र 1 रुपये का सामान्य पंजीकरण पर्चा बनवाकर न्यूरो सर्जन से परामर्श प्राप्त कर सकेंगे। निजी क्षेत्र के अस्पतालों में जहां विशेषज्ञ न्यूरो सर्जन की केवल परामर्श फीस ही सैकड़ों या हजारों रुपये होती है, वहीं यहां नाममात्र के शुल्क में वही सुविधा सुलभ कराई जा रही है। परामर्श के अलावा बीमारियों की पहचान के लिए लगने वाली जरूरी जांचों को लेकर भी अस्पताल में पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। डॉक्टर सिद्धार्थ के अनुसार, अस्पताल में मरीजों के लिए कई प्रकार की आवश्यक नैदानिक जांचें पूर्णतया निशुल्क उपलब्ध हैं। चिकित्सक मरीज के शारीरिक लक्षणों और व्याधि की गंभीरता का आकलन करने के उपरांत जरूरी जांच कराने का निर्देश देंगे, जो अस्पताल के भीतर ही बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के की जाएंगी। किसी भी गंभीर बीमारी के सामने आने पर जांच का खर्च अक्सर गरीब परिवारों का बजट बिगाड़ देता है, इसलिए मुफ्त जांच की यह सुविधा मरीजों को बहुत बड़ा आर्थिक संबल प्रदान करेगी। आगे चलकर आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को उपचार की आगामी प्रक्रिया के लिए भी उचित मार्गदर्शन इसी केंद्र से उपलब्ध कराया जाएगा। इसका आप पर असर जिला अस्पताल में न्यूरो सर्जिकल ओपीडी शुरू होने से स्थानीय और ग्रामीण मरीजों को अत्यधिक कम खर्च में उच्च स्तरीय चिकित्सा परामर्श अपने ही जिले में उपलब्ध होगा। • लखीमपुर खीरी में: जिले के मरीजों को मस्तिष्क, रीढ़ और तंत्रिका तंत्र की बीमारियों के इलाज के लिए अब 160 किलोमीटर दूर लखनऊ जाने की मजबूरी से राहत मिलेगी। इससे मरीजों और उनके परिजनों का यात्रा में लगने वाला समय, होटल में ठहरने का खर्च और भागदौड़ पूरी तरह बच सकेगी। • आर्थिक बचत: मरीज सिर्फ 1 रुपये के सरकारी पर्चे पर विशेषज्ञ न्यूरो सर्जन से परामर्श ले सकेंगे। निजी चिकित्सालयों में जहां डॉक्टर की फीस ही काफी अधिक होती है, वहीं यहां बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक दबाव के परामर्श और निशुल्क जांचें संभव होंगी। • फॉलोअप में आसानी: जिन मरीजों को ऑपरेशन के बाद या नियमित जांच के लिए बार-बार डॉक्टर को दिखाना होता है, उन्हें अब शहर से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। वे हर मंगलवार सुबह 8 बजे से अस्पताल पहुंचकर अपने फॉलोअप परामर्श आसानी से पूरे कर सकेंगे। • समय पर उपचार: लगातार सिरदर्द, रीढ़ में दर्द या हाथ-पैरों में कमजोरी जैसे लक्षणों की शुरुआती स्तर पर ही पहचान हो सकेगी। बीमारी बढ़ने से पहले स्थानीय स्तर पर ही सही चिकित्सकीय मार्गदर्शन मिलने से गंभीर खतरों को टाला जा सकेगा। ऐसा क्यों हुआ लखीमपुर खीरी जिला अस्पताल में न्यूरो सर्जिकल विशेषज्ञ न होने के कारण मरीजों को सामान्य जांच के बाद भी उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर करना पड़ता था, जिससे मरीजों को भारी आर्थिक और शारीरिक परेशानी उठानी पड़ती थी। • स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ की कमी: जिले में तंत्रिका तंत्र और मस्तिष्क रोगों के विशेषज्ञ उपलब्ध न होने से मरीजों के पास लखनऊ जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता था। इस कमी को पाटने के लिए मेडिकल कॉलेज के तहत विशेष ओपीडी शुरू की गई। • रेफरल प्रणाली का दबाव: प्राथमिक जांच के तुरंत बाद मरीजों को बाहर रेफर किए जाने से लखनऊ के उच्च संस्थानों पर भी मरीजों का भारी दबाव बढ़ रहा था। स्थानीय स्तर पर जांच की सुविधा बनने से केवल गंभीर मामलों को ही आगे भेजने की जरूरत पड़ेगी। • गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ: निजी अस्पतालों में महंगी फीस और लंबी यात्रा का खर्च ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण था। इसी समस्या के स्थायी समाधान के रूप में यह कम खर्चीली सरकारी सुविधा प्रारंभ की गई है। सवाल-जवाब 1. लखीमपुर खीरी जिला अस्पताल में न्यूरो सर्जिकल ओपीडी किस दिन संचालित होगी? यह न्यूरो सर्जिकल ओपीडी प्रत्येक सप्ताह मंगलवार के दिन संचालित की जाएगी। 2. ओपीडी में डॉक्टर से परामर्श लेने का समय क्या निर्धारित किया गया है? ओपीडी सुबह 8 बजे से प्रारंभ हो जाती है, जहां मरीज पहुंचकर चिकित्सक से परामर्श ले सकते हैं। 3. जिला अस्पताल में न्यूरो विशेषज्ञ को दिखाने का शुल्क कितना है? मरीज मात्र 1 रुपये के सरकारी पर्चे पर विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श प्राप्त कर सकते हैं। 4. क्या अस्पताल में न्यूरो संबंधी जांचों के लिए अलग से शुल्क देना होगा? नहीं, अस्पताल में आवश्यक चिकित्सीय जांचों की सुविधा पूर्णतया निशुल्क उपलब्ध कराई जाती है। 5. इस नई सुविधा से मरीजों को किस शहर की भागदौड़ से राहत मिलेगी? मरीजों को इलाज के लिए करीब 160 किलोमीटर दूर लखनऊ जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। https://trendkia.com/health/lakhimpur-kheri-ke-jila-aspatala-men-nyuro-sarjikala-opidi-ka-agaja-hara-mngalavara-matra-1-rupaye-men-milega-visheshajna-paramars-45958 TrendKia — Har trend, sabse pehle.