लीमा महाजन ने दी थायराइड डाइट को रेटिंग, जानें गोभी और मिलेट्स पर क्या है हकीकत न्यूट्रिशनिस्ट लीमा महाजन ने थायराइड मरीजों के खानपान से जुड़े कई भ्रम दूर किए हैं। धनिया पानी, मिलेट्स और गोभी जैसी चीजों की वैज्ञानिक उपयोगिता पर उन्होंने अपनी डाइट रैंकिंग साझा की। थायराइड की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए रोजाना का खानपान सिर्फ पेट भरने का जरिया नहीं, बल्कि हार्मोन संतुलन का अहम हिस्सा होता है। रोजमर्रा की थाली में क्या शामिल किया जाए और किन चीजों से परहेज रखा जाए, इसे लेकर मरीजों के बीच हमेशा असमंजस बना रहता है। सोशल मीडिया पर तरह-तरह के घरेलू नुस्खों की भरमार के बीच सही खाद्य पदार्थों की पहचान करना जरूरी हो जाता है। वेट लॉस कोच और न्यूट्रिशनिस्ट लीमा महाजन ने अपने यूट्यूब वीडियो में थायराइड डाइट से जुड़ी आम धारणाओं का विश्लेषण करते हुए कई लोकप्रिय चीजों को बाकायदा रैंक देकर उनकी उपयोगिता समझाई है। धनिया बीज का पानी और सोशल मीडिया का भ्रम थायराइड की चर्चा आते ही कई लोग सुबह खाली पेट धनिया के बीज का पानी पीने की सलाह देने लगते हैं। लीमा महाजन ने इस लोकप्रिय नुस्खे को अपनी सूची में नौवें नंबर पर रखा है। उनका स्पष्ट मानना है कि धनिया के बीज का पानी थायराइड को नियंत्रित करने में कोई खास या जादुई असर नहीं दिखाता है। यह उपाय केवल सोशल मीडिया मंचों पर अत्यधिक प्रचारित होकर वायरल हुआ है, लेकिन वास्तविक रूप से थायराइड की स्थिति को सुधारने में इसका कोई विशेष चिकित्सीय लाभ साबित नहीं होता है। मिलेट्स पर सावधानी और बाजरा से परहेज की सलाह मोटे अनाजों यानी मिलेट्स को लेकर अक्सर यह मान लिया जाता है कि वे हर बीमारी में पूरी तरह सुरक्षित हैं, लेकिन थायराइड के मामले में तस्वीर थोड़ी अलग है। लीमा महाजन ने मिलेट्स को अपनी सूची में आठवें स्थान पर रखा है और बताया है कि यह थायराइड मरीजों के लिए बहुत ज्यादा गुणकारी साबित नहीं होते हैं। उन्होंने विशेष रूप से बाजरा खाने से पूरी तरह बचने की हिदायत दी है। इसके अलावा रागी और ज्वार का सेवन भी सीमित रखने का सुझाव दिया गया है, जिसे मरीज हफ्ते में केवल दो बार ही अपनी थाली में शामिल करें। इसके साथ ही उन्होंने सलाह दी कि जब भी मिलेट्स का सेवन करें, तो शरीर की पोषण संबंधी जरूरतों को संतुलित रखने के लिए प्रोटीन, फाइबर और आयोडीन से भरपूर खाद्य पदार्थों को भोजन में अनिवार्य रूप से जोड़ें। गोभी और ब्रोकोली से डरने की जरूरत नहीं थायराइड के अधिकांश मरीजों को फूलगोभी, पत्तागोभी और ब्रोकोली जैसी क्रूसिफेरस सब्जियों से दूर रहने की हिदायत दी जाती है, जिससे लोगों में इनके प्रति डर बैठ जाता है। लीमा महाजन ने इस आम धारणा को तोड़ते हुए गोभी और ब्रोकोली को सातवें नंबर पर जगह दी है। उनका कहना है कि यह दोनों सब्जियां थायराइड के लिए उतनी हानिकारक बिल्कुल नहीं हैं जितना सामान्य तौर पर समझा जाता है। वास्तव में ये दोनों सब्जियां लिवर को डिटॉक्स करने यानी शरीर की गंदगी बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। लिवर का स्वस्थ और साफ रहना थायराइड हार्मोन के सक्रिय होने की प्रक्रिया के लिए बेहद आवश्यक माना जाता है, इसलिए इन्हें पूरी तरह छोड़ने के बजाय सही तरीके से समझा जाना चाहिए। इसका आप पर असर इस पोषण सलाह का सीधा असर थायराइड मरीजों की रोजाना की थाली और खानपान के चयन पर पड़ता है। • खानपान में सुधार: सोशल मीडिया पर बताए जाने वाले धनिया पानी के नुस्खे पर अंधविश्वास छोड़कर मरीज अब सही पोषण पर ध्यान दे सकेंगे। इससे निरर्थक घरेलू उपायों पर समय और भरोसा गंवाने से बचा जा सकेगा। • अनाज का चुनाव: थायराइड से पीड़ित लोगों को बाजरा खाने से पूरी तरह परहेज करना होगा। रागी और ज्वार का सेवन भी हफ्ते में सिर्फ दो दिन तक सीमित रखकर हार्मोन संतुलन को बिगड़ने से रोका जा सकता है। • सब्जियों का चयन: गोभी और ब्रोकोली से अनावश्यक परहेज करने की जरूरत खत्म होगी। इन्हें डाइट में शामिल करने से लिवर डिटॉक्स में मदद मिलेगी, जो थायराइड हार्मोन को सक्रिय करने के लिए आवश्यक है। • संतुलित पोषण: मिलेट्स खाते समय प्रोटीन, फाइबर और आयोडीन युक्त चीजों को शामिल करने की आदत बनानी होगी। इससे शरीर में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी नहीं होगी और मेटाबॉलिज्म बेहतर रहेगा। ऐसा क्यों हुआ थायराइड मरीजों के बीच खानपान को लेकर वर्षों से कई भ्रांतियां और गलतफहमियां फैली हुई हैं, जिन्हें दूर करने के लिए विशेषज्ञ को यह वर्गीकरण जारी करना पड़ा। • अवैज्ञानिक नुस्खों का फैलाव: सोशल मीडिया पर धनिया बीज के पानी जैसे उपायों को थायराइड का अचूक इलाज बताकर प्रचारित किया जा रहा था। न्यूट्रिशनिस्ट ने स्पष्ट किया कि वास्तविक स्वास्थ्य पर इसका कोई उल्लेखनीय सकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। • क्रूसिफेरस सब्जियों का डर: लंबे समय से मरीजों में यह धारणा थी कि गोभी और ब्रोकोली खाने से थायराइड तुरंत बढ़ जाता है। विशेषज्ञ ने रेखांकित किया कि ये सब्जियां लिवर डिटॉक्स में सहायता करती हैं, जो हार्मोन को सक्रिय बनाने के लिए बेहद जरूरी क्रिया है। • मिलेट्स का अनियंत्रित उपयोग: मोटे अनाजों को पूरी तरह हानिरहित समझकर लोग अत्यधिक मात्रा में बाजरा और अन्य मिलेट्स खाने लगे थे। विशेषज्ञ ने आगाह किया कि बाजरा से बचना चाहिए और बाकी अनाजों के साथ प्रोटीन, फाइबर व आयोडीन लेना अनिवार्य है। सवाल-जवाब 1. क्या धनिया के बीज का पानी पीने से थायराइड ठीक हो सकता है? नहीं, लीमा महाजन के अनुसार धनिया पानी केवल सोशल मीडिया पर वायरल है और इससे थायराइड नियंत्रण में कोई खास लाभ नहीं मिलता। 2. लीमा महाजन ने धनिया बीज के पानी को कौन सी रैंक दी है? उन्होंने धनिया के बीज के पानी को अपनी रैंकिंग सूची में नौवें स्थान पर रखा है। 3. थायराइड में मिलेट्स को किस स्थान पर रखा गया है? मिलेट्स को विशेषज्ञ की डाइट रैंकिंग में आठवें नंबर पर रखा गया है। 4. थायराइड के मरीजों को कौन सा मिलेट बिल्कुल नहीं खाना चाहिए? विशेषज्ञ ने थायराइड के मरीजों को बाजरा का सेवन करने से पूरी तरह बचने की सलाह दी है। 5. रागी और ज्वार का सेवन हफ्ते में कितनी बार करना चाहिए? लीमा महाजन के मुताबिक रागी और ज्वार को हफ्ते में केवल दो बार ही अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। 6. मिलेट्स खाते समय डाइट में किन चीजों को शामिल करना जरूरी है? मिलेट्स के साथ अपनी खुराक में प्रोटीन, फाइबर और आयोडीन से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करना जरूरी है। 7. क्या थायराइड के मरीज गोभी और ब्रोकोली खा सकते हैं? हाँ, लीमा महाजन ने इन्हें सातवें नंबर पर रखा है और बताया कि ये लिवर डिटॉक्स में मदद करती हैं, जो थायराइड हार्मोन सक्रिय करने के लिए जरूरी है। https://trendkia.com/health/leema-mahajan-ne-di-thayaraida-daita-ko-retinga-janen-gobhi-aura-miletsa-para-kya-hai-hakikata-47562 TrendKia — Har trend, sabse pehle.