लिवर को फौलादी बनाने और हेपेटाइटिस के खतरे से बचने के लिए अपना लें ये 6 जरूरी आदतें खराब लाइफस्टाइल और खानपान के कारण लिवर की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। डॉक्टर रमेश गर्ग ने हेपेटाइटिस से बचाव और लिवर को स्वस्थ रखने के उपाय बताए हैं। बदलते दौर में हमारी जीवनशैली और खानपान का सबसे बुरा असर हमारे लिवर पर पड़ रहा है। देश के बड़े शहरों में फैटी लिवर की समस्या लगातार विकराल रूप लेती जा रही है। एक आम धारणा यह है कि लिवर से जुड़ी बीमारियां केवल शराब पीने वालों को होती हैं, लेकिन यह पूरी तरह सच नहीं है। असलियत यह है कि अनियंत्रित खानपान, बढ़ता मोटापा, डायबिटीज, शारीरिक श्रम की कमी और हेपेटाइटिस जैसे खतरनाक वायरस की वजह से भी बड़ी आबादी इस बीमारी की चपेट में आ रही है। हालांकि, अगर समय पर सही कदम उठाए जाएं और कुछ खास आदतों को दिनचर्या में शामिल किया जाए, तो लिवर को गंभीर नुकसान से बचाया जा सकता है। फोर्टिस हॉस्पिटल शालीमार बाग के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी विभाग के सीनियर डायरेक्टर और एचओडी डॉक्टर रमेश गर्ग ने हेपेटाइटिस से बचने के कारगर तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। हेपेटाइटिस के संक्रमण से खुद को कैसे सुरक्षित रखें हेपेटाइटिस के खतरे को टालने और अपने शरीर को सुरक्षित रखने के लिए चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा कुछ बेहद महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश बताए गए हैं। सबसे पहले, हेपेटाइटिस ए और हेपेटाइटिस बी का टीका लगवाना इस संक्रमण से लड़ने का सबसे पक्का और असरदार उपाय माना जाता है। इसके अलावा, हमेशा साफ पानी पिएं और स्वच्छ भोजन ही खाएं क्योंकि बाहर का दूषित खाना इस बीमारी का बड़ा कारण बनता है। व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें, जिसमें खाने से पहले और शौच के बाद अच्छी तरह हाथ धोना शामिल है। शेविंग रेजर, टूथब्रश, नेल कटर या इस्तेमाल की जाने वाली सुई जैसी निजी चीजें किसी के साथ भी साझा करने से बचें। सुरक्षित यौन संबंध अपनाना भी बेहद जरूरी है क्योंकि हेपेटाइटिस बी असुरक्षित शारीरिक रिश्तों के जरिए भी फैल सकता है। इसके अलावा, शराब के सेवन से दूरी बनाएं और किसी भी तरह की दवा डॉक्टर की सलाह के बिना लेने से बचें क्योंकि ये चीजें लिवर पर बहुत भारी दबाव डालती हैं। किन लोगों को हेपेटाइटिस की जांच जरूर करानी चाहिए हर इंसान को लगातार हेपेटाइटिस की जांच कराने की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन कुछ खास शारीरिक स्थितियों वाले लोगों के लिए यह अत्यंत आवश्यक है। जिन लोगों का कभी ब्लड ट्रांसफ्यूजन हुआ हो, जो डायलिसिस पर हैं, स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े कर्मी, गर्भवती महिलाएं, किसी संक्रमित मरीज के परिवार के लोग या जिन लोगों की पुरानी लिवर रिपोर्ट असामान्य आई हो, उन्हें सतर्क रहना चाहिए। इसके अलावा, यदि किसी को लंबे समय से थकान महसूस हो रही है, पीलिया के लक्षण दिख रहे हैं, भूख कम लग रही है, बार-बार मिचली आ रही है या लिवर एंजाइम का स्तर बढ़ा हुआ है, तो डॉक्टर से परामर्श करके तुरंत टेस्ट करवाना चाहिए। सबसे बड़ी चुनौती यह है कि हेपेटाइटिस बी और सी लंबे समय तक शरीर के भीतर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के छिपे रहते हैं, इसलिए जोखिम श्रेणी में आने वाले लोगों के लिए समय रहते जांच कराना ही समझदारी है। शराब न पीने वालों को भी क्यों घेर रही है फैटी लिवर की बीमारी आज के समय में गैर-शराबियों में भी फैटी लिवर की समस्या तेजी से पांव पसार रही है। इस स्थिति के पीछे मुख्य वजह अत्यधिक मात्रा में तला-भुना जंक फूड खाना, मीठे पेय पदार्थों का सेवन, शरीर में चर्बी बढ़ना, मोटापा, मधुमेह, उच्च कोलेस्ट्रॉल और पूरे दिन एक जगह बैठे रहने वाली जीवनशैली है। यदि इस पर समय रहते काबू न पाया जाए, तो यही फैटी लिवर आगे चलकर लिवर में गंभीर सूजन, फाइब्रोसिस, सिरोसिस और कुछ गंभीर परिस्थितियों में लिवर कैंसर का रूप ले सकता है। इसलिए वक्त रहते अपनी जीवनशैली में बदलाव करना और नियमित मेडिकल चेकअप करवाना बेहद जरूरी है। लिवर को हमेशा स्वस्थ और मजबूत बनाए रखने के नियम अपने लिवर को बेहतर स्थिति में रखने के लिए जरूरी है कि आप अपने रोजमर्रा के खानपान और आदतों में सकारात्मक बदलाव लाएं। हमेशा घर का बना हुआ संतुलित और पौष्टिक भोजन खाएं जिसमें हरे साग-सब्जियां, ताजे फल और साबुत अनाज भरपूर मात्रा में हों। हर रोज कम से कम तीस मिनट तक पैदल चलें या अपनी क्षमता के अनुसार कोई भी शारीरिक व्यायाम जरूर करें। अपने शरीर के वजन और कमर के घेरे को हमेशा नियंत्रण में रखें और तंबाकू तथा शराब से पूरी तरह किनारा कर लें। शरीर में पानी की कमी न होने दें और दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। डॉक्टर की पुख्ता सलाह के बिना कभी भी लंबे समय तक दर्द निवारक गोलियां, एंटीबायोटिक्स या हर्बल सप्लीमेंट्स का सेवन न करें। इसके अलावा, अपने ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल जैसी स्वास्थ्य समस्याओं को नियमित डॉक्टर की देखरेख में कंट्रोल में रखें। इसका आप पर असर भारत में: महानगरों और पूरे देश में खराब खानपान और sedentary लाइफस्टाइल के कारण बढ़ रही लिवर की बीमारियों के प्रति लोगों को अपनी डाइट और रूटीन सुधारने की जरूरत है। सवाल-जवाब 1. हेपेटाइटिस से बचने के लिए सबसे प्रभावी तरीका क्या है? हेपेटाइटिस ए और बी का टीका लगवाना संक्रमण से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। 2. किन लोगों को हेपेटाइटिस की जांच जरूर करानी चाहिए? जिनका ब्लड ट्रांसफ्यूजन हुआ हो, जो डायलिसिस पर हों, स्वास्थ्यकर्मी, गर्भवती महिलाएं या लंबे समय से थकान और पीलिया से पीड़ित लोगों को जांच करानी चाहिए। 3. शराब न पीने वालों को भी फैटी लिवर क्यों हो सकता है? ज्यादा जंक फूड खाने, मीठे पेय पीने, मोटापा बढ़ने, डायबिटीज और दिनभर बैठे रहने की आदत के कारण गैर-शराबियों को भी फैटी लिवर हो सकता है। 4. लिवर को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना क्या करना चाहिए? रोजाना कम से कम 30 मिनट टहलना, संतुलित घर का खाना खाना और पर्याप्त पानी पीना लिवर को स्वस्थ रखता है। https://trendkia.com/health/livara-ko-phauladi-banane-aura-hepatitis-ke-khatare-se-bachane-ke-lie-apana-len-ye-6-jaruri-adaten-11407 TrendKia — Har trend, sabse pehle.