# मधुमेह के रोगियों को अमरूद खाते वक्त नहीं करनी चाहिए ये दो बड़ी चूक, न्यूट्रिशनिस्ट ने दी खास सलाह

> मधुमेह रोगियों के लिए अमरूद एक बेहद फायदेमंद फल है, लेकिन इसका सेवन करते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है। जानी-मानी न्यूट्रिशनिस्ट लीमा महाजन ने बताया है कि किन दो गलतियों से बचना चाहिए।

**Type:** article · **Category:** स्वास्थ्य · **Published:** 2026-10-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/health/madhumeha-ke-rogiyon-ko-amaruda-khate-vakta-nahin-karani-chahie-ye-do-bari-chuka-nyutrishanista-ne-di-khasa-salaha-50723 · **Language:** Hindi
**Tags:** डायबिटीज, अमरूद के फायदे, ब्लड शुगर कंट्रोल, न्यूट्रिशनिस्ट, हेल्थ टिप्स

अमरूद को पोषक तत्वों से भरपूर एक बेहतरीन फल माना जाता है, जो सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी कम होता है जो 12 से 24 के बीच रहता है, जिस वजह से यह रक्त शर्करा के स्तर को अचानक नहीं बढ़ने देता। यही कारण है कि मधुमेह से जूझ रहे लोगों के लिए यह फल बेहद लाभकारी माना गया है। इसके अलावा इसमें फाइबर प्रचुर मात्रा में मौजूद होता है, जो शरीर में शुगर के अवशोषण की प्रक्रिया को धीमा कर देता है। इसके बावजूद क्या आप जानते हैं कि इसे खाने का सही तरीका क्या है? वेट लॉस कोच और न्यूट्रिशनिस्ट लीमा महाजन ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो साझा कर उन दो बड़ी गलतियों के बारे में बताया है जिन्हें मधुमेह रोगियों को अमरूद खाते वक्त बिल्कुल नहीं करना चाहिए।

 

## अमरूद सेवन के दौरान इन दो बातों का रखें खास ख्याल
 सही तरीके से अमरूद खाने से शरीर को पूरे पोषक तत्व मिलते हैं और ब्लड शुगर भी नियंत्रण में रहता है। आइए जानते हैं वे कौन सी दो मुख्य बातें हैं जिनका रोगियों को विशेष ध्यान रखना चाहिए।

  -  **पके हुए अमरूद को छिलके के साथ खाना: **लीमा महाजन के अनुसार, कई बार मधुमेह के रोगी अनजाने में पके हुए अमरूद को बिना छिले ही खा लेते हैं। ऐसा करने से ब्लड शुगर बढ़ सकता है क्योंकि कच्चे फल की तुलना में पके हुए अमरूद के छिलके में शुगर की मात्रा काफी ज्यादा होती है।

 
 -  **अमरूद की पत्तियों को बेकार समझकर फेंक देना: **विशेषज्ञ का कहना है कि यदि आप मधुमेह से पीड़ित हैं और अमरूद खाने जा रहे हैं, तो उसके साथ मिलने वाली पत्तियों को कभी न फेंके। विभिन्न अध्ययनों के अनुसार, यदि आप अमरूद की दस से बारह पत्तियों से बनी चाय का सेवन दिन में दो बार करते हैं, तो इससे फास्टिंग शुगर और पोस्ट मील शुगर दोनों ही तेजी से नियंत्रण में आ जाते हैं। इसके साथ ही इस बात का भी पूरा ध्यान रखना चाहिए कि मधुमेह के मरीज भले ही अमरूद खा सकते हैं, लेकिन किसी भी फल का सेवन सीमित मात्रा में ही किया जाना चाहिए। एक दिन में केवल एक मीडियम आकार का अमरूद खाना ही पर्याप्त माना जाता है।

 
 -  **इम्यूनिटी को मजबूती देना: **अमरूद में संतरे के मुकाबले भी ज्यादा मात्रा में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में बेहद असरदार साबित होते हैं।

 
 -  **हार्ट हेल्थ का ख्याल रखना: **इस फल में पोटेशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर रूप से मौजूद होते हैं, जो शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को घटाने के साथ-साथ ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित बनाए रखने में सहायता करते हैं।

 
 -  **त्वचा और बालों के लिए गुणकारी: **अमरूद में मौजूद विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स चेहरे पर पड़ने वाली झुर्रियों तथा कील-मुंहासों की समस्या को कम करते हैं और त्वचा की प्राकृतिक चमक को बनाए रखते हैं।

## इसका आप पर असर
डायबिटीज के मरीजों के लिए खानपान में यह सावधानी बरतना सीधे तौर पर ब्लड शुगर के नियंत्रण को प्रभावित करता है।

	- **भारत में:** मधुमेह से पीड़ित सभी आयु वर्ग के लोगों को अपने दैनिक फल सेवन के तरीके में सुधार करने में मदद मिलेगी। सही तरीका अपनाने से अचानक रक्त शर्करा बढ़ने का जोखिम कम हो जाता है।

	- **दैनिक खानपान में:** मरीजों को एक दिन में केवल एक मीडियम आकार का अमरूद ही खाना चाहिए। पके हुए फल को छीलकर खाना और पत्तियों का चाय के रूप में उपयोग करना स्वास्थ्य लाभ को बढ़ाता है।

## ऐसा क्यों हुआ
अमरूद के सेवन से जुड़े ये दिशानिर्देश इसके प्राकृतिक रासायनिक गुणों और पाचन प्रक्रिया पर आधारित हैं।

	- **कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स:** इस फल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 12 से 24 के बीच होता है, जो ग्लूकोज को रक्त में धीरे-धीरे घुलने में मदद करता है।

	- **छिलके में शुगर की मात्रा:** कच्चे फल की तुलना में पके हुए अमरूद के छिलके में शुगर की मात्रा अधिक पाई जाती है, जिससे सेवन का तरीका बदलना जरूरी हो जाता है।

	- **पत्तियों के औषधीय गुण:** अध्ययनों से यह बात सामने आई है कि अमरूद की पत्तियों में ऐसे यौगिक होते हैं जो उपवास और भोजन के बाद के शुगर स्तर को नियंत्रित करने में सहायक हैं।

	- **फाइबर की मौजूदगी:** इसमें प्रचुर मात्रा में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र में शर्करा के अवशोषण की गति को धीमा कर देता है।

## सवाल-जवाब

### 1. डायबिटीज के मरीजों के लिए अमरूद क्यों फायदेमंद है?
अमरूद का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 12 से 24 के बीच होता है और इसमें प्रचुर मात्रा में फाइबर होता है, जो ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ने नहीं देता।

### 2. अमरूद खाते समय कौन सी दो मुख्य गलतियां नहीं करनी चाहिए?
पके हुए अमरूद को बिना छिले खाना और अमरूद के साथ लगी पत्तियों को फेंक देना, ये दो मुख्य गलतियां हैं जिनसे बचना चाहिए।

### 3. एक दिन में कितना अमरूद खाना चाहिए?
डायबिटीज के मरीजों को एक दिन में केवल एक मीडियम आकार का अमरूद ही खाना चाहिए।

### 4. अमरूद की पत्तियों का उपयोग किस तरह किया जा सकता है?
अमरूद की दस से बारह पत्तियों की चाय बनाकर दिन में दो बार पीने से फास्टिंग और पोस्ट मील शुगर कंट्रोल करने में मदद मिलती है।

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