# मानसून में गले की खराश और दर्द से छुटकारा दिलाएंगे ये 5 आसान घरेलू नुस्खे

> बरसात के मौसम में तापमान के बदलाव और नमी के कारण गले में खराश और दर्द होना एक आम समस्या है। रसोई में रखी अदरक, हल्दी, तुलसी, शहद और नमक के इस्तेमाल से इस समस्या से आसानी से आराम पाया जा सकता है।

**Type:** article · **Category:** स्वास्थ्य · **Published:** 2026-08-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/health/manasuna-men-gale-ki-kharasha-aura-darda-se-chhutakara-dilaenge-ye-5-asana-gharelu-nuskhe-19862 · **Language:** Hindi
**Tags:** गले की खराश, मानसून सेहत, घरेलू नुस्खे, हल्दी दूध, अदरक चाय, तुलसी, स्वास्थ्य टिप्स

मानसून की शुरुआत के साथ वातावरण में नमी का स्तर काफी बढ़ जाता है और तापमान में बार-बार उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। इस मौसम में वायरल संक्रमण तेजी से फैलने लगते हैं, जिसकी वजह से गले में खराश, दर्द और जलन की समस्या पैदा हो जाती है। जब गले में तकलीफ हो, तो बर्फ का पानी, आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक्स और बहुत ठंडे खाद्य पदार्थों से पूरी तरह दूरी बनाना जरूरी होता है। ऐसे समय में डॉक्टर के चक्कर लगाने से पहले घर की रसोई में मौजूद कुछ पारंपरिक चीजें इस मौसम की समस्याओं से राहत दिलाने में बेहद मददगार साबित हो सकती हैं।

## बरसात के मौसम में गले की समस्या और शुरुआती सावधानियां
बारिश और सर्दियों के दिनों में गले में खराश और संक्रमण के मामले काफी बढ़ जाते हैं। इसका प्रमुख कारण हवा में बढ़ती नमी और लगातार बदलता मौसम होता है, जो वायरल बैक्टीरिया और इंफेक्शन को बढ़ावा देता है। गले में सूखापन या दर्द महसूस होते ही सबसे पहले खान-पान की आदतों में बदलाव करना चाहिए। बहुत ठंडे पेय पदार्थों का सेवन गले की ग्रंथियों को और नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए शुरुआती चरण में ठंडी चीजों से परहेज करते हुए घरेलू और प्राकृतिक उपचारों को अपनाना फायदेमंद रहता है।

## गुनगुने नमक वाले पानी से गरारा: कफ और जलन से तुरंत राहत
गले की खराश को दूर करने के लिए नमक के पानी से गरारे करना सबसे सरल, पुराना और असरदार तरीका माना जाता है। इसे तैयार करने के लिए एक गिलास हल्के गर्म यानी गुनगुने पानी में थोड़ी मात्रा में नमक मिलाएं और उसे अच्छी तरह घोल लें। इस मिश्रण को मुंह में लेकर कुछ सेकंड तक गरारे करें और फिर पानी को बाहर थूक दें। दिन में दो से तीन बार यह प्रक्रिया दोहराने से गले में जमा कफ साफ होता है और वहां होने वाली जलन तथा सूजन में काफी तेजी से आराम मिलता है।

## शहद का उपयोग: रात को खांसी और गले की चुभन में आराम
शहद का उपयोग प्राचीन समय से ही गले की जलन और खांसी को शांत करने के लिए एक बेहतरीन प्राकृतिक औषधि के रूप में किया जा रहा है। गले में खराश या सूखी खांसी होने पर रोजाना एक चम्मच शुद्ध शहद का सेवन किया जा सकता है। आप चाहें तो एक चम्मच शहद को गुनगुने पानी में मिलाकर भी पी सकते हैं। जिन लोगों को रात के समय सोते वक्त गले में चुभन, जलन या खांसी की ज्यादा समस्या होती है, उनके लिए सोने से ठीक पहले शहद का सेवन करना बेहद आरामदायक साबित होता है।

## अदरक की गर्म चाय: सर्दी-जुकाम और गले के दर्द का इलाज
बरसात के दिनों में अगर गले में लगातार दर्द या खराश बनी रहती है, तो अदरक की ताजी चाय एक बेहतरीन विकल्प है। अदरक में कई प्राकृतिक औषधीय तत्व मौजूद होते हैं, जो पारंपरिक रूप से सर्दी, जुकाम और गले की समस्याओं से लड़ने में मदद करते हैं। अदरक की चाय बनाने के लिए एक बर्तन में पानी लेकर उसमें कद्दूकस किया हुआ अदरक और थोड़ी सी चाय पत्ती डालकर अच्छी तरह उबाल लें। जब यह मिश्रण पक जाए, तो इसे हल्का गुनगुना रहने पर धीरे-धीरे पिएं। यह गले को गर्माहट देने के साथ-साथ संक्रमण को कम करती है।

## हल्दी वाला गर्म दूध: करक्यूमिन के सूजन-रोधी गुण
बारिश के मौसम में गले के दर्द और संक्रमण को खत्म करने के लिए हल्दी वाला दूध बहुत कारगर उपाय माना जाता है। इसे तैयार करने के लिए एक गिलास दूध को हल्का गर्म करें और उसमें लगभग आधा चम्मच हल्दी पाउडर मिलाएं। इसे अच्छी तरह घोलकर रात को सोने से पहले गुनगुना पिएं। हल्दी में करक्यूमिन नामक एक विशेष यौगिक पाया जाता है, जिसमें शक्तिशाली सूजन-रोधी गुण होते हैं। गर्म दूध गले की कोशिकाओं को तुरंत राहत पहुंचाता है और हल्दी अंदरूनी सूजन को कम करती है।

## ताजी तुलसी की पत्तियां: प्राकृतिक गुणों से गले को शांति
मौसम के बदलाव और वायरल संक्रमण की वजह से गले में होने वाले सूखेपन और खराश को ठीक करने में तुलसी बेहद उपयोगी मानी जाती है। भारतीय परंपरा में तुलसी की पत्तियों का इस्तेमाल प्राकृतिक उपचार के रूप में किया जाता रहा है। तुलसी में कई ऐसे प्राकृतिक यौगिक पाए जाते हैं जो गले की जलन और दर्द को शांत करते हैं। इसका सेवन करने के लिए 4 से 5 ताजी तुलसी की पत्तियों को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें और फिर उन्हें धीरे-धीरे चबाकर खाएं। इससे गले को काफी ताजगी और राहत मिलती है।

## इसका आप पर असर
**स्वास्थ्य और देखभाल:** मानसून के मौसम में गले के संक्रमण और दर्द से बचाव के लिए यह जानकारी बेहद उपयोगी है। महंगे इलाज के बजाय रसोई की प्राकृतिक चीजों से आसानी से राहत पाई जा सकती है।

## सवाल-जवाब

### 1. बारिश में गले की खराश दूर करने के सबसे मुख्य घरेलू उपाय क्या हैं?
नमक के पानी से गरारा करना, शहद, अदरक की चाय, हल्दी वाला दूध और ताजी तुलसी की पत्तियों का सेवन गले की खराश में राहत दिलाता है।

### 2. गले में खराश होने पर नमक के पानी से गरारा कितनी बार करना चाहिए?
गले में जमा कफ और जलन को कम करने के लिए दिन में दो से तीन बार गुनगुने नमक के पानी से गरारे करने चाहिए।

### 3. गले के दर्द और सूजन में हल्दी वाला दूध क्यों असरदार है?
हल्दी में करक्यूमिन नामक यौगिक पाया जाता है जिसमें सूजन-रोधी गुण होते हैं, और गर्म दूध गले को तुरंत आराम पहुंचाता है।

### 4. मानसून के दौरान गले की समस्या होने पर किन चीजों से बचना चाहिए?
गले की परेशानी के समय बहुत ठंडे पानी, आइसक्रीम, बर्फ वाले पेय और फ्रिज में रखे ठंडे खाद्य पदार्थों से पूरी तरह बचना चाहिए।

### 5. रात को सोने से पहले शहद का सेवन किस प्रकार मदद करता है?
सोने से पहले एक चम्मच शहद लेने से रात के समय परेशान करने वाली खांसी, चुभन और गले की जलन में बड़ी राहत मिलती है।

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