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  "type": "article",
  "title": "मानसून में सर्दी-बुखार से बचना है तो डाइटिशियन के ये टिप्स आजमाएं",
  "summary": "फरीदाबाद के सर्वोदय हॉस्पिटल की सीनियर डाइटिशियन डॉ. रीना शर्मा ने बताया कि मानसून में साफ-सफाई, हाइड्रेशन, सीजनल फूड और हल्की स्ट्रेचिंग अपनाकर बीमारियों से कैसे बचा जा सकता है।",
  "content": "मानसून की दस्तक के साथ ही तेज गर्मी से राहत तो मिलती है, लेकिन यही बदलता मौसम अपने साथ कई बीमारियों का खतरा भी लेकर आता है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक इस मौसम में वायरल इंफेक्शन, पेट की गड़बड़ी, सर्दी-जुकाम और बुखार के मामले तेजी से बढ़ने लगते हैं। ऐसे में खान-पान, साफ-सफाई और दिनचर्या में थोड़ी-सी सावधानी बरतकर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखा जा सकता है। सही आहार, पर्याप्त पानी और नियमित शारीरिक गतिविधि इस मौसम में स्वस्थ रहने की सबसे बड़ी कुंजी मानी जाती है।\n\nफरीदाबाद के सर्वोदय हॉस्पिटल की सीनियर डाइटिशियन डॉ. रीना शर्मा बताती हैं कि मानसून आते ही सबसे पहला काम है साफ-सफाई का ध्यान रखना। यह सफाई सिर्फ घर-आंगन तक सीमित नहीं, बल्कि खाने-पीने की चीजों तक भी होनी चाहिए। उनके मुताबिक जो भी सीजनल और ताजी सब्जियां या फल उपलब्ध हों, उन्हीं का इस्तेमाल करना बेहतर रहता है।\n\nबारिश में भी पानी की जरूरत कम नहीं होती\nडॉ. रीना शर्मा एक आम गलतफहमी की तरफ इशारा करती हैं। लोगों को लगता है कि मानसून आ गया है और बारिश हो रही है तो पानी की जरूरत कम हो जाएगी, लेकिन हकीकत में इस मौसम में गर्मी और नमी दोनों उतनी ही ज्यादा बनी रहती हैं। यही वजह है कि हाइड्रेशन बनाए रखना जरूरी है और पानी पीना बिल्कुल भी नहीं छोड़ना चाहिए। साथ ही जो भी भोजन लोकल स्तर पर और सीजन के हिसाब से उपलब्ध है, उसे रोजाना की डाइट में शामिल करने की सलाह दी जाती है।\n\nबच्चों के लिए थोड़ी-थोड़ी देर में भोजन और खास एंटीऑक्सीडेंट ड्रिंक\nबच्चों की सेहत को लेकर डॉ. रीना शर्मा कहती हैं कि उनके लिए हर थोड़ी-थोड़ी देर में कुछ न कुछ खिलाने की आदत डालनी चाहिए और तरल पदार्थ ज्यादा मात्रा में देने चाहिए। हाल ही में एक स्वास्थ्य संकल्प कार्यक्रम में उन्होंने एक खास ड्रिंक तैयार की है जिसका नाम एंटीऑक्सीडेंट प्लस रखा गया है। यह ड्रिंक अपराजिता के फूल से बनाई जाती है। इसे बनाने के लिए अपराजिता के फूल को गर्म पानी में डालकर उबाला जाता है। इसके बाद जैसे ही इसमें नींबू की एक बूंद मिलाई जाती है, इसका रंग नीले से बदलकर बैंगनी हो जाता है। यह देखने में जितनी दिलचस्प है, सेहत के लिहाज से उतनी ही फायदेमंद भी है। डॉ. रीना शर्मा के मुताबिक यह एंटीऑक्सीडेंट ड्रिंक शरीर को संक्रमण से बचाने में मदद करती है और बच्चे हों या बड़े, इसे कोई भी पी सकता है। मानसून में खुद को स्वस्थ रखने के लिए इसे काफी कारगर बताया गया है।\n\nव्यस्त दिनचर्या में भी योग के लिए निकाला जा सकता है समय\nडॉ. रीना शर्मा के मुताबिक योग को रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाना मुश्किल नहीं है। अगर किसी की दिनचर्या बहुत व्यस्त है और अलग से योग के लिए समय नहीं निकल पाता, तो जहां बैठे हैं वहीं मेडिटेशन किया जा सकता है और उसी जगह बैठकर हल्की स्ट्रेचिंग भी की जा सकती है। ऑफिस में काम करने वालों के लिए भी छोटी-छोटी मूवमेंट एक्टिविटी और स्ट्रेचिंग को दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है। इससे शरीर सक्रिय बना रहता है और सेहत भी बेहतर होती है।\n\nफास्ट फूड की जगह घर की रसोई पर भरोसा करें\nडॉ. रीना शर्मा कहती हैं कि आजकल लोगों की जिंदगी बहुत तेज रफ्तार वाली हो गई है और हर किसी को भागदौड़ बनी रहती है। कोई नाश्ता छोड़ देता है तो किसी को समय पर लंच करने का मौका ही नहीं मिलता। नतीजा यह होता है कि लोग प्रोसेस्ड और फास्ट फूड का इस्तेमाल ज्यादा करने लगते हैं, जबकि इनके बेहतर और सेहतमंद विकल्प घर की रसोई में पहले से मौजूद होते हैं। उनके मुताबिक ड्राई फ्रूट्स, नट्स, मखाने और भुने चने जैसे स्नैक्स आसानी से खाए जा सकते हैं और यह सेहत के लिए भी अच्छे हैं। गर्मी और मानसून दोनों मौसम में लस्सी, सत्तू की ड्रिंक और नींबू पानी जैसी चीजें शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करती हैं। सत्तू की तासीर ठंडी होती है, इसलिए इसे लस्सी के साथ मिलाकर भी पिया जा सकता है और सत्तू का सेवन साल भर किया जा सकता है, यह किसी खास मौसम तक सीमित नहीं है।\n\nहर दिन एक हेल्दी चॉइस बनाने की सलाह\nडॉ. रीना शर्मा का कहना है कि हर व्यक्ति को यह संकल्प लेना चाहिए कि वह रोजाना खाने-पीने में कम से कम एक हेल्दी चॉइस जरूर बनाए। अगर हर दिन खाने-पीने की एक अच्छी आदत अपनाई जाए, तो न सिर्फ खुद को स्वस्थ रखा जा सकता है, बल्कि आसपास के लोगों को भी बेहतर जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: मानसून के दौरान वायरल इंफेक्शन, सर्दी-जुकाम, बुखार और पेट संबंधी बीमारियां देशभर में बढ़ती हैं, इसलिए सही डाइट, हाइड्रेशन और साफ-सफाई अपनाकर परिवार को बीमार पड़ने से काफी हद तक बचाया जा सकता है।\n• फरीदाबाद में: सर्वोदय हॉस्पिटल की डाइटिशियन डॉ. रीना शर्मा की यह सलाह खासतौर पर स्थानीय लोगों के लिए है, जो एंटीऑक्सीडेंट प्लस जैसी घरेलू ड्रिंक और आसान रूटीन अपनाकर बच्चों व बुजुर्गों को इस मौसम में सुरक्षित रख सकते हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. मानसून में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए क्या करना चाहिए?\nसही आहार, पर्याप्त पानी और नियमित शारीरिक गतिविधि अपनाकर मानसून में इम्यूनिटी मजबूत रखी जा सकती है।\n\n2. बारिश के मौसम में पानी पीना क्यों जरूरी है?\nबारिश के बावजूद गर्मी और नमी उतनी ही ज्यादा रहती है, इसलिए शरीर को पर्याप्त पानी और हाइड्रेशन की जरूरत बनी रहती है।\n\n3. एंटीऑक्सीडेंट प्लस ड्रिंक कैसे बनाई जाती है और यह किसके लिए है?\nअपराजिता के फूल को गर्म पानी में उबालकर उसमें नींबू की एक बूंद मिलाई जाती है, जिससे रंग नीले से बैंगनी हो जाता है, यह बच्चों और बड़ों दोनों के लिए फायदेमंद है।\n\n4. व्यस्त दिनचर्या में योग के लिए समय न हो तो क्या किया जा सकता है?\nबैठे-बैठे मेडिटेशन और हल्की स्ट्रेचिंग की जा सकती है, ऑफिस में भी छोटी-छोटी मूवमेंट एक्टिविटी को रूटीन में शामिल किया जा सकता है।\n\n5. मानसून में कौन-से हेल्दी स्नैक्स खाए जा सकते हैं?\nड्राई फ्रूट्स, नट्स, मखाने और भुने चने जैसे स्नैक्स आसानी से खाए जा सकते हैं।\n\n6. सत्तू का सेवन किस मौसम में किया जा सकता है?\nसत्तू की तासीर ठंडी होती है और इसे साल भर, यहां तक कि लस्सी के साथ मिलाकर भी पिया जा सकता है।",
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  "category": "स्वास्थ्य",
  "publishedAt": "2026-07-04",
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