मिर्च से लेकर अंडे और डॉग फूड तक फैला साल्मोनेला, अमेरिका में सैकड़ों लोग बीमार अमेरिका के 32 से अधिक राज्यों में जालापेनो मिर्च, अंडे, मोरिंगा सप्लीमेंट और डॉग फूड के जरिए साल्मोनेला बैक्टीरिया तेजी से फैल रहा है, जिससे सैकड़ों लोग बीमार हुए हैं। अमेरिका में खाद्य सुरक्षा को लेकर बड़ी चेतावनी जारी की गई है, जहां एक साथ कई खाद्य पदार्थों में साल्मोनेला बैक्टीरिया का भयावह प्रकोप देखा जा रहा है। ताजा सब्जियों, पोल्ट्री उत्पादों, न्यूट्रिशन सप्लीमेंट्स और यहां तक कि पालतू कुत्तों के भोजन में दूषित सामग्री मिलने के बाद बड़े पैमाने पर रिकॉल अभियान शुरू किया गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों और खाद्य विज्ञान विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि गर्मियों के मौसम में बैक्टीरिया के पनपने का खतरा काफी बढ़ जाता है। इस व्यापक संक्रमण की वजह से देश भर में सैकड़ों लोग पेट की बीमारियों और गंभीर संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। जालापेनो मिर्च से बढ़ा प्रकोप और रिटेल स्टोर्स से वापसी सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) द्वारा 19 अगस्त को जारी किए गए एक अद्यतन आंकड़े के अनुसार, दूषित जालापेनो मिर्च से जुड़े साल्मोनेला प्रकोप के कारण 32 राज्यों में अब तक 431 लोग बीमार पड़ चुके हैं। इस संक्रमण की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 57 मरीजों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। सरकारी जांच में यह पाया गया कि यह दूषित मिर्च मैक्सिको के सिनालोआ क्षेत्र से आई थी और इसे कोस्ट सिट्रस डिस्ट्रीब्यूटर्स नाम की कंपनी द्वारा वितरित किया गया था। संक्रमण की पुष्टि होने के बाद वितरण कंपनी ने प्रभावित उपज को बाजार से वापस मंगाने पर सहमति व्यक्त की। इसके तुरंत बाद अमेरिका की प्रमुख खुदरा श्रृंखलाओं जैसे ट्रेडर जोस, होल फूड्स, क्रोगर और टारगेट के स्टोर्स से जालापेनो युक्त उत्पादों को हटाने का काम शुरू कर दिया गया। इन स्टोर्स की अलमारियों से साल्सा, गुआकामोल, सलाद ड्रेसिंग और मिर्च वाले अन्य सभी खाद्य पदार्थ हटा दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त प्रसिद्ध रेस्टोरेंट चेन चिपोटल और क्डोबा ने भी अपने मेनू में प्रभावित जालापेनो मिर्च परोसने पर तुरंत रोक लगा दी है। अंडों का विशाल रिकॉल और 19 मिलियन का आंकड़ा मिर्च के अलावा अंडों के माध्यम से फैलने वाला साल्मोनेला संक्रमण भी चिंता का बड़ा कारण बना हुआ है। अब तक 17 राज्यों में 98 लोग अंडों से जुड़े साल्मोनेला प्रकोप के कारण बीमार पड़ चुके हैं, जिनमें से 26 मरीजों की हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। स्वास्थ्य अधिकारियों ने अपनी शुरुआती जांच में मिडवेस्ट पोल्ट्री सर्विसेज को एक साझे स्रोत के रूप में चिह्नित किया है। हालांकि, अधिकारियों का यह भी स्पष्ट कहना है कि इस कंपनी के अंडे इस प्रकोप के सभी मामलों के लिए अकेले जिम्मेदार नहीं हैं और अन्य संभावित स्रोतों की जांच भी जारी है। इस संभावित खतरे को देखते हुए कंपनी ने जुलाई के महीने में ही स्वेच्छा से 19 मिलियन अंडों को बाजार से वापस मंगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। ये सभी अंडे टेक्सास में स्थित फार्मों से उत्पादित और वितरित किए गए थे। पोल्ट्री फार्मों में स्वच्छता और संक्रमण नियंत्रण को लेकर अब कड़े कदम उठाए जा रहे हैं ताकि इस बैक्टीरिया को आगे फैलने से रोका जा सके। मोरिंगा पाउडर और डॉग फूड में भी मिला साल्मोनेला साल्मोनेला का दायरा केवल सामान्य भोजन तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह स्वास्थ्य वर्धक सप्लीमेंट्स और पालतू जानवरों के आहार तक पहुंच गया है। हैम्पटन ग्रोसर कंपनी के उत्पाद लैकनोला लैक्टेशन ग्रेनोला को साल्मोनेला के खतरे के कारण वापस मंगाया जा रहा है। इस ग्रेनोला में मुख्य समस्या इसका एक जैविक मोरिंगा पाउडर घटक है। मोरिंगा पाउडर दक्षिण एशियाई सहजन के पेड़ की पत्तियों से तैयार किया जाने वाला एक पोषक तत्वों से भरपूर हरा पाउडर होता है। पिछले वर्ष से ही आयातित मोरिंगा पत्ती पाउडर और इससे बने आहार अनुपूरकों से जुड़े साल्मोनेला के कई मामले सामने आ चुके हैं। पालतू जानवरों के आहार की बात करें तो ओमास प्राइड कंपनी ने अपने वुफ कम्प्लीट केनाइन चिकन रेसिपी डॉग फूड के बैग्स को बाजार से वापस मंगाया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) को एक उपभोक्ता की शिकायत मिलने के बाद जब इस उत्पाद का नमूना एकत्र कर जांच की गई, तो उसमें साल्मोनेला बैक्टीरिया की मौजूदगी की पुष्टि हुई। FDA के नोटिस के मुताबिक इस दूषित डॉग फूड के सेवन से कुत्तों में बीमारी के 3 मामले दर्ज किए गए हैं। संक्रमण के लक्षण और उच्च जोखिम वाले वर्ग साल्मोनेला बैक्टीरिया से संक्रमित भोजन का सेवन करने के बाद इंसानों में कई तरह के शारीरिक लक्षण दिखाई देते हैं। आमतौर पर दूषित खाना खाने के 12 से 72 घंटे के भीतर मरीज को दस्त, तेज बुखार और पेट में तेज ऐंठन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ज्यादातर मामलों में लोग कुछ दिनों में ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ संवेदनशील समूहों के लिए यह जानलेवा भी हो सकता है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में साल्मोनेला का संक्रमण अत्यंत गंभीर रूप ले सकता है और कई बार यह जानलेवा साबित होता है। इसलिए शरीर में पानी की कमी न होने देना और समय पर चिकित्सीय सहायता लेना बेहद आवश्यक होता है। गर्मियों में बैक्टीरिया पनपने का वैज्ञानिक कारण NC स्टेट एक्सटेंशन की खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञ एलेन शुमेकर का कहना है कि गर्मियों के मौसम में साल्मोनेला का प्रकोप होना बेहद आम बात है। इसका एक बड़ा कारण यह है कि लोग गर्मियों में ताजे फल और कच्ची सब्जियां अधिक खाते हैं और खुले में पिकनिक या आउटडोर भोजन करना पसंद करते हैं। एलेन शुमेकर ने बताया, "जब तापमान बढ़ता है, तो साल्मोनेला जैसे बैक्टीरिया या साइक्लोस्पोरा जैसे परजीवियों के पनपने के लिए बेहद अनुकूल स्थितियां बन जाती हैं।" उनके अनुसार, यदि किसी पके हुए या जल्दी खराब होने वाले भोजन को दो घंटे से अधिक समय तक बिना फ्रिज के बाहर छोड़ दिया जाता है, तो वह खाने के लिए असुरक्षित हो जाता है। भोजन में बैक्टीरिया के प्रवेश का चक्र और पोल्ट्री संक्रमण साल्मोनेला और अन्य खाद्य जनित रोगाणुओं में एक मुख्य अंतर यह है कि साइक्लोस्पोरा केवल मनुष्यों को प्रभावित करता है, जबकि साल्मोनेला मनुष्यों और जानवरों दोनों को संक्रमित कर सकता है। अंडों में संक्रमण का मुख्य कारण साल्मोनेला एंटेरिटिडिस नाम का स्ट्रेन होता है, जो विशेष रूप से पोल्ट्री पक्षियों को प्रभावित करता है। यह बैक्टीरिया मुर्गी के प्रजनन मार्ग में जमा हो जाता है और अंडे का कठोर छिलका बनने से पहले ही उसके आंतरिक भाग को संक्रमित कर देता है। मुर्गियां दूषित दाना, पानी, मिट्टी या संक्रमित वन्यजीवों के संपर्क में आने से इस रोगाणु की चपेट में आती हैं। इसके अलावा फार्म में काम करने वाले इंसानों के कपड़ों या जूतों पर लगकर भी यह बैक्टीरिया पोल्ट्री फार्म तक पहुंच सकता है। फूड सेफ्टी स्ट्रेटजी की संस्थापक और खाद्य सूक्ष्मजीवविज्ञानी जेनिफर मैकएंटायर ने स्पष्ट किया, "साल्मोनेला का यह विशेष प्रकार लंबे समय से अंडों से जुड़ा रहा है, इसलिए यह एक जानी-मानी समस्या है।" अमेरिका में FDA का नियम है कि जिन अंडा उत्पादकों के पास 3,000 या उससे अधिक मुर्गियां हैं, उन्हें इस स्ट्रेन की नियमित जांच कराना अनिवार्य है। सिंचाई के पानी और पशु अपशिष्ट का खतरा ताजा सब्जियों और उपज की बात करें तो साल्मोनेला का प्रसार मुख्य रूप से दूषित सिंचाई जल के माध्यम से होता है। साइक्लोस्पोरा के फैलने का भी मुख्य जरिया यही सिंचाई जल माना जाता है। पेन स्टेट में खाद्य विज्ञान के प्रोफेसर एडवर्ड डडली के अनुसार, जिन कृषि क्षेत्रों में फसल उगाने के साथ-साथ पशुपालन भी होता है, वहां संक्रमित खेत के जानवरों का मल उपज के संपर्क में आने का हमेशा खतरा रहता है। प्रोफेसर एडवर्ड डडली ने समझाया कि जब पशु फार्म और फसल के खेत एक-दूसरे के पास होते हैं, तो जानवरों के अपशिष्ट से साल्मोनेला या ई. कोलाई बैक्टीरिया बहकर सतह के पानी में मिल जाते हैं। जब इसी पानी का इस्तेमाल फसलों की सिंचाई के लिए किया जाता है, तो बैक्टीरिया सीधे सब्जियों पर पहुंच जाते हैं। बचाव के उपाय और पकाने का महत्व प्रोफेसर डडली का मानना है कि लोगों को बहुत अधिक घबराने की जरूरत नहीं है, विशेषकर यदि उन्होंने रिकॉल किए गए उत्पादों को फेंक दिया है, लेकिन सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। खाद्य सुरक्षा बनाए रखने के लिए भोजन बनाने से पहले हाथ धोना, खाना पकाने की सतहों को साफ रखना, खराब होने वाले सामान को तुरंत फ्रिज में रखना, भोजन को सुरक्षित आंतरिक तापमान पर पकाना और रसोई में कच्चे मांस या अंडों को अन्य खाद्य पदार्थों से अलग रखना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि साल्मोनेला को पूरी तरह खत्म करने की तकनीक हमारे पास पहले से मौजूद है और वह है भोजन को अच्छी तरह पकाना। हालांकि, अमेरिका में लोग ताजी कच्ची सब्जियां और सलाद खाना बहुत पसंद करते हैं, जिससे यह जोखिम बना रहता है। इस बीच स्वास्थ्य सचिव रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर भी पूरे समर सीजन में लोगों को ताजी उपज खाने के साथ-साथ मीट और किण्वित आहार लेने के लिए प्रोत्साहित करते नजर आए हैं। इसका आप पर असर भारत में: हालांकि यह प्रकोप अमेरिका का है, लेकिन मोरिंगा सप्लीमेंट्स और आयातित खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल करने वाले भारतीय उपभोक्ताओं को डिब्बाबंद और कच्चे उत्पादों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। अमेरिका में: यदि आप अमेरिका में रहते हैं, तो अपने रेफ्रिजरेटर और रसोई में रखे जालापेनो मिर्च, रिकॉल किए गए ब्रांड्स के अंडे, मोरिंगा सप्लीमेंट और डॉग फूड की जांच करें और संदिग्ध सामान को तुरंत नष्ट कर दें। सवाल-जवाब 1. साल्मोनेला संक्रमण के मुख्य लक्षण क्या हैं और ये कितने समय में दिखाई देते हैं? इसके मुख्य लक्षणों में दस्त, तेज बुखार और पेट में ऐंठन शामिल हैं। ये लक्षण दूषित भोजन का सेवन करने के 12 से 72 घंटे के भीतर दिखाई देने लगते हैं। 2. अमेरिका में जालापेनो मिर्च से कितने लोग बीमार हुए हैं? CDC के 19 अगस्त के अपडेट के अनुसार, दूषित जालापेनो मिर्च के कारण 32 राज्यों में 431 लोग बीमार पड़े हैं, जिनमें से 57 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। 3. अंडों के जरिए साल्मोनेला संक्रमण कैसे फैलता है? साल्मोनेला एंटेरिटिडिस बैक्टीरिया मुर्गियों के प्रजनन मार्ग में जमा हो जाता है और सख्त छिलका बनने से पहले ही अंडे को संक्रमित कर देता है। 4. दूषित खाद्य पदार्थों से बचने के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? भोजन पकाने से पहले हाथ धोएं, रसोई की सतहों को साफ रखें, भोजन को सही तापमान पर पकाएं और खराब होने वाले सामान को 2 घंटे से अधिक बाहर न छोड़ें। 5. किस ब्रांड का डॉग फूड वापस मंगाया गया है? ओमास प्राइड कंपनी का वुफ कम्प्लीट केनाइन चिकन रेसिपी डॉग फूड वापस मंगाया गया है, जिसके दूषित नमूनों से 3 कुत्तों के बीमार होने की खबर है। 6. मोरिंगा पाउडर वाले सप्लीमेंट में साल्मोनेला का क्या खतरा पाया गया? हैम्पटन ग्रोसर का लैकनोला लैक्टेशन ग्रेनोला मोरिंगा पाउडर के कारण रिकॉल किया गया है, क्योंकि आयातित मोरिंगा पत्ती पाउडर से साल्मोनेला का प्रकोप जुड़ा पाया गया है। https://trendkia.com/health/mircha-se-lekara-ande-aura-doga-phuda-taka-phaila-salmonella-america-men-saikaron-loga-bimara-18953 TrendKia — Har trend, sabse pehle.