नाश्ते में ओट्स खाने वाले न करें ये चार गलतियां, फायदे के बदले बिगड़ सकती है सेहत ओट्स को पौष्टिक सुपरफूड मानकर नियमित खाने वाले लोग यदि गलत प्रकार चुनते हैं या उसमें चीनी और अतिरिक्त नमक मिलाते हैं, तो शरीर को नुकसान पहुंच सकता है। सुबह के नाश्ते में हल्का, सुपाच्य और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन चुनने की बात आती है तो बहुत से लोगों की पहली पसंद ओट्स बन जाता है। शारीरिक वजन घटाने की योजना हो या पेट और पाचन तंत्र को ठीक रखने की चाहत, लोग इसे दैनिक आहार का अहम हिस्सा बना लेते हैं। अनाज के तौर पर ओट्स को सुपरफूड का दर्जा मिला हुआ है क्योंकि इसमें कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसके बावजूद अगर इसे बनाने और खाने के तौर-तरीके में लापरवाही बरती जाए, तो यह सेहत को संवारने की जगह बिगाड़ भी सकता है। इस विषय पर आयुर्वेदिक डॉक्टर सलीम ज़ैदी ने अपने यू ट्यूब चैनल पर विस्तार से जानकारी साझा करते हुए आगाह किया है कि किन गलतियों के चलते यह गुणकारी आहार नुकसानदेह साबित हो सकता है। तैयार और फ्लेवर्ड विकल्पों से बचना क्यों जरूरी है दैनिक जीवन की भागदौड़ में वक्त बचाने के लिए ज्यादातर लोग इंस्टेंट ओट्स का रुख करते हैं। ऐसे उत्पादों को कुछ ही मिनटों में तैयार किया जा सकता है, लेकिन इनकी प्रोसेसिंग के दौरान नमक और चीनी का अतिरिक्त प्रयोग किया जाता है। नियमित रूप से ऐसे विकल्पों का सेवन शरीर में अवांछित तत्वों को जमा करने लगता है। इसलिए खरीदारी करते समय हमेशा बिना किसी अतिरिक्त स्वाद वाले सादे ओट्स को प्राथमिकता देनी चाहिए। पारंपरिक रोल्ड ओट्स अथवा स्टील कट ओट्स रसोई के लिए कहीं ज्यादा सुरक्षित और पौष्टिक विकल्प साबित होते हैं, क्योंकि इनमें प्राकृतिक रेशे और मूल पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं। मसाला पैकेट्स में छिपा सोडियम का खतरा बाजार में उपलब्ध तैयार मसाला ओट्स अपने चटपटे स्वाद और झटपट पकने की खूबी के कारण युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। हालांकि पैकेटबंद मसाला ओट्स में सोडियम अर्थात साधारण नमक का स्तर सामान्य से काफी अधिक पाया जा सकता है। जब कोई व्यक्ति हर रोज या जरूरत से ज्यादा मात्रा में इनका सेवन करता है, तो उसके शरीर में सोडियम की मात्रा अनियंत्रित रूप से बढ़ सकती है। उच्च सोडियम शरीर के संतुलन को प्रभावित करता है। इस जोखिम से सुरक्षित रहने का सबसे सीधा उपाय यही है कि घर पर सादे ओट्स पकाए जाएं और उनमें मनपसंद मौसमी कटी हुई ताजी सब्जियां तथा रसोई के सामान्य प्राकृतिक मसाले मिलाकर तैयार किए जाएं। मात्रा का असंतुलन और पोषण की कमी वजन घटाने के फेर में कई लोग बेहद कम मात्रा में ओट्स खाने की आदत डाल लेते हैं। अगर कोई केवल नाम मात्र के लिए ओट्स का सेवन कर रहा है, तो इससे न तो शरीर का वजन सही तरीके से नियंत्रित होगा और न ही सेहत को अपेक्षित लाभ मिलेंगे। जरूरत से कम मात्रा में इसे खाने से शरीर को दिनभर के लिए आवश्यक पोषक तत्व नहीं मिल पाते, जिससे कमजोरी महसूस हो सकती है। प्रत्येक व्यक्ति को ओट्स की दैनिक खुराक अपनी भूख, दैनिक शारीरिक गतिविधि के स्तर और अपनी डाइट की कुल पोषण जरूरतों के अनुसार ही तय करनी चाहिए। स्वाद बढ़ाने के चक्कर में शर्करा का इजाफा सादे ओट्स का स्वाद कई लोगों को फीका लगता है, जिसे बदलने के लिए वे उसमें सादी चीनी, मिठास भरे फ्लेवर्ड सिरप या मीठे चॉकलेट पाउडर जैसी चीजें मिलाने लगते हैं। ऐसा करने से उस भोजन में शर्करा की मात्रा अचानक अत्यधिक बढ़ जाती है। यदि किसी का लक्ष्य अपना वजन घटाना अथवा रक्त में शुगर के स्तर को संतुलित बनाए रखना है, तो ओट्स के कटोरे में चीनी और मीठे सिरप डालने से पूरी तरह बचना चाहिए। प्राकृतिक सादगी के साथ तैयार किया गया भोजन ही इस सुपरफूड के वास्तविक लाभ शरीर तक पहुंचा सकता है। इसका आप पर असर ओट्स को सही तरीके से तैयार करने पर ही उसके वास्तविक पोषण और वजन नियंत्रण का लाभ मिल सकता है। • विकल्प का चयन: बाजार के इंस्टेंट और रेडीमेड पैकेट के बजाय सादे रोल्ड ओट्स या स्टील कट ओट्स खरीदें। इससे शरीर अतिरिक्त चीनी और रासायनिक फ्लेवर से सुरक्षित रहता है। • नमक की मात्रा: पैकेट वाले मसाला ओट्स का नियमित उपयोग बंद करें। घर में सादे ओट्स में ताजी सब्जियां और हल्के मसाले मिलाकर पकाने से अतिरिक्त सोडियम से बचा जा सकता है। • मीठे से परहेज: ओट्स में रिफाइंड चीनी, मीठे चॉकलेट पाउडर और फ्लेवर्ड सिरप मिलाने से बचें। ऐसा न करने पर ब्लड शुगर बढ़ सकती है और वजन कम करने की कोशिश बेकार हो सकती है। • सही खुराक: ओट्स को केवल नाममात्र खाने के बजाय अपनी शारीरिक मेहनत और भूख के अनुसार संतुलित मात्रा में लें। संतुलित मात्रा से ही शरीर को दिनभर के लिए पर्याप्त ऊर्जा और पोषण मिलेगा। ऐसा क्यों हुआ लोग ओट्स को पूरी तरह सेहतमंद मानकर उसकी गुणवत्ता और उसमें मिलाई जाने वाली अतिरिक्त चीजों की अनदेखी कर देते हैं, जिससे यह नुकसानदेह बन जाता है। • पैकेजिंग और प्रोसेसिंग: बाजार में मिलने वाले तुरंत पकने वाले और मसाला ओट्स में स्वाद व शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए नमक और चीनी का भारी प्रयोग होता है। यही औद्योगिक सामग्री इनके प्राकृतिक गुणों को कमजोर कर देती है। • अत्यधिक मिठास का चलन: सादे ओट्स के फीके स्वाद को बदलने के लिए लोग सिरप और चीनी मिलाते हैं, जो कैलोरी और शर्करा दोनों बढ़ा देती है। इससे वजन नियंत्रित रहने के बजाय बढ़ने का जोखिम रहता है। • डाइट को लेकर भ्रम: कई लोग बिना सही जानकारी के ओट्स की मात्रा अत्यधिक कम कर देते हैं ताकि जल्दी पतले हो सकें। पोषण की कमी के कारण शरीर को जरूरी आहार तत्व नहीं मिल पाते हैं। सवाल-जवाब 1. ओट्स को नाश्ते में क्यों खाया जाता है? ओट्स कई आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर एक सुपरफूड है, जो वजन को नियंत्रित रखने और पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है। 2. इंस्टेंट ओट्स का नियमित सेवन क्यों नहीं करना चाहिए? इंस्टेंट ओट्स को जल्दी पकाने योग्य बनाने के दौरान उनमें नमक और चीनी का प्रयोग किया जाता है, जो सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। 3. बाजार के मसाला ओट्स में क्या कमी पाई जाती है? पैकेटबंद मसाला ओट्स में सोडियम अर्थात नमक का स्तर बहुत अधिक हो सकता है, जिससे शरीर में सोडियम की मात्रा अनियंत्रित होने का खतरा रहता है। 4. सादे ओट्स को स्वादिष्ट बनाने का सही तरीका क्या है? सादे ओट्स में मौसमी हरी सब्जियां और सामान्य प्राकृतिक मसाले मिलाकर पकाना एक सुरक्षित और स्वादिष्ट विकल्प है। 5. क्या ओट्स में चीनी या फ्लेवर्ड सिरप मिलाना ठीक है? नहीं, ओट्स में चीनी, मीठे सिरप या चॉकलेट पाउडर डालने से शर्करा बढ़ जाती है, जिससे वजन और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखना कठिन हो जाता है। 6. ओट्स की दैनिक खुराक कैसे तय करनी चाहिए? ओट्स की मात्रा व्यक्ति को अपनी भूख, शारीरिक कार्यप्रणाली और कुल आहार की पोषण संबंधी जरूरतों के आधार पर तय करनी चाहिए। https://trendkia.com/health/nashte-men-oats-khane-vale-na-karen-ye-chara-galatiyan-phayade-ke-badale-bigara-sakati-hai-sehata-56707 TrendKia — Har trend, sabse pehle.