# न्यूयॉर्क में पारा 100 डिग्री के पार, ज़ोहरान ममदानी प्रशासन ने खोले 650 से ज्यादा कूलिंग सेंटर

> गुरुवार तक न्यूयॉर्क में तापमान 100 डिग्री फारेनहाइट और हीट इंडेक्स 105 से 110 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है, जिसके बाद शहर ने अपना हीट इमरजेंसी प्लान सक्रिय कर 650 से ज्यादा कूलिंग सेंटर और कूलिंग वैन तैनात कर दी हैं।

**Type:** article · **Category:** स्वास्थ्य · **Published:** 2026-07-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/health/new-york-men-para-100-digri-ke-para-zohran-mamdani-prashasana-ne-khole-650-se-jyada-kulinga-sentara-4104 · **Language:** Hindi
**Tags:** न्यूयॉर्क हीटवेव, हीट इमरजेंसी प्लान, कूलिंग सेंटर, हीट स्ट्रोक, फीफा वर्ल्ड कप गर्मी, ज़ोहरान ममदानी

अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में गुरुवार तक तापमान 100 डिग्री फारेनहाइट (38 डिग्री सेल्सियस) तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि हीट इंडेक्स 105 से 110 डिग्री के बीच रहेगा, जो न्यूयॉर्क के लिहाज से असामान्य रूप से ज्यादा है। शुक्रवार को भी उतनी ही तेज गर्मी पड़ने की आशंका जताई गई है। मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में न्यूयॉर्क शहर के मेयर ज़ोहरान ममदानी ने कहा, यह बेहद खतरनाक स्थिति है और इसका असर शहर के हर हिस्से पर पड़ेगा।

## न्यूयॉर्क का हीट इमरजेंसी प्लान
ज्यादातर बड़े शहरों के पास हीट इमरजेंसी प्लान होते हैं, जिनमें कूलिंग सेंटर बनाना, कमजोर तबकों तक पहुंच बनाना और इमरजेंसी अलर्ट भेजना शामिल है। धरती गर्म होने के साथ हीटवेव पहले से ज्यादा तेज और बार-बार आने लगी हैं, इसलिए अब ज्यादा शहर ऐसी योजनाएं बना और लागू कर रहे हैं ताकि निवासियों को सुरक्षित रखा जा सके। इस साल न्यूयॉर्क शहर ने अपना हीट इमरजेंसी प्लान सबसे पहले 19 मई को सक्रिय किया था, यह अब तक की सबसे जल्दी तारीख है। दरअसल वसंत के मौसम में एक तेज हीटवेव ने पूरे नॉर्थईस्ट इलाके में तापमान को 90 डिग्री के पार पहुंचा दिया था। अब इस ताजा हीटवेव से पहले शहर ने वही प्लान दोबारा सक्रिय कर दिया है।

## 650 से ज्यादा कूलिंग सेंटर और नई कूलिंग वैन
न्यूयॉर्क शहर आपातकालीन प्रबंधन विभाग की कमिश्नर क्रिस्टिनिया फैरेल के मुताबिक, इस इमरजेंसी प्लान के तहत शहर में 650 से ज्यादा कूलिंग स्टेशन चालू किए जाएंगे। इनमें लाइब्रेरी, रिक्रिएशन सेंटर और Petco स्टोर तो शामिल हैं ही, साथ ही कुछ गैर-पारंपरिक कूलिंग स्टेशन भी होंगे, जैसे सरकारी इमारतें। फैरेल का कहना है कि न्यूयॉर्क में अब अत्यधिक गर्मी की चेतावनियां पहले से ज्यादा आम होती जा रही हैं। ममदानी प्रशासन शहर भर में कूलिंग वैन भी तैनात कर रहा है, जो वेलनेस चेकअप, मेडिकल केयर, पानी, इलेक्ट्रोलाइट्स और सनस्क्रीन देंगी, साथ ही लोगों को कूलिंग सेंटर या हेल्थकेयर सुविधाओं तक पहुंचाने का काम भी करेंगी। शहर भर में पुराने पे-फोन की जगह लगे लिंकएनवाईसी कियोस्क को भी अब सबसे नजदीकी कूलिंग सेंटर तक पैदल जाने का रास्ता दिखाने के लिए प्रोग्राम किया जाएगा, यह ममदानी प्रशासन की एक और नई पहल है।

## बिजली ग्रिड पर दबाव और बेघर लोगों तक पहुंच
घरेलू कूलिंग की बढ़ती मांग से बिजली ग्रिड पर दबाव कम करने के लिए कारोबारियों से अपने थर्मोस्टेट 78 डिग्री पर सेट करने की अपील की जा रही है, जो अमेरिकी ऊर्जा विभाग की पीक समर महीनों के लिए सिफारिश है। शहर के सामाजिक सेवा विभाग के कर्मचारी बेघर लोगों तक सीधे पहुंचकर उनकी मदद करेंगे। इस हीट प्लान के तहत जिन लोगों को कम समय के लिए आवास चाहिए, उन्हें शेल्टर में सामान्य इनटेक प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा।

## फिलाडेल्फिया में भी वर्ल्ड कप के बीच भीषण गर्मी की चुनौती
फिलाडेल्फिया भी भारी गर्मी के लिए तैयारी कर रहा है। यह शहर 4 जुलाई को एक फीफा वर्ल्ड कप मैच की मेजबानी कर रहा है, इसलिए यहां भी हीट इमरजेंसी प्लान सक्रिय कर दिया गया है और फीफा फैन फेस्टिवल का समय बदलकर शाम कर दिया गया है। यहां फैंस के लिए कूलिंग टेंट, मुफ्त पानी भरने के स्टेशन, छायादार जगहें और कई मेडिकल स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके बावजूद पैराग्वे और फ्रांस के बीच होने वाला मैच शाम 5 बजे ईटी पर शुरू होगा, जब गर्मी और उमस की वजह से तापमान 100 डिग्री से भी काफी ऊपर महसूस होने का अनुमान है।

## बढ़ती गर्मी से बढ़ती मौतें
जैसे-जैसे भीषण गर्मी की घटनाएं ज्यादा बार और ज्यादा तेज होती जा रही हैं, गर्मी से जुड़ी मौतों और बीमारियों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। येल विश्वविद्यालय के एक हालिया अध्ययन में सामने आया है कि पिछले दो दशकों में अमेरिका में तेज तापमान से जुड़ी मौतें लगभग दोगुनी हो गई हैं। 2000 से 2009 के बीच सालाना औसतन 2,670 मौतें होती थीं, जो 2010 से 2020 के बीच बढ़कर 4,000 से ज्यादा हो गईं। गर्मी से होने वाली ज्यादातर मौतें घर के अंदर, एयर कंडीशनिंग के बिना लंबे समय तक गर्मी झेलने के बाद होती हैं।

## अस्पताल तैयार, बढ़ते मरीजों की आशंका
न्यूयॉर्क के इमरजेंसी विभागों का कहना है कि वे आने वाले दिनों में तेज गर्मी से जुड़ी बीमारियों वाले मरीजों की बढ़ती संख्या संभालने की तैयारी कर रहे हैं। माउंट सिनाई क्वींस के इमरजेंसी मेडिसिन फिजिशियन एरिक ब्लूटिंगर बताते हैं कि अस्पताल तौलिये, पंखे और दूसरा जरूरी सामान इकट्ठा कर रहा है ताकि गर्मी से बीमार मरीजों का सही इलाज हो सके। उनका कहना है कि लोगों के लिए गर्मी से जुड़ी बीमारी के लक्षण पहचानना जरूरी है, ताकि वे जल्द से जल्द इलाज करा सकें।

## हीट एग्जॉशन और हीट स्ट्रोक में फर्क कैसे पहचानें
हीट एग्जॉशन यानी गर्मी से थकावट में बहुत ज्यादा पसीना आना, जी मिचलाना और उल्टी, मांसपेशियों में ऐंठन और कमजोरी जैसे लक्षण दिखते हैं। इसे अक्सर अस्पताल के बाहर भी पानी पीकर और शरीर को ठंडा करके संभाला जा सकता है, लेकिन कभी-कभी यह हीट स्ट्रोक में बदल जाता है, जो कहीं ज्यादा गंभीर और जानलेवा हो सकता है। हीट स्ट्रोक वाले मरीजों की त्वचा सूखी और गर्म हो जाती है, नब्ज तेज चलने लगती है। उन्हें भ्रम की स्थिति, बोलने में लड़खड़ाहट या बेहोशी भी हो सकती है। एनवाईयू लैंगोन हेल्थ के टिश हॉस्पिटल में इमरजेंसी विभाग के चीफ ऑफ सर्विस रीड कॉल्डवेल कहते हैं, अगर किसी व्यक्ति की मानसिक स्थिति बिगड़ी हुई है और वह गर्म भी है, तो यह इस बात का संकेत है कि वह गंभीर रूप से बीमार हो सकता है।

## अस्पतालों में इलाज कैसे होता है
जब किसी व्यक्ति के शरीर का तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच जाता है, तो डॉक्टर एवैपोरेटिव कूलिंग नाम की तकनीक से पसीने जैसा असर पैदा करते हैं। इसमें मरीज के कपड़े उतारकर उसकी त्वचा पर पानी का छिड़काव किया जाता है और लगातार पंखा झला जाता है। इसी मकसद के लिए कोल्ड वॉटर इमर्शन और बर्फ से भरे बॉडी बैग का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। ज्यादा गर्मी दिल की बीमारियों, फेफड़ों की बीमारी और किडनी की समस्याओं को भी बढ़ा देती है, इसलिए पुरानी बीमारियों वाले लोगों को गंभीर हीट सिकनेस का खतरा ज्यादा रहता है। शिशु और बुजुर्ग भी ज्यादा जोखिम में हैं, क्योंकि उनका शरीर तापमान नियंत्रित करने में उतना कारगर नहीं होता।

## बचाव के लिए डॉक्टरों की सलाह
बचाव सबसे अहम है। कॉल्डवेल कहते हैं, यह जरूरी है कि हमें प्यास लगने से पहले ही पानी पी लेना चाहिए। उनका कहना है कि सनस्क्रीन लगाना भी जरूरी है, क्योंकि धूप से झुलसी त्वचा ज्यादा गर्म महसूस होती है और शरीर के दूसरे हिस्सों से पानी खींच लेती है, जिससे डिहाइड्रेशन हो सकता है। गर्मी में बाहर निकलने से पहले शराब सीमित मात्रा में लेना भी अच्छा विचार है, क्योंकि शराब डिहाइड्रेशन का कारण बनती है, यह सलाह खासतौर पर छुट्टी वाले दिन और वर्ल्ड कप मैचों के दौरान काम की है, जब दिन में शराब पीने का चलन काफी ज्यादा रहता है। कॉल्डवेल कहते हैं, कहीं जाने से पहले शरीर को पहले से हाइड्रेट रखने का बहुत फायदा है, और डिहाइड्रेटेड न रहने का तो उससे भी ज्यादा फायदा है।

## इसका आप पर असर
यह खबर सीधे तौर पर अमेरिका से जुड़ी है, लेकिन इसमें दी गई सेहत से जुड़ी जानकारी हर किसी के काम की है।

- **अमेरिका यात्रा या वर्ल्ड कप देखने वालों के लिए:** जो लोग इन दिनों न्यूयॉर्क या फिलाडेल्फिया की यात्रा पर हैं या वर्ल्ड कप मैच देखने जा रहे हैं, उन्हें भीषण गर्मी और उमस को गंभीरता से लेकर पानी, सनस्क्रीन और शराब को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए।
- **सेहत के लिहाज से सभी के लिए:** हीट एग्जॉशन और हीट स्ट्रोक के लक्षण पहचानना, प्यास लगने से पहले पानी पीना और सनस्क्रीन लगाना, ऐसी सलाहें भारत में भी गर्मी के मौसम में उतनी ही जरूरी हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. न्यूयॉर्क में कितना तापमान पहुंचने का अनुमान है?
गुरुवार तक न्यूयॉर्क में तापमान 100 डिग्री फारेनहाइट (38 डिग्री सेल्सियस) तक पहुंच सकता है, जबकि हीट इंडेक्स 105 से 110 डिग्री के बीच रहेगा।

### 2. न्यूयॉर्क शहर ने इस साल हीट इमरजेंसी प्लान पहली बार कब सक्रिय किया था?
इस साल न्यूयॉर्क शहर ने अपना हीट इमरजेंसी प्लान सबसे पहले 19 मई को सक्रिय किया था, जो अब तक की सबसे जल्दी तारीख है।

### 3. न्यूयॉर्क में कितने कूलिंग स्टेशन खोले जा रहे हैं?
शहर में 650 से ज्यादा कूलिंग स्टेशन चालू किए जाएंगे, जिनमें लाइब्रेरी, रिक्रिएशन सेंटर, Petco स्टोर और कुछ सरकारी इमारतें शामिल हैं।

### 4. लिंकएनवाईसी कियोस्क का हीटवेव में क्या नया इस्तेमाल किया जाएगा?
शहर के पुराने पे-फोन की जगह लगे लिंकएनवाईसी कियोस्क अब सबसे नजदीकी कूलिंग सेंटर तक पैदल जाने का रास्ता दिखाएंगे, यह ममदानी प्रशासन की नई पहल है।

### 5. फिलाडेल्फिया में वर्ल्ड कप मैच किन टीमों के बीच है और कब शुरू होगा?
फिलाडेल्फिया में 4 जुलाई को पैराग्वे और फ्रांस के बीच मैच शाम 5 बजे ईटी पर शुरू होगा, जब तापमान गर्मी और उमस के चलते 100 डिग्री से काफी ऊपर महसूस होने का अनुमान है।

### 6. पिछले दो दशकों में अमेरिका में गर्मी से जुड़ी मौतें कितनी बढ़ी हैं?
येल विश्वविद्यालय के अध्ययन के मुताबिक सालाना औसत मौतें 2000-2009 के बीच 2,670 से बढ़कर 2010-2020 के बीच 4,000 से ज्यादा हो गईं।

### 7. हीट एग्जॉशन और हीट स्ट्रोक में क्या फर्क है?
हीट एग्जॉशन में ज्यादा पसीना, उल्टी, मांसपेशियों में ऐंठन और कमजोरी होती है, जबकि हीट स्ट्रोक में त्वचा सूखी-गर्म हो जाती है, नब्ज तेज चलती है और मरीज भ्रमित या बेहोश हो सकता है।

### 8. गर्मी से बचाव के लिए डॉक्टर क्या सलाह देते हैं?
डॉक्टर रीड कॉल्डवेल के मुताबिक प्यास लगने से पहले पानी पीना, सनस्क्रीन लगाना और गर्मी में निकलने से पहले शराब सीमित रखना जरूरी है।

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