# नींद में लार क्यों टपकती है और यह कब मेडिकल जांच का विषय बन जाती है

> सोते समय लार बहना अक्सर गलत करवट या मुंह से सांस लेने की वजह से होता है, लेकिन लगातार ऐसा होना नाक, गले या तंत्रिका तंत्र से जुड़ी दिक्कतों की ओर इशारा कर सकता है।

**Type:** article · **Category:** स्वास्थ्य · **Published:** 2026-10-29 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/health/ninda-men-lara-kyon-tapakati-hai-aura-yaha-kaba-medikala-jancha-ka-vishaya-bana-jati-hai-53256 · **Language:** Hindi
**Tags:** नींद में लार, ईएनटी स्वास्थ्य, मुंह से सांस लेना, स्लीप एपनिया, नाक की एलर्जी, टॉन्सिल

सुबह जागने पर तकिए पर गीलापन नजर आना एक बेहद सामान्य शारीरिक प्रक्रिया हो सकती है, जिससे ज्यादातर लोग कभी न कभी दो-चार होते हैं। कई बार लोग इसे केवल एक अजीब आदत समझ लेते हैं, जबकि कुछ लोगों के मन में यह चिंता पैदा करता है कि कहीं यह शरीर के भीतर पनप रही किसी गंभीर बीमारी का संकेत तो नहीं है। ईएनटी सलाहकार डॉ क्षितिजा पाठक के अनुसार, तकिए पर नजर आने वाले लार के दागों का सामान्य तौर पर किसी छिपी हुई बीमारी से सीधा वास्ता नहीं होता, पर जब यह स्थिति जरूरत से ज्यादा होने लगे तो चिकित्सकीय दृष्टिकोण से ध्यान देने की दरकार होती है।

## सोने की मुद्रा और लार बहने की प्रक्रिया
जब इंसान गहरी नींद में होता है, तो चेहरे और मुंह की मांसपेशियां पूरी तरह शिथिल हो जाती हैं। यदि कोई व्यक्ति पीठ के बल सोने के बजाय पेट के बल या करवट लेकर सोता है, तो गुरुत्वाकर्षण के स्वाभाविक असर से मुंह में बनने वाली लार बाहर की ओर बहने लगती है। सामान्य परिस्थितियों में जागते समय इंसान बिना सोचे-समझे लगातार लार निगलता रहता है, लेकिन नींद में निगलने की यह गति धीमी पड़ जाती है। इसी कारण जब सिर एक तरफ मुड़ा होता है या चेहरा तकिए से सटा होता है, तो लार मुंह के कोनों से रिसकर सीधे तकिए पर आ जाती है।

## मुंह से सांस लेने की आदत और श्वसन मार्ग की बाधाएं
लार बहने की सबसे प्रमुख वजहों में से एक है सोते समय मुंह खोलकर सांस लेना। सामान्य तौर पर सांस नाक के जरिए भीतर जानी चाहिए, लेकिन जब नाक का मार्ग अवरुद्ध हो जाता है, तो शरीर ऑक्सीजन पाने के लिए स्वाभाविक रूप से मुंह खोल देता है। हवा के इस प्राकृतिक रास्ते में रुकावट आने के पीछे कई शारीरिक कारण हो सकते हैं, जिनमें गंभीर नाक एलर्जी, मौसम बदलने से नाक बंद होना, नाक की बीच वाली हड्डी का टेढ़ा होना और एडेनॉइड्स ग्रंथि का बढ़ना शामिल है।

इसके अलावा, गले में टॉन्सिल का आकार असामान्य रूप से बड़ा होना और ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया की स्थिति भी नींद में मुंह खोलने के लिए मजबूर करती है। जब व्यक्ति पूरी रात मुंह से सांस लेता है, तो मुंह खुला रहने के कारण लार अनियंत्रित होकर बाहर निकलने लगती है। कुछ मामलों में भोजन या लार निगलने की सामान्य प्रक्रिया में रुकावट, तंत्रिका तंत्र यानी नर्वस सिस्टम से संबंधित विकार और कुछ विशेष दवाओं का नियमित सेवन भी लार के अत्यधिक उत्पादन या उसके बहने का कारण बन सकता है।

## रोजमर्रा की आदतें और घरेलू सुधार
यदि तकिए पर लार का कभी-कभार ही दिखना होता है और इसके अलावा शरीर में कोई दूसरा असामान्य लक्षण नहीं है, तो जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव राहत दे सकते हैं। सोने की सही मुद्रा अपनाना, जैसे पीठ के बल सोने की कोशिश करना, इसमें काफी मददगार साबित होता है। इसके साथ ही नाक की एलर्जी की समय पर रोकथाम, नाक बंद रहने की स्थिति में उचित उपचार, भरपूर पानी पीने की आदत और मुंह की नियमित सफाई बनाए रखना सहायक होता है। हालांकि, केवल पर्याप्त मात्रा में पानी पी लेने से यह समस्या पूरी तरह ठीक हो जाएगी, ऐसा सोचना सही नहीं है क्योंकि यह अंतर्निहित कारणों पर निर्भर करता है।

## डॉक्टर को कब दिखाना जरूरी है
यदि लार टपकने का सिलसिला रोजाना और अत्यधिक मात्रा में बना रहता है, तो इसे केवल सोने का गलत तरीका मानकर अनदेखा नहीं करना चाहिए। खासतौर पर यदि इसके साथ तेज खर्राटे लेना, नींद के दौरान सांस का अचानक कुछ सेकंड के लिए रुक जाना, रात में घबराहट या दम घुटने जैसे एहसास के साथ नींद टूटना, तरल या ठोस चीजें निगलने में तकलीफ होना या नाक हमेशा ही जाम रहना जैसे लक्षण भी दिखाई दे रहे हों, तो तत्काल किसी ईएनटी विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। विशेषज्ञ जांच करके यह तय करते हैं कि कहीं श्वसन नली में कोई रुकावट, बढ़े हुए टॉन्सिल या नींद से जुड़ा कोई विकार तो शरीर को प्रभावित नहीं कर रहा है।

## इसका आप पर असर
रात में लार बहने की समस्या ज्यादातर मामलों में गंभीर नहीं होती, लेकिन यह आपके सोने के तरीके और श्वसन मार्ग के स्वास्थ्य की पहचान करने में मदद करती है।

- **दैनिक नींद की गुणवत्ता:** अपनी सोने की स्थिति बदलकर पीठ के बल सोने की कोशिश करें। इससे गुरुत्वाकर्षण के कारण लार बाहर आने की संभावना कम होती है और नींद बेहतर होती है।
- **श्वसन मार्ग का ध्यान:** यदि आपको बार-बार मुंह से सांस लेनी पड़ती है, तो अपनी नाक की जांच कराएं। नाक बंद रहने या एलर्जी का समय रहते इलाज कराने से मुंह सूखने और लार टपकने से बचा जा सकता है।
- **विशेषज्ञ सलाह की आवश्यकता:** यदि खर्राटे और सांस अटकने जैसी दिक्कतें साथ में हैं, तो फौरन ईएनटी डॉक्टर से मिलें। समय पर जांच कराने से स्लीप एपनिया जैसी गंभीर बीमारियों का सही समय पर निदान संभव हो जाता है।
- **घरेलू स्वच्छता और आदतें:** तकिए के कवर को नियमित धोएं और मुंह की सफाई का पूरा ध्यान रखें। पर्याप्त पानी पीना और मुंह की नमी बनाए रखना संक्रमण के जोखिम को घटाता है।

## ऐसा क्यों हुआ
सोते समय लार बहने की सीधी वजह यह है कि नींद के दौरान चेहरे की मांसपेशियां शिथिल हो जाती हैं और निगलने की सामान्य गति धीमी पड़ जाती है। जब शरीर मुंह से सांस लेने को मजबूर होता है, तो यह तरल बाहर निकल जाता है।

- **शारीरिक स्थिति और गुरुत्वाकर्षण:** करवट या पेट के बल सोने से मुंह में इकट्ठा लार प्राकृतिक रूप से नीचे बहने लगती है। जागते समय व्यक्ति इसे अनजाने में निगलता रहता है, लेकिन नींद में यह नियंत्रण कम हो जाता है।
- **नाक के रास्ते में रुकावट:** एलर्जी, बंद नाक, टेढ़ी नेजल सेप्टम या बढ़े हुए एडेनॉइड्स हवा के आवागमन को रोक देते हैं। ऐसे में शरीर को सांस लेने के लिए मुंह खोलना पड़ता है, जिससे लार बाहर आ जाती है।
- **गले और तंत्रिका संबंधी कारण:** टॉन्सिल का बढ़ना, स्लीप एपनिया, निगलने में शारीरिक परेशानी, कुछ दवाएं और तंत्रिका तंत्र के विकार भी इस स्थिति को बढ़ावा देते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. क्या सोते समय मुंह से लार आना किसी बीमारी का संकेत है?
कभी-कभार लार आना सामान्य है और इसका संबंध करवट लेकर सोने से होता है। हालांकि, अगर यह अत्यधिक हो और साथ में खर्राटे या सांस रुकने जैसे लक्षण हों, तो यह स्लीप एपनिया या श्वसन संबंधी दिक्कत हो सकती है।

### 2. सोते समय लार बहने की मुख्य वजह क्या है?
करवट या पेट के बल सोना और नाक बंद होने की वजह से मुंह से सांस लेना इसके सबसे प्रमुख कारण हैं।

### 3. किन शारीरिक समस्याओं के कारण मुंह से सांस लेनी पड़ती है?
नाक की एलर्जी, नाक की हड्डी टेढ़ी होना, एडेनॉइड्स का बढ़ना, टॉन्सिल बड़े होना और बंद नाक इसके प्रमुख कारण हैं।

### 4. क्या ज्यादा पानी पीने से लार बहने की समस्या दूर हो सकती है?
पर्याप्त पानी पीना सेहत और मुंह की स्वच्छता के लिए अच्छा है, लेकिन सिर्फ पानी पीने से लार टपकने की समस्या पूरी तरह ठीक नहीं हो सकती।

### 5. इस समस्या के लिए डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?
यदि लार लगातार टपके और साथ में तेज खर्राटे, सोते समय दम घुटना, सांस रुकना या निगलने में कठिनाई हो, तो ईएनटी विशेषज्ञ से जांच करवानी चाहिए।

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