पाचन और दिल की सेहत सुधारने में मदद कर सकते हैं अलसी के छोटे बीज, डॉक्टर ने बताया सही तरीका रायबरेली की एक आयुष चिकित्सक के मुताबिक अलसी के बीज में मौजूद फाइबर और ओमेगा-3 फैटी एसिड पाचन, दिल की सेहत और वजन नियंत्रण में मदद कर सकते हैं, लेकिन सही मात्रा और डॉक्टरी सलाह जरूरी है. सेहत को लेकर जागरूकता बढ़ने के साथ अब ज्यादातर लोग अपनी थाली में देसी और पौष्टिक चीजों को जगह देने लगे हैं. इसी कड़ी में अलसी के बीज एक बार फिर चर्चा में हैं. आकार में बेहद छोटे दिखने वाले ये बीज सदियों से आयुर्वेदिक इलाज में इस्तेमाल होते आए हैं. बदलती लाइफस्टाइल और बढ़ती बीमारियों के बीच लोग अब दवाओं से पहले खान-पान में बदलाव को तरजीह देना पसंद कर रहे हैं, और अलसी इसी सोच का एक हिस्सा बनकर उभरी है. रायबरेली के राजकीय आयुष चिकित्सालय, शिवगढ़ में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी के तौर पर काम कर रहीं डॉ स्मिता श्रीवास्तव (बीएएमएस, लखनऊ विश्वविद्यालय) का कहना है कि अलसी में ओमेगा-3 फैटी एसिड के साथ फाइबर जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में मौजूद रहते हैं, जो शरीर के कई कामकाज में मदद कर सकते हैं. उनकी सलाह है कि इसे हमेशा सही मात्रा और विशेषज्ञ की राय के मुताबिक ही खाना चाहिए. पाचन तंत्र को मिल सकता है सहारा डॉ श्रीवास्तव बताती हैं कि अलसी में फाइबर की मात्रा अच्छी खासी होती है, जिससे पेट की सफाई में मदद मिल सकती है. उनका कहना है कि रोजाना संतुलित मात्रा में इसका सेवन करने वालों को कब्ज जैसी दिक्कत से राहत मिलने की संभावना रहती है. कई लोग इसे पीसकर तो कई भूनकर अपने भोजन में शामिल करते हैं, जिससे स्वाद बेहतर होने के साथ सेवन भी आसान हो जाता है. दिल की सेहत में भी दिख सकता है असर अलसी में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड हृदय के लिए एक अहम पोषक तत्व माना जाता है. डॉ श्रीवास्तव के अनुसार अगर इसे संतुलित खान-पान और स्वस्थ दिनचर्या के साथ जोड़ा जाए तो यह शरीर के लिए लाभदायक साबित हो सकता है. विशेषज्ञ मानते हैं कि रोजमर्रा के भोजन में छोटे-छोटे बदलाव लंबे समय में हृदय से जुड़ी दिक्कतों का खतरा कम करने में सहायक हो सकते हैं, बशर्ते इसे लापरवाही से न अपनाया जाए. हालांकि जिन लोगों को पहले से दिल की कोई बीमारी है या कोई और गंभीर परेशानी है, उन्हें डॉक्टर से पूछे बिना इसे अपनी डाइट में शामिल नहीं करना चाहिए. भूख को काबू में रखने में भी मददगार वजन घटाने की कोशिश में लगे लोगों के लिए भी अलसी काम की चीज साबित हो सकती है. इसके भीतर मौजूद फाइबर पेट को देर तक भरा हुआ रखने में मदद करता है, जिससे बार-बार भूख लगने की समस्या कम हो सकती है. लेकिन सिर्फ अलसी खा लेने भर से वजन कम होने की गारंटी नहीं मिलती, इसके लिए संतुलित भोजन और रोजाना कसरत भी उतनी ही जरूरी है. त्वचा, बाल और रोजमर्रा की सेहत के लिए भी उपयोगी अलसी में पाए जाने वाले पोषक तत्व शरीर की समग्र सेहत बनाए रखने में मददगार माने जाते हैं. त्वचा और बालों के लिहाज से भी कई लोग इसे फायदेमंद मानते हैं. इसे पानी में भिगोकर, दही में मिलाकर, सलाद के ऊपर छिड़ककर या किसी भी अन्य खाद्य पदार्थ के साथ आसानी से रोजाना के खाने का हिस्सा बनाया जा सकता है. कुछ लोग इसे सुबह खाली पेट लेना पसंद करते हैं तो कुछ रात के खाने के साथ, हालांकि इसका कोई एक तय समय नहीं बताया गया है. ज्यादा मात्रा में सेवन से बचें, यह रखें सावधानी जरूरत से ज्यादा अलसी खाने पर पेट से जुड़ी दिक्कतें भी हो सकती हैं, इसलिए इसे सीमित मात्रा में ही खाएं और भरपूर पानी पिएं. फाइबर की मात्रा ज्यादा होने के कारण बिना पर्याप्त पानी पिए अलसी खाने से पेट फूलने या गैस जैसी शिकायत भी हो सकती है, इसलिए संयम बरतना जरूरी है. जो महिलाएं गर्भवती हैं, जिन्हें कोई गंभीर बीमारी है या जो रोजाना दवाएं खाते हैं, वे अलसी शुरू करने से पहले किसी डॉक्टर या आयुष विशेषज्ञ की राय जरूर लें. इसका आप पर असर यह जानकारी सीधे तौर पर उन लोगों के काम की है जो अपने रोजमर्रा के खान-पान से पाचन, दिल की सेहत या वजन को बेहतर बनाना चाहते हैं. • पाचन सुधारने वालों के लिए: रोजाना संतुलित मात्रा में अलसी खाने से पेट साफ रहने और कब्ज से राहत मिलने की संभावना है. इसे पीसकर या भूनकर खाने से यह उपाय घर पर ही आसानी से अपनाया जा सकता है. • दिल के मरीजों के लिए: ओमेगा-3 फैटी एसिड दिल के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन पहले से बीमारी वाले मरीजों को बिना डॉक्टर से पूछे इसे डाइट में शामिल नहीं करना चाहिए, वरना नुकसान भी हो सकता है. • वजन घटाने की कोशिश करने वालों के लिए: फाइबर पेट भरा रखने में मदद करता है, जिससे बार-बार खाने की इच्छा कम हो सकती है, लेकिन असर के लिए संतुलित डाइट और रोजाना कसरत भी साथ में जरूरी होगी. • गर्भवती और बीमार लोगों के लिए: गर्भवती महिलाओं, गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों या नियमित दवा लेने वालों को शुरू करने से पहले डॉक्टर या आयुष विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है, वरना पेट फूलने या गैस जैसी दिक्कत हो सकती है. सवाल-जवाब 1. अलसी में मुख्य रूप से कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं? अलसी में फाइबर और ओमेगा-3 फैटी एसिड प्रमुख पोषक तत्व माने जाते हैं. 2. क्या अलसी खाने से कब्ज में राहत मिल सकती है? डॉ स्मिता श्रीवास्तव के मुताबिक रोजाना संतुलित मात्रा में सेवन करने से पेट साफ रखने और कब्ज से बचाव में मदद मिल सकती है. 3. क्या सिर्फ अलसी खाने से वजन कम हो जाता है? नहीं, इसके साथ संतुलित डाइट और नियमित व्यायाम भी उतना ही जरूरी बताया गया है. 4. दिल के मरीजों को अलसी खाने से पहले क्या करना चाहिए? दिल से जुड़ी बीमारी या किसी गंभीर समस्या से पीड़ित लोगों को डॉक्टर की सलाह के बाद ही इसका सेवन करना चाहिए. 5. अलसी को रोज के खाने में कैसे शामिल किया जा सकता है? इसे पीसकर या भूनकर पानी, दही, सलाद या अन्य खाद्य पदार्थों के साथ लिया जा सकता है. 6. गर्भवती महिलाओं को अलसी खाने से पहले क्या सावधानी बरतनी चाहिए? गर्भवती महिलाओं और नियमित दवा लेने वालों को अलसी शुरू करने से पहले डॉक्टर या आयुष विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए. https://trendkia.com/health/pachana-aura-dila-ki-sehata-sudharane-men-madada-kara-sakate-hain-alasi-ke-chhote-bija-doktara-ne-bataya-sahi-tarika-29336 TrendKia — Har trend, sabse pehle.