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  "type": "article",
  "title": "पचास की उम्र में भी दिखना है पच्चीस जैसा जवान, तो आज ही अपना लें ये पांच अचूक आदतें",
  "summary": "बढ़ती उम्र में भी युवा दिखने के लिए जीवनशैली में कुछ बुनियादी बदलाव करना बेहद जरूरी है। एम्स के विशेषज्ञ डॉ. प्रसून चटर्जी के अनुसार, सही खानपान, समय पर डिनर और नियमित व्यायाम से लंबे समय तक जवान रहा जा सकता है.",
  "content": "जवान दिखने की हसरत हर किसी के दिल में होती है, लेकिन इस चाहत को हकीकत में बदलने वाले लोग बहुत कम होते हैं। समाज में अक्सर ऐसे कुछ लोग मिल जाते हैं जो पचास साल की उम्र में भी पच्चीस के नजर आते हैं। फिल्म जगत के सितारे ऋतिक रौशन, सलमान खान और शाहरुख खान इसके बड़े उदाहरण हैं। अगर फिल्मी दुनिया से हटकर देखें तो अपने आस-पास भी ऐसे कई चेहरे दिख जाएंगे जो उम्र बढ़ने के बावजूद तरोताजा और युवा नजर आते हैं। कई लोग इसे किसी तरह का जादू या चमत्कार मानते हैं, लेकिन असलियत इससे बिल्कुल अलग है। इस तरह की सेहत और रूप-रंग के पीछे कोई रहस्यमयी जादू नहीं, बल्कि उनकी जीवनशैली और रोजमर्रा की आदतें होती हैं। जो लोग लंबे समय तक जवान और सेहतमंद रहते हैं, वे प्राकृतिक जीवनशैली अपनाते हैं और उनकी आदतें बेहद अनुशासित होती हैं। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में नेशनल सेंटर फॉर एजिंग के सुप्रीडेंटेंट रह चुके और देश के जाने-माने जेरिट्रिशियन तथा एजिंग साइंस के प्रोफेसर डॉ. प्रसून चटर्जी का कहना है कि यदि व्यक्ति अपनी दिनचर्या और आदतों में सुधार कर ले, तो वह भी इस तरह की उम्र को मात दे सकता है।\n\nकम मात्रा में भोजन करने की आदत\nडॉ. प्रसून चटर्जी का सबसे पहला सुझाव यह है कि अपनी खुराक को सीमित किया जाए। जितना आप सामान्य तौर पर खाते हैं, उससे कम मात्रा में भोजन ग्रहण करें। इसका एक बेहद आसान पैमाना यह है कि शरीर को जितनी कैलोरी की आवश्यकता होती है, उससे बीस प्रतिशत कम कैलोरी लें। कम खाने का सीधा सा अर्थ यह भी है कि आप शरीर के लिए हानिकारक और बेकार की चीजों से दूर रहें। बाजार में मिलने वाली पैकेटबंद चीजें, फास्ट फूड और जंक फूड आपकी जवानी और सेहत की उम्र को बहुत तेजी से कम कर देते हैं। इसके विपरीत हमेशा घर का बना हुआ ताजा भोजन ही खाएं, लेकिन उसकी मात्रा को नियंत्रित रखें।\n\nसंतुलित और हाइब्रिड खानपान\nयह बेहद महत्वपूर्ण है कि आप जो भी खाएं, वह पूरी तरह से संतुलित होना चाहिए। डॉ. प्रसून चटर्जी सलाह देते हैं कि अपने पेट को हाइब्रिड डाइट का आदी बनाएं। जंक फूड, फास्ट फूड, ज्यादा तेल और अत्यधिक फैट वाली चीजों को पूरी तरह छोड़कर पौष्टिक आहार को अपनाएं। इस पूरी प्रक्रिया में प्रोटीन का सेवन सबसे ज्यादा अहम भूमिका निभाता है। आपके शरीर के प्रति किलोग्राम वजन पर एक ग्राम प्रोटीन की मात्रा जरूर आनी चाहिए। आमतौर पर एक सामान्य व्यक्ति को दिनभर में साठ से सत्तर ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है। इसका हिसाब लगाना बहुत सरल है, यानी जितना आपका वजन है, उतने ही ग्राम प्रोटीन का सेवन करें। उदाहरण के लिए, यदि आपका वजन पचास किलो है तो आपको रोजाना पचास ग्राम प्रोटीन की आवश्यकता होगी। प्रोटीन की इस जरूरत को पूरा करने के लिए दाल, दूध, विभिन्न प्रकार के सीड्स, ड्राई फ्रूट्स और फलों को अपनी डाइट में शामिल करें। जो लोग मांसाहारी भोजन करते हैं, उनके लिए अंडा और चिकन ब्रेस्ट बेहतर विकल्प हो सकते हैं, लेकिन रेड मीट का सेवन न के बराबर ही करना चाहिए।\n\nसूरज ढलने से पहले रात्रि का भोजन\nडॉ. प्रसून चटर्जी प्राचीन काल के ऋषियों-मुनियों की जीवनशैली का हवाला देते हुए कहते हैं कि हमें भोजन करने के मामले में उनके नियमों का पालन करना चाहिए। वे लोग कभी भी सूर्यास्त के बाद भोजन ग्रहण नहीं करते थे, क्योंकि वे प्रकृति और विज्ञान के नियमों के पक्के थे। दरअसल, जब हम आराम की मुद्रा में होते हैं और नींद की अवस्था में जाते हैं, तब हमारे पेट में भोजन की पचने की प्रक्रिया सुचारू रूप से चलती है। जब भोजन अच्छी तरह पचता है तो संपूर्ण स्वास्थ्य दुरुस्त रहता है। शाम होते ही या सूरज ढलने के पहले डिनर कर लेने से पाचन तंत्र को खाने को पचाने के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है। इससे शरीर का वजन नियंत्रित रहता है, एसिड रिफ्लक्स की समस्या नहीं होती और नींद की गुणवत्ता में भी काफी सुधार होता है.\n\nरोजाना शारीरिक व्यायाम को दें जगह\nइस बात को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए कि बिना शारीरिक श्रम या व्यायाम के भोजन कभी नहीं पच सकता, चाहे आप लाख कोशिशें क्यों न कर लें और इसके अभाव में शरीर हमेशा बीमारियों से घिरा रहेगा। आप अपने शरीर को जितनी मेहनत करवाएंगे और थकाएंगे, उतना ही अधिक लाभ आपको मिलेगा। यदि आप किसी भी तरह का भारी वर्कआउट नहीं करते हैं, तो भी दिनभर में कभी भी कम से कम आधा घंटा पैदल जरूर चलें। नियमित रूप से वॉक करने से एक साथ स्वास्थ्य को अनगिनत फायदे मिलते हैं। इससे हृदय की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल का स्तर नियंत्रित रहता है, और मांसपेशियों की इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार होने से ब्लड शुगर का स्तर कम होता है। इसके साथ ही शरीर में एंडोर्फिन जैसे फील-गुड हार्मोन्स का स्त्राव होता है जिससे मानसिक तनाव घटता है और मेटाबॉलिज्म हमेशा बूस्ट रहता है।\n\nसुकून भरी नींद और तनाव मुक्त जीवन\nइंसान अपने जीवन में जितना अधिक खुश रहता है, उसके चेहरे पर उतनी ही चमक और रौनक दिखाई देती है। तनाव आज के दौर में हर व्यक्ति के जीवन का हिस्सा बन चुका है, लेकिन जो इंसान तनाव को प्रबंधित करना सीख जाता है, वही वास्तव में सेहतमंद रह सकता है। अत्यधिक तनाव शरीर को अंदर से बहुत नुकसान पहुंचाता है, इसलिए बेवजह की चिंता से दूर रहें। तनाव को कम करने के लिए रोजाना योग और मेडिटेशन का अभ्यास करें। मानसिक दबाव को कम करने के साथ-साथ हर रोज सुकून भरी नींद लेना भी उतना ही जरूरी है। रोजाना कम से कम आठ घंटे की गहरी और सुकून भरी नींद लें। विज्ञान में यह बात पूरी तरह प्रमाणित हो चुकी है कि गहरी नींद के दौरान हमारा शरीर खुद की कोशिकाओं की मरम्मत करता है और शरीर के अंदरूनी अंगों को तरोताजा रखता है। इसलिए आज से ही अपनी इस आदत को पक्का करें और जब भी सोएं, तो इस बात का ध्यान रखें कि बीच में एक या दो बार से ज्यादा नींद न खुले। यदि आप बिना जागे लगातार सात घंटे की भी नींद लेते हैं, तो वह किसी संजीवनी बूटी से कम नहीं होती।\n\nइसका आप पर असर\nउम्र के असर को कम करने और लंबे समय तक स्वस्थ रहने के लिए अपनी जीवनशैली में तुरंत बदलाव करना जरूरी है।\n\n• भारत में: आम लोगों को अपने खानपान में जंक फूड की जगह पौष्टिक और संतुलित आहार को प्राथमिकता देनी चाहिए। इससे देश में मोटापे और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के बढ़ते मामलों पर लगाम लग सकती है।\n• दैनिक खुराक: भोजन की मात्रा को सामान्य से बीस प्रतिशत कम करें और अपने वजन के हिसाब से प्रोटीन का सेवन सुनिश्चित करें। इससे पाचन तंत्र बेहतर रहता है और शरीर का वजन नियंत्रित रहता है।\n• सूर्यास्त नियम: रात का भोजन सूरज ढलने से पहले करने की आदत डालें जिससे एसिड रिफ्लक्स जैसी समस्याएं नहीं होती हैं। समय पर डिनर करने से रात में नींद की गुणवत्ता में सुधार होता है और शरीर तरोताजा रहता है।\n• शारीरिक सक्रियता: रोजाना कम से कम आधे घंटे की पैदल सैर को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। इससे रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर का स्तर नियंत्रित रहने के साथ मानसिक तनाव भी घटता है।\n• पर्याप्त नींद: रोजाना बिना किसी रुकावट के सात से आठ घंटे की सुकून भरी नींद लें। इस दौरान शरीर खुद की मरम्मत करता है और अगले दिन के लिए ऊर्जा प्रदान करता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nबुढ़ापे के लक्षणों को जल्दी आने से रोकने और शारीरिक अंगों को तरोताजा बनाए रखने के पीछे वैज्ञानिक कारण काम करते हैं। सही जीवनशैली अपनाने से शरीर की आंतरिक प्रणाली बेहतर ढंग से कार्य करती है।\n\n• कैलोरी नियंत्रण: शरीर की जरूरत से बीस प्रतिशत कम कैलोरी लेने से चयापचय क्रिया संतुलित रहती है और कोशिकाओं पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता है।\n• प्रोटीन की भूमिका: शरीर के वजन के अनुसार प्रोटीन लेने से मांसपेशियों की मरम्मत होती है और उम्र के साथ होने वाली कमजोरी से बचाव होता है।\n• पाचन तंत्र का विश्राम: सूरज ढलने से पहले भोजन करने से पाचन तंत्र को रात के समय आराम मिलता है जिससे शरीर की ऊर्जा मरम्मत के कार्यों में लगती है।\n• व्यायाम के लाभ: नियमित रूप से पैदल चलने और पसीना बहाने से हृदय की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और फील-गुड हॉर्मोन एंडोर्फिन का स्त्राव होता है।\n• नींद की महत्ता: गहरी और सुकून भरी नींद के दौरान शरीर क्षतिग्रस्त कोशिकाओं की खुद मरम्मत करता है और आंतरिक अंगों को तरोताजा रखता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. जवान दिखने के लिए रोजाना कितनी कैलोरी कम खानी चाहिए?\nजितनी कैलोरी की जरूरत होती है, उससे बीस प्रतिशत कम खाना चाहिए।\n\n2. प्रति किलोग्राम वजन पर कितना प्रोटीन लेना चाहिए?\nप्रत्येक किलोग्राम वजन पर एक ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है।\n\n3. डॉ. प्रसून चटर्जी किस संस्थान से जुड़े रहे हैं?\nवे एम्स में नेशनल सेंटर फॉर एजिंग के सुप्रीडेंटेंट रह चुके हैं।\n\n4. रात का भोजन कब करना चाहिए?\nभोजन सूर्यास्त के बाद नहीं करना चाहिए और शाम होते ही डिनर कर लेना चाहिए।\n\n5. रोजाना कितनी देर वॉक करनी चाहिए?\nदिन भर में कभी भी कम से कम आधा घंटे की वॉक करनी चाहिए।\n\n6. रोजाना कितने घंटे की नींद जरूरी है?\nरोजाना आठ घंटे की सुकून भरी नींद लेनी चाहिए।",
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