पाली के सात अस्पतालों में बदली मेडिकल व्यवस्था, अब दो घंटे में मिलेगी सीबीसी और एचआईवी जैसी जांच रिपोर्ट राजस्थान के पाली जिले में चिकित्सा व्यवस्था को बेहतर बनाते हुए सात प्रमुख अस्पतालों में सैंपल देने के महज दो घंटे के भीतर पैथोलॉजी रिपोर्ट देने की नई सुविधा शुरू की गई है। राजस्थान के पाली जिले में चिकित्सा सेवाओं में एक बड़ा सुधार किया गया है। अब मरीजों को किसी भी बड़ी से बड़ी पैथोलॉजी जांच रिपोर्ट के लिए अगले दिन तक का इंतजार नहीं करना होगा। जिला कलेक्टर डॉ. रविंद्र गोस्वामी की पहल पर यह व्यवस्था जिले के सात प्रमुख अस्पतालों में लागू कर दी गई है, जिससे सैंपल देने के अधिकतम दो घंटे के भीतर ही जांच रिपोर्ट मरीजों के हाथों में होगी। इलाज में तेजी लाने की पहल चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा उठाए गए इस कदम का मुख्य मकसद मरीजों के इलाज की प्रक्रिया को बेहद तेज करना है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विकास मारवाल के अनुसार, अब मरीज उसी दिन अपनी रिपोर्ट डॉक्टर को दिखाकर तुरंत परामर्श ले सकते हैं और दवाएं शुरू करवा सकते हैं। पहले मरीजों को रिपोर्ट के लिए कई घंटों तक अस्पताल में रुकना पड़ता था या फिर अगले दिन दोबारा अस्पताल के चक्कर काटने पड़ते थे। इस नई व्यवस्था से मरीजों के कीमती समय और पैसों दोनों की बड़ी बचत होगी तथा उन्हें अनावश्यक भागदौड़ से मुक्ति मिलेगी। इन प्रमुख अस्पतालों में मिली सुविधा प्रशासन की इस नई व्यवस्था को फिलहाल पाली जिले के सात प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में पूरी तरह से लागू कर दिया गया है। इनमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मारवाड़ जंक्शन, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सादड़ी और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तखतगढ़ समेत कुल सात केंद्र शामिल हैं, जहां मरीजों को यह त्वरित मेडिकल जांच सुविधा मिलने लगी है। दो घंटे के भीतर मिलेंगी ये जरूरी जांचें इस नई सेवा के तहत मरीजों को कई महत्वपूर्ण और बुनियादी जांचों की रिपोर्ट मात्र दो घंटे के अंदर प्रदान की जाएगी। सूची में हीमोग्लोबिन और सीबीसी के साथ-साथ ईएसआर, टीएलसी और डीएलसी की जांच शामिल है। इसके अलावा ब्लड ग्रुप, ब्लीडिंग टाइम, क्लॉटिंग टाइम, मलेरिया कार्ड टेस्ट, एचआईवी और वीडीआरएल की जांच भी इसी समयावधि में पूरी होगी। साथ ही यूरिन एल्ब्यूमिन, यूरिन शुगर, यूरिन प्रेग्नेंसी टेस्ट और स्टूल ओवा जैसी अन्य आवश्यक जांचों की रिपोर्ट भी अब मरीजों को तय समय पर मिल जाएगी, जिससे तुरंत इलाज का रास्ता साफ हो सकेगा। इसका आप पर असर पाली जिले के मरीजों को अब पैथोलॉजी जांच रिपोर्ट के लिए अस्पतालों के बार-बार चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और वे दो घंटे में रिपोर्ट पा सकेंगे। • भारत में: राजस्थान के पाली जिले में शुरू की गई यह त्वरित जांच व्यवस्था अन्य जिलों के लिए भी एक बेहतर प्रशासनिक उदाहरण बन सकती है। इससे देश के अन्य ग्रामीण और अर्ध-शहरी स्वास्थ्य केंद्रों में मेडिकल सेवाओं की रफ्तार में सुधार हो सकता है। • पाली में: पाली के मारवाड़ जंक्शन, सादड़ी और तखतगढ़ समेत सात प्रमुख अस्पतालों में आने वाले स्थानीय मरीजों को अब सीबीसी, एचआईवी और मलेरिया जैसी जरूरी जांचों के लिए अगले दिन का इंतजार नहीं करना होगा। इससे मरीजों के समय और पैसे दोनों की बचत होगी और डॉक्टर उसी दिन सही इलाज शुरू कर सकेंगे। ऐसा क्यों हुआ पाली जिले के चिकित्सा संस्थानों में यह नई व्यवस्था मरीजों को त्वरित और सुगम उपचार प्रदान करने के उद्देश्य से लागू की गई है। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा यह महसूस किया गया कि लंबी प्रतीक्षा अवधि के कारण इलाज में देरी होती है। • चिकित्सा प्रक्रिया में तेजी: जिला कलेक्टर डॉ. रविंद्र गोस्वामी की विशेष पहल और सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल के मार्गदर्शन के बाद इस प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया गया है। • अनावश्यक भागदौड़ से मुक्ति: पूर्व में मरीजों को रिपोर्ट के लिए अगले दिन तक रुकना पड़ता था या दोबारा अस्पताल आना पड़ता था, जिससे होने वाली असुविधा को दूर करने के लिए यह कदम उठाया गया है। • सात प्रमुख केंद्र: इस नवाचार को शुरुआत में जिले के सात प्रमुख चिकित्सा संस्थानों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में लागू किया गया है ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंदों को इसका लाभ मिल सके। सवाल-जवाब 1. पाली में जांच रिपोर्ट कितने समय में मिलेगी? पाली के सात प्रमुख अस्पतालों में सैंपल देने के अधिकतम दो घंटे के भीतर जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाएगी। 2. इस नई व्यवस्था की शुरुआत किसने की है? यह व्यवस्था जिला कलेक्टर डॉ. रविंद्र गोस्वामी की पहल के बाद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा शुरू की गई है। 3. किन-किन प्रमुख अस्पतालों में यह सुविधा शुरू हुई है? यह सुविधा मारवाड़ जंक्शन, सादड़ी और तखतगढ़ सहित कुल सात प्रमुख सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और चिकित्सा संस्थानों में शुरू की गई है। 4. कौन-कौन सी मुख्य जांचों की रिपोर्ट दो घंटे में मिलेगी? इसमें सीबीसी, हीमोग्लोबिन, ईएसआर, टीएलसी, डीएलसी, ब्लड ग्रुप, एचआईवी, वीडीआरएल, मलेरिया कार्ड टेस्ट और यूरिन संबंधी जांचें शामिल हैं। 5. इस नई व्यवस्था से मरीजों को क्या फायदा होगा? मरीजों को रिपोर्ट के लिए बार-बार अस्पताल के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और डॉक्टर उसी दिन रिपोर्ट देखकर सही इलाज शुरू कर सकेंगे। https://trendkia.com/health/pali-ke-sata-aspatalon-men-badali-medical-vyavastha-aba-do-ghnte-men-milegi-cbc-aura-hiv-jaisi-jancha-riporta-58021 TrendKia — Har trend, sabse pehle.