फ्रीज से निकाली गई ठंडी दही बिगाड़ सकती है सेहत, जानिए क्या कहती है आयुर्वेद और विज्ञान की राय फ्रीज से तुरंत निकालकर ठंडा दही खाने से पाचन पर बुरा असर पड़ सकता है और शरीर में कफ बढ़ सकता है। डॉक्टर तरंग कृष्णा के अनुसार दही हमेशा सामान्य तापमान पर ही खाना चाहिए। दही को हमारी सेहत के लिए एक बेहद पौष्टिक आहार माना जाता है, जिसमें मौजूद प्रोबायोटिक्स पेट की सेहत यानी गट हेल्थ को सुधारने में अहम भूमिका निभाते हैं। हालांकि इस सुपरफूड को खाने का तरीका भी इसकी सेहतमंद खूबियों पर असर डालता है। अगर आप भी सीधे फ्रीज से निकालकर ठंडा दही खाने के शौकीन हैं, तो यह आदत आपके लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है। आयुर्वेद के जानकारों के मुताबिक, अत्यधिक ठंडा दही पचने में काफी भारी होता है और इससे शरीर में कफ या बलगम की मात्रा बढ़ सकती है। पाचन और तापमान का विज्ञान कैंसर हीलर सेंटर के डायरेक्टर डॉक्टर तरंग कृष्णा बताते हैं कि फ्रीज से निकालकर तुरंत ठंडा दही खाने से परहेज करना चाहिए और इसके सेवन के सही तरीकों को अपनाना बेहद जरूरी है। बहुत अधिक ठंडा होने पर दही हमारी पाचन अग्नि को सुस्त कर देता है, जिससे भोजन को पचाने में कठिनाई होती है और कफ दोष में वृद्धि होती है। यह समझना भी आवश्यक है कि रेफ्रिजरेटर का काम केवल खाद्य पदार्थों को सुरक्षित रखना है, न कि उनकी पोषण गुणवत्ता में इजाफा करना। दही में पाए जाने वाले प्रोबायोटिक बैक्टीरिया का सक्रिय रहना तापमान की स्थिति पर निर्भर करता है। कमरे के तापमान पर खाने के फायदे माइक्रोबायोलॉजी के अध्ययन इस बात की पुष्टि करते हैं कि दही के भीतर मौजूद लाभकारी गुड बैक्टीरिया सामान्य तापमान पर सबसे अधिक सक्रिय और प्रभावशाली होते हैं। डॉक्टर तरंग कृष्णा का सुझाव है कि दही को फ्रिज से निकालकर कुछ देर बाहर रखना चाहिए ताकि वह सामान्य रूम टेम्प्रेचर पर आ जाए, तभी उसका सेवन करना सेहत के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद रहता है। दही खाने के सही नियम और सावधानियां - आधे घंटे पहले फ्रिज से निकाल दें: सेवन करने से लगभग आधे से एक घंटा पहले दही को फ्रिज से बाहर रख दें। जब वह पूरी तरह रूम टेम्प्रेचर पर आ जाए, तभी उसे अपनी डाइट में शामिल करें। - दिन के समय करें सेवन: दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स को देखते हुए इसका उपयोग हमेशा दोपहर के वक्त लंच के साथ करना सबसे अच्छा रहता है। यह पाचन प्रक्रिया को सुगम बनाता है और पेट को ठंडक प्रदान करता है। स्वाद और पाचन को और बेहतर बनाने के लिए इसमें भुना हुआ जीरा और काली मिर्च मिलाई जा सकती है। - रात में न खाएं: रात के समय ठंडी तासीर वाली चीजों से बचना चाहिए, इसलिए इस दौरान दही खाने से परहेज करें। रात में इसका सेवन करने से सर्दी, जुकाम, कफ या अन्य पाचन संबंधी परेशानियां पैदा हो सकती हैं। - ताजा दही चुनें: हमेशा मीठे और ताजे जमे हुए दही का ही उपयोग करें। अत्यधिक खट्टा या पुराना बासी दही आपकी सेहत पर विपरीत असर डाल सकता है। इसका आप पर असर दही खाने के सही तरीकों को अपनाने से आपकी पाचन शक्ति मजबूत होती है और सर्दी-जुकाम जैसी समस्याओं से बचाव रहता है। • भारत में: खानपान से जुड़ी इन छोटी आदतों में बदलाव करने से पूरे देश के आम लोगों को बेहतर पाचन और मजबूत गट हेल्थ का लाभ मिलता है। • दैनिक जीवन में: फ्रिज से निकाल कर तुरंत ठंडा दही खाने के बजाय उसे कमरे के तापमान पर लाने से शरीर में कफ दोष और सुस्ती की शिकायत दूर होती है। • भोजन का समय: दोपहर के वक्त लंच में ताजा दही खाने से पेट को ठंडक मिलती है और भोजन आसानी से पच जाता है। • रात का परहेज: रात के समय दही खाने से बचने पर श्वसन तंत्र से जुड़ी समस्याएं और कफ जमने का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। • मसालों का प्रयोग: दही में भुना जीरा और काली मिर्च मिलाकर खाने से उसकी पौष्टिकता और पाचन गुण दोनों बढ़ जाते हैं। ऐसा क्यों हुआ आयुर्वेद और माइक्रोबायोलॉजी के अध्ययन इस बात की पुष्टि करते हैं कि खाद्य पदार्थों का तापमान हमारे शरीर के भीतर होने वाली पाचन क्रिया और दोषों को सीधे तौर पर प्रभावित करता है। • पाचन अग्नि का धीमा होना: अत्यधिक ठंडा खाद्य पदार्थ पेट की पाचन अग्नि को कमजोर करता है, जिससे पोषक तत्वों का अवशोषण ठीक से नहीं हो पाता। • कफ दोष में वृद्धि: ठंडी तासीर वाली चीजें शरीर में कफ और बलगम की मात्रा को प्राकृतिक रूप से बढ़ा देती हैं। • बैक्टीरिया की सक्रियता: दही के अंदर पाए जाने वाले लाभकारी गुड बैक्टीरिया सामान्य तापमान पर सबसे ज्यादा सक्रिय रहकर शरीर को फायदा पहुंचाते हैं। • रात का प्रभाव: रात के समय शरीर की चयापचय दर धीमी होती है, ऐसे में ठंडी और भारी चीजें खाने से कफ और सर्दी की शिकायत हो सकती है। सवाल-जवाब 1. फ्रीज से निकला हुआ ठंडा दही क्यों नहीं खाना चाहिए? ठंडा दही पाचन अग्नि को धीमा कर देता है और शरीर में कफ दोष को बढ़ाता है। 2. दही खाने का सबसे सही समय कौन सा है? दही का सेवन हमेशा दोपहर के समय लंच के दौरान करना सबसे अच्छा माना जाता है। 3. क्या रात के समय दही का सेवन करना चाहिए? रात के समय दही खाने से बचना चाहिए क्योंकि इससे सर्दी-जुकाम और पाचन की समस्या हो सकती है। 4. दही को खाने से पहले कितनी देर बाहर रखना चाहिए? दही को खाने से आधे या एक घंटे पहले फ्रिज से निकालकर रूम टेम्प्रेचर पर ले आना चाहिए। 5. दही के अंदर मौजूद गुड बैक्टीरिया किस तापमान पर सक्रिय होते हैं? माइक्रोबायोलॉजी के अनुसार दही के गुड बैक्टीरिया सामान्य तापमान पर सबसे ज्यादा सक्रिय होते हैं। https://trendkia.com/health/phrija-se-nikali-gai-thndi-dahi-bigara-sakati-hai-sehata-janie-kya-kahati-hai-ayurveda-aura-vijnana-ki-raya-30540 TrendKia — Har trend, sabse pehle.