# प्रदूषण और बदलते मौसम से सुबह गले में खराश और जुकाम, स्वामी रामदेव ने बताए बचाव के असरदार उपाय

> बदलते मौसम और बढ़ते प्रदूषण के कारण सुबह उठते ही गले में खराश और जुकाम की समस्या होने लगी है। स्वामी रामदेव ने इससे बचाव के लिए बादाम-कालीमिर्च का पाउडर, हल्दी वाला दूध और अन्य घरेलू उपाय बताए हैं।

**Type:** article · **Category:** स्वास्थ्य · **Published:** 2026-10-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/health/pradushana-aura-badalate-mausama-se-subaha-gale-men-kharasha-aura-jukama-swami-ramdev-ne-batae-bachava-ke-asaradara-upaya-50082 · **Language:** Hindi
**Tags:** प्रदूषण, गले की खराश, बदलते मौसम, स्वामी रामदेव, हेल्थ टिप्स, सर्दी जुकाम, आयुर्वेदिक उपाय

दिवाली से पहले ही सुबह और शाम के वक्त हल्की ठंडक का अहसास होने लगा है। ठंड के आगमन के साथ ही हवा में प्रदूषण का स्तर भी खतरनाक रूप से बढ़ने लगता है। दिल्ली एनसीआर के लोगों को हर साल इस गंभीर समस्या से दो-चार होना पड़ता है, लेकिन इस बार नवंबर की शुरुआत से पहले ही मौसम में बदलाव साफ नजर आने लगा है। इस मौसमी बदलाव के बीच लोगों को सुबह के समय गले में हल्की खराश महसूस होने लगी है। कई लोगों को नींद से जागते ही हल्के जुकाम की शिकायत बनी रहती है। यह स्थिति और कोई नहीं बल्कि बदलते मौसम और बढ़ते प्रदूषण का मिलाजुला दुष्प्रभाव है, जिस पर समय रहते ध्यान देना बेहद जरूरी हो जाता है।

हवा में मौजूद अति सूक्ष्म कण सांस के जरिए फेफड़ों तक पहुंच जाते हैं। इसके बाद ये कण फेफड़ों से खून में और फिर पूरे शरीर के अंगों तक फैलकर भारी नुकसान पहुंचाते हैं। शरीर के भीतर पहुंचकर ये गंभीर बीमारियों के जोखिम को तेजी से बढ़ा देते हैं। प्रदूषण की इस जहरीली मार का सबसे बुरा असर हमारे फेफड़ों, आंखों और दिमाग पर पड़ता है, जिससे कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं पैदा होने लगती हैं।

## एलर्जी से निपटने का अचूक नुस्खा

एलर्जी की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए स्वामी रामदेव ने एक बेहद असरदार उपाय सुझाया है। जिन लोगों को सुबह उठकर नाक और गले में असहजता महसूस होती है, लगातार छींके आती हैं या गले में खराश बनी रहती है, उन्हें एक विशेष पाउडर तैयार कर लेना चाहिए। इस पाउडर का सेवन पूरी सर्दीभर करना फायदेमंद रहता है। इस मिश्रण को बनाने के लिए आपको 100 ग्राम बादाम, 20 ग्राम कालीमिर्च और 50 ग्राम शक्कर को आपस में मिलाकर पीसना है। इस तैयार पाउडर की एक चम्मच मात्रा को एक गिलास दूध में डालकर अच्छी तरह उबाल लें। इस पौष्टिक दूध को दिन में कम से कम एक बार नियमित रूप से जरूर पिएं।

## कच्ची हल्दी और शिलाजीत वाला दूध

यदि आप बादाम और कालीमिर्च वाला पाउडर तैयार करने में असमर्थ हैं, तो इसका एक आसान विकल्प भी मौजूद है। आप रोजाना दूध में कच्ची हल्दी को अच्छी तरह पकाकर उसका सेवन कर सकते हैं। इस हल्दी वाले दूध में थोड़ा सा शिलाजीत मिला लेना और भी ज्यादा फायदेमंद होता है। इस विशेष दूध को पीने से आपके फेफड़े स्वस्थ और मजबूत बने रहते हैं, जिससे आप पूरे सर्दियों के मौसम में सेहतमंद और ऊर्जावान महसूस करते हैं। इसके अलावा अपनी रोजाना की दिनचर्या में बेसन की रोटी, मुलेठी और भुने हुए चने को भी अवश्य शामिल करें।

## फेफड़ों को सुरक्षित रखने के लिए मुलेठी का काढ़ा

प्रदूषण का सबसे गंभीर और घातक असर हमारे फेफड़ों पर ही पड़ता है। फेफड़ों की कार्यक्षमता को बढ़ाने और उन्हें मजबूत बनाने के लिए आप श्वासारि क्वाथ का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा मुलेठी को पानी में अच्छी तरह उबालकर उसका काढ़ा पीना भी फेफड़ों के लिए बहुत लाभकारी साबित होता है। दिनभर में नियमित रूप से मसाला चाय पीने से भी शरीर को इस प्रदूषण भरे मौसम में काफी फायदा मिलता है।

## गले की खराश के लिए घरेलू और आयुर्वेदिक उपाय

जिन लोगों को गले में लगातार एलर्जी और खराश की समस्या परेशान करती है, उन्हें हल्के गर्म पानी में नमक डालकर गरारे करने चाहिए। इसके अलावा बादाम के तेल से नस्यम क्रिया करना भी बहुत फायदेमंद होता है। मुलेठी के टुकड़े को चबाने से गले को तुरंत राहत मिलती है और एलर्जी की समस्या धीरे-धीरे दूर होने लगती है। इसके साथ ही रात को सोते समय अपने पैरों के तलवों पर गर्म सरसों का तेल मालिश करें, इससे बहुत आराम मिलता है। अपनी नाभि में कुछ बूंदें सरसों के तेल की डालना और नाक के अंदर भी सरसों का तेल लगाना इस मौसम में होने वाली दिक्कतों से राहत दिलाता है।

## इसका आप पर असर
बढ़ते प्रदूषण और बदलते मौसम का सीधा असर आम लोगों के स्वास्थ्य, खासकर श्वसन तंत्र और इम्युनिटी पर पड़ता है।

- **भारत में:** दिल्ली एनसीआर और देश के अन्य प्रदूषित शहरों में रहने वाले लोगों को सुबह के समय सांस की तकलीफ और गले की खराश का सामना करना पड़ता है। इससे रोजमर्रा के कामकाज और कार्यालय जाने वाले लोगों की कार्यक्षमता पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

- **दैनिक स्वास्थ्य सुरक्षा:** घर से बाहर निकलते समय मास्क का उपयोग करना और खानपान में हल्दी तथा मुलेठी को शामिल करना जरूरी है। इन उपायों को अपनाने से प्रदूषण के कारण होने वाले श्वसन संक्रमण के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

- **घरेलू उपाय:** बादाम, कालीमिर्च और शक्कर का यह विशेष पाउडर सर्दियों में रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है। नियमित रूप से इसका सेवन करने से बच्चों और बुजुर्गों को ठंड और प्रदूषण दोनों से सुरक्षा मिलती है।

- **सावधानी बरतें:** सुबह की सैर पर निकलते समय वायु गुणवत्ता सूचकांक की जांच जरूर करें और अत्यधिक प्रदूषण होने पर इनडोर एक्सरसाइज को प्राथमिकता दें। डॉक्टर की सलाह के बिना जीवनशैली में कोई भी बड़ा बदलाव करने से बचें।

## ऐसा क्यों हुआ
बदलते मौसम और बढ़ते प्रदूषण के कारण सुबह के समय गले में खराश और जुकाम की समस्या मुख्य रूप से हवा में मौजूद जहरीले कणों और तापमान में अचानक गिरावट के कारण होती है।

- **वायु प्रदूषण का स्तर:** सर्दियों की शुरुआत के साथ ही वातावरण में हवा की गति धीमी हो जाती है, जिससे सूक्ष्म कण और प्रदूषक तत्व निचले वायुमंडल में फंस जाते हैं।

- **श्वसन तंत्र पर प्रभाव:** हवा में मौजूद ये हानिकारक कण सांस के जरिए फेफड़ों और रक्तप्रवाह में प्रवेश करते हैं, जिससे शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र प्रतिक्रियास्वरूप एलर्जी और सूजन पैदा करता है।

- **मौसमी संक्रमण:** दिन और रात के तापमान में अंतर होने के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता अस्थायी रूप से कमजोर हो जाती है, जिससे सर्दी और जुकाम आसानी से जकड़ लेते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. सुबह उठकर गले में खराश और जुकाम क्यों होने लगता है?
यह समस्या बदलते मौसम और हवा में बढ़ते प्रदूषण के कारण होती है, जिससे श्वसन तंत्र प्रभावित होता है।

### 2. स्वामी रामदेव ने एलर्जी दूर करने के लिए कौन सा पाउडर बनाने को कहा है?
उन्होंने 100 ग्राम बादाम, 20 ग्राम कालीमिर्च और 50 ग्राम शक्कर मिलाकर पाउडर बनाने की सलाह दी है।

### 3. इस पाउडर का सेवन कैसे करना चाहिए?
इस पाउडर की एक चम्मच मात्रा को एक गिलास दूध में डालकर उबाल लें और दिन में कम से कम एक बार पिएं।

### 4. कच्ची हल्दी वाले दूध में क्या मिलाने से फायदा होता है?
कच्ची हल्दी वाले दूध में थोड़ा सा शिलाजीत मिलाने से फेफड़े स्वस्थ रहते हैं।

### 5. फेफड़ों को प्रदूषण से बचाने के लिए क्या पीना चाहिए?
फेफड़ों को मजबूत बनाने के लिए श्वासारि क्वाथ या उबली हुई मुलेठी का पानी पिया जा सकता है।

### 6. गले की एलर्जी में तुरंत राहत पाने के लिए क्या करना चाहिए?
गले में एलर्जी होने पर नमक के पानी से गरारा करना और बादाम तेल से नस्यम करना फायदेमंद होता है।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._