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  "type": "article",
  "title": "हार्ट को रखना है सुरक्षित, डॉ. डी एस गंभीर के बताए इन 3 जरूरी टेस्ट्स को नियमित रूप से कराते रहें",
  "summary": "खराब जीवनशैली, गलत खान-पान और बढ़ते तनाव के बीच दिल की सेहत को सुरक्षित रखने के लिए पद्मश्री कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. डी एस गंभीर ने तीन जरूरी मेडिकल टेस्ट्स की सलाह दी है।",
  "content": "आज के दौर में दिल की सेहत पर कई तरह के खतरे मंडरा रहे हैं। एक तरफ खान-पान में कृत्रिम चीजों का चलन बढ़ गया है, तो दूसरी तरफ लोगों की दिनचर्या भी काफी बिगड़ चुकी है। इन तमाम वजहों से शरीर के भीतर हाई कोलेस्ट्रॉल और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं पैदा होने लगती हैं, जो आगे चलकर धमनियों को ब्लॉक करने का काम करती हैं। इसके अलावा बढ़ता प्रदूषण भी हृदय पर गहरा बुरा असर डाल रहा है। आज के समय में अधिकांश लोग तनावपूर्ण जीवन जी रहे हैं, जिसे दिल का बहुत बड़ा दुश्मन माना जाता है। भारत में हर साल हृदय रोगों के कारण 31 लाख से अधिक लोगों की जान चली जाती है, जबकि हर चार में से एक वयस्क हाई ब्लड प्रेशर से जूझ रहा है। ऐसी विकट स्थिति में यह सवाल खड़ा होता है कि दिल की रक्षा कैसे की जाए। इस सिलसिले में पद्मश्री कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. डी एस गंभीर ने तीन ऐसे टेस्ट्स के बारे में बताया है, जिन्हें समय रहते करवाने से गंभीर खतरों से बचा जा सकता है।\n\nडॉ. डी एस गंभीर के बताए तीन अहम टेस्ट\nइस विषय पर जानकारी देते हुए डॉ. डी एस गंभीर ने स्पष्ट किया है कि इसके लिए किसी भी तरह के भारी-भरकम या जटिल मेडिकल परीक्षणों की आवश्यकता नहीं है। इसके लिए केवल तीन बुनियादी जांचें करवाने की जरूरत होती है। इनमें से पहली जांच को कोई भी व्यक्ति अपने घर पर ही आसानी से कर सकता है, जो कि ब्लड प्रेशर की जांच है। लोगों को लगातार नियमित अंतराल पर अपना बीपी चेक करते रहना चाहिए। दूसरी जरूरी जांच लिपिड प्रोफाइल है, जिसे साल में कम से कम एक बार जरूर करवाना चाहिए। इसके अलावा तीसरी जांच शुगर प्रोफाइल की है, जिसे भी हर साल कराना अनिवार्य माना गया है। यदि किसी की उम्र 40 साल तक पहुंच चुकी है, तो उसे हर साल ये तीनों टेस्ट जरूर करवाने चाहिए। समय पर जांच होने से किसी भी शुरुआती दिक्कत का पता लगाया जा सकता है और समय रहते हृदय रोगों से सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।\n\nउम्र बढ़ने के साथ बढ़ता है जोखिम\nडॉ. गंभीर का कहना है कि जैसे-जैसे इंसान की उम्र बढ़ती जाती है, वैसे-वैसे दिल पर मंडराने वाला खतरा भी गहराने लगता है। यही कारण है कि 40 की उम्र पार करने के बाद हर व्यक्ति को अपनी सेहत के प्रति विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता होती है। उन लोगों को इस मामले में और भी अधिक सावधानी बरतनी चाहिए जिनके परिवार में इस बीमारी का इतिहास रहा है। जिन लोगों के माता-पिता, दादा-दादी या नाना-नानी को पहले से हृदय संबंधी बीमारियां रह चुकी हैं, उन्हें खास ख्याल रखने की जरूरत होती है। इसकी वजह यह है कि ऐसे लोगों के जीन में दिल की बीमारी को बढ़ावा देने वाले तत्व पहले से मौजूद हो सकते हैं।\n\nब्लड प्रेशर की अनदेखी है खतरनाक\nहाई ब्लड प्रेशर का सीधा अर्थ यह होता है कि धमनियों या खून की नलियों के भीतर रक्त का दबाव बहुत ज्यादा बढ़ चुका है। सामान्य स्थिति में जब हमारा हृदय धड़कता है, तो वह एक निश्चित दबाव के साथ धमनियों पर जोर डालता है। लेकिन जब धमनियां संकरी या सख्त हो जाती हैं, तो खून को आगे की तरफ धकेलने के लिए अधिक जोर लगाना पड़ता है। इस प्रक्रिया के कारण हृदय की मांसपेशियां भी मोटी और कठोर होने लगती हैं। एक बार दिल की मांसपेशियां क्षतिग्रस्त हो जाने के बाद दोबारा नहीं बनती हैं, जिसके चलते हृदय धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है। अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे, तो इससे हार्ट अटैक, कोरोनरी आर्टरी डिजीज और हार्ट फेल होने का बड़ा खतरा पैदा हो जाता है। डॉ. डीएस गंभीर सलाह देते हैं कि कम से कम तीन महीनों के अंतराल पर अपना बीपी जरूर चेक करना चाहिए ताकि बढ़े हुए ब्लड प्रेशर का समय पर उचित इलाज किया जा सके।\n\nहाई कोलेस्ट्रॉल और धमनियों की रुकावट\nहमारे शरीर के भीतर मुख्य रूप से तीन प्रकार के कोलेस्ट्रॉल पाए जाते हैं। एक निश्चित मात्रा में ये हमारे शरीर के लिए फायदेमंद भी होते हैं, लेकिन जब रक्त में एलडीएल यानी बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ने लगती है, तो यह धमनियों की दीवारों पर चिपकना शुरू हो जाता है। धीरे-धीरे यह प्रक्रिया खून के सामान्य बहाव को बाधित करने लगती है, जिससे हार्ट अटैक का जोखिम काफी ज्यादा बढ़ जाता है। यही वजह है कि डॉ. डीएस गंभीर साल में कम से कम एक बार लिपिड प्रोफाइल टेस्ट करवाने की सलाह देते हैं। यदि समय रहते अपनी जीवनशैली में सुधार कर लिया जाए, तो हाई कोलेस्ट्रॉल को बहुत हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। इसलिए सही समय पर इसकी जांच करवाना बेहद जरूरी है।\n\nब्लड शुगर टेस्ट की क्यों पड़ती है जरूरत\nअक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि ब्लड शुगर की जांच तो केवल डायबिटीज के मरीजों के लिए की जाती है। हालांकि, अगर खून में शुगर का स्तर बढ़ने लगता है, तो रक्त की नलियां धीरे-धीरे कमजोर और संकरी होने लगती हैं। इस वजह से शरीर में खून का संचार कमजोर पड़ सकता है, और यह स्थिति सीधे तौर पर हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ा देती है। इसी मुख्य कारण की वजह से हर व्यक्ति को साल में कम से कम एक बार कंपलीट ब्लड शुगर टेस्ट जरूर करवाना चाहिए ताकि दिल को किसी भी संभावित खतरे से सुरक्षित रखा जा सके।\n\nइसका आप पर असर\nहार्ट की सेहत को लेकर यह जानकारी हर वयस्क के लिए बेहद व्यावहारिक और जीवनरक्षक साबित हो सकती है।\n\n• भारत में: देश में हृदय रोगों से हर साल लाखों मौतें होती हैं, इसलिए 40 की उम्र पार कर चुके लोगों को नियमित रूप से ब्लड प्रेशर, लिपिड प्रोफाइल और ब्लड शुगर की जांच करानी चाहिए।\n• नियमित जांच: समय पर ये तीनों टेस्ट कराने से हाई बीपी, कोलेस्ट्रॉल और शुगर का शुरुआती दौर में पता चल जाता है, जिससे समय रहते सही इलाज मिल पाता है।\n• घरेलू निगरानी: ब्लड प्रेशर की जांच घर पर ही आसानी से की जा सकती है, जिससे दिल पर पड़ने वाले अतिरिक्त दबाव को समय रहते नियंत्रित किया जा सकता है।\n• पारिवारिक इतिहास: जिन लोगों के परिवार में माता-पिता या दादा-दादी को दिल की बीमारी रही है, उन्हें डॉक्टर की सलाह के अनुसार विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।\n• जीवनशैली में सुधार: खान-पान और दिनचर्या में बदलाव करके हाई कोलेस्ट्रॉल और अन्य दिल की बीमारियों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nहार्ट से जुड़ी बीमारियों के बढ़ने के पीछे खराब जीवनशैली, खान-पान की आदतें और आधुनिक तनाव मुख्य वजहें हैं।\n\n• खराब खान-पान: भोजन में कृत्रिम और अनहेल्दी चीजों की अधिकता शरीर के भीतर बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाती है, जो धमनियों को ब्लॉक कर देता है।\n• बढ़ता तनाव: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अत्यधिक तनाव लेना हृदय की नलियों और मांसपेशियों पर गंभीर नकारात्मक असर डालता है।\n• जेनेटिक कारण: जिन परिवारों में माता-पिता या बुजुर्गों को हृदय रोग रहे हैं, उनके जीन में यह जोखिम पहले से मौजूद होता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. डॉ. डी एस गंभीर ने कौन से 3 टेस्ट कराने की सलाह दी है?\nडॉ. डी एस गंभीर ने ब्लड प्रेशर टेस्ट, लिपिड प्रोफाइल टेस्ट और ब्लड शुगर टेस्ट कराने को कहा है।\n\n2. ब्लड प्रेशर की जांच कितने अंतराल पर करनी चाहिए?\nडॉक्टर के अनुसार कम से कम तीन महीनों के अंतराल पर अपना बीपी चेक करना चाहिए।\n\n3. लिपिड प्रोफाइल टेस्ट साल में कितनी बार कराना चाहिए?\nलिपिड प्रोफाइल टेस्ट साल में एक बार जरूर कराना चाहिए।\n\n4. किन लोगों को दिल की सेहत को लेकर खास सावधानी बरतनी चाहिए?\nजिन लोगों की फैमिली हिस्ट्री है यानी जिनके माता-पिता या दादा-दादी को पहले से हार्ट की बीमारी रही है, उन्हें खास ख्याल रखना चाहिए।\n\n5. भारत में हर साल हार्ट डिजीज से कितने लोगों की मौत होती है?\nभारत में हर साल 31 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हार्ट डिजीज के कारण हो जाती है।",
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