प्रोटीन के मामले में मटन, मछली और चिकन में सबसे दमदार कौन, जिम जाने वालों के लिए जरूरी बात प्रोटीन के मामले में चिकन, मटन और मछली में से कौन सबसे बेहतर है, फिटनेस और जिम जाने वालों के लिए यहां तीनों की पूरी तुलना दी गई है। प्रोटीन शरीर के लिए सबसे जरूरी न्यूट्रिएंट्स में गिना जाता है। मांसपेशियों को मजबूत बनाने से लेकर डैमेज टिश्यू की रिपेयरिंग और दिनभर एनर्जी लेवल बनाए रखने तक, हर काम में प्रोटीन की अहम भूमिका होती है। यही वजह है कि जिम जाने वाले लोग और फिटनेस को लेकर सीरियस रहने वाले लोग अक्सर इस बात को लेकर उलझन में रहते हैं कि रोजाना की डाइट में चिकन, मटन और मछली में से कौन-सा नॉन वेज ऑप्शन सबसे ज्यादा फायदा देगा। रोजाना कितने प्रोटीन की जरूरत होती है आमतौर पर एक वयस्क व्यक्ति को रोजाना करीब 50 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है। हालांकि यह मात्रा हर किसी के लिए एक जैसी नहीं होती, जेंडर और हेल्थ कंडीशन के हिसाब से इसमें फर्क आ सकता है। प्रोटीन की यह जरूरत पूरी करने के लिए फूड्स को सबसे नेचुरल और असरदार जरिया माना जाता है। पनीर और सोयाबीन जैसे वेजिटेरियन ऑप्शन भी प्रोटीन की कमी पूरी कर सकते हैं, लेकिन नॉन वेज खाने वालों के बीच चिकन, मटन और मछली को ही बेहतरीन सोर्स माना जाता रहा है। सवाल बस यह है कि इन तीनों में सबसे दमदार कौन है। मटन: प्रोटीन के साथ फैट का बोझ भी मटन को लंबे समय से प्रोटीन का भरोसेमंद स्रोत माना जाता रहा है, लेकिन इसमें फैट की मात्रा भी काफी ज्यादा होती है। ज्यादा मटन खाने से शरीर का वजन और कैलोरी इनटेक दोनों बढ़ सकते हैं। इतना ही नहीं, यह ब्लड शुगर, ट्राइग्लिसराइड्स, कोलेस्ट्रॉल और एलडीएल यानी खराब कोलेस्ट्रॉल के लेवल को भी बढ़ाने का काम करता है। ज्यादा मात्रा में मटन का फैट लिवर पर भी नेगेटिव असर डाल सकता है। यानी मटन प्रोटीन तो देता है, लेकिन इसके साथ जो एक्स्ट्रा फैट और कैलोरी आती है, उसे नजरअंदाज करना सही नहीं होगा। चिकन: लीन प्रोटीन का सबसे भरोसेमंद ऑप्शन चिकन को लीन प्रोटीन की कैटेगरी में रखा जाता है, यानी इसमें प्रोटीन ज्यादा और फैट कम होता है। खासकर चिकन ब्रेस्ट फिटनेस को लेकर सीरियस रहने वाले लोगों की पहली पसंद बनता है। इसमें कैलोरी और सैचुरेटेड फैट अपेक्षाकृत काफी कम होते हैं। चिकन में कार्बोहाइड्रेट और फाइबर बिल्कुल नहीं होते, जिस वजह से यह अलग अलग तरह की डाइट प्लान के लिए एक सही फिट माना जाता है। कम कोलेस्ट्रॉल और कम फैट होने की वजह से यह दिल की सेहत के लिहाज से भी अच्छा विकल्प बन जाता है। मछली: प्रोटीन के साथ ओमेगा-3 का डबल फायदा नॉन वेज ऑप्शन में मछली को सबसे पौष्टिक माना जाता है। 100 ग्राम पकी हुई मछली में करीब 22 से 26 ग्राम तक प्रोटीन मिल सकता है। कुछ मामलों में चिकन में प्रोटीन की मात्रा थोड़ी ज्यादा हो सकती है, लेकिन मछली में मौजूद प्रोटीन शरीर आसानी से सोख लेता है। मछली की सबसे बड़ी खूबी इसमें मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड है। यह दिल को हेल्दी रखने, सूजन कम करने, दिमाग की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ साथ त्वचा और जोड़ों की सेहत सुधारने में भी मदद करता है। इसके अलावा मछली में सैचुरेटेड फैट की मात्रा भी कम होती है। फिटनेस गोल के हिसाब से क्या चुनें अगर सिर्फ प्रोटीन की बात करें तो चिकन और मछली, दोनों ही बेहतरीन ऑप्शन साबित होते हैं, और सही चुनाव इस बात पर निर्भर करता है कि किसी का फिटनेस गोल क्या है। जिन लोगों का मकसद वजन कंट्रोल में रखना और बॉडी बनाना है, उनके लिए चिकन अच्छा विकल्प हो सकता है, क्योंकि इसमें फैट कम और कार्बोहाइड्रेट बिल्कुल नहीं होता। वहीं जो लोग प्रोटीन के साथ साथ दिल और दिमाग की सेहत के लिए एक्स्ट्रा पोषण चाहते हैं, उनके लिए मछली को बेहतर माना जाता है क्योंकि इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड मौजूद होता है। मटन भी प्रोटीन देने में पीछे नहीं है, लेकिन इसमें फैट, कोलेस्ट्रॉल और कैलोरी की मात्रा ज्यादा होने की वजह से इसे रोजाना की जगह सीमित मात्रा में ही खाना समझदारी होगी। इसका आप पर असर • फिटनेस और जिम जाने वालों के लिए: वजन कंट्रोल करते हुए मसल्स बनाने के लिए चिकन एक अच्छा विकल्प है, दिल और दिमाग की सेहत के लिए मछली फायदेमंद है, जबकि मटन में फैट ज्यादा होने की वजह से इसका सेवन सीमित मात्रा में करना बेहतर रहेगा। सवाल-जवाब 1. रोजाना कितने प्रोटीन की जरूरत होती है? एक वयस्क व्यक्ति को औसतन रोजाना करीब 50 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है, हालांकि यह जेंडर और हेल्थ कंडीशन के हिसाब से अलग हो सकती है। 2. मटन खाने से शरीर पर क्या असर पड़ सकता है? मटन प्रोटीन देता है, लेकिन इसमें फैट ज्यादा होने से वजन, ब्लड शुगर, ट्राइग्लिसराइड्स, कोलेस्ट्रॉल और एलडीएल बढ़ सकते हैं, और ज्यादा मात्रा में लिवर पर भी असर पड़ सकता है। 3. चिकन को लीन प्रोटीन क्यों कहा जाता है? क्योंकि चिकन में प्रोटीन ज्यादा और फैट, कैलोरी व सैचुरेटेड फैट कम होते हैं, और इसमें कार्बोहाइड्रेट व फाइबर बिल्कुल नहीं होते। 4. 100 ग्राम पकी हुई मछली में कितना प्रोटीन मिलता है? 100 ग्राम पकी हुई मछली में करीब 22 से 26 ग्राम तक प्रोटीन मिल सकता है। 5. वजन कम करने के लिए चिकन, मटन और मछली में से कौन बेहतर है? वजन कंट्रोल करते हुए बॉडी बनाने के लिए चिकन बेहतर माना जाता है, जबकि दिल और दिमाग की सेहत के लिए मछली फायदेमंद है, और मटन को फैट ज्यादा होने की वजह से सीमित मात्रा में लेना चाहिए। 6. मछली में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड के क्या फायदे हैं? यह दिल को स्वस्थ रखने, सूजन कम करने, दिमाग की कार्यक्षमता बढ़ाने और त्वचा व जोड़ों की सेहत सुधारने में मदद करता है। https://trendkia.com/health/protina-ke-mamale-men-matana-machhali-aura-chikana-men-sabase-damadara-kauna-jima-jane-valon-ke-lie-jaruri-bata-4089 TrendKia — Har trend, sabse pehle.