पूर्णिया के आयुर्वेदाचार्य ने बताया गुटखा और तंबाकू छोड़ने का आसान घरेलू नुस्खा पूर्णिया के आयुर्वेदाचार्य डॉ. नंद कुमार मंडल ने गुटखा और तंबाकू की लत से निजात पाने के लिए किचन के मसालों से एक खास चूर्ण बनाने का फॉर्मूला शेयर किया है। आज के दौर में युवाओं के बीच गुटखा और तंबाकू जैसी चीजों की लत काफी तेजी से पैर पसार रही है, जिससे सेहत पर गंभीर असर पड़ रहा है। इस समस्या से लोगों को बाहर निकालने के लिए पूर्णिया जिला औषधालय केंद्र के 35 वर्षीय अनुभवी आयुर्वेदाचार्य डॉ. नंद कुमार मंडल ने कुछ बेहद असरदार घरेलू उपाय और नुस्खे साझा किए हैं। उनके अनुसार, आज की युवा पीढ़ी लगातार नशे के जाल में फंसती जा रही है और कई लोगों को यह तलब बार-बार परेशान करती है। हालांकि तंबाकू का सेवन हमारे समाज में पुराने समय से एक परंपरा की तरह चला आ रहा है, लेकिन यह कई तरह की खतरनाक और गंभीर बीमारियों को न्योता देता है। लत छोड़ने के लिए मजबूत इच्छाशक्ति है जरूरी डॉ. नंद कुमार मंडल का यह कहना है कि अगर कोई भी व्यक्ति तंबाकू या गुटखा खाने की बुरी आदत और इसकी लगातार उठने वाली तलब से हमेशा के लिए पीछा छुड़ाना चाहता है, तो उसे सबसे पहले अपने मन में पक्का इरादा करना होगा। बिना मजबूत दृढ़ संकल्प के किसी भी लत से पार पाना मुश्किल होता है, लेकिन यदि व्यक्ति एक बार ठान ले तो वह दुनिया की हर बुरी आदत को पीछे छोड़ सकता है। किचन के मसालों से तैयार करें यह खास चूर्ण डॉ. मंडल ने इस बुरी लत को मात देने के लिए रसोईघर में आसानी से मिलने वाली कुछ खास चीजों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। इसके तहत अजवाइन, सौंफ, लौंग, इलायची, हर्रे और काला नमक को एक साथ मिलाकर हल्की धीमी आंच पर भून लेना चाहिए। इसके बाद इन सभी भुनी हुई सामग्रियों को मिक्सर में पीसकर एक बारीक पाउडर या चूर्ण तैयार कर लिया जाता है। चूर्ण के सेवन का सही तरीका तैयाਰ किए गए इस घरेलू चूर्ण का रोजाना एक चम्मच खाली पेट या फिर खाना खाने के बाद सेवन करना चाहिए। इस उपाय को लगातार अपनाने से कुछ ही दिनों के भीतर गुटखा और तंबाकू खाने की इच्छा या तलब उठनी बंद हो जाती है, जिससे व्यक्ति के लिए इस आदत को छोड़ना काफी आसान हो जाता है। लत से बाहर निकलने के लिए जरूरी समय इस विषय पर जानकारी रखने वाले विशेषज्ञों का ऐसा मानना है कि यदि कोई व्यक्ति नशे की इस आदत से कम से कम एक महीने यानी पूरे 30 दिनों तक लगातार दूरी बनाए रखता है, तो यह लत अंदर से धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगती है। इसके बाद शरीर और मन खुद-ब-खुद गुटखा या तंबाकू का सेवन करने से मना करने लगता है और व्यक्ति हमेशा के लिए इस खतरे से सुरक्षित हो जाता है। इसका आप पर असर स्वास्थ्य पर असर: गुटखा और तंबाकू छोड़ने से गंभीर बीमारियों का खतरा कम होता है और शारीरिक सेहत में सुधार होता है। पूर्णिया में: स्थानीय लोग और युवा इन आसान घरेलू नुस्खों को अपनाकर नशे की लत से छुटकारा पा सकते हैं। सवाल-जवाब 1. गुटखा और तंबाकू छोड़ने के लिए कौन सा चूर्ण बनाया जाता है? अजवाइन, सौंफ, लौंग, इलायची, हर्रे और काला नमक को भूनकर और पीसकर यह चूर्ण तैयार किया जाता है। 2. इस चूर्ण का सेवन कैसे करना चाहिए? इस पाउडर का रोजाना एक चम्मच खाली पेट या खाना खाने के बाद सेवन करना चाहिए। 3. लत से पूरी तरह बाहर निकलने में कितने दिन लगते हैं? यदि कोई व्यक्ति कम से कम 30 दिनों तक नशे से दूर रहे, तो यह लत अंदर से कमजोर पड़ने लगती है। 4. यह घरेलू उपाय किसने बताया है? यह उपाय पूर्णिया जिला औषधालय केंद्र के आयुर्वेदाचार्य डॉ. नंद कुमार मंडल ने बताया है। https://trendkia.com/health/purniya-ke-ayurvedacharya-ne-bataya-gutakha-aura-tnbaku-chhorane-ka-asana-gharelu-nuskha-20779 TrendKia — Har trend, sabse pehle.