# रात को सोते वक्त हाथ हो जाते हैं सुन्न, फोर्टिस के डॉक्टर सुनील अग्रवाल ने बताए इसके गंभीर कारण और बचाव के उपाय

> रात के समय सोते हुए हाथों का सुन्न होना या झनझनाहट महसूस होना हमेशा सामान्य नहीं होता है। फोर्टिस के न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर सुनील अग्रवाल के अनुसार यह किसी अंदरूनी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है.

**Type:** article · **Category:** स्वास्थ्य · **Published:** 2026-10-18 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/health/raat-ko-sote-waqt-haath-ho-jaate-hain-sunn-fortis-ke-doctor-sunil-agrawal-ne-bataaye-iska-karan-48980 · **Language:** Hindi
**Tags:** स्वास्थ्य, न्यूरोलॉजी, हाथ सुन्न होना, डॉ सुनील अग्रवाल, फोर्टिस अस्पताल, डायबिटिक न्यूरोपैथी, कार्पल टनल सिंड्रोम

रात के वक्त सोते समय हाथों का सुन्न होना, उनमें झनझनाहट महसूस होना या सुइयां चुभने जैसा अहसास होना कई लोगों के लिए एक साधारण सी परेशानी लग सकती है। अक्सर लोग यह मानकर इसे टाल देते हैं कि यह सिर्फ गलत करवट में सोने या हाथ दबने की वजह से हुआ है। हालांकि, यदि यह परेशानी लगातार बनी रहे या बार-बार सामने आए, तो इसे हल्के में लेना नुकसानदायक साबित हो सकता है। शरीर के अंदर पनप रही किसी बड़ी स्वास्थ्य समस्या का यह एक शुरुआती संकेत हो सकता है। इस बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए डॉ. सुनील अग्रवाल, कंसल्टेंट न्यूरोलॉजी, फोर्टि, ग्रेटर नोएडा ने बताया है कि किन वजहों से यह दिक्कत होती है।

## हाथ सुन्न होने की मुख्य वजह और पोजीशन का असर

जब कोई व्यक्ति सोते समय रातभर एक ही स्थिति में लेटा रहता है या फिर अपने हाथ को सिर के नीचे दबाकर सो जाता है, तो ऐसी स्थिति में हाथ की नसों पर अतिरिक्त दबाव पड़ने लगता है। इस दबाव के कारण नसों के सामान्य कार्यप्रणाली में कुछ समय के लिए बाधा उत्पन्न होती है, जिसकी वजह से हाथ सुन्न पड़ने लगता है। आम तौर पर जैसे ही शरीर की पोजीशन बदली जाती है या हाथों को थोड़ा हिलाया-डुलाया जाता है, तो यह सुन्नपन अपने आप ठीक हो जाता है। लेकिन बार-बार ऐसा होना किसी बड़ी नस की समस्या की ओर इशारा कर सकता है।

## गर्दन और सर्वाइकल से जुड़ा है मामला

विशेषज्ञों के अनुसार रात के वक्त हाथों का सुन्न होना गर्दन या सर्वाइकल से जुड़ी समस्याओं का परिणाम भी हो सकता है। जब गर्दन की रीढ़ की हड्डियों के बीच स्थित डिस्क में किसी प्रकार का बदलाव आता है या फिर मुख्य नस पर दबाव पड़ता है, तो उसका असर गर्दन से लेकर पूरे हाथ तक महसूस होता है। इससे हाथ में तेज दर्द, खिंचाव या सुई चुभने जैसा अहसास होने लगता है। यदि हाथ सुन्न होने के साथ-साथ गर्दन में दर्द, कंधे में कड़ापन या उंगलियों में कमजोरी आने लगे, तो बिना देर किए डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

## डायबिटीज और कार्पल टनल सिंड्रोम का खतरा

शरीर में शुगर की मात्रा यानी डायबिटीज असंतुलित होने पर भी नसों को गंभीर नुकसान पहुंचता है, जिसे चिकित्सीय भाषा में डायबिटिक न्यूरोपैथी कहा जाता है। इसके अतिरिक्त, कलाई के अंदर नस के दबने की स्थिति को कार्पल टनल सिंड्रोम के नाम से जाना जाता है, जिसकी वजह से खासकर रात के समय हाथों और उंगलियों में सुन्नपन की शिकायत पैदा होती है। यह खास समस्या आमतौर पर हाथ के अंगूठे, तर्जनी और बीच वाली उंगली यानी मध्यमा में ज्यादा महसूस होती है।

## बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान

हाथों के सुन्न होने की समस्या से बचने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां बरती जानी चाहिए। सोते वक्त कभी भी अपने हाथ को शरीर के नीचे दबाकर न रखें। हमेशा अपनी गर्दन और हाथों को पूरी तरह से आरामदायक स्थिति में रखकर सोने की आदत डालें। रात के समय लंबी अवधि तक अपनी कोहनी को मोड़कर सोने की स्थिति से बचना चाहिए। यदि यह दिक्कत अक्सर परेशान करती है, तो किसी योग्य न्यूरोलॉजिस्ट से तुरंत सलाह लेनी चाहिए। कभी भी डॉक्टर की बिना सलाह के किसी भी तरह की दवा या विटामिन के सप्लीमेंट्स का सेवन खुद से शुरू नहीं करना चाहिए।

## किन स्थितियों में तुरंत जाएं अस्पताल

अगर रात में अचानक एक हाथ सुन्न पड़ने के साथ-साथ चेहरे का कोई एक हिस्सा टेढ़ा नजर आने लगे, बोलने में दिक्कत महसूस हो, या फिर हाथ-पैर में भयंकर कमजोरी और शरीर का संतुलन बिगड़ने लगे, तो यह किसी खतरनाक स्ट्रोक के लक्षण हो सकते हैं। ऐसी आपातकालीन स्थिति में फौरन चिकित्सीय मदद लेनी चाहिए। इसके अलावा, यदि हाथ का सुन्नपन लगातार बना रहता है या बार-बार लौटकर आता है, तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज न करें और तुरंत पूरी मेडिकल जांच करवाएं।

## इसका आप पर असर
रात में हाथ सुन्न होने की समस्या को नजरअंदाज करना आपके दैनिक जीवन और स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकता है।

- **भारत में:** देश भर के उन लोगों को अपनी जीवनशैली में सुधार करना चाहिए जो गलत पोजीशन में सोने के आदी हैं। इससे आगे चलकर गंभीर न्यूरोलॉजिकल और मस्कुलर परेशानियां खड़ी हो सकती हैं।

- **ग्रेटर नोएडा में:** इस क्षेत्र के स्थानीय निवासी किसी भी लगातार बनी रहने वाली न्यूरोलॉजिकल समस्या के लिए फोर्टिस अस्पताल या अन्य विशेषज्ञों से समय पर सलाह ले सकते हैं।

- **दैनिक जीवन:** रात में सोते समय सही पॉश्चर अपनाने से कार्यक्षमता प्रभावित नहीं होती और दिनभर ऊर्जा बनी रहती है।

- **मेडिकल खर्च:** समय रहते कारणों का पता लगाने से बाद में महंगे न्यूरोलॉजिकल इलाज और सर्जरी के खर्च से बचा जा सकता है।

- **सुरक्षा उपाय:** बिना डॉक्टर की सलाह के खुद से दवाइयां खाने की आदत से बचें ताकि शरीर पर किसी भी प्रकार के हानिकारक साइड इफेक्ट्स न पड़ें।

## ऐसा क्यों हुआ
रात में हाथ सुन्न होने की समस्या के पीछे कई शारीरिक और तंत्रिका तंत्र से जुड़े कारण होते हैं। नसों पर लगातार दबाव और मेटाबोलिक असंतुलन इसके मुख्य उत्प्रेरक हैं।

- **नसों पर दबाव:** लंबे समय तक एक ही करवट में सोने या हाथ दबाकर सोने से नसों का रक्त संचार बाधित होता है।

- **सर्वाइकल समस्याएं:** गर्दन की हड्डियों और डिस्क में आने वाले बदलाव रीढ़ की नसों पर दबाव डालते हैं।

- **डायबिटीज का असर:** अनियंत्रित मधुमेह न्यूरोपैथी का कारण बनती है जो शरीर की नसों को कमजोर कर देती है।

- **कार्पल टनल सिंड्रोम:** कलाई के हिस्से में नस दबने के कारण हथेलियों और उंगलियों में सुन्नपन की शिकायत बढ़ती है।

## सवाल-जवाब

### 1. सोते समय हाथ सुन्न होने का मुख्य कारण क्या है?
सोते समय एक ही करवट में लंबे समय तक रहने या हाथ को सिर के नीचे दबाने से नसों पर दबाव पड़ता है जिससे हाथ सुन्न हो जाता है।

### 2. क्या हाथ सुन्न होना सर्वाइकल का संकेत हो सकता है?
हाँ, गर्दन की हड्डियों के डिस्क्स में बदलाव या नस पर दबाव पड़ने के कारण गर्दन से हाथ तक सुन्नपन हो सकता है।

### 3. डायबिटीज से हाथ सुन्न क्यों होते हैं?
डायबिटीज के कारण नसों को नुकसान पहुंचता है जिसे डायबिटिक न्यूरोपैथी कहा जाता है।

### 4. कार्पल टनल सिंड्रोम क्या है?
यह कलाई में नस दबने की समस्या है जिसके कारण रात में विशेष रूप से हाथ और उंगलियां सुन्न हो जाती हैं।

### 5. हाथ सुन्न होने पर कौन से डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए?
ऐसी समस्या बार-बार होने पर न्यूरोलॉजिस्ट से परामर्श लेना चाहिए।

### 6. किन लक्षणों के दिखने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए?
एक हाथ सुन्न होने के साथ चेहरे का एक हिस्सा टेढ़ा होने, बोलने में परेशानी या संतुलन बिगड़ने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।

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