रोजाना करीब अस्सी मिनट की अधूरी नींद बढ़ा सकती है आपका वजन, नई रिसर्च में खुलासा शोधकर्ताओं ने पाया है कि रात में सामान्य से केवल 80 मिनट कम सोने पर भी शरीर का वजन लगभग 450 ग्राम तक बढ़ सकता है और शारीरिक सुस्ती आ सकती है। सेहतमंद और छरहरा दिखने की चाह में अधिकांश लोग अपनी डाइट पर कड़ा नियंत्रण रखते हैं और जिम में पसीना बहाते हैं, लेकिन रात के विश्राम को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। देर रात तक फोन की स्क्रीन पर स्क्रॉलिंग और कामकाजी भागदौड़ ने नींद की अवधि घटा दी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का निरंतर कहना रहा है कि जिस तरह संतुलित खानपान और नियमित कसरत शारीरिक संतुलन के लिए जरूरी हैं, उसी तरह पर्याप्त और गहरी नींद भी शरीर की अनिवार्य जैविक जरूरत है। घरों में स्वाभाविक माहौल के बीच परखा गया नींद का प्रभाव अमेरिका स्थित कोलंबिया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने यह समझने की कोशिश की कि जब कोई व्यक्ति हर रोज तय अवधि से 80 से 90 मिनट कम सोता है, तो उसके शरीर के भार पर क्या बदलाव आते हैं। इस जांच की सबसे अहम खूबी यह रही कि यह किसी कृत्रिम प्रयोगशाला के कमरे में नहीं, बल्कि प्रतिभागियों के अपने-अपने घरों में पूरी की गई। अपने घरेलू परिवेश में रहने के कारण प्रतिभागियों की स्वाभाविक दिनचर्या, सोने-जागने के ढंग और जीवनशैली से जुड़े बदलावों को बेहद स्पष्ट रूप से दर्ज किया जा सका। नतीजों से साफ संकेत मिला कि मामूली स्तर पर भी नींद में की गई कटौती समय बीतने के साथ वजन में बढ़ोतरी का एक बड़ा कारण बन जाती है। छह-छह हफ्तों के दो चरणों में किया गया परीक्षण इस पूरी पड़ताल में 20 वर्ष से अधिक उम्र वाले 95 वयस्कों को प्रतिभागी बनाया गया। प्रयोग को दो अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया, जिनमें से प्रत्येक चरण छह सप्ताह तक चला। एक हिस्से में सभी प्रतिभागियों को अपनी सामान्य दिनचर्या का पालन करते हुए रोज रात को 7 से 9 घंटे की भरपूर नींद लेने की अनुमति दी गई। वहीं, दूसरे छह हफ्तों के दौर में उन्हें रोज लगभग 90 मिनट देरी से सोने के लिए कहा गया, ताकि उनकी नींद की अवधि घट सके। पूरे अध्ययन के दौरान वैज्ञानिकों ने प्रतिभागियों की नियमित शारीरिक सक्रियता, वजन, कमर के घेरे की माप और शरीर के अन्य बुनियादी स्वास्थ्य मानकों पर निरंतर नजर बनाए रखी। आंकड़ों के विश्लेषण से सामने आया कि कम नींद वाले चरण में प्रतिभागियों ने सामान्य दिनों की तुलना में औसतन लगभग 80 मिनट कम नींद ली। इसका सीधा असर यह हुआ कि इस अवधि में उनका वजन औसतन लगभग 450 ग्राम तक बढ़ गया। इसके अलावा, नींद घटने पर लोगों की दिनभर की शारीरिक सक्रियता भी कम पाई गई और वे पहले के मुकाबले अधिक निष्क्रिय और सुस्त रहे। शरीर में सूजन और कई गंभीर बीमारियों का खतरा लगातार नींद की कमी झेलने पर मानव शरीर के भीतर आंतरिक सूजन बढ़ने लगती है। स्वास्थ्य विज्ञान के अनुसार, यही दीर्घकालिक सूजन आगे चलकर मोटापे की जमीन तैयार करती है और हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, टाइप 2 डायबिटीज व डिप्रेशन जैसी गंभीर बीमारियों की आशंका को काफी तेज कर देती है। यही वजह है कि शरीर के वजन को संतुलित और नियंत्रित रखने के लिए केवल कैलोरी गिनना या दौड़ लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि रात में पूरी नींद लेना भी समान रूप से अनिवार्य माना गया है। नींद की गुणवत्ता सुधारने और फिट रहने के जरूरी उपाय शरीर को तंदुरुस्त बनाए रखने के लिए फाइबर, प्रोटीन और हेल्दी फैट से भरपूर पौष्टिक भोजन ग्रहण करें, नियमित रूप से व्यायाम करें और मानसिक तनाव का सही प्रबंधन करें। अपनी नींद को गहरा और बेहतर बनाने के लिए रात को सोने से पहले मोबाइल, लैपटॉप या टीवी का स्क्रीन टाइम घटाएं। रोज एक ही निश्चित समय पर बिस्तर पर जाने की आदत डालें और अपने शयनकक्ष को ठंडा, शांत व आरामदायक रखें। इसके साथ ही, यदि पूरी नींद लेने के बाद भी दिनभर बेवजह थकान और भारीपन महसूस होता रहता है, तो स्लीप एपनिया जैसी नींद से जुड़ी संभावित समस्याओं की समय रहते डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। इसका आप पर असर रोजाना केवल 80 मिनट कम सोने की आदत भी आपके वजन को बढ़ा सकती है और शरीर की ऊर्जा घटा सकती है। • वजन पर असर: रात में लगभग 80 मिनट कम सोने पर महज छह हफ्तों में वजन औसतन 450 ग्राम तक बढ़ सकता है। अगर आप वजन नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं, तो केवल डाइट नहीं बल्कि सोने के घंटों पर भी तुरंत ध्यान दें। • शारीरिक सुस्ती: नींद कम होने से दिनभर ऊर्जा की कमी रहती है और शारीरिक सक्रियता घट जाती है। इससे लोग कम चलते-फिरते हैं, जिससे कैलोरी बर्न होने की प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है। • बीमारियों का जोखिम: अधूरी नींद से शरीर में सूजन बढ़ती है, जो ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और दिल की समस्याओं की संभावना को बढ़ाती है। अपने स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए हर रात 7 से 9 घंटे की नींद को प्राथमिकता बनाएं। • दैनिक दिनचर्या: सोने से ठीक पहले मोबाइल या स्क्रीन का इस्तेमाल बंद करने और कमरे को शांत व ठंडा रखने से नींद की गुणवत्ता सुधरती है। यदि पर्याप्त समय सोने के बाद भी थकान न मिटे, तो तुरंत स्लीप एपनिया की जांच करवाएं। ऐसा क्यों हुआ यह अध्ययन आधुनिक जीवनशैली के उस पहलू को समझने के लिए किया गया जहां लोग काम और मनोरंजन के चक्कर में रात की नींद कुर्बान कर देते हैं। शोधकर्ताओं ने लैब के बजाय प्रतिभागियों के घरेलू माहौल में यह पड़ताल की ताकि असल जिंदगी का सटीक असर दर्ज हो सके। • नींद में जानबूझकर देरी: डिजिटल उपकरणों और व्यस्त दिनचर्या के चलते प्रतिभागियों को रोज 90 मिनट देर से सोने के लिए कहा गया, जिससे उनकी वास्तविक नींद औसतन 80 मिनट घट गई। इस बदलाव ने सीधे तौर पर उनके शारीरिक चयापचय और ऊर्जा स्तर को प्रभावित किया। • शारीरिक निष्क्रियता और सूजन: नींद की कमी से व्यक्ति दिनभर अधिक सुस्त और निष्क्रिय रहा, जिससे कैलोरी की खपत घटी और शरीर में सूजन बढ़ी। शोध बताता है कि यही सूजन और कम गतिविधि सीधे तौर पर वजन बढ़ाने का कारण बनी। • सटीक घरेलू परिवेश: चूंकि यह शोध अस्पताल या लैब के कृत्रिम माहौल के बजाय प्रतिभागियों के घरों में हुआ, इसलिए खानपान और सोने के स्वाभाविक तौर-तरीकों का वास्तविक प्रभाव सामने आ सका। सवाल-जवाब 1. कोलंबिया यूनिवर्सिटी की स्टडी में नींद को लेकर क्या पाया गया? स्टडी में पाया गया कि रोजाना लगभग 80 मिनट कम सोने पर छह सप्ताह में प्रतिभागियों का वजन औसतन 450 ग्राम बढ़ गया और उनकी शारीरिक सक्रियता कम हो गई। 2. इस अध्ययन में कितने लोगों को और किस उम्र के वयस्कों को शामिल किया गया था? इस परीक्षण में 20 वर्ष से अधिक उम्र के कुल 95 वयस्कों को शामिल किया गया था। 3. इस शोध के दोनों चरण कितने समय तक चले थे? इस अध्ययन के दोनों चरण छह-छह सप्ताह की अवधि तक चलाए गए थे। 4. कम नींद लेने से शरीर पर कौन सी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ता है? लगातार कम नींद लेने से शरीर में सूजन बढ़ती है, जिससे मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, डायबिटीज और डिप्रेशन का जोखिम बढ़ जाता है। 5. नींद की गुणवत्ता सुधारने के लिए क्या उपाय सुझाए गए हैं? सोने से पहले स्क्रीन टाइम घटाएं, रोज एक ही समय पर सोएं, कमरे को ठंडा व शांत रखें, और भरपूर नींद के बाद भी थकान रहे तो स्लीप एपनिया की जांच कराएं। https://trendkia.com/health/rojana-kariba-assi-minata-ki-adhuri-ninda-barha-sakati-hai-apaka-vajana-nai-risarcha-men-khulasa-34490 TrendKia — Har trend, sabse pehle.